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देहरादून जिला प्रशासन ने शत्रु संपत्ति घोषित हुए काबुल हाउस को कराया खाली, किया सीज।

देहरादून – देहरादून जिला प्रशासन ने शत्रु संपत्ति घोषित हुए काबुल हाउस को खाली कराने के लिए टीम भेज दी। टीम ने करीब 16 परिवारों से परिसर खाली कराने की प्रक्रिया शुरू कराई। घरों में रखा सामान बाहर निकालकर दरवाजों पर सील लगा दी गई।
पिछले करीब 70 सालों से वहां रहने वाले लोगों ने कार्रवाई का विरोध भी किया। वहां रहने वाले परिवारों ने आरोप लगाया कि उन्हें मकान खाली करने के लिए सूचना देर से दी गई। प्रकरण में हाईकोर्ट ने राहत देते हुए सभी परिवारों को मकान खाली करने के लिए एक दिसंबर तक का समय दे दिया है।
काबुल हाउस को शत्रु संपत्ति घोषित किया जा चुका है। आजादी के समय से यहां पर करीब 16 परिवार निवास कर रहे हैं। इन परिवारों का कोर्ट में मामला लंबित था। डीएम कोर्ट ने दो हफ्ते पहले अपने आदेश में कहा कि सभी परिवार 15 दिन के भीतर काबुल हाउस से कब्जा छोड़ दें।
जिला प्रशासन की टीम मौके पर कब्जा लेने के लिए पहुंच गई। इससे वहां पर अफरातफरी की स्थिति बन गई। यहां रहने वाले परिवारों ने अपना विरोध जताया। लेकिन टीम ने पुलिस के सहयोग से सभी के घरों में रखा सामान बाहर रख दिया। दरवाजों में सील लगाकर घरों के बिजली और पानी के कनेक्शन काट दिए।
कुछ लोग अपना सामान लेकर चले गए, जबकि कई लोग देर शाम तक घरों के बाहर परिवार सहित बैठे रहे। डीएम सोनिका ने बताया कि कोर्ट में दिए गए आदेश के मुताबिक निर्धारित समय पर टीम को कब्जा लेने के लिए भेजा गया। यह सभी लोग हाईकोर्ट गए थे। हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि एक दिसंबर तक इन लोगों को समय दिया जाए। इस समयावधि में यह लोग खुद अपना कब्जा यहां से छोड़ देंगे, लेकिन कोर्ट का यह आदेश कार्रवाई पूरी होने के बाद आया।
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चंपावत में घर लौटते वक्त पांव फिलसकर गिरने से दंत चिकित्सक की मौत, घटना से पूरे इलाके में पसरा मातम

Champawat News : चम्पावत जिले के बाड़ीगाड़ क्षेत्र से दुखद खबर सामने आ रही है। यहां घर लौटते वक्त पांव फिलसकर गिरने से दंत चिकित्सक की मौत हो गई। खबर से इलाके में मातम पसर गया है।
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चंपावत में घर लौटते वक्त पांव फिलसकर गिरने से दंत चिकित्सक की मौत
चम्पावत जिले के बाड़ीगाड़ क्षेत्र में मायावती अस्पताल में कार्यरत युवा दंत चिकित्सक डॉ. लोकेश जोशी (40) की बाड़ीगाड़ में गिरने से दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद जहां परिवार और क्षेत्र में शोक की लहर है, वहीं 108 एंबुलेंस सेवा की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
अंधेरा होने और सुरक्षा रेलिंग नहीं होने के कारण हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार मूल रूप से पिथौरागढ़ निवासी डॉ. लोकेश जोशी अपनी पत्नी और बेटी के साथ बाड़ीगाड़ क्षेत्र में किराये के मकान में रहते थे। सोमवार रात करीब नौ बजे के आस पास वो स्कूटी से घर पहुंचे। स्कूटी खड़ी करने के बाद जब वो कमरे की ओर जा रहे थे, तभी अंधेरा होने और सुरक्षा रेलिंग नहीं होने के कारण उनका संतुलन बिगड़ गया और वे लगभग 14 फीट गहरी बाड़ीगाड़ में जा गिरे।

जिस एंबुलेंस से ले गए अस्पताल वो रास्ते में हो गई खराब
कुछ देर तक जब वो कमरे तक नहीं पहुंचे तो उनकी पत्नी डॉली जोशी उन्हें देखने बाहर निकलीं। तलाश करने पर डॉ. लोकेश बाड़ीगाड़ की नदी में गिरे हुए दिखाई दिए। पत्नी के शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें बाहर निकाला गया।
घटना की सूचना तुरंत 108 और 112 सेवा को दी गई। स्थानीय लोगों के अनुसार 112 की टीम शीघ्र मौके पर पहुंच गई, जबकि गंभीर रूप से घायल डॉ. जोशी को 108 एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया जा रहा था कि रास्ते में कुछ ही दूरी पर एंबुलेंस खराब हो गई। इसके बाद लोगों को मजबूरी में उन्हें चादर में लपेटकर दूसरे साधनों से लोहाघाट उप जिला चिकित्सालय पहुंचाना पड़ा। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने डॉ. लोकेश जोशी को मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश
घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। लोगों का आरोप है कि एंबुलेंस में न तो पर्याप्त सुविधाएं थीं और न ही आवश्यक उपकरण। उन्होंने 108 सेवा की व्यवस्था की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि समय पर बेहतर चिकित्सा सहायता और सुचारु एंबुलेंस सुविधा मिलती तो शायद एक जान बचाई जा सकती थी।
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चंपावत में ब्रेक फेल होने से रोडवेज बस हुई हादसे का शिकार, चालक की मौके पर ही मौत, कई घायल

Champawat Accident : चंपावत में बुधवार सुबह-सुबह दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। यहां रोडवेज बस के ब्रेक फेल होने से बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में चालक की मौके पर ही मौत हो गई।
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चंपावत में ब्रेक फेल होने से रोडवेज बस हुई हादसे का शिकार
चंपावत जिले के लोहाघाट क्षेत्र में बुधवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। धारचूला से टनकपुर की ओर जा रही उत्तराखंड परिवहन निगम की बस लोहाघाट-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर मरोड़ाखान और रायकोट के बीच दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में बस चालक बेनीराम भट्ट की मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे में चालक की मौके पर ही मौत
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बस में तकनीकी खराबी आने की आशंका जताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों और यात्रियों के मुताबिक, मोड़ के पास चालक ने बस को नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन इसी दौरान वो वाहन से नीचे गिर गए। दुर्भाग्यवश बस का पहिया उनके ऊपर से गुजर गया, जिससे उनकी जान चली गई।

बस में सवार 34 यात्रियों का किया गया सुरक्षित रेस्क्यू
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। जेसीबी की सहायता से बस को हटाकर चालक के शव को बाहर निकाला गया। बस में सवार 34 यात्री इस हादसे में सुरक्षित बताए जा रहे हैं। फिलहाल दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है।
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देवप्रयाग के पास अनियंत्रित कार गंगा नदी में समाई, दो के शव बरामद, कई अब भी लापता, तलाश जारी

Devprayag Accident News : इस वक्त की बड़ी खबर टिहरी गढ़वाल से सामने आ रही है। देवप्रयाग क्षेत्र में एक कार अनियंत्रित होकर गंगा नदी में जा गिरी। इस हादसे से मौके पर हड़कंप मच गया। सर्च अभियान में दो शव बरामद कर लिए गए हैं। जबकि अन्य लापता बताए जा रहे हैं।
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देवप्रयाग के पास अनियंत्रित कार गंगा नदी में समाई
टिहरी गढ़वाल जिले के देवप्रयाग क्षेत्र में सोमवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया। ऋषिकेश-बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर चकासा के पास एक इनोवा कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी और बाद में गंगा नदी में समा गई। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, राजस्व विभाग और बचाव एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंच गईं।
सर्च अभियान के दौरान दो शव बरामद
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वाहन संख्या UK 08 TA 5433 चकासा स्थित गंगा होटल दर्शन के समीप अचानक नियंत्रण खो बैठा। कार सड़क किनारे लगे क्रैश बैरियर को तोड़ते हुए करीब 200 मीटर गहरी खाई में गिर गई। खाई में गिरने के बाद वाहन सीधे गंगा नदी के तेज बहाव में बह गया। सरर्च अभियान के दौरान दो शव बरामद कर लिए गए हैं। जबकि कई लापता बताए जा रहे हैं।

कई अब भी लापता, तलाश जारी
घटना के बाद थाना देवप्रयाग पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। वाहन और उसमें सवार लोगों की तलाश के लिए राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया गया है।

बचाव कार्य को तेज करने के लिए एसडीआरएफ की श्रीनगर, ब्यासी और ढालवाला इकाइयों से विशेष टीमें घटनास्थल पर भेजी गई हैं। नदी में वाहन की तलाश जारी है। फिलहाल वाहन में कितने लोग सवार थे, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। प्रशासन और बचाव दल लगातार सर्च ऑपरेशन में जुटे हुए हैं। लापता लोगों की तलाश की जा रही है।
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