Dehradun
सुरक्षित होली की पहल, ग्रामीण महिलाओं के हर्बल रंगों से महकेगी होली, रायपुर–सहसपुर में तैयार हो रहे हर्बल रंग

Dehradun News : रंगों के पावन पर्व होली की तैयारियों को लेकर स्थानीय बाजारों में ग्रामीण समूहों की महिलाओं द्वारा निर्मित हर्बल रंग अपनी विशिष्ट छटा बिखेर रहे हैं। ये रंग न केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रहे हैं, बल्कि जन-जीवन में प्रसन्नता के नवीन रंग भी घोल रहे हैं।
Table of Contents
ग्रामीण महिलाओं के हर्बल रंगों से महकेगी होली
राजधानी देहरादून के विकासखंड सहसपुर और रायपुर में स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल होली के उद्देश्य से प्राकृतिक रंगों का निर्माण कर उन्हें स्थानीय बाजारों में विक्रय कर रही हैं। इस वर्ष समूहों द्वारा तैयार किए गए ये प्राकृतिक रंग लोगों के घरों में हर्ष और उल्लास फैलाने को तत्पर हैं।
सहसपुर ब्लॉक के आस्था क्लस्टर तथा रायपुर ब्लॉक के नई दिशा एवं दिव्य ज्योति क्लस्टर से संबद्ध लगभग 30 महिलाओं ने टेसू और गुलाब के पुष्प, हल्दी, चंदन, पालक के पत्ते, चुकंदर और मेहंदी जैसी प्राकृतिक सामग्रियों से हर्बल रंग तैयार किए हैं। ये रंग त्वचा के लिए पूर्णतः सुरक्षित तथा पर्यावरण के अनुकूल हैं।
सुरक्षित होली के लिए महिलाओं की शानदार पहल
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में संचालित राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़कर समूह की महिलाओं को योजना के अंतर्गत वित्तीय सहयोग प्राप्त हुआ। इस सहायता से कच्चे माल की खरीद, पैकेजिंग की व्यवस्था तथा बाजार तक पहुँच सुनिश्चित की जा सकी। परिणामस्वरूप सहसपुर एवं रायपुर विकासखंडों में महिलाओं ने लगभग 2.5 कुंटल प्राकृतिक रंग तैयार किए हैं, जिन्हें मांग के अनुरूप अच्छा व्यवसाय प्राप्त हो रहा है। इससे उन्हें प्रति किलोग्राम 100 से 120 रुपये तक का लाभ अर्जित हो रहा है।
रासायनिक रंगों से होने वाले दुष्प्रभावों को देखते हुए इन हर्बल एवं प्राकृतिक रंगों की बाजार में पर्याप्त मांग है, जिससे महिलाओं के परिवारों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो रही है। मुख्यमंत्री द्वारा संचालित राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से ये महिलाएँ न केवल आत्मनिर्भर बन रही हैं, बल्कि होली के अवसर पर मातृशक्ति के सशक्त स्वरूप का प्रेरणादायी उदाहरण भी प्रस्तुत कर रही हैं।
रायपुर–सहसपुर में तैयार हो रहे हर्बल रंग
सहसपुर ब्लॉक की समूह सदस्य मीना ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि महिलाओं ने सुरक्षित व पर्यावरण-संरक्षण को ध्यान में रखकर प्राकृतिक होली के रंग तैयार किए हैं, जिनकी स्थानीय बाजार में अच्छी बिक्री हो रही है। उन्होंने कहा कि आजीविका मिशन से जुड़ने पर महिलाओं को ऐसा मंच प्राप्त होता है, जहां वे अपने कौशल का प्रदर्शन कर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर सकती हैं।
जिला मिशन प्रबंधक सोनम गुप्ता ने बताया कि समूह की महिलाएं प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी होली पर्व पर हर्बल रंगों का निर्माण कर रही हैं। ये सभी प्राकृतिक रंग समूह के आउटलेट्स पर विक्रय के लिए उपलब्ध हैं। उन्होंने ये भी कहा कि रायपुर विकासखंड की महिलाएँ इस वर्ष होली के रंगों के उत्पादन में उल्लेखनीय कार्य कर रही हैं।
Dehradun
उत्तराखंड में SIR के बाद जारी हुई अंतिम मतदाता सूची, 9.31 लाख वोटर सूची से बाहर

Uttarakhand News : उत्तराखंड में एसआईआर प्रक्रिया के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी गई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम के अनुसार, पुनरीक्षण के दौरान प्रदेश में 9,31,685 मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। हालांकि, जिन लोगों का नाम मतदाता सूची में नहीं रह गया है, उनके पास दोबारा मतदाता बनने का विकल्प मौजूद रहेगा। इसके लिए उन्हें फॉर्म-6 भरना होगा।
Table of Contents
उत्तराखंड में SIR के बाद जारी हुई अंतिम मतदाता सूची
एसआईआर यानी विशेष गहन पुनरीक्षण की शुरुआत उत्तराखंड में 8 जून से हुई थी। उस समय राज्य की मतदाता सूची में करीब 79 लाख मतदाता दर्ज थे। इसके बाद आयोग ने 14 जुलाई को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित की, जिसमें मतदाताओं की संख्या घटकर करीब 71,33,785 रह गई थी।
9.31 लाख वोटर मतदाता सूची से बाहर
पुनरीक्षण के दौरान मतदाताओं को गणना प्रपत्र उपलब्ध कराए गए। इन प्रपत्रों को 7 जुलाई तक भरकर जमा कराया गया। इसके बाद ड्राफ्ट सूची जारी होने के साथ ही मतदाताओं को अपने नाम और विवरण को लेकर दावे व आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर दिया गया।
आयोग के अनुसार, 14 जुलाई से 13 अगस्त तक दावे और आपत्तियां प्राप्त की गईं। वहीं, 10 जुलाई से 28 सितंबर के बीच इन दावों और आपत्तियों की सुनवाई कर उनका निस्तारण किया गया।

अंतिम सूची में 1,29,872 नए मतदाताओं को जोड़ा
पहले अंतिम मतदाता सूची जारी करने की तारीख 15 सितंबर निर्धारित की गई थी। हालांकि, उत्तराखंड के पांच जिलों में यूपी के सीमावर्ती जिलों से जुड़े मतदाताओं के सत्यापन की प्रक्रिया के चलते अंतिम सूची जारी करने की तारीख आगे बढ़ाकर 3 अक्टूबर कर दी गई।
अब एसआईआर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उत्तराखंड की अंतिम मतदाता सूची सामने आ गई है। इसमें कुल 71,58,949 मतदाता दर्ज हैं। खास बात ये है कि अंतिम सूची में 1,29,872 नए मतदाताओं को भी जोड़ा गया है।
अंतिम मतदाता सूची में मतदाताओं की संख्या में हुई बढ़ोतरी
ड्राफ्ट सूची के मुकाबले अंतिम मतदाता सूची में मतदाताओं की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। निर्वाचन विभाग अब नए मतदाताओं को जोड़ने के लिए विशेष अभियान भी चलाएगा। वहीं, जिन लोगों के नाम अंतिम सूची में शामिल नहीं हैं, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत फॉर्म-6 भरकर अपना नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
Dehradun
त्यूणी में 300 मीटर गहरी खाई में गिरी कार, दर्दनाक हादसे में 1 की मौत, 2 घायल

Dehradun News : देहरादून जिले के त्यूणी क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है। यहां एक कार अनियंत्रित होकर करीब 300 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में कार सवार एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दो लोग घायल बताए जा रहे हैं। सूचना मिलने के बाद एसडीआरएफ और पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान चलाया।
Table of Contents
त्यूणी में 300 मीटर गहरी खाई में गिरी कार
त्यूणी तहसील क्षेत्र में हुए इस हादसे में कार में चालक समेत कुल तीन लोग सवार थे। बताया गया कि कार सड़क से नीचे करीब 300 मीटर गहरी खाई में गिर गई। पहाड़ी और दुर्गम इलाका होने के कारण रेस्क्यू टीम को शव और घायलों तक पहुंचने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
एसडीआरएफ ने घायलों को रेस्क्यू कर पहुंचाया अस्पताल
हादसे की सूचना मिलते ही त्यूणी थाना पुलिस और एसडीआरएफ की टीम घटनास्थल पर पहुंची। टीम ने खाई में उतरकर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। काफी प्रयास के बाद हादसे में जान गंवाने वाले व्यक्ति के शव के साथ दोनों घायलों को भी खाई से बाहर निकाला गया।

दर्दनाक हादसे में 1 की मौत, 2 घायल
रेस्क्यू के बाद दोनों घायलों को उपचार के लिए सीएचसी त्यूणी भेजा गया। हादसे में जान गंवाने वाले व्यक्ति की पहचान 39 वर्षीय दुर्गेश चौधरी के रूप में हुई है। वो उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के फतापुर का रहने वाला था।
वहीं, घायलों की पहचान 27 वर्षीय सुनील मंडल और ऋषभ के रूप में हुई है। सुनील मंडल दिल्ली के महावीर एन्क्लेव के निवासी बताए गए हैं, जबकि ऋषभ देहरादून का रहने वाला है।
Dehradun
देहरादून में किराये के मकान में चल रहे सैक्स रैकेट का भंडाफोड़, 6 गिरफ्तार

Dehradun News : देहरादून के पटेलनगर क्षेत्र के हरभजवाला में किराये के एक मकान में चल रहे कथित देह व्यापार के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान तीन महिलाओं और तीन पुरुषों को गिरफ्तार किया है।
Table of Contents
देहरादून में किराये के मकान में चल रहे देह व्यापार का भंडाफोड़
देहरादून पुलिस ने पटेलनगर क्षेत्र में देह व्यापार का खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, पकड़े गए लोगों में इस पूरे मामले का कथित मुख्य संचालक भी शामिल है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक नाबालिग को भी वहां से सुरक्षित बाहर निकाला।
पुलिस के मुताबिक, नाबालिग को दिल्ली से मसूरी घुमाने की बात कहकर देहरादून लाया गया था। आरोप है कि इसके बाद उसे देह व्यापार के लिए मजबूर करने का प्रयास किया गया। विरोध करने पर उसे एक कमरे में रोककर रखा गया था।
पुलिस ने 6 आरोपियों को पकड़ा
पुलिस के अनुसार, 1 अक्टूबर को मुखबिर से हरभजवाला स्थित नीलकंठ एन्क्लेव में देह व्यापार संचालित होने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने एक मकान में दबिश दी। मौके से तीन महिलाएं और तीन पुरुष मिले। तलाशी के दौरान पुलिस ने 18 हजार रुपये नकद के साथ आपत्तिजनक सामग्री और कुछ दवाइयां भी बरामद कीं।
महिलाओं को ग्राहकों की मांग के अनुसार बुलाते थे देहरादून
पूछताछ में पुलिस को पता चला कि मकान को किराये पर लेकर कथित तौर पर देह व्यापार का संचालन किया जा रहा था। पुलिस का कहना है कि मामले का कथित सरगना दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों से महिलाओं को ग्राहकों की मांग के अनुसार देहरादून बुलाता था। ग्राहकों से व्हाट्सऐप के जरिए संपर्क किया जाता था और उन्हें महिलाओं की तस्वीरें भेजी जाती थीं।

पुलिस के मुताबिक, ग्राहक की पसंद तय होने के बाद महिलाओं को किराये के कमरे या ग्राहक द्वारा बताए गए स्थान पर भेजा जाता था। इसी दौरान पुलिस ने उस नाबालिग को भी बरामद किया, जिसे कथित तौर पर दिल्ली से देहरादून लाया गया था।
आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज
पुलिस के अनुसार, नाबालिग को आरोपी का एक साथी दिल्ली से मसूरी घुमाने के बहाने लेकर आया था। यहां उस पर गलत काम के लिए दबाव बनाने का आरोप है। नाबालिग के विरोध करने पर उसे कमरे में रोककर रखा गया। पुलिस ने उसे मुक्त कराकर संरक्षण में ले लिया है।
मामले में पटेलनगर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट, अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम समेत संबंधित धाराओं में कार्रवाई की गई है। पुलिस अब इस कथित रैकेट से जुड़े अन्य लोगों और इसके नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटा रही है।





































