Uttarakhand
देहरादून गणतंत्र दिवस 2026: अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को सम्मान, सूचना विभाग की झांकी प्रथम
Dehradun: गणतंत्र दिवस समारोह, अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को मिला सम्मान
मुख्य बिंदु
देहरादून (Dehradun): 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजधानी देहरादून के परेड ग्राउंड में भव्य समारोह का आयोजन किया गया। इस मौके पर सुबह 10:30 बजे राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह ने ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली। कार्यक्रम में देशभक्ति और सांस्कृतिक विविधता की झलक देखने को मिली।
राज्यपाल गुरमीत सिंह ने ली देहरादून में परेड की सलामी
इसके बाद विभिन्न विभागों द्वारा तैयार की गई आकर्षक झांकियों का प्रदर्शन किया गया। हर झांकी अपने-अपने विभाग की उपलब्धियों और कार्यों को दर्शा रही थी। इसी कड़ी में सूचना एवं लोक संपर्क विभाग की ओर से ‘रजत जयंती एवं शीतकालीन धार्मिक यात्रा व पर्यटन’ विषय पर आधारित झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रही।

डीजीपी सहित पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को मिला सम्मान
कार्यक्रम के अगले चरण में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के पश्चात डीजीपी सहित कई पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। परेड प्रतियोगिता में सेना दल की श्रेणी में सीआरपीएफ प्लाटून को प्रथम, आईटीबीपी प्लाटून को द्वितीय तथा डोगरा रेजिमेंट प्लाटून को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ।
सूचना विभाग की झांकी को मिला पहला स्थान
इसके आलावा झांकी प्रदर्शन में सूचना एवं लोक संपर्क विभाग ने लगातार तीसरी बार प्रथम स्थान हासिल कर अपनी श्रेष्ठता साबित की। इसके अलावा संस्कृत शिक्षा विभाग को द्वितीय और विद्यालयी शिक्षा विभाग को तृतीय स्थान से नवाजा गया। पुरस्कार वितरण के साथ ही समारोह का औपचारिक समापन किया गया।

4 अधिकारियों और 6 पुलिसकर्मियों को मिला राज्यपाल उत्कृष्ट सेवा पदक
गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर राज्यपाल द्वारा सचिवालय के चार अधिकारियों और छह पुलिस कर्मियों को राज्यपाल उत्कृष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया। सचिवालय से डॉ. नीरज सिंघल, सहायक निर्वाचन अधिकारी मस्तु दास, प्रभाग अधिकारी आलोक कुमार सिंह और समीक्षा अधिकारी राकेश सिंह असवाल को यह सम्मान प्रदान किया गया।
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इसके साथ ही जिन पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया गया, उनमें निरीक्षक यशपाल सिंह, उप निरीक्षक नरोत्तम बिष्ट, आरक्षी देवेंद्र कुमार, मुख्य आरक्षी भूपेंद्र सिंह मर्तोलिया, अपर उप निरीक्षक सुनील कुमार और मुख्य आरक्षी सुनील रावत शामिल रहे।
सूचना विभाग की झांकी रही विशेष आकर्षण का केंद्र
इस वर्ष सूचना एवं लोक संपर्क विभाग की झांकी उत्तराखंड के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में मनाए जा रहे रजत उत्सव की थीम पर आधारित रही। झांकी में राज्य की आर्थिक विकास दर के साथ-साथ योग, आयुर्वेद और पर्यटन जैसे प्रमुख आर्थिक स्तंभों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया।
महानिदेशक सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, बंशीधर तिवारी ने बताया कि विभाग की झांकी को लगातार तीसरी बार प्रथम स्थान मिलना पूरे विभाग के लिए गर्व की बात है और यह टीमवर्क तथा रचनात्मक सोच का परिणाम है।
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धामी कैबिनेट में 15 प्रस्तावों पर मुहर, मजदूरों, युवाओं और गौपालकों के लिए गए बड़े फैसले

Dhami Cabinet Decisions : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में हुई कैबिनेट बैठक में 15 प्रस्तावों पर फैसला लिया गया। बैठक में स्वास्थ्य, कार्मिक, कौशल विकास, परिवहन समेत कई विभागों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
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धामी कैबिनेट में 15 प्रस्तावों पर मुहर
आज हुई कैबिनेट की बैठक में 15 प्रस्तावों पर मुहर लगी है। कैबिनेट ने गोपालन योजना में सामान्य वर्ग को भी शामिल करने का निर्णय लिया है। पात्र लोगों को सब्सिडी मिलेगी और वे गाय या भैंस खरीद सकेंगे।
श्रमिकों के लिए बड़ा फैसला
- कैबिनेट ने उत्तराखंड मजदूरी संहिता नियमावली को मंजूरी दी। इसके तहत श्रमिकों को हर महीने की 7 तारीख तक वेतन देना होगा। पुरुष और महिला कर्मचारियों को समान काम के लिए समान मजदूरी का प्रावधान भी किया गया है।

पढ़े धामी कैबिनेट के प्रमुख फैसले
- GST संशोधित अध्यादेश को मंजूरी।
- नैनीताल हाईकोर्ट के लिए हल्द्वानी गौलापार में 30 हेक्टेयर जमीन देने का फैसला।
- राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय हल्द्वानी के लिए 122 पदों के सृजन को मंजूरी।
- जल जीवन मिशन में केंद्र की गाइडलाइंस लागू होंगी।
- कुष्ठ रोग से पीड़ित व्यक्ति भी सहकारी समिति का सदस्य बन सकेगा।
- मेरठ से हरिद्वार तक गंगा एक्सप्रेसवे विस्तार के लिए यूपी से समझौता होगा।
वन विकास निगम की सेवा नियमावली में संशोधन
- औद्योगिक नियमावली को मंजूरी, श्रमिक शिकायतों के त्वरित समाधान पर जोर।
- छंटनी किए गए कर्मचारियों को दोबारा अवसर देने का प्रावधान।
- वन विकास निगम की सेवा नियमावली में संशोधन, स्केलर पद के लिए 100 अंकों की परीक्षा होगी।
- ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए जड़ी-बूटियों से जुड़ी उच्चाधिकार प्राप्त समिति में संशोधन किया जा सकेगा।
big news
BJP के Survey ने खोली विधायकों की पोल, 32 चेहरे रेड जोन में, कट सकता है कई का टिकट !

Uttarakhand Politics : बीजेपी के आंतरिक सर्वे की रिपोर्ट ने उत्तराखंड के सियासी गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। पार्टी के आंतरिक सर्वे से बीजेपी के भीतर खलबली मच गई है। रिपोर्ट के मुताबिक 47 विधायकों में से 32 विधायकों का टिकट रेड जोन में है।
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BJP के Survey ने खोली विधायकों की पोल
बीजेपी के आंतरिक सर्वे के बारे में सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इन विधायकों की परर्फॉर्मेंस पर स्थानीय जनता ने गहरी नाराजगी जताई है जो कि पार्टी के लिए खतरे की घंटी से कम नहीं है। पार्टी सत्ता की हैट्रिक के रास्ते में विधायकों के खिलाफ नाराजगी को बड़ा खतरा नहीं बनने देना चाहती, ऐसे में कई मौजूदा चेहरों के टिकट काटकर नए चेहरों को मैदान में उतारने की तैयारी की चर्चा तेज हो गई है।
32 चेहरे रेड जोन में, कट सकता है कई का टिकट !
पार्टी के विश्वत सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक उत्तराखंड के दो तिहाई विधायकों का अगले विधानसभा चुनाव में टिकट कट सकता है। पार्टी और संघ की ओर से राज्य में अपने हिस्से की सभी 47 सीटों पर कराए गए आंतरिक सर्वे में 32 विधायकों के खिलाफ स्थानीय स्तर पर गहरी नाराजगी की बात सामने आई है।
रिपोर्ट के मुताबिक लोग विधायकों से बेहद नाराज हैं। वो मानते हैं कि भाजपा के दस साल के शासन में विकास के कई कार्य हुए हैं। लेकिन कई ऐसे काम हैं जिनके वो आवाज उठाते रहे लेकिन उस पर कार्रवाई नहीं हुई। आंतरिक कलह, कुछ स्तरों पर प्रशासनिक ढिलाई, युवाओं में नाराजगी की भी बात सामने आई है। बीते कुछ समय में सोशल मीडिया पर भी इस तरीके के कई मामले सामने आए हैं।

अलग-अलग माध्यमों से संपर्क के बाद तैयार हुई रिपोर्ट
संघ सूत्रों के मुताबिक बीते दो महीने में राज्य की सभी 70 सीटों पर स्थानीय कार्यकर्ताओं, महत्वपूर्ण हस्तियों के अलावा सामान्य लोगों से अलग-अलग माध्यमों से संपर्क के बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार की गई है।
सूत्रों ने बताया कि राज्य में विपक्ष के मजबूत या कमजोर होने का परिणाम पर कोई असर नहीं पड़ता, मुख्य मुद्दा स्थानीय स्तर की नाराजगी का होता है। राज्य में दिवंगत भवन चंद खंडूड़ी के सीएम रहते कांग्रेस बेहद कमजोर थी, हालांकि तब भी विधायकों और उम्मीदवारों के खिलाफ लोगों की नाराजगी के कारण भाजपा को सत्ता गंवानी पड़ी थी।
यानी साफ है कि भाजपा के सामने चुनौती सिर्फ विपक्ष से नहीं, बल्कि अपने ही विधायकों के खिलाफ बन रही नाराजगी से भी है। इसके साथ ही टिकटों की लड़ाई में भी भाजपा के कई सियासी सिरमौर आपस में ही सींग मार रहे हैं। इसकी बड़ी वजह ये भी है कि दूसरे दलों से भाजपा में आए नेता भी दावेदारी कर रहे हैं।
Dehradun
मसूरी में बारिश के बीच पहाड़ी से गिरे बोल्डर, सरकारी आवास को भारी नुकसान

Mussoorie News : मसूरी में लगातार हो रही बारिश के बीच गनहिल की पहाड़ी से बोल्डर गिरने से कचहरी परिसर स्थित सरकारी आवासों पर खतरा बढ़ गया है। बोल्डरों की चपेट में आने से एक कमरे का बड़ा हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि दूसरे कमरे की दीवार भी दोबारा ढह गई। भवन के अन्य हिस्सों में भी दरारें आने की सूचना है।
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मसूरी में बारिश के बीच पहाड़ी से गिरे बोल्डर
मसूरी में लगातार हो रही बारिश के कारण गनहिल की पहाड़ी से बोल्डर गिरने के कारण हड़कंप मच गया। कचहरी परिसर स्थित सरकारी आवासों पर बोल्डर गिरने के कारण खतरा बढ़ गया है। घटना के बाद सरकारी आवास में रहने वाले परिवारों में डर का माहौल है। बताया जा रहा है कि बुधवार से पहाड़ी से रुक-रुककर बोल्डर गिर रहे हैं, जिसके चलते खतरा लगातार बना हुआ है।
पांच परिवारों ने एसडीएम कार्यालय में बिताई रात
खतरे को देखते हुए सरकारी आवास में रहने वाले पांच परिवारों को रात सुरक्षित स्थान पर गुजारनी पड़ी। सभी परिवारों ने पूरी रात एसडीएम कार्यालय के एक हॉल में रहकर बिताई। प्रभावित लोगों का कहना है कि पहाड़ी से बोल्डर गिरने का सिलसिला थम नहीं रहा है और ऐसे में किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।

कचहरी कर्मचारी गोविंद सिंह नेगी के मुताबिक, जिस सरकारी आवास में पांच परिवार रह रहे हैं, वो फिलहाल पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। बोल्डर गिरने से भवन को काफी नुकसान पहुंचा है और मौजूदा हालात में वहां रहना जोखिम भरा हो गया है।
प्रशासन से तत्काल मदद की मांग
प्रभावित परिवारों ने प्रशासन से मौके का जल्द निरीक्षण कराने और तत्काल सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की है। इसके साथ ही परिवारों के लिए वैकल्पिक आवास की व्यवस्था करने और पहाड़ी से लगातार गिर रहे बोल्डरों के खतरे का स्थायी समाधान निकालने की अपील की गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण मसूरी के कई पहाड़ी क्षेत्र संवेदनशील हो गए हैं। ऐसे में अगर समय रहते सुरक्षा के ठोस इंतजाम नहीं किए गए तो आने वाले दिनों में किसी बड़े हादसे का खतरा बढ़ सकता है।
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