Dehradun
डीजीपी अभिनव कुमार ने जनपद के प्रभारियों के साथ की समीक्षा बैठक, माइक्रो लेवल प्लानिंग को बेहतर बनाने के साथ ये दिए निर्देश।

देहरादून – आज दिनांक 14 मई, 2024 को अभिनव कुमार, पुलिस महानिदेशक, उत्तराखण्ड ने समस्त जनपद एवं परिक्षेत्र प्रभारियों के साथ वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से बैठक आहूत कर चारधाम यात्रा-2024 एवं पर्यटन सीजन के दृष्टिगत भीड़ प्रबन्धन व यातायात के सुगम परिचालन हेतु की गयी तैयारियों एवं उजागर हो रही चुनौतियों के सम्बन्ध में समीक्षा की गयी।

पुलिस महानिदेशक, उत्तराखण्ड द्वारा सुचारु एवं सुव्यवस्थित यातायात संचालन एवं भीड़ प्रबन्धन हेतु आपसी समन्वय व माइक्रो लेवल प्लानिंग को और अधिक बेहतर बनाने पर बल देते हुए निम्न निर्देश दिये गयेः-

1. हमारे लिए यात्रियों की सुरक्षा और स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा एवं सुविधा सबसे महत्वपूर्ण है। इन दोनों प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए ही चारधाम यात्रा को सुचारु रुप से सम्पादित कराये जाने की प्लानिंग की जाये।

2. बाहरी राज्यों से चारधाम यात्रा पर आ रहे यात्रियों को फोन पर ही व्हाट्सएप/एसएमएस के माध्यम से चारधाम यात्रा बुलेटिन जिसमें धामों की दूरी, वर्तमान दिन में धामों पर मौजूद यात्रियों की संख्या, यातायात की स्थिति, चारों धामों के मौसम की अपडेट जानकारी, रास्तों में रुकने के स्थानों, आदि के बारे में यूजर फ्रेन्डली और उपयोगी प्रारूप में सूचना दी जाए। साथ ही चारों धामों के यात्रा मार्गों पर मुख्य-मुख्य स्थानों पर इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले साईनेज बोर्ड लगाकर विभिन्न भाषाओं में यह जानकारी प्रसारित की जाए।
3. सोशल मीडिया पर चार धाम के बारे में भ्रामक प्रचार करने वाले व्यक्तियों की सूची बनायी जाये। अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध कार्यवाही की जाये।
4. पुलिस अधीक्षक, रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी चारों धामों की निर्धारित क्षमता का वैज्ञानिक तरीके के अनुसार भी आंकलन कर लें। क्षमतानुसार ही यात्रियों को धामों की ओर भेजा जाये।
5. चारों धामों की सुरक्षा हेतु बनायी गयी सुरक्षा स्कीम के अनुरुप कार्यवाही करना सुनिश्चित करें।
6. गंगोत्री एवं यमुनोत्री में कई स्थानों पर मार्ग संकरे होने के कारण बड़ी बसों के फंसने से जाम की स्थिति बनी रहती है। परिवहन विभाग के सहयोग से ऐसे बड़े वाहनों को रोककर यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था से धामों की ओर भेजने के सम्बन्ध में सार्थक प्रयास किये जाये।
7. यातायात का दबाव बढ़ने पर यात्रियों को चिन्हित किये गये निर्धारित स्थानों पर रोके जाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाये। ऐसे स्थान मुख्य कस्बों के पास हों। जहां उनको खाने, पीने, रहने एवं आवश्यक वस्तुओं की सुविधा उपलब्ध हो सके।
8. श्री केदारनाथ सहित चारों धामों में तैनात पुलिस बल का साप्ताहिक मेडिकल चेकअप कराया जाये।
9. पर्यटन सीजन के दृष्टिगत कुमाऊँ परिक्षेत्र में नैनीताल, कैंची धाम, जागेश्वर धाम आदि स्थानों हेतु भी यातायात प्लान बनाकर उसका अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार कराया जाये।
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दिल्ली से ऋषिकेश घूमने आया युवक नहाते वक्त बहा, तलाश में जुटी एसडीआरएफ

Rishikesh News : ऋषिकेश के मुनिकीरेती थाना क्षेत्र में दर्दनाक हादसा हो गया। यहां नहाने के दौरान नीम बीच पर एक पर्यटक गंगा के तेज बहाव में बह गया। सूचना पर मौके पर पहुंची रेस्क्यू टीम ने युवक की तलाश शुरू कर दी है।
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दिल्ली से ऋषिकेश घूमने आया युवक नहाते वक्त बहा
ऋषिकेश के मुनिकीरेती थाना क्षेत्र में नीम बीच के पास नदी में नहाने के दौरान दिल्ली का एक युवक तेज बहाव की चपेट में आकर बह गया। घटना की जानकारी मिलते ही एसडीआरएफ, आपदा राहत दल, जल पुलिस और स्थानीय पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और युवक की तलाश शुरू कर दी।
तलाश में जुटी एसडीआरएफ टीम
जानकारी के मुताबिक दिल्ली निवासी 20 वर्षीय सौरभ शर्मा अपने एक दोस्त के साथ नीम बीच से आगे घूमने गया था। इसी दौरान दोनों नदी में नहाने लगे। नहाते समय सौरभ अचानक गहरे पानी में चला गया और तेज बहाव के साथ बह गया। इसके बाद से उसका कोई पता नहीं चल सका है।

अब तक नहीं लग सका कोई सुराग
सूचना मिलने पर एसडीआरएफ की टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। नदी में संभावित स्थानों पर डीप डाइविंग उपकरणों के जरिए युवक की तलाश की गई, लेकिन नदी का बहाव तेज होने के कारण अभी तक सौरभ का पता नहीं चल पाया है। फिलहाल एसडीआरएफ और अन्य टीमों का सर्च और रेस्क्यू अभियान जारी है।
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4 साल बाद भी अंकिता को न्याय का इंतजार! सड़कों पर उतरे लोग, VIP की पहचान की मांग

Dehradun News : अंकिता भंडारी हत्याकांड को चार साल पूरे होने पर सामाजिक, राजनीतिक और जन सरोकारों से जुड़े संगठनों ने सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई। अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच के बैनर तले विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने गांधी पार्क में अंकिता भंडारी को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद गांधी पार्क से घंटाघर तक मानव श्रृंखला बनाकर मामले में कथित VIP की पहचान सार्वजनिक करने और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की गई।
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4 साल बाद भी अंकिता को न्याय का इंतजार !
प्रदर्शन में शामिल उत्तराखंड पूर्व सैनिक अर्धसैनिक संयुक्त संगठन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रकाश थपलियाल ने कहा कि चार साल बीतने के बाद भी उत्तराखंड की जनता अंकिता को भूली नहीं है। उन्होंने कहा कि अंकिता के परिवार को अब भी न्याय का इंतजार है।
आज देहरादून में सड़कों पर उतरे लोग
प्रकाश थपलियाल ने आरोप लगाया कि अंकिता ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी और कथित तौर पर VIP को विशेष सेवाएं देने के लिए दबाव बनाए जाने की बात सामने आई थी। उन्होंने मांग की कि इन आरोपों और अंकिता से जुड़े कथित अंतिम बयानों की भी निष्पक्ष तरीके से जांच होनी चाहिए।

VIP की पहचान की मांग
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मामले में जिस VIP का जिक्र लगातार होता रहा है, उससे जुड़े सभी पहलुओं की जांच पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए। यदि जांच में किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो कानून के तहत कार्रवाई की मांग भी वक्ताओं ने की।
इस दौरान अंकिता के अंतिम संस्कार को लेकर भी सवाल उठाए गए। प्रदर्शनकारियों ने अंतिम संस्कार के समय और प्रक्रिया पर आपत्ति जताते हुए इसे धार्मिक परंपराओं के अनुरूप नहीं होने का आरोप लगाया।
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ऋषिकेश में गंगा किनारे दो नवजात बच्चियों के शव मिलने से हड़कंप, पुलिस जांच में जुटी

Rishikesh News : गंगा किनारे अलग-अलग स्थानों पर दो बच्चियों के शव मिलने से हड़कंप मच गया। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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गंगा किनारे दो नवजात बच्चियों के शव मिलने से हड़कंप
ऋषिकेश में गंगा किनारे दो नवजातों के शव मिलने से सनसनी मच गई। पहली घटना नाव घाट के पास सामने आई है। जबकि दूसरी बच्ची का शव साई घाट के नजदीक बरामद किया गया। दोनों मामलों की जानकारी स्थानीय लोगों ने पुलिस को दी।
पुलिस ने दोनों घटनाओं को लेकर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, बच्चियों की मौत किन परिस्थितियों में हुई और उनके शव गंगा किनारे तक कैसे पहुंचे, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। जांच के दौरान सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखा जा रहा है।
नाव घाट के पास मिला बच्ची का शव
पहला मामला नाव घाट के आसपास का है। यहां पुलिस को करीब 10 महीने की बच्ची का शव मिला। शुरुआती जांच में यह संभावना सामने आई है कि बच्ची की किसी वजह से मौत हुई होगी और इसके बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार के बजाय शव को गंगा में प्रवाहित कर दिया होगा।

पुलिस इस संभावना से भी इनकार नहीं कर रही है कि गंगा के तेज बहाव के साथ बच्ची का शव किसी दूसरे स्थान से बहकर ऋषिकेश तक पहुंचा हो। हालांकि, बच्ची की मौत कब और किन परिस्थितियों में हुई, इसका पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आगे की जांच के बाद ही चल सकेगा।
साई घाट पर एक दिन की नवजात का शव बरामद
दूसरी घटना साई घाट के पास हुई। यहां गंगा किनारे पुलिस को करीब एक दिन की नवजात बच्ची का शव मिला। पुलिस के मुताबिक, नवजात की नाल भी कटी हुई नहीं थी। इस वजह से मामले को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
पुलिस मामले की जांच में जुटी
पुलिस ये पता लगाने में जुटी है कि बच्ची का जन्म होने के बाद उसकी मौत हुई और फिर उसे गंगा किनारे छोड़ दिया गया, या नवजात को किसी अन्य परिस्थिति में वहां लाकर छोड़ा गया। बच्ची की पहचान और उसके परिवार तक पहुंचने के लिए भी पुलिस संभावित सुराग जुटा रही है। दोनों घटनाओं की जांच अलग-अलग स्तर पर की जा रही है।





































