Politics
सीएम धामी ने खटीमा में जनसभा को किया संबोधित, बोले प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश बढ़ रहा आगे।

मुख्यमंत्री ने खटीमा में आयोजित जनसभा को किया संबोधित।
उत्तराखंड से निकली समान नागरिक संहिता की गंगा देश के कोने-कोने तक जाएगी: मुख्यमंत्री।
जनता का हर एक वोट 400 पार के नारे में सहायक सिद्ध होगा : मुख्यमंत्री।
प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हम बिना रुके बिना थके राज्य के विकास को आगे बढ़ा रहे हैं : मुख्यमंत्री।
आगामी लोकसभा चुनाव ‘परिवार प्रथम’ वाले विपक्ष और ‘राष्ट्र प्रथम’’ की सोच वाले सत्तापक्ष के बीच: मुख्यमंत्री।

खटीमा – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को नैनीताल लोकसभा के अंर्तगत खटीमा में आयोजित जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कई लोगों को भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण करवाई।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने “बाबा भीमराव अंबेडकर” की जयंती पर उन्हें नमन करते हुए कहा कि खटीमा को हम मिनी इंडिया कहते हैं। खटीमा मेरी कर्म भूमि है। 2024 के लोक सभा चुनाव का संकल्प पत्र बीजेपी ने जारी कर दिया है। उन्होंने कहा 2022 विधानसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में हमने समान नागरिक संहिता का संकल्प रखा था। जनता के आशीर्वाद से हमें सरकार में आने का अवसर मिला हमने मोदी की गारंटी को पूरा करते हुए समान नागरिक संहिता विधेयक पारित कर दिया है। भाजपा द्वारा जारी संकल्प पत्र में पूरे देश के अंदर यूसीसी की जरूरत बताई है। यूसीसी को लागू करने की बात कही है। उत्तराखंड के अंदर से निकली समान नागरिक संहिता की गंगा देश के कोने कोने में पहुंचेगी। उन्होंने जनता से मोदी जी को तीसरी बार देश का प्रधानमंत्री बनाने में अपना योगदान/ समर्थन देने की बात कही। उन्होंने कहा आपका हर एक मत 400 पार के नारे में सहायक सिद्ध होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के दस साल के कार्यकाल में देश का चहुंमुखी विकास हुआ है। प्रधानमंत्री के दूसरे कार्यकाल में भारत विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना है और मोदी के तीसरे कार्यकाल का संकल्प है कि भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बने। 2014 के बाद से भारत के स्वर्णिम काल की शुरुआत हुई है जिसमें भारत बुलंदियों की नई परिभाषाएं गढ़ रहा है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में कई ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। कश्मीर के अंदर धारा 370 का खात्मा,देश में नागरिकता संशोधन कानून लागू, तीन तलाक से मुस्लिम बहनों को मुक्ति मिली है, अयोध्या में भगवान श्रीराम का दिव्य व भव्य मंदिर का निर्माण, लोकसभा व विधानसभा में महिलाओं को 33 फीसद आरक्षण दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखंड को एक विकसित और आत्मनिर्भर राज्य बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। राज्य हित में लिए गए कई ऐतिहासिक फैसले आज पूरे देश में अलग रूप में जाने जा रहे हैं। अन्य राज्यों से भी हमारे द्वारा लिए गए फैसले का ड्राफ्ट मांगा जा रहा है। राज्य सरकार ने सबसे कड़ा नकल विरोधी कानून लागू किया। धर्मांतरण कानून, दंगो को रोकने के लिए दंगारोधी कानून लागू किया गया। सरकारी नौकरी में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है। देहरादून में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का सफल आयोजन हुआ है। उन्होंने कहा ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में उन उद्योगों को ज्यादा प्राथमिकता दी गई है जो उत्तराखंड के लोगों को ज्यादा से ज्यादा रोजगार प्रदान करवाएंगे। जी-20 की तीन बैठकों का सफल आयोजन हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हम बिना रुके बिना थके राज्य के विकास को आगे बढ़ा रहे हैं। केंद्र एवं राज्य सरकार ने गरीब कल्याण को प्राथमिकता दी है। जबकि विपक्ष ने हमेशा परिवारवाद और जातिवाद को प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा आगामी लोकसभा चुनाव ‘परिवार प्रथम’ वाले विपक्ष और ‘राष्ट्र प्रथम’’ की सोच वाले सत्तापक्ष के बीच का मुकाबला है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री भ्रष्टाचार हटाने की बात करते हैं तो विपक्ष मोदी को हटाने की बात करता है। विपक्ष ने मिलकर ठगबंधन बना लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कल एक जनसभा में प्रियंका कह रही थी कि उत्तराखंड में पेपर लीक होते हैं, नकल माफियाओं का बोलबाला है और उनकी सरकार आई तो वह नकल माफियाओं के खिलाफ कानून लाएंगी। उन्होंने कहा मैं प्रियंका को बताना चाहता हूं कि प्रदेश के अंदर राज्य स्थापना के बाद पहली बार नकल माफियाओं की कमर तोड़ने का काम भाजपा सरकार बहुत पहले ही कर चुकी है। उन्होंने कहा प्रदेश में नकल विरोधी कानून के लागू होने से पारदर्शिता और समय से परीक्षाएँ संपन्न हो रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में नकल माफियाओं को संरक्षण देने का काम कांग्रेस ने किया। इन्होंने युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया। उन्होंने कहा भाजपा सरकार विपक्ष के द्वारा की गई गलतियो को सुधारने में लगी है। कांग्रेस हमेशा भ्रष्टाचार की पक्षधर रही है, जबकि आदरणीय प्रधानमंत्री जी भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने के पक्षधर हैं। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के हाथ को करप्शन वाला काला हाथ बताया। उन्होंने कहा कांग्रेस ने हमेशा उत्तराखंड को पीछे धकेलने का काम किया। कांग्रेस दल और इनके नेता देवभूमि और इस देश के लिए विपत्ति हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार जनता निश्चित ही अपने वोट से कांग्रेस को इतनी करारी चोट देगी की अगले कई दशकों तक इन्हें ये अहसास होता रहेगा कि इन्होने देश के साथ और उत्तराखण्ड के साथ धोखा किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक बेटे के रूप उनके लिए खटीमा की उन्नति विकास प्रथमिकता रहा है। उन्होंने नैनीताल-ऊधमसिंह नगर लोकसभा के सभी मतदाताओं से आग्रह किया कि विकसित उत्तराखंड के लिए, विकसित भारत के लिए, अधिक से अधिक संख्या में 19 अप्रैल को भाजपा के पक्ष में मतदान करें।
इस दौरान भाजपा जिला अध्यक्ष कमल जिंदल, भाजपा नेता दान सिंह रावत, श्री उत्तम दत्ता, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।
Uttarakhand
उत्तराखंड में कांग्रेस की न्याय यात्रा कल से, चार दिशाओं से सरकार को घेरेगी पार्टी

Uttarakhand Politics : उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने प्रदेश सरकार के खिलाफ अपनी राजनीतिक गतिविधियां तेज करने की तैयारी कर ली है। इसी कड़ी में पार्टी 22 अक्टूबर से उत्तराखंड न्याय यात्रा शुरू करने जा रही है। यात्रा का शुभारंभ प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से किया जाएगा। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इसके लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं।
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उत्तराखंड में कांग्रेस की न्याय यात्रा कल से
न्याय यात्रा का पहला दल 22 अक्टूबर को नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, पश्चिम बंगाल प्रभारी प्रकाश जोशी, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा, उप नेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी और विधायक तिलक राज बेहड़ के नेतृत्व में अल्मोड़ा स्थित गोल्ज्यू मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद रवाना होगा।
ये दल रानीखेत, खैरना, भवाली और भीमताल होते हुए हल्द्वानी पहुंचेगा। 23 अक्टूबर को यात्रा लालकुआं, किच्छा, सितारगंज, नानकमत्ता और खटीमा से होते हुए रुद्रपुर पहुंचेगी। इसके बाद 24 अक्टूबर को रुद्रपुर, बाजपुर और काशीपुर होते हुए जसपुर में यात्रा आयोजित की जाएगी। 25 अक्टूबर को हल्द्वानी में पत्रकार वार्ता के साथ इस चरण का समापन होगा।
चार दिशाओं से सरकार को घेरेगी पार्टी
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और पार्टी के अन्य विधायकों के नेतृत्व में दूसरा दल 22 अक्टूबर को बदरीनाथ धाम में पूजा-अर्चना के बाद जोशीमठ और पीपलकोटी होते हुए चमोली पहुंचेगा। 23 अक्टूबर को यह दल नंदप्रयाग, कर्णप्रयाग और गौचर से होते हुए रुद्रप्रयाग पहुंचेगा।

24 अक्टूबर को चौबट्टाखाल विधानसभा क्षेत्र के सतपुली, यमकेश्वर विधानसभा क्षेत्र और कोटद्वार में न्याय यात्रा आयोजित की जाएगी। वहीं, 25 अक्टूबर को लैंसडाउन विधानसभा क्षेत्र के बीरोंखाल में कार्यक्रम होगा। इसके बाद 26 अक्टूबर को गैरसैंण में प्रस्तावित विधानसभा घेराव की तैयारियों को लेकर बैठक की जाएगी।
प्रीतम सिंह संभालेंगे तीसरे दल की कमान
तीसरे दल का नेतृत्व कांग्रेस चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह करेंगे। यह दल 22 अक्टूबर को देहरादून के टपकेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद राजपुर और मसूरी विधानसभा क्षेत्रों में पहुंचेगा। 23 अक्टूबर को सहसपुर और विकासनगर विधानसभा क्षेत्रों में न्याय यात्रा निकाली जाएगी। 24 अक्टूबर को चकराता विधानसभा क्षेत्र में कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। 25 अक्टूबर को कैंट और धर्मपुर विधानसभा क्षेत्रों में यात्रा होगी, जबकि 26 अक्टूबर को ऋषिकेश विधानसभा क्षेत्र में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
इसके बाद प्रीतम सिंह 27 और 28 अक्टूबर को गैरसैंण में आयोजित होने वाले विधानसभा सत्र में हिस्सा लेंगे।कांग्रेस की इस यात्रा को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले जनता के बीच अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने और प्रदेश सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
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2027 चुनाव से पहले भाजपा में हलचल! जुबिन नौटियाल के पिता रामशरण ने थामा कांग्रेस का हाथ

देहरादून। उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। चुनाव से पहले भाजपा को झटका देते हुए मशहूर गायक जुबिन नौटियाल के पिता और पूर्व भाजपा नेता रामशरण नौटियाल ने कांग्रेस का हाथ थाम लिया है। सोमवार,को नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में उन्होंने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। उनके इस कदम ने प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा का विषय बन गया है। अब सबकी नजरें इस बात पर रहेंगी कि रामशरण नौटियाल की कांग्रेस में वापसी का आगामी चुनाव और चकराता क्षेत्र की राजनीति पर क्या असर पड़ता है।
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1.रामशरण नौटियाल कांग्रेस में शामिल
2.कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी में ली सदस्यता
3.भाजपा छोड़कर कांग्रेस में वापसी
कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी में थामा पार्टी का हाथ
नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान रामशरण नौटियाल ने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इस मौके पर उत्तराखंड कांग्रेस प्रभारी कुमारी शैलजा, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और चकराता विधायक प्रीतम सिंह सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने रामशरण नौटियाल का स्वागत करते हुए उन्हें पार्टी में शामिल किया।
भाजपा छोड़कर कांग्रेस में लौटे रामशरण नौटियाल
रामशरण नौटियाल का कांग्रेस से पुराना राजनीतिक जुड़ाव रहा है। वर्ष 2014 में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा की सदस्यता ली थी। अब लगभग 12 साल बाद उन्होंने दोबारा कांग्रेस का हाथ थाम लिया है। भाजपा से इस्तीफा देने से पहले उन्होंने पार्टी में उचित सम्मान नहीं मिलने की बात कही थी। उनके इस्तीफे के बाद से ही उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं, जिन पर अब कांग्रेस में शामिल होने के साथ विराम लग गया है।
2027 के विधानसभा चुनाव से पहले तेज हुई सियासी हलचल
उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। ऐसे में रामशरण नौटियाल का भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल होना प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। उनकी वापसी का चकराता और जौनसार-बावर क्षेत्र की राजनीति पर क्या प्रभाव पड़ेगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा। साथ ही, आगामी चुनाव में कांग्रेस उन्हें किस तरह की भूमिका देती है, इस पर भी राजनीतिक नजरें रहेंगी।
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दुष्यंत गौतम ने संभाली सिक्किम के राज्यपाल की कमान, गंगटोक में ली शपथ

देहरादून।सिक्किम में नए राज्यपाल के रूप में दुष्यंत कुमार गौतम ने पदभार संभाल लिया है। सोमवार को गंगटोक स्थित लोक भवन में आयोजित समारोह में उन्होंने राज्यपाल पद की शपथ ली सिक्किम हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ए. मुहम्मद मुस्ताक ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग सहित कई वरिष्ठ नेता और अधिकारी इस समारोह में मौजूद रहे। इसके साथ ही सिक्किम में दुष्यंत कुमार गौतम की नई संवैधानिक पारी की शुरुआत हो गई है।

लोक भवन में हुआ शपथ ग्रहण समारोह
सिक्किम की राजधानी गंगटोक स्थित लोक भवन में सोमवार को शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान सिक्किम हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ए. मुहम्मद मुस्ताक ने दुष्यंत कुमार गौतम को राज्यपाल पद की शपथ दिलाई। इससे एक दिन पहले रविवार को गौतम गंगटोक के बुरतुक हेलीपैड पहुंचे थे, जहां राज्य के वरिष्ठ नेताओं और अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।समारोह में मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग, सिक्किम विधानसभा की उपाध्यक्ष राजकुमारी थापा, मंत्रिपरिषद के सदस्य, विधायक, गंगटोक नगर निगम के प्रतिनिधि, मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। शपथ ग्रहण के साथ ही दुष्यंत कुमार गौतम ने सिक्किम के राज्यपाल के रूप में अपनी नई जिम्मेदारी संभाल ली।

भाजपा संगठन से राज्यसभा तक का सफर
दुष्यंत कुमार गौतम भारतीय जनता पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव और पार्टी के अनुसूचित जाति मोर्चा के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं। वह दिल्ली नगर निगम में पार्षद के रूप में काम कर चुके हैं। मार्च 2020 में वह हरियाणा से राज्यसभा के लिए चुने गए थे और अगस्त 2022 तक सांसद रहे। अब सिक्किम के राज्यपाल के रूप में उनकी नई जिम्मेदारी शुरू हुई है।
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