Dehradun
राज्यपाल गुरमीत सिंह ने चारधाम यात्रा की तैयारियों के संबंध में शासन के उच्चाधिकारियों के साथ की बैठक।

देहरादून – राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने शुक्रवार को राजभवन में उत्तराखण्ड चारधाम यात्रा की तैयारियों के संबंध में शासन के उच्चाधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक में चारधाम यात्रा से जुड़े जिलों के जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, संबंधित अन्य अधिकारी भी वीडियो कांफ्रेंसिंग से मौजूद रहे।

राज्यपाल ने कहा कि चारधाम यात्रा उत्तराखण्ड की सामाजिक एवं सांस्कृतिक व्यवस्था की पहचान है। यात्रा को सहज, सुगम और व्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए विभागों सहित सभी हितधारकों का आपसी समन्वय जरूरी है। राज्यपाल ने कहा कि यह 09 से 05 की ड्यूटी नहीं है बल्कि इसमें प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी को पूरे समर्पण भाव से कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा में आने वाला प्रत्येक यात्री हमारा ब्रांड अम्बेसडर है, हमारा प्रयास रहे कि वह यहां से संतुष्ट होकर जाएं।
राज्यपाल ने कहा कि विगत वर्षों के अनुभवों से सीख लेते हुए हमें इस वर्ष सभी चुनौतियों से निबटने के लिए रोडमैप तैयार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हर विभाग को अपने फर्स्ट रिस्पांडर यानी यात्रियों तथा आमजन के संपर्क में सबसे पहले आने वाले कार्मिकों को चिन्हित कर उन्हें प्रशिक्षित करना चाहिए। इनकी सहायता से बुजुर्गों, पशुओं और अस्वस्थ यात्रियों को सुगम अनुभव देने में सहयोग मिलेगा। उन्होंने कहा कि यात्रा मार्गों में यात्रियों की मूलभूत सुविधाओं सहित उनकी सुरक्षा का भी ध्यान रखा जाए। चारधाम यात्रा में स्थानीय लोगों की भागीदारी व उनका सहयोग अवश्य लिया जाए।
उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान हमें अपनी सेवाओं में लगातार वैल्यू एडिशन करना होगा। इसके साथ-साथ नई तकनीकी जिनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन, मोबाइल एप आदि के माध्यम से यात्रियों को सुविधाएं दी जाएं। राज्यपाल ने निदेशक आईटीडीए को चारधाम यात्रा के सुचारू संचालन, फीडबैक एवं रिपोर्टिंग के लिए एक एकीकृत डैशबोर्ड बनाने के लिए कहा है। राज्यपाल ने कहा कि यात्रा संबंधी विभिन्न सूचनाओं को एक स्थान पर एकत्रित करने से सभी विभागों को समाधान एवं प्रबंधन करने में सहायता मिलेगी। राज्यपाल ने कहा कि यह हम सबका कर्तव्य है कि यात्रा के दौरान हम सभी यात्रियों को ऐसी सुविधा उपलब्ध कराएं जिससे दुनिया में उत्तराखण्ड के प्रति अच्छा संदेश जाए। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सहायता के लिए आवश्यक सूचनाओं का प्रचार-प्रसार का नेटवर्क मजबूत होना चाहिए।
इस दौरान राज्यपाल ने चारधाम यात्रा में विभिन्न विभागों के उच्चाधिकारियों जिनमें पर्यटन विभाग, लोक निर्माण, पुलिस, परिवहन, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, चिकित्सा, शहरी विकास, पेयजल, आपदा प्रबंधन, नागरिक उड्डयन, पशुपालन, सूचना एवं लोक संपर्क, सूचना प्रौद्योगिकी सहित अन्य विभागों की वर्तमान तक की तैयारियों के संबंध में जानकारी प्राप्त की। विभागीय अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि सभी तैयारियां यात्रा प्रारंभ होने से पूर्व सुनिश्चित कर ली जाएगी।
बैठक में सचिव पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन सचिन कुर्वे ने बताया कि इस वर्ष 15 अप्रैल से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिया गया है। अब तक चारधाम यात्रा के लिए 19.10 लाख से अधिक लोगों द्वारा पंजीकरण करवाया जा चुका है। जिसमें से मई माह हेतु ही लगभग 11.06 लाख श्रद्धालु पंजीकरण करवा चुके हैं। उन्होंने बताया कि गत वर्ष धामों में दर्शन के लिए कतार प्रबंधन हेतु स्लॉट/टोकन व्यवस्था शुरू की गई थी, जिससे दर्शन के दौरान अनावश्यक भीड़ लगने से बचने में लाभ मिला था, अतः इस वर्ष भी यह व्यवस्था सुचारू रहेगी। उन्होंने बताया कि चारधाम यात्रा के लिए 9 ऑपरेटर्स की हैली सेवाएं ली जा रही हैं जिनकी दरें निश्चित कर ली गई हैं। उन्होंने बताया कि आईआरसीटी के माध्यम से भी हैली सेवाओं की ऑनलाइन बुकिंग की जा रही है। हैली बुकिंग से संबंधित शिकायत निवारण प्रक्रिया के लिए नोडल अधिकारी की तैनाती की जा रही है।
सचिव परिवहन अरविन्द सिंह ह्यांकी ने बताया कि यात्रा मार्ग पर चलने वाले सभी वाहनों को फिटनेस ग्रीन कार्ड व ट्रिप कार्ड जारी किये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि यात्रा पर आये वाहनों की जांच के लिए जगह-जगह पर ऑटोमेटिक फिटनेस सिस्टम लगाए गए हैं, जिससे दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।
सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर.राजेश कुमार ने बताया कि यात्रा मार्गों में हेल्थ एटीएम स्थापित किये जा रहे हैं, स्थानीय स्तर पर लोगों को स्वास्थ्य मित्र का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है जो होटल आदि में ठहरने वाले यात्रियों को किसी प्रकार की इमरजेंसी होने पर सहायता करेंगे। उन्होंने बताया कि गत वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष चिकित्सकों की संख्या में बढ़ोत्तरी करते हुए कुल 184 चिकित्सक यात्रा मार्ग पर अपनी सेवाएं देंगे।
इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक अभिनव कुमार ने बताया कि यातायात एवं भीड़ प्रबंधन हेतु प्रदेश में 09 सुपर जोन, 37 जोन व 112 सैक्टर बनाए गए हैं। उन्होंने बताया कि यात्रा की निगरानी सीसीटीवी व ड्रोन के माध्यम से की जाएगी। उन्होंने बताया कि यात्रियों को ऑनलाइन धोखाधड़ी व गलत जानकारी प्राप्त करने से बचाने के लिए साइबर सेल और सोशल मीडिया सेल का निर्माण किया गया है।
इस अवसर पर वर्चुअल माध्यम से जुड़े गढ़वाल मंडल के जिलाधिकारियों ने अवगत कराया कि यात्रा मार्गों पर हाईटेक शौचालयों का विस्तार किया गया है, साथ ही मुख्य स्थानों पर सौंदर्यीकरण एवं हाईमास्ट लाइट व स्ट्रीट लाईटों का विस्तार किया गया है। बैठक में अपर निदेशक शहरी विकास ललित नारायण मिश्रा ने बताया कि प्रशासन द्वारा सिंगल यूज प्लास्टिक के निस्तारण के लिए क्यूआर कोड व्यवस्था लागू की गई है, जिसके माध्यम से कम से कम 80 प्रतिशत प्लास्टिक की बोतलें और अन्य कूड़े को निष्पादन के लिए एकत्रित करने का लक्ष्य रखा गया है।
बैठक में प्रमुख सचिव एल फैनाई, सचिव राज्यपाल रविनाथ रामन, सचिव रंजीत कुमार सिन्हा, सचिव आर मिनाक्षी सुन्दरम, सचिव दिलीप जावलकर, सचिव पंकज कुमार पाण्डेय, सचिव विनोद कुमार सुमन, आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय, एडीजी लॉ एंड ऑर्डर एपी अंशुमन, आईजी गढ़वाल के.एस.नागन्याल, अपर सचिव राज्यपाल स्वाति एस भदौरिया, अपर सचिव आशीष श्रीवास्तव सहित विभिन्न विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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मंत्री रेखा आर्या ने पति के खिलाफ दर्ज कराई FIR, जान से मारने का षडयंत्र रचने का लगाया आरोप

Uttarakhand Politics : उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने अपने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए कैंट थाने में शिकायत दर्ज कराई है। मंत्री की शिकायत के आधार पर पुलिस ने जालसाजी, जातिगत प्रताड़ना, मारपीट और जान से मारने की साजिश समेत अन्य आरोपों में प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
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मंत्री रेखा आर्या ने पति के खिलाफ दर्ज कराई FIR
रेखा आर्या ने आरोप लगाया है कि गिरधारी लाल साहू ने अपनी पहली शादी की जानकारी उनसे छिपाई थी। मंत्री के अनुसार, वर्ष 2004 में बरेली निवासी साहू से उनका विवाह हुआ था। बाद में उन्हें पता चला कि साहू पहले से विवाहित थे और उनकी पहली शादी से बच्चे भी हैं। उस समय तक उनके भी बच्चे हो चुके थे, इसलिए सामाजिक परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने इस मामले में चुप रहना उचित समझा।
जान से मारने का षडयंत्र रचने का लगाया आरोप
मंत्री ने अपनी शिकायत में कहा है कि पिछले कुछ समय से उनके पति के व्यवहार में बदलाव आने लगा था। उन्हें साहू के अन्य महिलाओं से संबंध होने की जानकारी मिली। इस पर आपत्ति जताने पर साहू ने कथित तौर पर मौखिक और लिखित रूप से माफी भी मांगी, लेकिन उनके व्यवहार में सुधार नहीं हुआ।
रेखा आर्या का आरोप है कि विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की गई, गाली-गलौज की गई और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि साहू कई बार उनके सरकारी आवास पर पहुंचे और वहां भी आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया। मंत्री अनुसूचित जाति से आती हैं, जबकि उनके पति दूसरी जाति से हैं।

कथित जालसाजी का मामला भी उठाया गया
शिकायत में दस्तावेजों में कथित जालसाजी का मामला भी उठाया गया है। मंत्री के अनुसार, उनके फर्जी हस्ताक्षर करके उन्हें एक कंपनी के निदेशक पद से हटा दिया गया, जबकि उन्होंने न तो कोई त्यागपत्र दिया था और न ही इस संबंध में कोई पत्र तैयार किया था।
मंत्री ने पुलिस को यह भी बताया कि उन्हें हाल ही में एक ऑडियो मिला है। उनका आरोप है कि इसमें गिरधारी लाल साहू एक महिला से बातचीत के दौरान उन्हें जान से मारने की साजिश रचते सुनाई दे रहे हैं। इस ऑडियो के आधार पर भी मामले की जांच की मांग की गई है।
पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी
एसपी सिटी शेखर चंद सुयाल के अनुसार, मंत्री की शिकायत पर जालसाजी, जातिगत प्रताड़ना, मारपीट, जान से मारने की साजिश और एससी-एसटी एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है। फिलहाल, शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
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अंकिता केस पर उत्तराखंड में बवाल, लोकभवन पहुंचे कांग्रेसी नेता, पुलिस ने हिरासत में लिया

Dehradun News : उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर सियासी घमासान एक बार फिर तेज हो गया है। मामले में कथित VIP की राज्यपाल पद पर नियुक्ति और दिल्ली के इंडिया गेट पर अंकिता के माता-पिता को हिरासत में लिए जाने के विरोध में कांग्रेस ने देहरादून में प्रदर्शन किया। पार्टी नेताओं ने लोकभवन पहुंचकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग उठाई। हंगामे के बीच पुलिस ने कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेज दिया।
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अंकिता केस पर प्रेस वार्ता के बाद लोकभवन पहुंची कांग्रेस
प्रदर्शन से पहले कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत और चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने संयुक्त प्रेस वार्ता की। इसके बाद पार्टी के नेता अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर लोकभवन पहुंचे और वहां प्रदर्शन शुरू कर दिया।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि वे लोकभवन में ज्ञापन सौंपने पहुंचे थे, लेकिन उनका ज्ञापन लेने के लिए कोई तैयार नहीं हुआ। इसके बाद प्रदर्शन तेज हो गया। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने नेताओं को हिरासत में ले लिया। इस दौरान हरक सिंह रावत ने आत्मदाह करने की धमकी भी दी।
कथित VIP की नियुक्ति पर सरकार को घेरा
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि अंकिता भंडारी मामले में कथित VIP को लेकर सवाल उठने के बावजूद संबंधित व्यक्ति को राज्यपाल नियुक्त किया गया है। उनका कहना है कि सरकार ने स्वयं इस प्रकरण में CBI जांच की संस्तुति की थी, ऐसे में नियुक्ति के फैसले पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि अब मातृशक्ति को एकजुट होकर न्याय की मांग उठानी चाहिए। उनके मुताबिक, अंकिता को न्याय नहीं मिलने के कारण पूरे देश की नजरें उत्तराखंड पर हैं और इस मामले से प्रदेश की छवि प्रभावित हो रही है।

हरीश रावत बोले- अस्मिता से जुड़ा है मामला
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अंकिता भंडारी प्रकरण को उत्तराखंड की अस्मिता से जुड़ा मामला बताया। उन्होंने कहा कि अंकिता ने अपने गौरव की रक्षा के लिए अपनी जान गंवाई और अब यह सभी की जिम्मेदारी है कि मामले को न्यायिक निष्कर्ष तक पहुंचाया जाए।
हरीश रावत ने कहा कि अंकिता के लिए न्याय की लड़ाई केवल उसके परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज का संघर्ष है। उन्होंने इंडिया गेट पर अंकिता के माता-पिता को हिरासत में लिए जाने की निंदा भी की।
हरक सिंह रावत ने गिरफ्तारी को बताया तानाशाही
कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत ने अंकिता के माता-पिता को दिल्ली में हिरासत में लिए जाने की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने इसे तानाशाही करार देते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला।
अंकिता भंडारी मामले में कथित VIP की नियुक्ति को लेकर कांग्रेस लगातार सवाल उठा रही है। पार्टी की मांग है कि नियुक्ति के फैसले पर पुनर्विचार किया जाए और अंकिता को न्याय दिलाने के लिए मामले में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए।
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27 अक्टूबर से गैरसैंण में जुटेगा उत्तराखंड विधानसभा का सदन, राज्यपाल ने दी सत्र को मंजूरी

Uttarakhand News : उत्तराखंड विधानसभा का आगामी सत्र 27 अक्टूबर से गैरसैंण स्थित भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में आयोजित होगा। राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद विधानसभा सचिवालय ने सत्र की तारीख और समय को लेकर आधिकारिक सूचना जारी कर दी है। तय कार्यक्रम के अनुसार, सदन की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे से शुरू होगी।
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27 अक्टूबर से गैरसैंण में विधानसभा का मानसून सत्र
विधानसभा सचिवालय के अनुसार, ये उत्तराखंड की पंचम विधानसभा का वर्ष 2026 का तीसरा सत्र होगा। सत्र की तिथि निर्धारित होने के साथ ही इसके आयोजन की तैयारियां तेज होने की उम्मीद है। फिलहाल सत्र कितने दिन चलेगा, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। इसके अलावा सदन में रखे जाने वाले विधेयकों और प्रस्तावित कार्यसूची का भी अभी खुलासा नहीं किया गया है।
विधानसभा अध्यक्ष ने तैयारियों पर क्या कहा?
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने सत्र की तैयारियों को लेकर कहा कि विधानसभा सचिवालय पूरी तरह तैयार है। उन्होंने बताया कि आवश्यक औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं, ताकि सत्र का संचालन सुचारु रूप से किया जा सके।

सत्र के दौरान विभिन्न मुद्दों पर सदन में होगी चर्चा
गैरसैंण की ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण में होने वाला यह सत्र राज्य की विधायी गतिविधियों के लिहाज से अहम है। सत्र के दौरान विभिन्न मुद्दों पर सदन में चर्चा होगी। हालांकि, सरकार और विपक्ष के बीच किन विषयों पर प्रमुखता से बहस होगी, यह विस्तृत कार्यसूची जारी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
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