Dehradun
राज्यपाल गुरमीत सिंह ने चारधाम यात्रा की तैयारियों के संबंध में शासन के उच्चाधिकारियों के साथ की बैठक।

देहरादून – राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने शुक्रवार को राजभवन में उत्तराखण्ड चारधाम यात्रा की तैयारियों के संबंध में शासन के उच्चाधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक में चारधाम यात्रा से जुड़े जिलों के जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, संबंधित अन्य अधिकारी भी वीडियो कांफ्रेंसिंग से मौजूद रहे।

राज्यपाल ने कहा कि चारधाम यात्रा उत्तराखण्ड की सामाजिक एवं सांस्कृतिक व्यवस्था की पहचान है। यात्रा को सहज, सुगम और व्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए विभागों सहित सभी हितधारकों का आपसी समन्वय जरूरी है। राज्यपाल ने कहा कि यह 09 से 05 की ड्यूटी नहीं है बल्कि इसमें प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी को पूरे समर्पण भाव से कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा में आने वाला प्रत्येक यात्री हमारा ब्रांड अम्बेसडर है, हमारा प्रयास रहे कि वह यहां से संतुष्ट होकर जाएं।
राज्यपाल ने कहा कि विगत वर्षों के अनुभवों से सीख लेते हुए हमें इस वर्ष सभी चुनौतियों से निबटने के लिए रोडमैप तैयार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हर विभाग को अपने फर्स्ट रिस्पांडर यानी यात्रियों तथा आमजन के संपर्क में सबसे पहले आने वाले कार्मिकों को चिन्हित कर उन्हें प्रशिक्षित करना चाहिए। इनकी सहायता से बुजुर्गों, पशुओं और अस्वस्थ यात्रियों को सुगम अनुभव देने में सहयोग मिलेगा। उन्होंने कहा कि यात्रा मार्गों में यात्रियों की मूलभूत सुविधाओं सहित उनकी सुरक्षा का भी ध्यान रखा जाए। चारधाम यात्रा में स्थानीय लोगों की भागीदारी व उनका सहयोग अवश्य लिया जाए।
उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान हमें अपनी सेवाओं में लगातार वैल्यू एडिशन करना होगा। इसके साथ-साथ नई तकनीकी जिनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन, मोबाइल एप आदि के माध्यम से यात्रियों को सुविधाएं दी जाएं। राज्यपाल ने निदेशक आईटीडीए को चारधाम यात्रा के सुचारू संचालन, फीडबैक एवं रिपोर्टिंग के लिए एक एकीकृत डैशबोर्ड बनाने के लिए कहा है। राज्यपाल ने कहा कि यात्रा संबंधी विभिन्न सूचनाओं को एक स्थान पर एकत्रित करने से सभी विभागों को समाधान एवं प्रबंधन करने में सहायता मिलेगी। राज्यपाल ने कहा कि यह हम सबका कर्तव्य है कि यात्रा के दौरान हम सभी यात्रियों को ऐसी सुविधा उपलब्ध कराएं जिससे दुनिया में उत्तराखण्ड के प्रति अच्छा संदेश जाए। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सहायता के लिए आवश्यक सूचनाओं का प्रचार-प्रसार का नेटवर्क मजबूत होना चाहिए।
इस दौरान राज्यपाल ने चारधाम यात्रा में विभिन्न विभागों के उच्चाधिकारियों जिनमें पर्यटन विभाग, लोक निर्माण, पुलिस, परिवहन, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, चिकित्सा, शहरी विकास, पेयजल, आपदा प्रबंधन, नागरिक उड्डयन, पशुपालन, सूचना एवं लोक संपर्क, सूचना प्रौद्योगिकी सहित अन्य विभागों की वर्तमान तक की तैयारियों के संबंध में जानकारी प्राप्त की। विभागीय अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि सभी तैयारियां यात्रा प्रारंभ होने से पूर्व सुनिश्चित कर ली जाएगी।
बैठक में सचिव पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन सचिन कुर्वे ने बताया कि इस वर्ष 15 अप्रैल से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिया गया है। अब तक चारधाम यात्रा के लिए 19.10 लाख से अधिक लोगों द्वारा पंजीकरण करवाया जा चुका है। जिसमें से मई माह हेतु ही लगभग 11.06 लाख श्रद्धालु पंजीकरण करवा चुके हैं। उन्होंने बताया कि गत वर्ष धामों में दर्शन के लिए कतार प्रबंधन हेतु स्लॉट/टोकन व्यवस्था शुरू की गई थी, जिससे दर्शन के दौरान अनावश्यक भीड़ लगने से बचने में लाभ मिला था, अतः इस वर्ष भी यह व्यवस्था सुचारू रहेगी। उन्होंने बताया कि चारधाम यात्रा के लिए 9 ऑपरेटर्स की हैली सेवाएं ली जा रही हैं जिनकी दरें निश्चित कर ली गई हैं। उन्होंने बताया कि आईआरसीटी के माध्यम से भी हैली सेवाओं की ऑनलाइन बुकिंग की जा रही है। हैली बुकिंग से संबंधित शिकायत निवारण प्रक्रिया के लिए नोडल अधिकारी की तैनाती की जा रही है।
सचिव परिवहन अरविन्द सिंह ह्यांकी ने बताया कि यात्रा मार्ग पर चलने वाले सभी वाहनों को फिटनेस ग्रीन कार्ड व ट्रिप कार्ड जारी किये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि यात्रा पर आये वाहनों की जांच के लिए जगह-जगह पर ऑटोमेटिक फिटनेस सिस्टम लगाए गए हैं, जिससे दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।
सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर.राजेश कुमार ने बताया कि यात्रा मार्गों में हेल्थ एटीएम स्थापित किये जा रहे हैं, स्थानीय स्तर पर लोगों को स्वास्थ्य मित्र का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है जो होटल आदि में ठहरने वाले यात्रियों को किसी प्रकार की इमरजेंसी होने पर सहायता करेंगे। उन्होंने बताया कि गत वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष चिकित्सकों की संख्या में बढ़ोत्तरी करते हुए कुल 184 चिकित्सक यात्रा मार्ग पर अपनी सेवाएं देंगे।
इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक अभिनव कुमार ने बताया कि यातायात एवं भीड़ प्रबंधन हेतु प्रदेश में 09 सुपर जोन, 37 जोन व 112 सैक्टर बनाए गए हैं। उन्होंने बताया कि यात्रा की निगरानी सीसीटीवी व ड्रोन के माध्यम से की जाएगी। उन्होंने बताया कि यात्रियों को ऑनलाइन धोखाधड़ी व गलत जानकारी प्राप्त करने से बचाने के लिए साइबर सेल और सोशल मीडिया सेल का निर्माण किया गया है।
इस अवसर पर वर्चुअल माध्यम से जुड़े गढ़वाल मंडल के जिलाधिकारियों ने अवगत कराया कि यात्रा मार्गों पर हाईटेक शौचालयों का विस्तार किया गया है, साथ ही मुख्य स्थानों पर सौंदर्यीकरण एवं हाईमास्ट लाइट व स्ट्रीट लाईटों का विस्तार किया गया है। बैठक में अपर निदेशक शहरी विकास ललित नारायण मिश्रा ने बताया कि प्रशासन द्वारा सिंगल यूज प्लास्टिक के निस्तारण के लिए क्यूआर कोड व्यवस्था लागू की गई है, जिसके माध्यम से कम से कम 80 प्रतिशत प्लास्टिक की बोतलें और अन्य कूड़े को निष्पादन के लिए एकत्रित करने का लक्ष्य रखा गया है।
बैठक में प्रमुख सचिव एल फैनाई, सचिव राज्यपाल रविनाथ रामन, सचिव रंजीत कुमार सिन्हा, सचिव आर मिनाक्षी सुन्दरम, सचिव दिलीप जावलकर, सचिव पंकज कुमार पाण्डेय, सचिव विनोद कुमार सुमन, आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय, एडीजी लॉ एंड ऑर्डर एपी अंशुमन, आईजी गढ़वाल के.एस.नागन्याल, अपर सचिव राज्यपाल स्वाति एस भदौरिया, अपर सचिव आशीष श्रीवास्तव सहित विभिन्न विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
Uttarakhand
CM Helpline 1905: शिकायतों के निस्तारण में ढिलाई पर सख्त हुए सीएम धामी, दिए ये बड़े निर्देश

CM Helpline 1905 : उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1905 (CM Helpline-1905) की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि जन शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन-1905 प्रदेशवासियों की समस्याओं के त्वरित एवं पारदर्शी समाधान का एक प्रभावी माध्यम है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि हेल्पलाइन पर प्राप्त प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित किया जाए।
Table of Contents
पेयजल एवं जल जीवन मिशन की शिकायतों पर जताई कड़ी नाराजगी
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पेयजल विभाग और जल जीवन मिशन से जुड़ी शिकायतों की बढ़ती संख्या पर गहरी नाराजगी व्यक्त की।
उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर पेयजल से जुड़ी सभी लंबित शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के कड़े निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि समय पर जन शिकायतों का निस्तारण न होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शून्य प्रतिशत कार्यवाही वाले अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस
प्रशासनिक जवाबदेही तय करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में जिन अधिकारियों की कार्रवाई ‘शून्य प्रतिशत’ पाई गई है, उन्हें संबंधित विभागाध्यक्ष तत्काल कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) जारी करें।
यदि अधिकारी द्वारा दिया गया स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया जाता है, तो उनके विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाए।
प्रत्येक सोमवार को आयोजित होगा ‘समाधान दिवस’
जनसमस्याओं के स्थानीय स्तर पर समाधान के लिए मुख्यमंत्री ने ‘समाधान दिवस’ की व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए:
- जनपद स्तर पर: जिलाधिकारी (DM) समस्याओं की नियमित सुनवाई करेंगे।
- मंडल स्तर पर: दोनों मंडलायुक्त जन शिकायतों का समाधान करेंगे।
- शासन स्तर पर: सभी विभागीय सचिव नियमित रूप से जनता से जुड़ेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्पेशल क्लोज, डिमांड, सजेशन तथा अन्य श्रेणियों में परिवर्तित की गई शिकायतों का भी गंभीरता से परीक्षण किया जाए, ताकि किसी भी वास्तविक शिकायत का निस्तारण प्रभावित न हो।
आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारियों के नवाचारों की मांगी सूची
मुख्यमंत्री ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय पुलिस सेवा (IPS) और भारतीय वन सेवा (IFS) के अधिकारियों को पूर्व में दिए गए निर्देशों का स्मरण कराया।
उन्होंने निर्देश दिए कि अधिकारी अपने सेवाकाल की शुरुआत वाले क्षेत्रों में जनसुविधाओं के दृष्टिगत किए गए नवाचारों (Innovations) की विस्तृत रिपोर्ट अगले 50 दिनों के भीतर उपलब्ध कराएं।
सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पहले महीने से मिले पेंशन
कर्मचारी हित में फैसला लेते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि यह सुनिश्चित करना विभागाध्यक्षों की जिम्मेदारी होगी कि राज्य कर्मियों को सेवानिवृत्ति के बाद पहले माह से ही पेंशन मिलना शुरू हो जाए। इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।
चारधाम यात्रा मार्गों के स्थलीय निरीक्षण के आदेश
श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए मुख्यमंत्री ने सचिव आपदा प्रबंधन, लोक निर्माण विभाग (PWD), पर्यटन, स्वास्थ्य और पुलिस विभाग के अधिकारियों को चारधाम यात्रा मार्गों का स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए, ताकि यात्रा व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं सुचारु बनाया जा सके।
भूमि विवादों का प्राथमिकता पर समाधान
मुख्यमंत्री ने पुलिस और राजस्व विभाग को निर्देश दिए कि भूमि संबंधी विवादों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। ऐसे मामलों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और अकारण लंबित पड़े प्रकरणों का शीघ्र समाधान किया जाए।
CM Helpline 1905 की प्रगति और आंकड़े
समीक्षा बैठक के दौरान सचिव डॉ. पंकज पांडेय ने आंकड़े प्रस्तुत करते हुए बताया:
- कुल प्राप्त शिकायतें (18 अप्रैल से 28 जुलाई 2026): 67,843
- पूर्ण निस्तारित शिकायतें: 20,461
- आंशिक निस्तारित शिकायतें: 31,363
- प्रक्रियाधीन शिकायतें: 7,404
- लंबित शिकायतें: 4,061
- स्पेशल क्लोज दर: घटकर 5.5 प्रतिशत रह गई है, जो व्यवस्था में आए सुधार को दर्शाती है।
सीएम धामी ने सीधे फोन मिलाकर फरियादियों से लिया फीडबैक
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वयं विभिन्न जिलों के शिकायतकर्ताओं को फोन मिलाकर शिकायतों के समाधान का फीडबैक लिया:
- अल्मोड़ा के मोहम्मद सलमान: कूड़ा निस्तारण की समस्या का समाधान हुआ। नाली निर्माण की नई समस्या बताने पर सीएम ने अल्मोड़ा डीएम को 24 घंटे के भीतर कार्रवाई के निर्देश दिए।
- टिहरी (चम्बा) के आकाश रमोला: सुमन कॉलोनी में पेयजल आपूर्ति की समस्या का समाधान होने की पुष्टि की।
- हरिद्वार के जुल्फिकार खान: राजस्व विभाग की समस्या पर तुरंत समाधान के निर्देश दिए गए।
- उधम सिंह नगर के नजम खान एवं अल्मोड़ा के नंदन सिंह: दोनों ने शिकायत के संतोषजनक समाधान पर मुख्यमंत्री का आभार जताया।
बैठक में शामिल वरिष्ठ अधिकारी
समीक्षा बैठक में राज्य आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय कुमार रुहेला, प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, एल. फैनई, डॉ. आर. मीनाक्षी सुन्दरम, विभिन्न विभागों के सचिव, विभागाध्यक्ष और वर्चुअल माध्यम से सभी जिलों के जिलाधिकारी (DM) उपस्थित रहे।
Uttarakhand
आपदा में फिर ‘फर्स्ट रिस्पॉन्डर’ बने सीएम पुष्कर सिंह धामी: त्वरित निर्णय और ऑन-ग्राउंड लीडरशिप से बनाई अलग पहचान..

आपदा में फिर ‘फर्स्ट रिस्पॉन्डर’ बने सीएम पुष्कर सिंह धामी
उत्तराखंड जैसे प्राकृतिक आपदा के प्रति संवेदनशील राज्य में संकट के क्षणों में त्वरित फैसले और मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभालना किसी भी नेतृत्व की सबसे बड़ी परीक्षा होती है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बीते कुछ वर्षों में प्राकृतिक आपदाओं और आपात परिस्थितियों के दौरान खुद ‘फर्स्ट रिस्पॉन्डर’ की भूमिका निभाकर अपनी एक अलग पहचान कायम की है।
हाल ही में देहरादून में भारी बारिश के बाद नंदा की चौकी पुल की एप्रोच रोड को महज 12 घंटे के भीतर ठीक कराकर यातायात बहाल करना उनकी इसी तत्परता का ताजा उदाहरण है।
Table of Contents
🛠️ नंदा की चौकी पुल: 12 घंटे में युद्धस्तर पर बहाल हुआ यातायात
देहरादून-अंबाला हाईवे पर स्थित नंदा की चौकी पुल की एप्रोच रोड भारी बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हो गई थी। जैसे ही इसकी जानकारी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को मिली, उन्होंने तुरंत लोक निर्माण विभाग (PWD) के वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर भेजा और बारिश के बीच ही मरम्मत शुरू करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री की सख्त हिदायत के बाद लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग, जिला प्रशासन और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने युद्धस्तर पर काम किया। इसका नतीजा यह रहा कि मात्र 12 घंटे के भीतर एप्रोच रोड को पूरी तरह ठीक कर यातायात बहाल कर दिया गया।
🏗️ उत्तरकाशी सिल्क्यारा सुरंग हादसा: 17 दिनों का ऐतिहासिक रेस्क्यू ऑपरेशन
यह पहला मौका नहीं है जब मुख्यमंत्री धामी ने आपदा में आगे बढ़कर नेतृत्व किया हो। नवंबर 2023 में उत्तरकाशी की सिल्क्यारा सुरंग दुर्घटना राज्य सरकार के लिए सबसे बड़ी परीक्षा थी, जब 41 श्रमिक सुरंग के भीतर फंस गए थे।
- ग्राउंड ज़ीरो से निगरानी: सीएम धामी ने किसी एसी कमरे में बैठने के बजाय मौके पर ही डेरा डाल दिया और राहत-बचाव अभियान की कमान खुद संभाली।
- राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों में समन्वय: उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), केंद्रीय मंत्रालयों, भारतीय सेना, NDRF, SDRF, BRO और देश-विदेश के टनल विशेषज्ञों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखा।
- ग्लोबल सराहना और बॉलीवुड फिल्म: 17 दिनों तक चले इस कठिन रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सभी 41 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस सफल अभियान को ब्रिक्स (BRICS) देशों के आपदा प्रबंधन समूह ने ‘बेस्ट प्रैक्टिस’ के रूप में सराहा। वहीं, मशहूर अभिनेता आमिर खान और निर्देशक कबीर खान ने इस ऐतिहासिक रेस्क्यू पर फिल्म बनाने का भी ऐलान किया है।
🚁 धराली-हर्षिल बाढ़ और जोशीमठ भू-धंसाव संकट में त्वरित राहत
वर्ष 2025 में उत्तरकाशी के धराली-हर्षिल क्षेत्र में बादल फटने और अचानक आई बाढ़ के दौरान भी मुख्यमंत्री ने राज्य आपदा परिचालन केंद्र से चौबीसों घंटे निगरानी की। खराब मौसम के बावजूद उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया और सेना, वायुसेना, ITBP, NDRF व SDRF के संयुक्त अभियान के जरिए प्रभावितों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया।
इसके अतिरिक्त, जोशीमठ भू-धंसाव संकट के समय भी सीएम धामी ने खुद बार-बार प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया, राहत शिविरों का जायजा लिया और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास व मुआवजा वितरण की पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित की।
🏔️ चारधाम यात्रा और मानसून के दौरान ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ अप्रोच
चारधाम यात्रा (केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री) के दौरान भारी बारिश, भूस्खलन और मार्ग अवरुद्ध होने की स्थितियों में मुख्यमंत्री लगातार कंट्रोल रूम से जुड़े रहते हैं।
मार्ग बंद होने की स्थिति में यात्रियों के रहने, भोजन, चिकित्सा सुविधा और वैकल्पिक मार्गों के निर्माण के लिए वे संबंधित विभागों को टाइम-बाउंड (समयबद्ध) निर्देश जारी करते हैं।
💬 “नागरिकों की सुरक्षा ही हमारा संकल्प” — सीएम धामी
आपदा प्रबंधन पर अपनी सोच और प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा:
“हमारे लिए आपदा प्रबंधन केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी भर नहीं, बल्कि यह प्रदेश के प्रत्येक नागरिक के जीवन की सुरक्षा का संकल्प है। हमारी पहली प्राथमिकता यही है कि किसी भी संकट की स्थिति में सरकार और प्रशासन सबसे पहले प्रभावित लोगों तक पहुंचे, राहत कार्यों में कोई ढिलाई न हो और सभी एजेंसियों के समन्वय से जन-धन की हानि को न्यूनतम किया जा सके।”
Dehradun
Dehradun Accident : चकराता में दर्दनाक सड़क हादसा, खाई में गिरी कार, हादसे में युवक की मौत

Dehradun Accident : देहरादून के चकराता क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। चकराता में एक कार अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी। इस हादसे में एख युवक की मौत हो गई।
Table of Contents
चकराता में अ नियंत्रित होकर खाई में गिरी कार
देहरादून के चकराता क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे में 25 वर्षीय युवक की जान चली गई। हादसा दुनुवा-मलेथा मोटर मार्ग पर दुनुवा गांव से कुछ दूरी पर हुआ, जहां एक कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी।
हादसे में एक युवक की मौत
हादसे में दुनुवा गांव निवासी जगमोहन (25) गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से उन्हें तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, साहिया पहुंचाया गया। हालांकि, चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। थाना प्रभारी चकराता बीएल भारती ने बताया कि दुर्घटना के समय कार में केवल चालक ही सवार था। हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है।
युवक की असमय मौत से पूरे गांव में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में मातम पसरा हुआ है।
Cricket14 hours agoSOB vs BPH Dream11 Team Match 13 Prediction, Pitch Report & Playing 11 | The Hundred 2026
Uttarakhand9 hours agoCM Helpline 1905: शिकायतों के निस्तारण में ढिलाई पर सख्त हुए सीएम धामी, दिए ये बड़े निर्देश
Cricket13 hours agoAjinkya Rahane Retirement: अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को कहा अलविदा, जानिए उनके यादगार करियर और रिकॉर्ड्स
Uttarakhand10 hours agoआपदा में फिर ‘फर्स्ट रिस्पॉन्डर’ बने सीएम पुष्कर सिंह धामी: त्वरित निर्णय और ऑन-ग्राउंड लीडरशिप से बनाई अलग पहचान..
Cricket5 hours agoSL-W vs PAK-W Dream11 Team 1st T20I 2026: Pitch Report, Playing 11 & Fantasy Tips
Cricket4 hours agoMSG-W vs TRT-W Dream11 Team Match 14: Pitch Report, Playing 11, Fantasy Cricket Tips & Winning Prediction





































