Haridwar
हरिद्वार के लालढांग में गुलदार के आतंक का अंत, वन विभाग ने किया सफल रेस्क्यू…..

हरिद्वार : पिछले कई दिनों से हरिद्वार के लालढांग क्षेत्र में आतंक का पर्याय बने गुलदार को आखिरकार वन विभाग की टीम ने काबू कर लिया। हरिद्वार वन प्रभाग की टीम ने चमरिया गांव के पास से इस गुलदार का सफल रेस्क्यू किया। रेस्क्यू के बाद इसे चिड़ियापुर रेस्क्यू सेंटर भेजा गया है।
गुलदार का आतंक खासतौर पर आबादी वाले क्षेत्रों में बढ़ गया था, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल था। ग्रामीणों को डर था कि कहीं यह गुलदार किसी इंसान को हमला न कर दे।

वन विभाग की टीम ने किया ट्रेंकुलाइज
वन विभाग की टीम ने गुलदार को ट्रेंकुलाइज किया और फिर गन्ने के खेतों में जाल डालकर उसे काबू किया। बाद में इसे चिड़ियापुर रेस्क्यू सेंटर भेजा गया, जहां इसकी जांच की जाएगी। कुछ दिनों बाद इसे फिर से जंगल में छोड़ा जाएगा।
गुलदार की उम्र और ऑपरेशन की जानकारी
हरीश गैरोला, चिड़ियापुर रेंज के वन क्षेत्राधिकारी के अनुसार, यह गुलदार 8 साल का नर था और पिछले कई दिनों से इलाके में आतंक मचाए हुए था। तीन दिन पहले रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान एक वन कर्मी भी घायल हो गया था। लेकिन आज कड़ी मेहनत के बाद गुलदार को काबू कर लिया गया।
ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
गुलदार के पकड़े जाने के बाद, अब क्षेत्र के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है और वन विभाग का धन्यवाद किया है। ग्रामीणों का कहना है कि गुलदार की मौजूदगी से वे भयभीत थे, लेकिन अब वे सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
#Haridwar #Laldhang #Leopard #ForestDepartment #Rescue #LeopardRescue #Chidiapur #VillagersRelief #WildlifeRescue #TigerRescue #ForestTeam #HaridwarNews #TrendingNews #WildlifeConservation #LeopardCaptured
Haridwar
भारी बारिश के कारण मध्य हरिद्वार जलमग्न, कांवड़ यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें

Haridwar News : उत्तराखंड में देर रात से भारी बारिश का सिलसिला जारी है। पहाड़ से लेकर मैदान तक बारिश हो रही है। पहाड़ों पर हो रही बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं। लगातार हो रही बारिश के कारण हरिद्वार में जलभराव देखने को मिल रहा है।
Table of Contents
भारी बारिश के कारण मध्य हरिद्वार जलमग्न
धर्मनगरी हरिद्वार में कांवड़ यात्रा अपने चरम पर है। डाक कांवड़ का दौर जारी है और हजारों शिवभक्त पवित्र गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य की ओर तेजी से रवाना हो रहे हैं। लेकिन इसी बीच मौसम ने कांवड़ यात्रियों और स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
हरिद्वार के कई इलाके हुए जलमग्न
मौसम विभाग की चेतावनी के बाद सुबह से हो रही मूसलाधार बारिश ने मध्य हरिद्वार के कई इलाकों को जलमग्न कर दिया है। सड़कों पर जगह-जगह पानी भरने से कांवड़ यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं स्थानीय लोगों के लिए भी आवाजाही मुश्किल हो गई है।

जल निकासी के लिए लगाए गए पंपिंग सेट भी बेअसर
हरिद्वार में हालात ये हैं कि नगर निगम की ओर से जल निकासी के लिए लगाए गए पंपिंग सेट भी लगातार हो रही बारिश के सामने बेअसर नजर आ रहे हैं।जलभराव के इन हालातों ने हरिद्वार के ड्रेनेज सिस्टम की व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
कांवड़ यात्रा के दौरान प्रशासन की ओर से की गई तैयारियों के बावजूद भारी बारिश ने व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। अब सबसे बड़ी चुनौती जलभराव से राहत दिलाने और कांवड़ यात्रियों की सुरक्षित निकासी सुनिश्चित करने की है।
Uttarakhand
2036 ओलंपिक के लिए मंत्री रेखा आर्या की कांवड़ यात्रा, भोलेनाथ से मांगा आशीर्वाद

Haridwar News : 2036 में ओलंपिक खेलों की मेजबानी भारत को मिले इसी कामना के साथ खेल मंत्री रेखा आर्या ने कांवड़ उठाई है। इसी के साथ उन्होंने आज ‘ओलंपिक 2036 संकल्प कांवड़ यात्रा’ की शुरुआत की।
Table of Contents
2036 ओलंपिक के लिए मंत्री रेखा आर्या की कांवड़ यात्रा
भारत 2036 में ओलंपिक खेलों की मेजबानी करे, इस ऐतिहासिक संकल्प और मनोकामना के साथ उत्तराखंड की खेल एवं युवा कल्याण मंत्री रेखा आर्या ने ‘ओलंपिक 2036 संकल्प कांवड़ यात्रा’ की शुरुआत की है। यात्रा का शुभारंभ आज सुबह 7:00 बजे हरिद्वार स्थित विश्व प्रसिद्ध ‘हर की पैड़ी’ से हुआ।
ओलंपिक के सफल आयोजन का संकल्प लेते हुए उठाया गंगाजल
हर की पैड़ी पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने विधिवत पूजा-अर्चना के बाद देश में ओलंपिक खेलों के सफल आयोजन का संकल्प लेते हुए गंगाजल उठाया। हरिद्वार से शुरू हुई ये कांवड़ यात्रा अपने मार्ग पर आगे बढ़ते हुए रायवाला पहुंच चुकी है।

‘भारत माता की जय’ के उद्घोष से पूरा मार्ग गुंजायमान
यात्रा में खेल मंत्री के साथ सैकड़ों की संख्या में महिला खिलाड़ी, एथलीट और स्थानीय नागरिक उत्साहपूर्वक शामिल हो रहे हैं। यात्रा के दौरान ‘हर-हर महादेव’ और ‘भारत माता की जय’ के उद्घोष से पूरा मार्ग गुंजायमान हो रहा है।
आज शाम ऋषिकेश के प्रसिद्ध वीरभद्र मंदिर में होगा समापन
बता दें कि मार्ग में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं और खेल प्रेमियों द्वारा यात्रा का भव्य स्वागत किया जा रहा है। इस संकल्प कांवड़ यात्रा का समापन आज शाम ऋषिकेश के प्रसिद्ध वीरभद्र मंदिर में होगा। जहां खेल मंत्री रेखा आर्या भगवान शिव का पवित्र गंगाजल से जलाभिषेक कर भारत की ओलंपिक मेजबानी की सफलता की कामना करेंगी।
Haridwar
हरिद्वार में गंगा स्नान के दौरान हादसा, तेज बहाव में बहा कांवड़िया, तलाश जारी

Haridwar News : हरिद्वार में चल रहे कांवड़ मेले के बीच गंगा स्नान के दौरान हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार को हरकी पैड़ी के नजदीक धनुष पुल के नीचे एक कांवड़िया गंगा के तेज बहाव की चपेट में आकर लापता हो गया।
Table of Contents
हरिद्वार में गंगा स्नान के दौरान तेज बहाव में बहा कांवड़िया
हरिद्वार में गंगा स्नान के दौरान तेज बहाव में कांवड़िया बह गया। मिली जानकारी के मुताबिक कांवड़िया सुरक्षा के लिए लगाई गई रेलिंग के बाहर जाकर गंगा में स्नान कर रहा था। इसी दौरान उसने गहरे पानी में छलांग लगा दी। पानी का बहाव तेज होने के कारण वो खुद को संभाल नहीं सका और देखते ही देखते गंगा की धारा के साथ बह गया। आसपास मौजूद लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन कुछ ही पलों में वो नजरों से ओझल हो गया।
जल पुलिस ने शुरू किया सर्च ऑपरेशन
कांवड़िए के गंगा में बहने की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक टीम हरकत में आ गई। जल पुलिस के जवानों ने नाव और उपलब्ध अन्य संसाधनों के जरिए गंगा में तलाशी अभियान शुरू किया। टीम नदी के आसपास के संभावित स्थानों पर भी कांवड़िए की तलाश कर रही है।
हादसे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
इस घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि घटनास्थल के पास मौजूद एक शिवभक्त गंगा स्नान के दौरान वीडियो बना रहा था। इसी दौरान उसके कैमरे में कांवड़िए के गंगा में छलांग लगाने और तेज बहाव में बहने का घटनाक्रम रिकॉर्ड हो गया। वीडियो सामने आने के बाद एक बार फिर गंगा घाटों पर सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
प्रतिबंधित स्थानों पर स्नान से लगातार हो रहे हादसे
कांवड़ मेले को देखते हुए हरकी पैड़ी और आसपास के घाटों पर प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। श्रद्धालुओं और कांवड़ियों से लगातार अपील की जा रही है कि वे निर्धारित और सुरक्षित घाटों पर ही स्नान करें। इसके साथ ही तेज बहाव वाले क्षेत्रों और प्रतिबंधित स्थानों पर जाने से बचने के निर्देश भी दिए जा रहे हैं।
इसके बावजूद कई श्रद्धालु सुरक्षा के लिए लगाई गई रेलिंग को पार कर नदी के ऐसे हिस्सों में पहुंच जाते हैं, जहां पानी की गहराई और बहाव का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है। ऐसे स्थानों पर जरा सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।
Breakingnews23 hours agoदेहरादून में दर्दनाक सड़क हादसा, बीटेक की छात्रा की दर्दनाक मौत
big news22 hours agoउत्तराखंड में भूकंप से डोली धरती, टिहरी और उत्तरकाशी में महसूस किए गए भूकंप के झटके
uttarakhand weather22 hours agoउत्तराखंड में बारिश का कहर जारी, आज कई जिलों में अलर्ट, जानें अपने जिले का हाल
Cricket14 hours agoMO-W vs SUL-W Dream11 Prediction Match 30: Pitch Report, Playing 11 & Fantasy Tips
धर्म-कर्म18 hours agoसूर्यग्रहण पर आसमान में दिखेगा अनोखा नजारा, छह ग्रह एक साथ एक कतार में आएंगे नजर
Breakingnews16 hours agoविधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस को लगा बड़ा झटका, दिनेश कुंजवाल ने छोड़ा हाथ का साथ
Uttarakhand20 hours ago2036 ओलंपिक के लिए मंत्री रेखा आर्या की कांवड़ यात्रा, भोलेनाथ से मांगा आशीर्वाद
Chamoli18 hours agoहेमकुंड साहिब के कपाट बंद होने की तिथि की हुई घोषणा, 10 अक्टूबर को किए जाएंंगे बंद








































