Dehradun
बिना पंजीकरण चारधाम यात्रा पर आने वाले तीर्थ यात्रियों को लौटाया जाएगा वापस, मुख्यसचिव राधा रतूड़ी ने सभी राज्यों को एडवाइजरी की जारी

देहरादन – बिना पंजीकरण चारधाम यात्रा पर आने वाले तीर्थ यात्रियों को लौटाया जाएगा। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने इस संबंध में सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को एडवाइजरी जारी की है। चारधाम यात्रा के लिए उमड़ी भारी भीड़ की वजह से सरकार को व्यवस्थाएं बनाने में मुश्किलें हो रही हैं। अब तक चारधाम यात्रा के लिए पंजीकरण का आंकड़ा 31 लाख पार हो चुका है।

चारों धाम में भारी भीड़ को देखते हुए सरकार ने पंजीकरण का सख्ती से अनुपालन शुरू कर दिया है। इस कड़ी में बुधवार को मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को एडवाइजरी भेजी। इसमें उन्होंने स्पष्ट किया है कि अगर किसी भी राज्य के तीर्थ यात्री बिना पंजीकरण आते हैं तो उन्हें चेकिंग के बाद रोक दिया जाएगा। ऐसे तीर्थ यात्रियों को लौटा दिया जाएगा।
उन्होंने ये भी अनुरोध किया है कि जो भी चारधाम यात्रा पर आना चाहते हैं, वह पंजीकरण में जो तिथि मिली है, उसी पर आएं। इससे चारधाम यात्रा प्रबंधन में राज्य सरकार को आसानी होगी। उन्होंने सभी टूर ऑपरेटरों व ट्रैवल एजेंटों को भी यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि वह यात्रा शुरू करने से पहले पंजीकरण जांच लें। ताकि उन्हें बाद में परेशानी न हो। उन्होंने राज्यों से अनुरोध किया है कि वे सभी तीर्थ यात्रियों को इसके प्रति जागरूक करें।
चारधाम यात्रा के लिए अब तक 31 लाख 18 हजार 926 पंजीकरण हो चुके हैं। केदारनाथ के लिए 10 लाख 37 हजार 700, बदरीनाथ के लिए नौ लाख 55 हजार 858, गंगोत्री के लिए पांच लाख 54 हजार 656 और यमुनोत्री के लिए चार लाख 86 हजार 285 पंजीकरण हुए हैं। वहीं, हेमकुंड साहिब की यात्रा के लिए अब तक 84 हजार 427 पंजीकरण हो चुके हैं।
Dehradun
उत्तराखंड शिक्षा विभाग का नया कारनामा, प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक की इंटर कॉलेज में कर दी तैनाती

Pithoragarh News : पिथौरागढ़ जिले के राजकीय इंटर कॉलेज बांसबगड़ में शिक्षकों की कमी के चलते शिक्षा विभाग ने एक प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक को अस्थायी तौर पर तैनात किया है। स्कूल में गणित विषय के एलटी शिक्षक का पद खाली होने के कारण ये वैकल्पिक व्यवस्था की गई है।
Table of Contents
उत्तराखंड शिक्षा विभाग का नया कारनामा
मुख्य शिक्षा अधिकारी तरुण पंत के अनुसार, हाल में विद्यालय से चार शिक्षकों का स्थानांतरण हुआ है। इसके बाद विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसे देखते हुए राजकीय प्राथमिक विद्यालय रुमीडोला, मुनस्यारी में तैनात सहायक अध्यापक कमलेश जोशी को जीआईसी बांसबगड़ में शिक्षण कार्य के लिए भेजा गया है।
प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक की इंटर कॉलेज में कर दी तैनाती
शिक्षा विभाग में हाल ही में 1500 से ज्यादा शिक्षकों के तबादले किए गए हैं। इनमें कुछ मामलों को लेकर विभागीय प्रक्रिया पर सवाल भी उठ रहे हैं। जीआईसी बांसबगड़ में एक साथ चार शिक्षकों के स्थानांतरण के बाद विद्यालय में शिक्षकों की कमी को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और विद्यालय प्रबंधन समिति में नाराजगी है।

विद्यालय प्रबंधन समिति ने जल्द पर्याप्त शिक्षकों की तैनाती नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। समिति का कहना है कि शिक्षकों की कमी का सीधा असर छात्रों की पढ़ाई पर पड़ सकता है।
दो साल पूरे होने से पहले शिक्षिका का तबादला, आदेश रद्द
इसी बीच पिथौरागढ़ में तबादले से जुड़ा एक और मामला सामने आया है। जीआईसी चहज में सहायक अध्यापिका हेमलता खाती का अनुरोध के आधार पर राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गंगोलीहाट तबादला किया गया था।
तबादला आदेश किया गया निरस्त
अपर निदेशक कुमाऊं मंडल गजेंद्र सिंह सौन की ओर से जारी आदेश में बताया गया कि शिक्षिका ने एलटी सहायक अध्यापक के पद पर अभी दो वर्ष की सेवा पूरी नहीं की थी और उनका परिवीक्षाकाल भी पूरा नहीं हुआ था। इन परिस्थितियों को देखते हुए उनका तबादला आदेश निरस्त कर दिया गया है।
Dehradun
CM धामी ने 26 मदरसों को बांटे प्रमाण-पत्र, कहा – सिर्फ किताबी ज्ञान नहीं, रोजगारपरक शिक्षा जरूरी

Dehradun News : देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के 26 अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों यानी मदरसों को मान्यता प्रमाण-पत्र प्रदान किए। यह कार्यक्रम आईआरडीटी सभागार में उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की ओर से आयोजित किया गया। कार्यक्रम की थीम थी—“नई पहचान, नया सम्मान: आधुनिक शिक्षा से उज्ज्वल भविष्य।”
Table of Contents
CM धामी ने 26 मदरसों को बांटे प्रमाण-पत्र
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि 26 संस्थानों को मान्यता मिलना अल्पसंख्यक शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में राज्य सरकार लगातार नए प्रयास कर रही है और आने वाले समय में भी शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नवाचार जारी रहेंगे।
आधुनिक शिक्षा से जोड़ना समय की जरूरत
सीएम धामी ने कहा कि अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का मुख्य उद्देश्य बच्चों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि परंपराओं का अपना महत्व है, लेकिन आज का दौर विज्ञान, तकनीक, इनोवेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का है।
उन्होंने कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है और बच्चों को भी बदलती परिस्थितियों के अनुसार तैयार करना जरूरी है। आधुनिक शिक्षा के माध्यम से बच्चे अपने व्यक्तित्व का विकास कर सकते हैं और भविष्य में विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर अवसर हासिल कर सकते हैं।
सिर्फ किताबी ज्ञान नहीं, रोजगारपरक शिक्षा भी जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों को ऐसी शिक्षा दी जानी चाहिए, जिससे उनकी प्रतिभा निखर सके और वे अपने करियर के लिए बेहतर विकल्प चुन सकें। शिक्षा के माध्यम से युवा डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक, लेखक और प्रशासनिक अधिकारी जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ सकते हैं।
उन्होंने कहा कि आज केवल किताबों तक सीमित ज्ञान पर्याप्त नहीं है। बच्चों को व्यावहारिक, आधुनिक और रोजगारपरक शिक्षा से जोड़ना भी जरूरी है। साथ ही नई तकनीकों, शोध और नवाचार को समझने की क्षमता विकसित करनी होगी।
UCC और शिक्षा प्राधिकरण को लेकर भी दिया संदेश
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार की नीतियों का उद्देश्य किसी विशेष व्यक्ति या वर्ग को निशाना बनाना नहीं है। उन्होंने समान नागरिक संहिता यानी UCC का जिक्र करते हुए कहा कि इसे किसी वर्ग को टारगेट करने के उद्देश्य से लागू नहीं किया गया।
इसी तरह उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन भी किसी वर्ग विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि बच्चों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया गया है। सरकार सभी वर्गों को समान अवसर देने की दिशा में काम कर रही है।
Dehradun
2027 के विधानसभा चुनावों से पहले बीजेपी को झटका, दो मंडल अध्यक्षों ने दिया इस्तीफा

Uttarakhand Politics : उत्तराखंड की राजनीति से बड़ी खबर सामने आई है। 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी को धर्मपुर में बड़ा झटका लगा है। पार्टी के दो मंडल अध्यक्षों ने अचानक अपने पदों से इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
Table of Contents
2027 से पहले BJP में हलचल, दो मंडल अध्यक्षों ने छोड़ा पद
धर्मपुर विधानसभा में भाजपा के दो मंडल अध्यक्षों के इस्तीफे ने पार्टी की अंदरूनी राजनीति को लेकर नई चर्चाएं छेड़ दी हैं। ये घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब बीजेपी आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी हुई है और संगठन को मजबूत करने की कवायद चल रही है।

धर्मपुर सीट पर टिकट को लेकर भी बढ़ी सियासी सरगर्मी
धर्मपुर विधानसभा सीट पर पहले से ही राजनीतिक गतिविधियां तेज बताई जा रही हैं। मौजूदा विधायक विनोद चमोली के अलावा पार्टी के कई नेताओं की टिकट को लेकर दावेदारी की चर्चाएं हैं। ऐसे माहौल में दो मंडल अध्यक्षों के इस्तीफे ने बीजेपी की सियासत में हलचल और बढ़ा दी है
Tehri Garhwal7 hours agoADM के औचक निरीक्षण में खुली स्कूलों की पोल, दो शिक्षक मिले गायब, नोटिस जारी
uttarakhand weather8 hours agoउत्तराखंड में आज भी नौ जिलों में बारिश का अलर्ट, लोगों से सतर्क रहने की अपील
Rishikesh6 hours agoऋषिकेश में शर्मसार करने वाली घटना, शराब पिलाकर नाबालिग से गैंगरेप, 3 गिरफ्तार
Dehradun24 hours ago2027 के विधानसभा चुनावों से पहले बीजेपी को झटका, दो मंडल अध्यक्षों ने दिया इस्तीफा
Dehradun23 hours agoCM धामी ने 26 मदरसों को बांटे प्रमाण-पत्र, कहा – सिर्फ किताबी ज्ञान नहीं, रोजगारपरक शिक्षा जरूरी
Dehradun4 hours agoउत्तराखंड शिक्षा विभाग का नया कारनामा, प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक की इंटर कॉलेज में कर दी तैनाती





































