Pithoragarh
पिथौरागढ़ में डीएम ने सुनी जनता की समस्याएं, जल जीवन मिशन में ढिलाई पर अधिकारियों को लगाई फटकार

Pithoragarh News : पिथौरागढ़ जिले के बेरीनाग में जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम में जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई ने जनता की समस्याएं सुनी। इस दौरान जल जीवन मिशन में ढिलाई की शिकायत मिलने पर उन्होंने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई।
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पिथौरागढ़ में डीएम ने सुनी जनता की समस्याएं
पिथौरागढ़ जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार कार्यक्रम के अंतर्गत बेरीनाग में शिविर का आयोजन किया गया। शिविर की अध्यक्षता आशीष कुमार भटगांई, जिलाधिकारी पिथौरागढ़ द्वारा की गई।शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया तथा पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से लाभान्वित किया गया।
जल जीवन मिशन में ढिलाई पर अधिकारियों को लगाई फटकार
शिविर में ने उडियारी में पेयजल समस्या की शिकायत मिलने पर जिलाधिकारी नाराज नजर आए। एक शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्हें रोजाना पानी नहीं मिलता। बल्कि चौथे दिन उन्हें पानी मिल पा रहा है। जिस पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए मामले की जांच के आदेश दिए हैं।

लोगों को एक ही स्थान पर मिला समस्याओं का समाधान
शिविर में राजस्व विभाग, ग्राम्य विकास, पंचायत राज, कृषि एवं कृषक कल्याण, उद्यान, समाज कल्याण, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास, आयुष, पशुपालन, खाद्य व नागरिक आपूर्ति, श्रम, आधार, डेयरी, मत्स्य, सहकारिता, लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई, यूसीसी, पेयजल, शिक्षा विभाग सहित अन्य विभागों के स्टॉल लगाए गए। जिनमें अधिकारियों और कार्मिकों द्वारा वृद्धावस्था, विधवा एवं विकलांग पेंशन, परिवार रजिस्टर, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, जॉब कार्ड आदि से संबंधित आवेदन भरवाए गए।
जिलाधिकारी ने लोगों से की अपील
शिविर के समापन पर जिलाधिकारी ने सभी जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों से अपील की। उन्होंने कहा कि न्याय पंचायत स्तर पर आयोजित होने वाले शिविरों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। ताकि अधिक से अधिक लोगों को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।
Pithoragarh
उत्तराखंड में भांग की खेती पर सख्ती, पिथौरागढ़ में पहला मुकदमा हुआ दर्ज

Pithoragarh News : उत्तराखंड के सीमांत जिले पिथौरागढ़ में भांग की खेती को लेकर पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है। धारचूला के गलाती क्षेत्र में भांग की खेती के मामले में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इसे जिले में इस तरह का पहला मामला बताया जा रहा है।
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पिथौरागढ़ में भांग की खेती पर मुकदमा हुआ दर्ज
पिथौरागढ़ में भांग की खेती को लेकर पुलिस ने पहला मुकदमा दर्ज किया है। मिली जानकारी के मुताबिक धारचूला के गलाती क्षेत्र में भांग की खेती किए जाने की शिकायत सामने आई थी। इसके बाद अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8(बी)/20(क्यू) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। सीमांत पिथौरागढ़ जिले में भांग की खेती को लेकर दर्ज इस मुकदमे को पहला मामला बताया जा रहा है।
गांव-गांव में जाकर अभियान चला रही पुलिस
भांग की खेती और इसके संभावित दुरुपयोग को देखते हुए पुलिस जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चला रही है। पुलिसकर्मी गांवों में पहुंचकर लोगों को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों और इससे जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दे रहे हैं।
पुलिस का कहना है कि अवैध रूप से भांग की खेती करने और नशीले पदार्थों के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही ग्रामीणों से अपील की जा रही है कि वे अवैध गतिविधियों की जानकारी पुलिस को दें और अभियान में सहयोग करें।

पहाड़ की पारंपरिक चटनी भी चर्चा में
भांग की खेती पर कार्रवाई के बीच पहाड़ के पारंपरिक खानपान को लेकर भी चर्चा हो रही है। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में भांग के बीजों से तैयार होने वाली चटनी लंबे समय से स्थानीय भोजन का हिस्सा रही है। खासकर सर्दियों में भुने और पीसे हुए भांग के बीजों से बनी चटनी को काफी पसंद किया जाता है।
ग्रामीणों का कहना है कि भांग के बीजों का पारंपरिक खाद्य उपयोग और नशीले पदार्थों के लिए इसका दुरुपयोग अलग-अलग विषय हैं। ऐसे में जरूरी है कि अवैध नशे के कारोबार पर रोक लगाने के साथ पारंपरिक उपयोग को लेकर भी स्पष्टता बनी रहे।
लाइसेंस और बीजों की उपलब्धता भी अहम मुद्दा
भांग की नियंत्रित खेती के लिए निर्धारित नियमों के तहत अनुमति का प्रावधान है। हालांकि, मानकों के अनुरूप बीज उपलब्ध नहीं होने से खेती करने के इच्छुक लोगों को परेशानी होने की बात सामने आती रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, नियमानुसार ऐसी खेती में टीएचसी यानी नशीले प्रभाव के लिए जिम्मेदार तत्व की मात्रा 0.3 प्रतिशत या इससे कम होनी चाहिए।
फिलहाल पिथौरागढ़ में पुलिस की कार्रवाई के बाद भांग की खेती को लेकर निगरानी बढ़ गई है। अब यह देखना अहम होगा कि अवैध खेती और नशीले पदार्थों के कारोबार पर रोक लगाने के लिए अभियान किस तरह आगे बढ़ता है।
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पिथौरागढ़ में उफनाए बरसाती नाले में बही स्कूटी, एक युवक की मौत, दूसरे को ग्रामीणों ने बचाया

Pithoragarh News : पिथौरागढ़ में बरसाती गदेरे में बहने से एक युवक की मौत हो गई। जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। एसडीआरएफ ने घायल युवक को रेस्क्यू कर अस्पताल पहुंचा दिया है।
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पिथौरागढ़ में उफनाए बरसाती नाले में बही स्कूटी
पिथौरागढ़ जिले में बारिश के दौरान उफनाए बरसाती नाले में स्कूटी बहने से एक युवक की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा थल-बेरीनाग सड़क पर बरड़ के पास हुआ। सूचना मिलने पर स्थानीय ग्रामीणों ने रेस्क्यू कर घायल युवक को बाहर निकाला, जबकि दूसरे युवक का शव सोमवार सुबह पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने बरामद किया।
एक युवक की मौत, दूसरे को ग्रामीणों ने बचाया
जानकारी के मुताबिक, अल्मोड़ा जिले के नैनोली भगतोला निवासी 18 वर्षीय गौरव कुमार और तिल गांव निवासी हिमांशु नयाल धारचूला की दारमा वैली घूमने गए थे। रविवार रात करीब 9 बजे दोनों स्कूटी से अल्मोड़ा लौट रहे थे। इस दौरान थल से करीब चार किलोमीटर दूर बरड़ के पास बारिश के कारण बरसाती नाला उफान पर था।
नाला पार करते समय उनकी स्कूटी अनियंत्रित होकर पानी के तेज बहाव में बह गई और सड़क से कई फीट नीचे गदेरे में जा गिरी। हादसे के बाद दोनों युवक पानी में बह गए।

अंधेरा होने के कारण एक युवक का नहीं चल सका पता
युवकों के चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मदद के लिए पहुंचे। उन्होंने गौरव कुमार को घायल अवस्था में गदेरे से बाहर निकाला और उपचार के लिए थल अस्पताल पहुंचाया। वहीं, हिमांशु नयाल का रात में पता नहीं चल सका। अंधेरा होने के कारण रात में तलाश अभियान नहीं चलाया जा सका।
सोमवार सुबह बरामद हुआ युवक का शव
सोमवार सुबह पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर खोजबीन शुरू की। इस दौरान हिमांशु का शव गदेरे में मिला। पुलिस ने घटना की सूचना दोनों युवकों के परिजनों को दे दी है। परिजनों के पहुंचने के बाद शव का पोस्टमार्टम कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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पिथौरागढ़ की दारमा घाटी में बर्फ पर फिसला पैर, खाई में गिरने से युवक की मौत

Pithoragarh News : पिथौरागढ़ के धारचूला की दारमा घाटी में बकरियां चराने गए 22 वर्षीय युवक की खाई में गिरने से मौत हो गई। हादसा बोन गांव के पास चगदंग बुग्याल क्षेत्र में हुआ। बताया जा रहा है कि बर्फ पर पैर फिसलने के कारण युवक संतुलन खो बैठा और गहरी खाई में जा गिरा।
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पिथौरागढ़ में बर्फ में फिसलकर युवक की मौत
पिथौरागढ़ के बोन गांव निवासी आर्यन सिंह, पुत्र पुष्कर सिंह, 26 सितंबर को गांव से करीब तीन किलोमीटर दूर चगदंग बुग्याल में बकरियां चराने गया था। इसी दौरान बर्फ पर पैर फिसलने से वह खाई में जा गिरा। घटना की जानकारी मिलने के बाद उसकी तलाश शुरू की गई। काफी खोजबीन के बाद युवक का शव खाई से बरामद किया गया।
रेस्क्यू अभियान चलाकर शव को खाई से निकाला बाहर
ग्राम प्रधान भीम सिंह बोनाल ने हादसे की सूचना प्रशासन को दी। इसके बाद प्रशासन की टीम ने रेस्क्यू अभियान चलाकर शव को खाई से बाहर निकाला और गांव पहुंचाया। 29 सितंबर को डॉ. राजेश गुंज्याल और राजस्व उपनिरीक्षक तनुज चन्याल की टीम पोस्टमार्टम के लिए बोन गांव पहुंची। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

घटना के बाद पूरे गांव में पसरा मातम
ग्राम प्रधान भीम सिंह बोनाल के मुताबिक, युवक का अंतिम संस्कार गांव में ही कर दिया गया है। हादसे के बाद मृतक के परिवार में मातम पसरा है, वहीं घटना से पूरे गांव में भी शोक का माहौल है।
गौरतलब है कि इन दिनों आदि कैलाश क्षेत्र में भी बर्फ जमी हुई है। ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम और बर्फबारी के कारण आवाजाही के दौरान अतिरिक्त सतर्कता की जरूरत बनी हुई है।
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