Dehradun
प्रदेश के छह विभागों में दो बार हुई सहायक अभियंताओं की भर्ती परीक्षा, चयन तो हुआ लेकिन अभी तक नही मिली नौकरी।

देहरादून – प्रदेश के छह विभागों में हुई सहायक अभियंताओं के 150 पदों की भर्ती में चयनित अभ्यर्थियों को शासन ने एक सप्ताह के भीतर नियुक्ति पत्र देने के आदेश दिए थे, लेकिन इस आदेश को संबंधित विभाग ताक पर रखे हुए हैं। यही वजह है कि आदेश हुए दो महीने होने को हैं चयनित अभ्यर्थियों को अब तक नौकरी नहीं मिली। यह हाल तब है, जबकि पहली बार में हुई भर्ती परीक्षा पेपर लीक की वजह से रद्द कर दी गई।

वहीं, अब दूसरी बार चयन के बाद भी अभ्यर्थियों को विभाग नौकरी देने में लगातार टालमटोल कर रहे हैं। उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की ओर से विभिन्न छह विभागों में सहायक अभियंताओं और सहायक विद्युत निरीक्षक के पद के लिए अप्रैल 2022 में भर्ती परीक्षा कराई गई थी। चयनित अभ्यर्थियों के मुताबिक पहली बार में पेपर लीक की वजह से भर्ती परीक्षा को स्थगित कर दिया गया था।
अगस्त 2023 में फिर से भर्ती परीक्षा कराई गई। लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के बाद 14 मार्च 2024 को राज्य लोक सेवा आयोग ने परीक्षा परिणाम घोषित किया। इसके बाद चुनाव आचार संहिता की वजह से उन्हें नियुक्ति नहीं मिली। चुनाव आचार संहिता खत्म होने के बाद छह मई 2024 को शासन ने सभी छह विभागों को चयनित अभ्यर्थियों को एक सप्ताह के भीतर नियुक्ति देने का आदेश दिया।
अपर सचिव कार्मिक एवं सतर्कता ललित मोहन रयाल की ओर से संबंधित विभागों को जारी आदेश में कहा गया है कि चयनित अभ्यर्थियों की संस्तुति प्राप्त होने के एक सप्ताह के भीतर नियुक्ति प्राधिकारी अभ्यर्थियों को नियुक्ति देंगे। आदेश में यह भी कहा गया कि चयनित अभ्यर्थियों के स्वास्थ्य की जांच, चरित्र का सत्यापन, नियुक्ति आदेश जारी होने के बाद कार्यभार ग्रहण करने के साथ-साथ करा लिया जाएगा, लेकिन चयनित शासन के इस आदेश के बावजूद नियुक्ति के लिए पिछले करीब दो महीने से भटक रहे हैं। उधर नियुक्ति में देरी की एक वजह यह भी बताई जा रही है कि मुख्यमंत्री की ओर से चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिलाए जाने हैं।
प्रदेश के छह विभागों ग्रामीण निर्माण विभाग में 24 सहायक अभियंताओं, लघु सिंचाई में 8, सिंचाई विभाग में 44, पेयजल में 20, आवास विभाग में 14 एवं लोक निर्माण विभाग में 42 सहायक अभियंताओं को नियुक्ति मिलनी है। इसके अलावा ऊर्जा विभाग में 2 सहायक विद्युत निरीक्षकों को नियुक्ति दी जानी है।
जयपाल सिंह, प्रमुख अभियंता, सिंचाई ने बताया कि चयनित सहायक अभियंताओं की नियुक्ति के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा है, शासन से आदेश मिलने पर उन्हें नियुक्ति दी जाएगी।
Dehradun
दिल्ली के मालवीय नगर अग्निकांड मामले में उत्तराखंड के केशव नेगी गिरफ्तार, सीएम धामी ने दिल्ली की सीएम से की बात

Uttarakhand News : सीएम धामी ने दिल्ली के मालवीय नगर अग्निकांड प्रकरण में उत्तराखंड के केशव नेगी की गिरफ्तारी के संबंध में आज दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से बात की।
Table of Contents
शेफ केशव नेगी गिरफ्तारी मामले में सीएम ने रेखा गुप्ता से की बात
दिल्ली के मालवीय नगर अग्निकांड मामले में उत्तराखंड निवासी केशव नेगी को गिरफ्तार किया गया है। इस गिरफ्तारी को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से दूरभाष पर वार्ता की। इस दौरान दोनों मुख्यमंत्रियों के बीच मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई।
किसी भी निर्दोष व्यक्ति के साथ नहीं होगा अन्याय
सीएम धामी ने सोशल मीडिया के जरिए जानकारी दी है कि “रेखा गुप्ता जी ने आश्वस्त किया है कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और जांच पूरी तरह तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर होगी। पूर्ण विश्वास है कि दिल्ली सरकार और संबंधित एजेंसियां निष्पक्ष जांच के माध्यम से सत्य को सामने लाएंगी।

साथ ही केशव नेगी जी की पुत्री कनिष्का नेगी से भी बात कर उन्हें हर संभव सहायता हेतु आश्वस्त किया। हमारी सरकार देश भर में रह रहे सभी प्रवासी उत्तराखंडी भाई बहनों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।”
big news
देहरादून से 10 दिन में 13 बच्चे लापता, सबसे ज्यादा नाबालिग बच्चियां हुई लापता, सामने आई चौंकाने वाली वजह

Dehradun News : उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में पिछले 10 दिनों के दौरान 13 नाबालिग बच्चों के लापता होने के मामले सामने आने से अभिभावकों, पुलिस और सामाजिक संगठनों की चिंता बढ़ गई है। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दर्ज इन मामलों ने बच्चों की सुरक्षा और बदलते सामाजिक परिवेश को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
Table of Contents
देहरादून से 10 दिन में 13 बच्चे लापता
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, राजधानी के विभिन्न क्षेत्रों में बच्चों की गुमशुदगी से जुड़े मामले लगातार दर्ज हो रहे हैं। इनमें ऋषिकेश, सेलाकुई, सहसपुर और अन्य इलाकों से नाबालिगों के घर से लापता होने की घटनाएं शामिल हैं। सभी मामलों में बच्चों की उम्र 12 से 18 वर्ष के बीच बताई गई है।
सबसे ज्यादा बच्चियां हुई लापता
सबसे अधिक चिंता की बात यह है कि लापता होने वाले बच्चों में बड़ी संख्या नाबालिग बच्चियों की है। इससे परिजनों के साथ-साथ कानून-व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों की भी चिंताएं बढ़ी हैं। पुलिस इन मामलों की जांच में जुटी है और बच्चों की तलाश के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं।

सोशल मीडिया का बढ़ता प्रभाव सबसे बड़ी वजह
विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया का बढ़ता प्रभाव, आभासी दुनिया की ओर आकर्षण और अपेक्षाओं में वृद्धि जैसी परिस्थितियां बच्चों के व्यवहार को प्रभावित कर रही हैं। उनका कहना है कि कई बार बच्चे छोटी-छोटी बातों से नाराज होकर भावनात्मक निर्णय ले लेते हैं और घर छोड़ने जैसे कदम उठा बैठते हैं।
डॉक्टर ने सोशल मीडिया को बताया इसकी वजह
डॉक्टर ने सोशल मीडिया को इसकी वजह बताया है। उन्होंने बच्चों के लापता होने की बढ़ती घटनाओं ने अभिभावकों को भी सतर्क रहने की जरूरत का संदेश दिया है। विशेषज्ञ परिवारों में संवाद बढ़ाने, बच्चों की भावनात्मक स्थिति को समझने और उनकी गतिविधियों पर संतुलित नजर रखने की सलाह दे रहे हैं। पुलिस का कहना है कि दर्ज मामलों में कार्रवाई जारी है और बच्चों को सुरक्षित खोजने के लिए सभी आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं।
big news
देहरादून में मस्जिद सील किए जाने के विरोध में उतरा मुस्लिम सेवा संगठन, डीएम कार्यालय किया कूच

Dehradun News : राजधानी देहरादून से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। मस्जिद सील किए जाने के विरोध में मुस्लिम सेवा संगठन ने प्रदर्शन किया। संगठन से जुड़े लोगों ने कार्रवाई को लेकर अपनी आपत्ति जताई और प्रशासन के फैसले पर सवाल उठाए। इस दौरान उन्होंने मामले की निष्पक्ष समीक्षा की मांग भी की।
Table of Contents
देहरादून में मस्जिद सील किए जाने के विरोध में उतरा मुस्लिम सेवा संगठन
थानो क्षेत्र में कुछ दिन पहले जामा मस्जिद के एक हिस्से को सील किए जाने के बाद मुस्लिम सेवा संगठन में नाराजगी देखने को मिल रही है। संगठन के आह्वान पर शुक्रवार को समुदाय के लोग अपनी मांगों को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय की ओर रवाना हुए। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग एसटीएफ कार्यालय के बाहर एकत्र हुए।
मुस्लिम सेवा संगठन ने किया डीएम कार्यालय किया कूच
मुस्लिम सेवा संगठन का कहना है कि मस्जिद से संबंधित आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध होने के बावजूद कार्रवाई की गई है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं और क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

थानो क्षेत्र के ग्राम कण्डोगल में मस्जिद सील करने का कर रहे विरोध
गौरतलब है कि थानो क्षेत्र के ग्राम कण्डोगल, कुडियाल गांव स्थित जामा मस्जिद एवं मदरसे के भूतल को पुलिस-प्रशासन की मौजूदगी में संबंधित अधिकारियों द्वारा सील किया गया था। कार्रवाई के दौरान मस्जिद प्रबंधन से जुड़े लोगों ने विरोध भी दर्ज कराया था।
वहीं, कार्रवाई के बाद कुछ सामाजिक और धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों तथा स्थानीय लोगों ने थानो चौक पर कार्यक्रम आयोजित कर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। फिलहाल मामले को लेकर विभिन्न पक्षों की ओर से अपनी-अपनी बातें रखी जा रही हैं और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
big news21 hours agoउत्तराखंड के लाल लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी जम्मू कश्मीर में शहीद, राजौरी में ऑपरेशन के दौरान दिया देश के लिए बलिदान
Rishikesh22 hours agoऋषिकेश में सेल्फी लेते हुए गंगा में बहा सॉफ्टवेयर इंजीनियर, तलाश में जुटी SDRF
Breakingnews23 hours agoटिहरी में तोताघाटी के पास ब्रेक फेल होने से पलटी यात्रियों की बस, हादसे में आठ यात्री घायल
Cricket4 hours agoENG-W vs AUS-W Dream11 Team Warm Up ICC T20 WC 2026: फैंटेसी क्रिकेट प्रेडिक्शन, बेस्ट कैप्टन चॉइस और पिच रिपोर्ट
Dehradun19 hours agoदिल्ली के मालवीय नगर अग्निकांड मामले में उत्तराखंड के केशव नेगी गिरफ्तार, सीएम धामी ने दिल्ली की सीएम से की बात
uttarakhand weather53 minutes agoउत्तराखंड में आज भी बिगड़ा रहेगा मौसम का मिजाज, आज इन जिलों में बारिश के आसार






































