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सपा पार्टी ने भरी हुंकार, उत्तराखंड की दो लोस सीटों पर ठोका दावा।

उधम सिंह नगर – उत्तराखंड की पांच लोकसभा सीटों में से तराई की दो सीटों पर समाजवादी पार्टी ने दावा किया है। पार्टी के उत्तराखंड प्रभारी अब्दुल मतीन सिद्दीकी और प्रदेश अध्यक्ष शंभू प्रसाद पोखरियाल ने कहा कि उनकी पार्टी इंडिया गठबंधन में शामिल है और प्रदेश की पांच में से दो सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारने के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से वार्ता करेगी।

रविवार को सिटी क्लब में आयोजित प्रदेश कार्य समिति की बैठक के बाद पत्रकार वार्ता में कहा कि प्रदेश प्रभारी सिद्दीकी ने कहा कि आज देश जिस दिशा में चल पड़ा है, उसमें अंधकार ही अंधकार है। भाजपा की ओर से जनता को भ्रमित किया जा रहा है। उन्होंने उत्तराखंड से लोकसभा चुनाव लड़ने के सवाल पर कहा कि उत्तराखंड में भी पार्टी इंडिया गठबंधन के साथ है। राष्ट्रीय अध्यक्ष से पांच सीटों में से कम से कम दो सीटों की मांग करेंगे। दो नहीं भी मिलती हैं तो वोट अनुपात के तहत एक सीट पर पार्टी का अधिकार बनता है।
प्रदेश अध्यक्ष शंभू प्रसाद पोखरियाल ने कहा कि दो सीटों से हमारे प्रत्याशी लड़े तो विपक्षी दल के उम्मीदवारों को अच्छी लीड देंगे। बताया कि हरिद्वार में पांच और नैनीताल में भी करीब पांच से छह कार्यकर्ताओं ने पार्टी से टिकट के लिए दावेदारी की है।
समाजवादी पार्टी की कार्य समिति की बैठक में पार्टी को मजबूत बनाने के लिए चार सदस्यीय अनुशासन समिति पर बनाए जाने का प्रस्ताव रखा गया। इसमें दो कुमाऊं व गढ़वाल मंडल से दो-दो सदस्यों को चुना जाएगा। बैठक में प्रदेश की हरिद्वार व नैनीताल ऊधम सिंह नगर लोकसभा सीट पर पार्टी प्रत्याशी को लड़ाने का प्रस्ताव भी रखा गया। प्रदेश अध्यक्ष शंभू प्रसाद पोखरियाल ने कार्यकर्ताओं को दस दिन के भीतर कार्यकारिणी का गठन कर सदस्य सूची व सदस्यता जमा करने को कहा। वहां राष्ट्रीय महासचिव अरविंद यादव, प्रदेश महासचिव संजय सिंह, शिशपाल सिंह यादव, नदीम अख्तर, सैय्यद अली, राशिद, शाहिद मंसूरी आदि थे।
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हरक सिंह रावत के बयान से गरमाया सियासी माहौल, भाजपा और सनातन विचारधारा से जुड़े लोगों पर बोला हमला

Uttarakhand Politics : 2027 चुनाव को से पहले उत्तराखंड में बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है। पर्यटन नगरी मसूरी में आयोजित कांग्रेस के कार्यकर्ता सम्मेलन में वरिष्ठ नेता हरक सिंह रावत ने अपने तीखे और विवादित बयानों से सियासी माहौल गरमा दिया।
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हरक सिंह रावत के बयान से गरमाया सियासी माहौल
कांग्रेस के पवरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत अक्सर अपने बयानों के कारण चर्चाओं में रहते हैं। एक बार लफिर उन्होंने ऐसा बयान दिया है जिस से उत्तराखंड का सियासी माहौल गरमा गया है। मसूरी में उन्होंने मंच से उन्होंने भारतीय जनता पार्टी और सनातन विचारधारा से जुड़े लोगों पर सीधा हमला बोला है। जिससे राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
नकारात्मक घटनाओं के लिए भाजपा व सनातन विचारधारा से जुड़े लोग जिम्मेदार
डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि देश और प्रदेश में जो भी नकारात्मक घटनाएं हो रही हैं, उसके लिए उन्होंने भाजपा और सनातन विचारधारा से जुड़े लोगों को जिम्मेदार ठहराया। उनके बयान ने सभा में मौजूद कार्यकर्ताओं के बीच जोरदार प्रतिक्रिया पैदा की। उन्होंने महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़े हैं।
सरकार की कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल
हरक सिंह रावत ने कई घटनाओं का जिक्र करते हुए सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। उन्होने कहा कि अपराध करने वाले जयादतर सनातनी है जो भाजपा से जुड़े हुए हैं। बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अब तक पीड़िता को न्याय नहीं मिल पाया, जो सरकार की नीयत पर सवाल उठाता है।

अंकिता का हत्यारा और पेपर लीक करने वाला भी था सनासनी
उन्होंने कहा कि अकिंता भंडारी की हत्या का आरोपी भी सनातनी ही था। हरक सिंह रावत ने प्रदेश में हुए पेपर लीक मामलों को लेकर भी भाजपा सरकार पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि लगातार हो रहे पेपर लीक से युवाओं का भविष्य खतरे में है इन मामलों में सत्ता से जुड़े लोगों की भूमिका होने की आशंका है।
सत्ता का दुरुपयोग कर चुनाव प्रक्रिया को किया जा सकता है प्रभावित
हरक रावत ने आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर भी बड़ा बयान देते हुए कहा कि उन्हें आशंका है कि सत्ता का दुरुपयोग कर चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश हो सकती है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से सतर्क रहने की अपील की।
रावत ने कहा कि जिस उद्देश्य से उत्तराखंड राज्य का निर्माण हुआ था, वे सपना अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों और शहीदों की अपेक्षाओं के अनुरूप विकास नहीं हुआ। सम्मेलन के दौरान उन्होंने ये भी कहा कि यदि कांग्रेस पार्टी उन्हें अवसर देती है तो वह मसूरी से चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं।
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2027 के चुनाव से पहले सियासी पारा हाई, टिकट बंटवारे को लेकर मचा भाजपा और कांग्रेस में घमासान

Uttarakhand Politics : विधानसभा चुनावों से पहले बढ़ रहा सियासी तापमान, कांग्रेस-बीजेपी में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू
Uttarakhand Politics : उत्तराखंड में विधानसभा चुनावों के लिए कुछ ही महीनों का समय बाकी है। कांग्रेस हो या बीजेपी दोनों ही पार्टियां इसकी तैयारियों में जुट गई है। केंद्रीय नेताओं के दौरे हो रहे हैं। इसके साथ ही आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया है।
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2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सियासी पारा हाई
उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सियासी तापमान तेजी से बढ़ने लगा है। टिकट वितरण को लेकर अब भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने आ गई हैं। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता मथुरा दत्त जोशी ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी में टिकट बेचने की परंपरा रही है और आगामी चुनाव को देखते हुए यही प्रक्रिया फिर दोहराई जा रही है।
टिकट बंटवारे को लेकर मचा भाजपा और कांग्रेस में घमासान
बीजेपी प्रवक्ता मथुरा दत्त जोशी के इन आरोपों पर कांग्रेस ने कड़ा जवाब दिया है। प्रदेश प्रवक्ता प्रतिमा सिंह ने भाजपा के आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद और निराधार बताते हुए कहा कि यह सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में टिकट तय प्रक्रिया, सर्वे और कार्यकर्ताओं की मेहनत के आधार पर दिए जाते हैं।
प्रतिमा सिंह ने पलटवार करते हुए कहा कि यदि किसी के पास कोई ठोस सबूत है तो उसे सार्वजनिक किया जाए, अन्यथा इस तरह के बयान सिर्फ राजनीतिक माहौल को खराब करने के लिए दिए जा रहे हैं।
आरोप लगाने वालों की ही छवि ही होती है प्रभावित
प्रतिमा सिंह ने ये भी कहा कि इस तरह की बयानबाजी से आरोप लगाने वालों की ही छवि प्रभावित होती है। कुल मिलाकर, टिकटों को लेकर शुरू हुआ ये विवाद अब सियासी आरोप-प्रत्यारोप का रूप ले चुका है। जिसमें दोनों दल एक-दूसरे पर लगातार हमलावर हैं।
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UTTARAKHAND POLITICS: 5 दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर आएंगी कुमारी शैलजा, संगठनात्मक बैठकों पर जोर

UTTARAKHAND POLITICS: 8 अप्रैल को उत्तराखंड आएंगी कुमारी शैलजा, रुद्रपुर से होगी 5 दिवसीय दौरे की शुरुआत
UTTARAKHAND POLITICS: उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर सभी राजनैतिक दलों ने कमर कस ली है. इसी कड़ी में कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा आगामी 8 अप्रैल से 12 अप्रैल तक उत्तराखंड के 5 दिवसीय दौरे पर रहेंगी. इस दौरान वो विभिन्न जिलों में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर संगठन को मजबूत करने पर फोकस करेंगी.
मुख्य बिंदु
रुद्रपुर और हल्द्वानी से दौरे की शुरुआत
8 अप्रैल को कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा अपने 5 दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर रुद्रपुर आएंगी. जहां उधमसिंह नगर के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगी. इसके बाद, उनका हल्द्वानी में रात्रि विश्राम निर्धारित है. वहीं, 9 अप्रैल को स्वराज आश्रम हल्द्वानी में नैनीताल जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों के कार्यकर्ताओं के साथ अहम बैठक होगी.

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कोटद्वार और हरिद्वार में संगठनात्मक बैठकों पर जोर
इसके बाद, कुमारी शैलजा कोटद्वार पहुंचकर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और जिला व महानगर पदाधिकारियों से मुलाकात करेंगी और वहीं रात्रि विश्राम करेंगी. 10 अप्रैल को वह हरिद्वार में जयराम आश्रम में विभिन्न कांग्रेस इकाइयों के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगी. साथ ही, शाम को गंगा आरती में शामिल होकर धार्मिक कार्यक्रम में भी भाग लेंगी और फिर देहरादून में रुकेंगी.
मसूरी और देहरादून में कार्यक्रम, 12 अप्रैल को वापसी
जिसके बाद 11 अप्रैल को वो मसूरी में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेंगी और देहरादून में विभिन्न कांग्रेस संगठनों, जैसे युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस और अन्य प्रकोष्ठों के साथ बैठक करेंगी. 12 अप्रैल को वो एनएसयूआई के कार्यक्रम में शामिल होने के बाद दोपहर 3 बजे देहरादून से नई दिल्ली के लिए रवाना होंगी.

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आगामी चुनावों को लेकर रणनीति पर होगा जोर
उत्तराखंड में होने वाले विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सभी पार्टियाँ माहौल बनाने में जुट गई हैं. एक ओर भाजपा के दिग्गज नेता अमित शाह और राजनाथ सिंह उत्तराखंड दौरा कर चुके हैं, तो वहीं PM मोदी का उत्तराखंड दौरा भी इसी महीने 14 अप्रैल को प्रस्तावित है. इसी बीच कांग्रेस की प्रभारी कुमारी शैलजा का ये उत्तराखंड दौरा काफी अहम माना जा रहा है. इसमें आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर रणनीति पर जोर रहेगा साथ ही कोर कमेटी की भी घोषणा हो सकती है.
पार्टी में अंदरूनी कलह पर लगेगा विराम
वहीं माना जा रहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के मौन व्रत से उपजे नए विवाद के बाद प्रदेश प्रभारी का ये दौरा संगठनात्मक रूप से काफी महत्वपूर्ण होगा. पार्टी में चल रहे ‘अंदरूनी कलह और बड़े नेताओं की नाराजगी और मतभेद से हो रहे नुकसान के संबंध में चर्चा होगी. इसके साथ ही सभी नेताओं को साथ लेकर संगठन को मजबूत करने की कोशिश रहेगी.
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