Dehradun
जिलाधिकारी ने तत्काल अपर जिलाधिकारी वित्त को किया निर्देशित, दून में गैस रिसाव से निपटने लिए चल रही मार्क ड्रिल।

देहरादून – शहर के पुलिस लाइन में क्लोरीन गैस की रिसाव की सोसल मीडिया पर चल रही खबर को लेकर लोगों में डर पैदा होने की दृष्टिगत, जिलाधिकारी सोनिका ने उक्त खबर को संज्ञान में लेते हुए तत्काल अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व रामजी शरण को निर्देशित किया कि आपदा कंट्रोल रूम से तत्काल प्रकरण को संज्ञान में लेते हुए कार्रवाई करें। जिस पर आपदा कंट्रोल रूम से मालूम करने पर ज्ञात हुआ कि पुलिस लाइन में गैस रिसाव से निपटने की तैयारी को लेकर मॉक ड्रिल किया जा रहा है।

साथ ही उन्होंने सभी लोगों से अनुरोध किया कि यह एक मार्क ड्रिल अभ्यास है गैस को लेकर किसी भी तरह से भयभीत न हो, पुलिस प्रशासन द्वारा आपदा से निपटने के लिए अभ्यास किया जा रहा है।
Uttarakhand
आपदा में फिर ‘फर्स्ट रिस्पॉन्डर’ बने सीएम पुष्कर सिंह धामी: त्वरित निर्णय और ऑन-ग्राउंड लीडरशिप से बनाई अलग पहचान..

आपदा में फिर ‘फर्स्ट रिस्पॉन्डर’ बने सीएम पुष्कर सिंह धामी
उत्तराखंड जैसे प्राकृतिक आपदा के प्रति संवेदनशील राज्य में संकट के क्षणों में त्वरित फैसले और मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभालना किसी भी नेतृत्व की सबसे बड़ी परीक्षा होती है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बीते कुछ वर्षों में प्राकृतिक आपदाओं और आपात परिस्थितियों के दौरान खुद ‘फर्स्ट रिस्पॉन्डर’ की भूमिका निभाकर अपनी एक अलग पहचान कायम की है।
हाल ही में देहरादून में भारी बारिश के बाद नंदा की चौकी पुल की एप्रोच रोड को महज 12 घंटे के भीतर ठीक कराकर यातायात बहाल करना उनकी इसी तत्परता का ताजा उदाहरण है।
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🛠️ नंदा की चौकी पुल: 12 घंटे में युद्धस्तर पर बहाल हुआ यातायात
देहरादून-अंबाला हाईवे पर स्थित नंदा की चौकी पुल की एप्रोच रोड भारी बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हो गई थी। जैसे ही इसकी जानकारी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को मिली, उन्होंने तुरंत लोक निर्माण विभाग (PWD) के वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर भेजा और बारिश के बीच ही मरम्मत शुरू करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री की सख्त हिदायत के बाद लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग, जिला प्रशासन और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने युद्धस्तर पर काम किया। इसका नतीजा यह रहा कि मात्र 12 घंटे के भीतर एप्रोच रोड को पूरी तरह ठीक कर यातायात बहाल कर दिया गया।
🏗️ उत्तरकाशी सिल्क्यारा सुरंग हादसा: 17 दिनों का ऐतिहासिक रेस्क्यू ऑपरेशन
यह पहला मौका नहीं है जब मुख्यमंत्री धामी ने आपदा में आगे बढ़कर नेतृत्व किया हो। नवंबर 2023 में उत्तरकाशी की सिल्क्यारा सुरंग दुर्घटना राज्य सरकार के लिए सबसे बड़ी परीक्षा थी, जब 41 श्रमिक सुरंग के भीतर फंस गए थे।
- ग्राउंड ज़ीरो से निगरानी: सीएम धामी ने किसी एसी कमरे में बैठने के बजाय मौके पर ही डेरा डाल दिया और राहत-बचाव अभियान की कमान खुद संभाली।
- राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों में समन्वय: उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), केंद्रीय मंत्रालयों, भारतीय सेना, NDRF, SDRF, BRO और देश-विदेश के टनल विशेषज्ञों के साथ लगातार समन्वय बनाए रखा।
- ग्लोबल सराहना और बॉलीवुड फिल्म: 17 दिनों तक चले इस कठिन रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सभी 41 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस सफल अभियान को ब्रिक्स (BRICS) देशों के आपदा प्रबंधन समूह ने ‘बेस्ट प्रैक्टिस’ के रूप में सराहा। वहीं, मशहूर अभिनेता आमिर खान और निर्देशक कबीर खान ने इस ऐतिहासिक रेस्क्यू पर फिल्म बनाने का भी ऐलान किया है।
🚁 धराली-हर्षिल बाढ़ और जोशीमठ भू-धंसाव संकट में त्वरित राहत
वर्ष 2025 में उत्तरकाशी के धराली-हर्षिल क्षेत्र में बादल फटने और अचानक आई बाढ़ के दौरान भी मुख्यमंत्री ने राज्य आपदा परिचालन केंद्र से चौबीसों घंटे निगरानी की। खराब मौसम के बावजूद उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया और सेना, वायुसेना, ITBP, NDRF व SDRF के संयुक्त अभियान के जरिए प्रभावितों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया।
इसके अतिरिक्त, जोशीमठ भू-धंसाव संकट के समय भी सीएम धामी ने खुद बार-बार प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया, राहत शिविरों का जायजा लिया और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास व मुआवजा वितरण की पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित की।
🏔️ चारधाम यात्रा और मानसून के दौरान ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ अप्रोच
चारधाम यात्रा (केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री) के दौरान भारी बारिश, भूस्खलन और मार्ग अवरुद्ध होने की स्थितियों में मुख्यमंत्री लगातार कंट्रोल रूम से जुड़े रहते हैं।
मार्ग बंद होने की स्थिति में यात्रियों के रहने, भोजन, चिकित्सा सुविधा और वैकल्पिक मार्गों के निर्माण के लिए वे संबंधित विभागों को टाइम-बाउंड (समयबद्ध) निर्देश जारी करते हैं।
💬 “नागरिकों की सुरक्षा ही हमारा संकल्प” — सीएम धामी
आपदा प्रबंधन पर अपनी सोच और प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा:
“हमारे लिए आपदा प्रबंधन केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी भर नहीं, बल्कि यह प्रदेश के प्रत्येक नागरिक के जीवन की सुरक्षा का संकल्प है। हमारी पहली प्राथमिकता यही है कि किसी भी संकट की स्थिति में सरकार और प्रशासन सबसे पहले प्रभावित लोगों तक पहुंचे, राहत कार्यों में कोई ढिलाई न हो और सभी एजेंसियों के समन्वय से जन-धन की हानि को न्यूनतम किया जा सके।”
Dehradun
Dehradun Accident : चकराता में दर्दनाक सड़क हादसा, खाई में गिरी कार, हादसे में युवक की मौत

Dehradun Accident : देहरादून के चकराता क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। चकराता में एक कार अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी। इस हादसे में एख युवक की मौत हो गई।
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चकराता में अ नियंत्रित होकर खाई में गिरी कार
देहरादून के चकराता क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे में 25 वर्षीय युवक की जान चली गई। हादसा दुनुवा-मलेथा मोटर मार्ग पर दुनुवा गांव से कुछ दूरी पर हुआ, जहां एक कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी।
हादसे में एक युवक की मौत
हादसे में दुनुवा गांव निवासी जगमोहन (25) गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से उन्हें तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, साहिया पहुंचाया गया। हालांकि, चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। थाना प्रभारी चकराता बीएल भारती ने बताया कि दुर्घटना के समय कार में केवल चालक ही सवार था। हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है।
युवक की असमय मौत से पूरे गांव में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में मातम पसरा हुआ है।
Dehradun
उपनल कर्मियों पर सख्त सरकार, 3 दिन में कॉन्ट्रैक्ट करो, वरना होगी कार्रवाई, CS का बड़ा अल्टीमेटम

Dehradun News : उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सभी विभागों को उपनल कर्मियों के साथ अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) की प्रक्रिया तीन दिनों के भीतर पूरी करने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि तय समयसीमा का पालन नहीं करने वाले विभागाध्यक्षों के खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि (नेगेटिव रिमार्क) दर्ज की जाएगी।
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उपनलकर्मियों और विभागों के बीच कॉन्ट्रैक्ट पर अल्टीमेटम
सचिवालय में आयोजित सचिव समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि सभी विभाग इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने विभागाध्यक्षों से कहा कि उपनल कर्मियों के साथ अनुबंध की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।

3 दिन में कॉन्ट्रैक्ट करो, वरना होगी कार्रवाई
बैठक में कर्मचारियों की पदोन्नति (प्रमोशन) और वार्षिक गोपनीय प्रविष्टि (एसीआर) से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सरकार के पूर्व आदेशों का पूरी तरह पालन करते हुए पात्र कर्मचारियों की पदोन्नति की प्रक्रिया अगले एक महीने के भीतर शुरू की जाए। साथ ही सभी विभाग निर्धारित समय सीमा के भीतर एसीआर तैयार करने और बैच क्रिएशन का कार्य जल्द पूरा करें।
सभी विभागों से प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाने के निर्देश
मुख्य सचिव ने सभी विभागों से प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाने, लंबित मामलों का समय पर निस्तारण करने और शासन के निर्देशों का प्रभावी ढंग से पालन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
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