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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी की जोड़ी ने मिलकर उत्तरप्रदेश को उत्कृष्ट और उत्तम प्रदेश में बदला है – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी की जोड़ी ने मिलकर उत्तरप्रदेश को उत्कृष्ट और उत्तम प्रदेश में बदला है – मुख्यमंत्री धामी।
मुख्यमंत्री धामी ने बरेली की जनता से विकसित भारत, मजबूत नेतृत्व, भ्रष्टाचार के अंत के लिए भाजपा को विजयी बनाने की अपील की।
मुख्यमंत्री धामी ने बरेली लोकसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी छत्रपाल गंगवार के लिए जनता से मांगा समर्थन।
बरेली लोकसभा क्षेत्र हमारी विचारधारा का मजबूत स्तंभ रहा है : मुख्यमंत्री धामी।
उत्तराखंड में कई ऐसे कठोर निर्णय लिए हैं, जिन्हें पूर्व की सरकारों ने इच्छाशक्ति की कमी और वोटबैंक की राजनीति के कारण कभी लागू नहीं होने दिया – मुख्यमंत्री धामी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को बरेली में आयोजित जनसभा में बरेली से लोकसभा प्रत्याशी छत्रपाल गंगवार के लिए जनता से उन्हें समर्थन देने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि कमल के चुनाव चिन्ह् पर गया प्रत्येक वोट प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को तीसरी बार प्रधानमंत्री बनाने में मददगार होगा। उन्होंने कहा बरेली लोकसभा निश्चित ही ज्यादा से ज्यादा मतदान करेगा। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में संपूर्ण देश के लिए एक समान कानून लागू होगा। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सारी गारंटी पूरी हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखंड का चहुंमुखी विकास हो रहा है। चार धाम यात्रा में इस वर्ष भी रिकॉर्ड तोड रजिस्ट्रेशन हुए हैं। मोदी ने उत्तराखंड की टोपी को पूरे विश्व में ले जाने का काम किया है। प्रधानमंत्री का उत्तराखंड से विशेष लगाव है। चार धाम की भांति मानसखंड योजना पर भी कार्य जारी है। प्रधानमंत्री जी ने पूरी दुनिया को आदि कैलाश दिखाने का काम किया। बरेली से कुमाऊं के विभिन्न क्षेत्रों हेतु रोड़ कनेक्टविटी सुगम और सुरक्षित हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बरेली लोकसभा क्षेत्र से वरिष्ठ बीजेपी नेता और पूर्व मंत्री संतोष गंगवार जी को 8 बार से लगातार सांसद बनाया है। बरेली के विकास के लिए उनके समर्पण से आप सभी परिचित हैं। अब उनके कार्यों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी छत्रपाल गंगवार जी की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2024 का ये लोकसभा चुनाव प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को सिद्धि तक पहुंचाने वाला चुनाव है। ये चुनाव भारत को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने वाला चुनाव है। ये चुनाव भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने वाला चुनाव है। ये चुनाव तुष्टिकरण और भ्रष्टाचार को हराने वाला चुनाव है। ये चुनाव परिवारवादी कांग्रेस और अपराधवादी समाजवादी पार्टी मुक्त भारत बनाने वाला चुनाव है। यही कारण है कि आज देश भर में एक ही नारा गूंज रहा है “फिर एक बार मोदी सरकार”। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश के प्रत्येक नागरिक को सशक्त, समृद्ध, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाने की गारंटी दी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मजबूत नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने बीते 10 वर्षों में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कश्मीर से धारा-370 का खात्मा, तीन तलाक जैसी कुप्रथा का अंत करना, संसद व विधानसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण को मंजूरी देना, देश में सी.ए.ए लागू करने के साथ ही अयोध्या में भगवान श्री राम के भव्य मंदिर के निर्माण का सपना साकार करना प्रधानमंत्री मोदी की गारंटी का ही परिणाम है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में हमारी सरकार ने भी उत्तराखंड में कई ऐसे कठोर निर्णय लिए हैं, जिन्हें पूर्व की सरकारों ने इच्छाशक्ति की कमी और वोटबैंक की राजनीति के कारण कभी लागू नहीं होने दिया। समान नागरिक संहिता। नकल विरोधी कानून। धर्मांतरण विरोधी कानून। दंगा रोधी कानून। लैंड जेहाद पर कार्यवाही कर हमने उत्तराखण्ड को आदर्श राज्य बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी की जोड़ी ने मिलकर उत्तरप्रदेश को उत्कृष्ट और उत्तम प्रदेश में बदल दिया है। डबल इंजन की सरकार ने उत्तरप्रदेश की पूरी काया पलटकर रख दी है। आज यूपी में अपराध पर अंकुश लगा है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में जहां भारत की अर्थव्यवस्था 5 ट्रिलियन की ओर अग्रसर है तो वही योगी जी उत्तरप्रदेश की अर्थव्यवस्था को 1 ट्रिलियन बनाने की दिशा में आगे ले जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज एक ओर संस्कृति और विरासत का सम्मान करने वाली भाजपा है जिसका नारा है ’’सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’’ तो वहीं दूसरी ओर सपा और कांग्रेस का ठगबंधन है जिनका एक ही लक्ष्य है ’’मेरा और मेरे परिवार का विकास’’। कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र से भी यह सिद्ध कर दिया है कि वो मुस्लिम लीग से कम नहीं हैं। ये लोग अपने चहेते वोटबैंक को खुश करने के चक्कर में आपका अधिकार भी उसी समुदाय को देना चाहते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस पूरे देश में तुष्टिकरण का कर्नाटक मॉडल लागू कर हमारे एसटी-एससी और ओबीसी का हक छीनकर अपने चहेते समुदाय को देना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सही कहा है “कांग्रेस की लूट, जिंदगी के साथ भी, जिंदगी के बाद भी”। उन्होंने कहा विपक्ष के लोग पांच साल में पांच प्रधानमंत्री बनाने की बात करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में बार-बार चुनाव होने से हज़ारों करोड़ का आर्थिक भार पड़ता है। साथ ही आचार संहिता और चुनावी कार्यों की वजह से विकास प्रभावित होता है। लेकिन घमंडिया गैंग को देश के आर्थिक भार से कोई सरोकार नहीं है। ये लोग सिर्फ अपने फायदे के लिए “एक राष्ट्र-एक चुनाव” का भी विरोध कर रहे हैं। हमें इस तुष्टिकरण और वोटबैंक की घटिया राजनीति को करारा जवाब देना है और भाजपा को पुनः विजयी बनाकर विकसित राष्ट्र के स्वप्न को साकार करना है।
मुख्यमंत्री ने बरेली की जनता से आग्रह किया कि विकसित भारत के विकास के लिए, मजबूत नेतृत्व के लिए, भ्रष्टाचार के अंत के लिए भाजपा को चुनें, कमल को चुनें तथा भाजपा प्रत्याशी छत्रपाल गंगवार के पक्ष में मतदान कर उन्हें भारी मतों से विजयी बनाएं और सशक्त, समृद्ध और विकसित भारत के निर्माण में अपना योगदान सुनिश्चित करें।
इस दौरान मंत्री जितिन प्रसाद, यूपी सरकार में मंत्री डॉ. अरुण कुमार, यूपी सरकार में मंत्री कपिल देव अग्रवाल, लोकसभा प्रत्याशी छत्रपाल गंगवार, बरेली मेयर उमेश गौतम एवं अन्य लोग मौजूद रहे।
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देहरादून में पति ने दरांती से की पत्नी की हत्या, घटना के बाद से आरोपी फरार

Dehradun News : देहरादून जिले के कालसी तहसील क्षेत्र के कचटा गांव में पति-पत्नी के बीच हुए विवाद ने खूनी रूप ले लिया। आरोप है कि पति ने अपनी पत्नी पर दरांती से हमला कर दिया, जिससे महिला की मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी पति मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर राजस्व विभाग और पुलिस की टीम गांव पहुंची और मामले की जांच शुरू की।
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देहरादून में पति ने दरांती से की पत्नी की हत्या
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, घटना के समय घर में पति-पत्नी ही मौजूद थे। दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसी दौरान पति ने कथित तौर पर दरांती से पत्नी पर हमला कर दिया।
हमले में गंभीर रूप से घायल महिला ने दम तोड़ दिया। मृतका की उम्र करीब 22 साल बताई जा रही है, जबकि आरोपी पति लगभग 24 साल का है। दोनों की शादी करीब तीन साल पहले हुई थी।
सूचना मिलते ही गांव पहुंची टीम
घटना की जानकारी मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर नायब तहसीलदार कालसी रविंद्र असवाल, राजेंद्र लाल और कालसी थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। टीम ने शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा की कार्रवाई की। वारदात में इस्तेमाल की गई दरांती बरामद होने की जानकारी भी सामने आई है।
मायके पक्ष ने दी तहरीर, जांच जारी
महिला के मायके पक्ष की ओर से राजस्व पुलिस को तहरीर दी गई है। पुलिस और राजस्व विभाग की टीम मामले से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाने के लिए पूछताछ कर रही है। घटना के बाद से आरोपी पति के फरार होने की बात कही जा रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी।
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9 तारीख को 11 बजे संभल जाना, उत्तराखंड में बजेगा भूकंप चेतावनी सायरन, जानें क्यों ?

Uttarakhand News : उत्तराखंड में भूकंप जैसी आपदा से निपटने की तैयारियों को मजबूत करने के लिए एक नई व्यवस्था लागू की जा रही है। अब राज्य में हर महीने की 9 तारीख को सुबह 11 बजे भूकंप पूर्व चेतावनी प्रणाली से जुड़े सायरन का परीक्षण किया जाएगा। इसका उद्देश्य लोगों को सायरन की आवाज और चेतावनी व्यवस्था से परिचित कराना है, साथ ही सिस्टम में लगे सेंसर और सायरन की कार्यक्षमता की नियमित जांच करना है।
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9 को उत्तराखंड में बजेगा भूकंप चेतावनी सायरन
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने इस संबंध में आपदा प्रबंधन विभाग को जरूरी निर्देश दिए हैं। उन्होंने सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन के साथ बैठक कर इस व्यवस्था को प्रभावी तरीके से लागू करने को लेकर चर्चा की।
भूकंप के लिहाज से संवेदनशील है उत्तराखंड
मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तराखंड भूकंपीय गतिविधियों की दृष्टि से बेहद संवेदनशील राज्य है। प्रदेश का बड़ा हिस्सा भूकंपीय जोन चार और पांच में आता है। ऐसे में लोगों को भूकंप से जुड़े जोखिमों की जानकारी देना, पहले से तैयारी रखना और समय पर चेतावनी उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि भूकंप पूर्व चेतावनी प्रणाली में लगाए गए सेंसर और सायरन की समय-समय पर जांच जरूरी है। इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि आपात स्थिति आने पर पूरी व्यवस्था सही तरीके से काम कर रही है या नहीं।इसके साथ ही जरूरत वाले क्षेत्रों में नए सेंसर और सायरन लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
9 तारीख को सुबह 11 बजे होगा सायरन टेस्ट
हर महीने 9 तारीख को सुबह 11 बजे बजने वाला सायरन वास्तविक भूकंप का अलर्ट नहीं होगा, बल्कि चेतावनी प्रणाली के नियमित परीक्षण का हिस्सा होगा। इस दौरान राज्य में स्थापित सायरनों की कार्यक्षमता जांची जाएगी।
अगर किसी सायरन में तकनीकी खराबी मिलती है तो उसे ठीक कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह नियमित जांच से सिस्टम की कमियों को आपदा के समय से पहले ही पहचानकर दूर किया जा सकेगा।
169 सेंसर और 112 सायरन स्थापित
आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन के अनुसार, वर्तमान में उत्तराखंड में भूकंप पूर्व चेतावनी प्रणाली के तहत 169 सेंसर और 112 सायरन लगाए गए हैं। सेंसर भूकंपीय गतिविधियों पर नजर रखने का काम करते हैं, जबकि निर्धारित व्यवस्था के जरिए लोगों तक चेतावनी पहुंचाई जाती है।
यूएसडीएमए और आईआईटी रुड़की के सहयोग से संचालित भूकंप पूर्व चेतावनी प्रणाली परियोजना के तहत अतिरिक्त सेंसर लगाने का प्रस्ताव भी प्रक्रिया में है। नए सेंसर जुड़ने से भूकंपीय गतिविधियों की निगरानी और चेतावनी प्रणाली की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी।

6 अक्टूबर के भूकंप में मिला था अलर्ट
विनोद कुमार सुमन ने बताया कि 6 अक्टूबर की रात आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.9 मापी गई थी। इसका केंद्र चमोली जिले में थराली के पास करीब 13 किलोमीटर की गहराई में बताया गया। इस दौरान आईआईटी रुड़की के सहयोग से संचालित भूकंप पूर्व चेतावनी प्रणाली के जरिए भूकंपीय तरंगों के लोगों तक पहुंचने से पहले चेतावनी मिली। भूदेव मोबाइल ऐप और राज्य में लगाए गए सायरन के जरिए लोगों को अलर्ट प्राप्त हुआ।
अधिकारियों के मुताबिक, भूकंप जैसी अचानक आने वाली आपदा में कुछ सेकंड की चेतावनी भी लोगों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है। इससे सुरक्षित स्थान पर जाने, गैस या बिजली के उपकरण बंद करने और जरूरी सावधानी बरतने का समय मिल सकता है।
सायरन की आवाज से लोगों को कराया जाएगा परिचित
हर महीने सायरन बजाने का एक उद्देश्य आम लोगों को इसकी आवाज की पहचान कराना भी है। सामान्य परिस्थितियों में लोगों को यह जानकारी नहीं होती कि भूकंप आने की स्थिति में चेतावनी सायरन कैसा सुनाई देगा।
निर्धारित तारीख और समय पर होने वाले परीक्षण से लोग सायरन की आवाज को पहचान सकेंगे और वास्तविक आपदा के समय चेतावनी को लेकर भ्रम की स्थिति कम होगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस पहल का मकसद लोगों में डर पैदा करना नहीं, बल्कि उन्हें जागरूक और आपदा के लिए तैयार करना है।
भूदेव ऐप अपडेट रखने की अपील
आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से भूदेव मोबाइल ऐप का अपडेटेड वर्जन अपने फोन में रखने की अपील की है। साथ ही ऐप को मोबाइल की लोकेशन की स्थायी अनुमति देने को कहा गया है, ताकि संबंधित क्षेत्र के लिए जारी भूकंप पूर्व चेतावनी समय पर मोबाइल तक पहुंच सके।
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देहरादून में दिनदहाड़े ट्रिपल मर्डर से सनसनी, घर में घुसकर बुजुर्ग दंपति और हेल्पर की हत्या

Dehradun News : उत्तराखंड के देहरादून से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है। रायपुर थाना क्षेत्र की विष्णु लोक कॉलोनी में एक ही घर के अंदर तीन लोगों की हत्या से सनसनी फैल गई। मृतकों में 85 वर्षीय रमेश कपूर, उनकी 76 वर्षीय पत्नी रजनी कपूर और घर में काम करने वाली 45 वर्षीय शीला शामिल हैं। पुलिस ने वारदात के आरोपी को हिरासत में ले लिया है।
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देहरादून में दिनदहाड़े ट्रिपल मर्डर से सनसनी
पुलिस की शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी प्लंबर का काम करता है और कपूर दंपति से पहले से परिचित था। बताया जा रहा है कि प्लंबिंग से जुड़े काम के लिए बुजुर्ग दंपति ने उसे अपने घर बुलाया था। काम खत्म होने के बाद किसी बात को लेकर आरोपी और कपूर दंपति के बीच विवाद हुआ। इसके बाद आरोपी ने कथित तौर पर तीनों पर हमला कर दिया।
घर में घुसकर बुजुर्ग दंपति और हेल्पर की हत्या
घटना रायपुर थाना क्षेत्र स्थित विष्णु लोक कॉलोनी के मकान नंबर 16 की है। पड़ोस में रहने वाली भारती भंडारी के अनुसार, दोपहर करीब तीन बजे उन्हें कपूर दंपति के घर से शोर सुनाई दिया। आवाज सुनकर जब वह बाहर आईं तो उन्होंने एक युवक को घर में काम करने वाली महिला पर पेचकस से हमला करते हुए देखा।
भारती भंडारी ने बताया कि उन्होंने घटना देखकर शोर मचाना शुरू किया। इसी दौरान पेचकस हाथ में लिए युवक उनकी ओर भी बढ़ा, लेकिन उनके लगातार चिल्लाने पर आसपास के लोग मौके की तरफ आने लगे। लोगों को अपनी ओर आते देख आरोपी वहां से भागने लगा। हालांकि, घर के बाहर मौजूद एक व्यक्ति ने कुछ दूरी पर ही उसे पकड़ लिया।

पुलिस ने एक आरोपी को सिया हिरासत में
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया। वहीं, स्थानीय लोगों की मदद से तीनों घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद तीनों को मृत घोषित कर दिया।
बताया गया है कि मृतक दंपति के दो बेटे हैं, जो पुणे और दिल्ली में रहते हैं। एक ही घर में तीन लोगों की हत्या की खबर फैलते ही पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। मौके पर पहुंचे एसएसपी देहरादून प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है और मामले से जुड़े सभी पहलुओं को देखा जा रहा है।







































