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नमामि गंगे की ऑडिट रिपोर्ट को लेकर गरमाई सियासत, कांग्रेस विधायक काजी निजामुद्दीन मे लगाए गंभीर आरोप

Uttarakhand Politics : उत्तराखंड विधानसभा में नमामि गंगे की ऑडिट रिपोर्ट को लेकर सियासत गरमा गई है। रिपोर्ट में गंगा सफाई और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की मॉनिटरिंग और गुणवत्ता पर सवाल उठाए गए हैं। विपक्ष सरकार पर आंकड़ों की बाजीगरी का आरोप लगा रहा है, जबकि सत्ता पक्ष का कहना है कि यह रिपोर्ट ही बताती है कि मॉनिटरिंग सिस्टम लगातार काम कर रहा है।
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नमामि गंगे की ऑडिट रिपोर्ट को लेकर गरमाई सियासत
नमामि गंगे योजना की शुरुआत साल 2014 से केंद्र सरकार ने गंगा की सफाई और संरक्षण के लिए की थी। इस मिशन के तहत गंगा में गिरने वाले सीवर को रोकने के लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, घाटों का विकास और नदी के पानी को प्रदूषण रहित करना था। इसके लिए हजारों करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है। इसकी ऑडिट रिपोर्ट जैसे ही विधानसभा पटल पर रखी गई जिसको लेकर अब विधानसभा में सवाल खड़े हो गए हैं।
कांग्रेस विधायक काजी निजामुद्दीन ने सरकार को घेरते हुए कहा कि नमामि गंगे की ऑडिट रिपोर्ट में कई गंभीर खामियां सामने आई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में कई जगह सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की मॉनिटरिंग तय मानकों के अनुसार नहीं हो पाई। रिपोर्ट में ये भी सामने आया कि कई एसटीपी में गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं हुआ और जिन लैब्स से पानी की जांच कराई जा रही है उनकी विश्वसनीयता पर भी सवाल उठे हैं।

हरिद्वार में गंगा का जल अभी भी बी श्रेणी में दर्ज
रिपोर्ट में ये भी सामने आया कि कुछ स्थानों पर गंगा के जल की गुणवत्ता में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ और हरिद्वार में गंगा का जल अभी भी बी श्रेणी में दर्ज किया गया है। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार गंगा की सफाई को लेकर केवल आंकड़ों की बाजीगरी कर रही है, जबकि जमीनी हालात अलग हैं।
सरकार गंगा की स्वच्छता को लेकर गंभीर – विधायक मुन्ना सिंह चौहान
वहीं सत्ता पक्ष ने इन आरोपों को खारिज किया है। बीजेपी विधायक मुन्ना सिंह चौहान का कहना है कि ऑडिट रिपोर्ट का मतलब यही है कि मॉनिटरिंग सिस्टम सक्रिय है और लगातार एसटीपी की जांच की जा रही है। उनका कहना है कि जब भी कोई रिपोर्ट सामने आती है तो उसी के आधार पर सुधार की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाती है और सरकार गंगा की स्वच्छता को लेकर गंभीर है।
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उत्तराखंड में आज फिर बदलेगा मौसम, 25-26 सितंबर को भारी बारिश की चेतावनी

Uttarakhand Weather : उत्तराखंड में फिलहाल मानसून की रफ्तार धीमी बनी हुई है और अधिकांश इलाकों में मौसम शुष्क है। हालांकि, अगले कुछ दिनों में प्रदेश के मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। आज से प्रदेश में बारिश होने के आसार हैं।
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उत्तराखंड में आज फिर बदलेगा मौसम
मौसम विभाग के मुताबिक 23 सितंबर को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है। इसके बाद 24 सितंबर से बारिश का दायरा बढ़ने लगेगा। 25 सितंबर को मौसम की गतिविधियां और तेज होने की संभावना है, जबकि 26 सितंबर को कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
24 और 25 सितंबर के लिए बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 24 सितंबर को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, नैनीताल, चम्पावत, ऊधम सिंह नगर और पिथौरागढ़ में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है।
25 सितंबर से उत्तराखंड में मौसम का मिजाज तेजी से बदल सकता है। बागेश्वर, नैनीताल, चम्पावत, अल्मोड़ा, ऊधम सिंह नगर और पिथौरागढ़ में तेज बारिश के साथ आकाशीय बिजली और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है।

26 सितंबर को कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
26 सितंबर को प्रदेश में मौसम सबसे ज्यादा सक्रिय रहने का अनुमान है। बागेश्वर, नैनीताल, चम्पावत और ऊधम सिंह नगर में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, चमोली, पौड़ी और रुद्रप्रयाग में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने इस दिन प्रदेश के सभी 13 जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली की घटनाओं को लेकर चेतावनी दी है।
27 और 28 सितंबर को भी जारी रह सकता है बारिश का दौर
26 सितंबर के बाद मौसम पूरी तरह शांत होने के संकेत नहीं हैं। पूर्वानुमान के अनुसार 27 और 28 सितंबर को भी राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
इस दौरान पहाड़ी जिलों में मौसम का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है, जबकि मैदानी इलाकों में भी कुछ स्थानों पर बारिश होने की संभावना बनी रहेगी।
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पूर्व CM हरीश रावत के PA रहे चंदन सिंह जीना के घर ED का छापा, रेड के बाद प्रदेश में सियासी भूचाल

Dehradun News : UKSSSC की वर्ष 2016 की वीपीडीओ परीक्षा में कथित धांधली से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के पूर्व PA और OSD रहे चंदन सिंह जीना के देहरादून स्थित आवास पर छापा मारा।
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पूर्व CM हरीश रावत के PA रहे चंदन सिंह जीना के घर ED का छापा
तलाशी के दौरान ईडी को करीब 32 लाख रुपये की बेहिसाबी नकदी, 200.5 ग्राम सोना और 12 लग्जरी घड़ियां मिलीं। बरामद सोने में 13 सिक्के और 7 चेन शामिल हैं। घड़ियों में Rolex, Rado, Piaget, Movado, Tissot और Casio Edifice जैसे ब्रांड बताए गए हैं।
इसके अलावा जीना और उनके परिवार के बैंक खातों में मौजूद 52.16 लाख रुपये फ्रीज किए गए हैं। ईडी ने उनका मोबाइल फोन भी फोरेंसिक जांच के लिए कब्जे में लिया है।

पहले विजिलेंस फिर एसटीएफ ने की थी मामले की जांच
वीपीडीओ परीक्षा-2016 में अनियमितताओं की जांच पहले विजिलेंस और बाद में एसटीएफ ने की थी। पुलिस जांच में सामने आए तथ्यों और मनी ट्रेल के आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की। इसी क्रम में ईडी ने गुरुवार को कई आरोपियों और परीक्षा आयोजित कराने वाली कंपनी से जुड़े लोगों के ठिकानों पर भी तलाशी ली।
रेड के बाद प्रदेश में सियासी भूचाल
देर रात हुई इस रेड के बाद से उत्तराखंड में सियासी भूचाल मच गया है। पूर्व सीएम और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीशा रावत ने कांग्रेस के अपने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। हरीश रावत ने इसकी जानकारी अपने सोशल मीडिया हैंडल के जरिए देर रात दी।
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उत्तराखंड में बड़ा सियासी भूचाल, पूर्व सीएम हरीश रावत ने अपने सभी पदों से दिया इस्तीफा

Uttarakhand Politics : उत्तराखंंड की सियासत से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। पूर्व सीएम और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने कांग्रेस के दोनों पदों से इस्तीफा दे दिया है। जिसके बाद से उत्तराखंड में सियासी भूचाल देखने को मिल रहा है।
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पूर्व सीएम हरीश रावत ने अपने सभी पदों से दिया इस्तीफा
UKSSSC की वर्ष 2016 की VPDO परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के बाद उत्तराखंड की सियासत में हलचल तेज हो गई है। ED ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के तत्कालीन ओएसडी और पीए रहे चंदन सिंह जीना से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की थी। कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी के साथ सोने के सिक्के, चेन और महंगी घड़ियां बरामद किए जाने की बात सामने आई।
ED की कार्रवाई के बाद देर रात इस मामले का राजनीतिक असर भी देखने को मिला। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कार्यकारिणी सदस्यता और प्रदेश कांग्रेस के स्थायी आमंत्रित सदस्य के पद से इस्तीफा देने की घोषणा की।
परीक्षाओं में गड़बड़ी युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़
हरीश रावत ने कहा कि सरकारी नियुक्तियों और प्रतियोगी परीक्षाओं में किसी भी तरह की गड़बड़ी युवाओं के भविष्य के साथ गंभीर अन्याय है। उन्होंने कहा कि अगर उनसे जाने-अनजाने में ऐसा कोई कार्य हुआ हो, जिसका असर राज्य के नौजवानों के भविष्य पर पड़ा हो, तो वो इसके लिए स्वयं को जिम्मेदार मानते हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य के लोगों से अपनी कथित चूक के लिए सार्वजनिक रूप से क्षमा भी मांगी। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि किसी के पास नियुक्तियों या परीक्षाओं से जुड़े मामलों में उनके हस्तक्षेप अथवा संलिप्तता के कोई ठोस प्रमाण हैं, तो उन्हें जांच एजेंसियों के सामने प्रस्तुत किया जाना चाहिए।
हरीश रावत ने जनता से की अपील
हरीश रावत ने अपील की कि ऐसे किसी भी प्रमाण को सीबीआई, ईडी या उत्तराखंड पुलिस को उपलब्ध कराया जाए, ताकि मामले की वास्तविकता सामने आ सके।
ED की कार्रवाई और उसके बाद हरीश रावत के इस्तीफे के ऐलान ने उत्तराखंड कांग्रेस के भीतर भी नई राजनीतिक चर्चा को जन्म दे दिया है। अब इस पूरे मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ राजनीतिक प्रतिक्रियाओं पर भी नजर रहेगी।
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