Dehradun
उत्तराखंड: यूकेपीएससी आरओ-एआरओ परीक्षा की तिथि बदली, जानिए नई परीक्षा तिथि…

देहरादून: उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (UKPSC) ने आगामी आरओ/एआरओ प्रारंभिक परीक्षा 2024 की तिथि में बदलाव किया है। पहले यह परीक्षा 25 जनवरी 2025 को आयोजित होनी थी, लेकिन राज्य में होने वाले स्थानीय निकाय चुनावों की मतगणना के कारण परीक्षा को स्थगित कर दिया गया है। अब यह परीक्षा 29 जनवरी 2025 को आयोजित की जाएगी।
आयोग ने यह जानकारी अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर दी है। उम्मीदवारों को परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिए गए हैं। सभी उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र पर हॉल टिकट ले जाना होगा। एडमिट कार्ड में निम्नलिखित विवरण शामिल होंगे:
- उम्मीदवार का नाम
- रोल नंबर
- परीक्षा तिथि
- परीक्षा केंद्र का पता
- परीक्षा का समय
- उम्मीदवार की फोटो और हस्ताक्षर
UKPSC RO/ARO Prelims Exam 2024: परीक्षा पैटर्न
यह परीक्षा 29 जनवरी 2025 को एक ही शिफ्ट में आयोजित होगी, जो सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक चलेगी। इस परीक्षा में सभी प्रश्न वस्तुनिष्ठ (MCQ) प्रकार के होंगे, कुल प्रश्नों की संख्या 200 होगी और इसके लिए 200 अंक निर्धारित किए गए हैं। परीक्षा की कुल अवधि 3 घंटे होगी।
UKPSC RO/ARO Prelims Exam: एडमिट कार्ड कैसे डाउनलोड करें?
परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को अपने एडमिट कार्ड को डाउनलोड करने के लिए निम्नलिखित स्टेप्स फॉलो करने होंगे:
- आधिकारिक वेबसाइट ukpsc.net.in पर जाएं।
- होम पेज पर ‘UKPSC RO/ARO Prelims Exam 2024’ एडमिट कार्ड लिंक पर क्लिक करें।
- नया पेज खुलेगा, जहां आपको अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और पासवर्ड दर्ज करना होगा।
- सबमिट करने के बाद आपका एडमिट कार्ड स्क्रीन पर दिखाई देगा।
- एडमिट कार्ड डाउनलोड करें और उसका प्रिंटआउट लेकर परीक्षा में शामिल हों।
#UKPSCROAROPrelimsExam2024, #UKPSCExamDateChange, #UKPSCROAROExamNewDate, #UKPSC29JanuaryExam, #UKPSCROAROAdmitCard2024
Uttarakhand
WEST BENGAL: पश्चिम बंगाल में परिवर्तन की हुंकार, CM धामी बोले—कमल खिलेगा तो आएगा सुशासन
बंगाल के चुनावी रण में उत्तराखंड के ‘धाकड़’ धामी, ममता सरकार पर साधा तीखा निशाना
WEST BENGAL: पश्चिम बंगाल में चुनावी सरगर्मियां तेज हो चुकी हैं और इसी के साथ भाजपा ने अपने धाकड़ और धुरंधर स्टार प्रचारक, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को चुनावी मैदान में उतार दिया है। सोमवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बनगांव पहुंचे, जहां उन्होंने बनगांव दक्षिण सीट से स्वप्न मजूमदार, बनगांव उत्तर सीट से अशोक कीर्तनिया, बगदा सीट से सोमा ठाकुर और गैघाटा सीट से सुब्रत ठाकुर के नामांकन कार्यक्रम में भाग लिया।
मुख्य बिंदु
रोड शो और जनसभा में उमड़ी भारी भीड़
इससे पहले उन्होंने भव्य रोड शो और जनसभा के माध्यम से भाजपा के पक्ष में मतदान की अपील की। रोड शो और जनसभा में उमड़ी भारी भीड़ और लोगों का उत्साह इस बात का संकेत दे रहा था कि धामी की लोकप्रियता अब उत्तराखंड की सीमाओं से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुकी है। लोग उन्हें एक निर्णायक और जननेता के रूप में देख रहे हैं।

धाकड़ और निर्णायक नेता के रूप में पहचान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहचान आज एक धाकड़, निर्णायक और सख्त फैसले लेने वाले नेता के रूप में स्थापित हो चुकी है। समान नागरिक संहिता लागू करने का निर्णय हो, अतिक्रमण के खिलाफ सख्त अभियान, नकल विरोधी कानून या भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई—इन फैसलों ने उन्हें एक मजबूत प्रशासक के रूप में स्थापित किया है। उत्तराखंड में लिए गए इन साहसिक निर्णयों के चलते कई लोग उन्हें एक ऐसे नेता के रूप में देखते हैं जो राज्य की सांस्कृतिक पहचान और मूल स्वरूप को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
देशभर में बढ़ती लोकप्रियता और चुनावी भूमिका
यही कारण है कि कर्नाटक, ओडिशा, बिहार, पंजाब और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में भी चुनावों के दौरान भाजपा के स्टार प्रचारकों की सूची में मुख्यमंत्री धामी का नाम प्रमुखता से शामिल रहा है। अब पश्चिम बंगाल में भी भाजपा ने अपने इस धुरंधर प्रचारक को चुनावी रण में उतारा है, जहां उनके कार्यक्रमों में उमड़ रही भीड़ उनकी बढ़ती लोकप्रियता का संकेत मानी जा रही है।

टीएमसी और ममता सरकार पर तीखा हमला
बनगांव की जनसभा में मुख्यमंत्री धामी ने टीएमसी और ममता सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में टीएमसी की सरकार एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि एक “सिंडिकेट” के रूप में काम कर रही है। कट और कमीशन इस सरकार की पहचान बन चुके हैं। लोगों को डराना, धमकाना और लूटना इनकी राजनीति का हिस्सा बन गया है।
डबल इंजन सरकार से विकास का वादा
उन्होंने कहा कि देशभर में डबल इंजन सरकार विकास के नए आयाम स्थापित कर रही है और पश्चिम बंगाल में भी डबल इंजन सरकार बनने के बाद विकास, समृद्धि और सुशासन का नया दौर शुरू होगा।

जनसैलाब को बताया परिवर्तन की लहर का संकेत
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि बनगांव की सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब इस बात का संकेत है कि इस बार पश्चिम बंगाल में परिवर्तन की लहर है और भारी बहुमत से कमल खिलने जा रहा है। उन्होंने जनता से भाजपा प्रत्याशियों को विजयी बनाने की अपील करते हुए कहा कि कमल खिलेगा तो समृद्धि आएगी, विकास आएगा और कानून का राज स्थापित होगा।
राजनीतिक विश्लेषण: धामी का दौरा BJP के लिए फायदेमंद
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की छवि एक ऐसे धाकड़ और निर्णायक नेता की बन चुकी है, जो सख्त फैसले लेने से पीछे नहीं हटते—और यही उनकी सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत बनकर उभर रही है। पश्चिम बंगाल में उनका यह दौरा भाजपा के चुनाव अभियान को और धार देने वाला माना जा रहा है।
Dehradun
DEHRADUN MURDER CASE: ब्रिगेडियर जोशी मर्डर केस में पुलिस को बड़ी सफलता, सभी 10 आरोपी पुलिस की गिरफ्त में

देहरादून: ब्रिगेडियर हत्याकांड में 10वां आरोपी गिरफ्तार
DEHRADUN MURDER CASE: देहरादून के राजपुर क्षेत्र में हुए रिटायर्ड ब्रिगेडियर हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही इस सनसनीखेज मामले में शामिल सभी 10 आरोपी अब पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं। सभी अभियुक्तों को हत्या की धाराओं में न्यायालय से रिमांड पर लिया गया है।
मुख्य बिंदु
30 अप्रैल को हुई थी रिटायर्ड ब्रिगेडियर की हत्या
दरअसल, 30 मार्च 2026 की सुबह जोहड़ी गांव में फायरिंग की घटना के दौरान मॉर्निंग वॉक कर रहे रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश कुमार जोशी को गोली लग गई थी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद परिजनों की तहरीर के आधार पर थाना राजपुर में मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने इस केस में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) सहित अन्य धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई में 9 आरोपी गिरफ्तार
घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पहले ही 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। वहीं, एक अन्य आरोपी वैभव कुमार घटना के बाद से लगातार फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार तलाश में जुटी हुई थीं और विभिन्न स्थानों पर दबिश दी जा रही थी।
रविवार को फरार आरोपी वैभव गिरफ्तार
जिसके बाद अब पुलिस ने 5 अप्रैल को फरार आरोपी वैभव कुमार को राजपुर क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी हरियाणा के यमुनानगर जिले का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार, अब इस मामले में शामिल सभी 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और सभी के खिलाफ हत्या की धाराओं में कार्रवाई जारी है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है।
Dehradun
DEHRADUN NEWS: दून लाइब्रेरी में “हम्पी: उत्कर्ष से अपकर्ष तक” का लोकार्पण, तापस चक्रवर्ती की किताब को मिल चुके कई बड़े सम्मान

देहरादून में साहित्यकार तापस चक्रवर्ती की पुस्तक “हम्पी: उत्कर्ष से अपकर्ष तक” का लोकार्पण
DEHRADUN NEWS: देहरादून स्थित दून लाइब्रेरी एवं रिसर्च सेंटर में 4 अप्रैल 2026 को वरिष्ठ साहित्यकार तापस चक्रवर्ती की चर्चित पुस्तक “हम्पी: उत्कर्ष से अपकर्ष तक” का भव्य लोकार्पण और परिचर्चा कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस अवसर पर साहित्य और शिक्षा जगत से जुड़े कई प्रतिष्ठित व्यक्तित्व उपस्थित रहे.
मुख्य बिंदु
हम्पी के इतिहास पर आधारित है पुस्तक
ये पुस्तक हम्पी जैसे ऐतिहासिक नगर पर आधारित है, जो कभी विजयनगर साम्राज्य की राजधानी हुआ करता था. लेखक ने इस कृति में हम्पी के उत्कर्ष और पतन की पूरी कहानी को विस्तार से प्रस्तुत किया है. 14वीं सदी में जहां ये नगर विश्वभर में अपनी समृद्धि और वैभव के लिए प्रसिद्ध था, वहीं 16वीं सदी में तालीकोटा का युद्ध के बाद इसका पतन शुरू हो गया.
पुस्तक में शामिल हैं ये महत्वपूर्ण पहलू
पुस्तक में इतिहास के कई महत्वपूर्ण पहलुओं को समाहित किया गया है, जिनमें शामिल हैं:
- विजयनगर साम्राज्य का संक्षिप्त इतिहास
- शासकों का परिचय और उनके शासन की प्रमुख घटनाएं
- विदेशी यात्रियों के अनुभव
- हम्पी के खंडहरों और स्थापत्य कला का विवरण
- विजय विट्ठल और विरुपाक्ष मंदिरों का महत्व
- महलों और राजसी इमारतों की संरचना
- उस समय के धर्म और संप्रदाय की स्थिति
कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित
ये पुस्तक वर्ष 2025 में “Valley of Words” के नॉन-फिक्शन वर्ग में शॉर्टलिस्ट हो चुकी है.
इसके अलावा इसे कादंबरी संस्था, जबलपुर द्वारा “साहित्य सरस्वती सम्मान” और लिटरेचर लाइट पब्लिशिंग द्वारा एशिया का प्रतिष्ठित “स्पर्श साहित्य सम्मान” भी मिल चुका है.
कौन हैं तापस चक्रवर्ती
तापस चक्रवर्ती हाल ही में केंद्रीय जीएसटी विभाग से सहायक आयुक्त के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं. वे एक अनुभवी लेखक हैं और अब तक उनके पाँच यात्रा-वृत्तांत प्रकाशित हो चुके हैं.
इस कार्यक्रम में डा. सुरेखा डंगवाल, कुलपति दून विश्वविद्यालय ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की. वहीं डा. जितेन ठाकुर और वरिष्ठ साहित्यकार मुकेश नौटियाल ने पुस्तक पर अपने विचार साझा किए. कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रसिद्ध कवि डा. बुद्धिनाथ मिश्र ने की. डा. चन्द्रशेखर तिवारी ने धन्यवाद ज्ञापन किया, जबकि डा. भारती मिश्र ने कार्यक्रम का सफल संचालन किया.
Dehradun23 hours agoDEHRADUN NEWS: दून लाइब्रेरी में “हम्पी: उत्कर्ष से अपकर्ष तक” का लोकार्पण, तापस चक्रवर्ती की किताब को मिल चुके कई बड़े सम्मान
Uttarakhand20 hours agoRAMNAGAR ACCIDENT: पीरूमदारा क्षेत्र में तेज रफ्तार का कहर, दो बाइकों की टक्कर में तीन युवक घायल
Dehradun19 hours agoDEHRADUN MURDER CASE: ब्रिगेडियर जोशी मर्डर केस में पुलिस को बड़ी सफलता, सभी 10 आरोपी पुलिस की गिरफ्त में
Tehri Garhwal24 hours agoटिहरी की नई SSP श्वेता चौबे ने संभाली कमान, सख्त और ईमानदार छवि से कानून-व्यवस्था मजबूत होने की उम्मीद
Uttarakhand18 hours agoWEST BENGAL: पश्चिम बंगाल में परिवर्तन की हुंकार, CM धामी बोले—कमल खिलेगा तो आएगा सुशासन
Cricket42 minutes agoRR vs MI Dream11 Team Match 13 IPL 2026
Tehri Garhwal20 minutes agoTEHRI NEWS: श्रीदेव सुमन यूनिवर्सिटी में हंगामा, रिजल्ट गड़बड़ी पर छात्रों का 5 घंटे घेराव, आंदोलन की चेतावनी
Haridwar58 minutes agoHARIDWAR NEWS: लोहे के पुल पर चढ़ा युवक, ढाई घंटे चला हाई वोल्टेज ड्रामा, पुलिस ने किया सुरक्षित रेस्क्यू
































