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उत्तराखंड: आज भी बिगड़ा रहेगा मौसम, देहरादून समेत इन जिलों में येलो अलर्ट, यमुनोत्री हाईवे समेत 146 मार्ग बंद।

देहरादून – उत्तराखंड में आज भी माैसम बिगड़ा रहेगा। माैसम विभाग ने देहरादून, उत्तरकाशी और बागेश्वर में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है।

वहीं, यमुनोत्री हाईवे फूलचट्टी जानकीचट्टी के बीच कृष्णा चट्टी के पास बंद हो गया है। यहां छोटे वाहनों की आवाजाही जोखिम भरी। बड़े वाहनों की सवारियां पैदल व घोड़े खच्चरों और डंडी से आ जा रहे हैं।
कृष्णा चट्टी के निवासी मां यमुना के पुजारी आशिष उशीष उनियाल ने बताया कि बड़े वाहनों के लिए हाईवे खोलने के प्रयास शुरू किए जा रहे हैं फिलहाल छोटे वाहनों को जानकीचट्टी से बड़कोट की ओर निकाला जा रहा है। हाईवे बंद होने से कृष्णा चट्टी से ही श्रद्धालुओं को यमुनोत्री धाम की ओर पालकी ले जा रहे हैं।
बारिश के बाद जगह-जगह मलबा आने से 146 मार्ग बंद हो गए। राज्य आपदा परिचालन केंद्र के मुताबिक बंद मार्गों को खोलने का प्रयास किया जा रहा है। रुद्रप्रयाग में 15, उत्तरकाशी में 4, नैनीताल में 2, बागेश्वर में 11, देहरादून में 18, अल्मोड़ा में 4, पिथौरागढ़ में 22, चंपावत में 2, ऊधमसिंह नगर में 2, पौड़ी में 12, चमोली में 37 और टिहरी जिले में 17 मार्ग बंद हैं। देहरादून के दूधली-मोथरोवाला मार्ग में भी जगह-जगह मलबा आया हुआ है।

बदरीनाथ हाईवे जगह-जगह अवरुद्ध है। जोशीमठ के समीप सेलंग में पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा आने के साथ ही चीड़ के पेड़ भी टूटकर आ गए, जिससे हाईवे के दोनों ओर करीब 400 तीर्थयात्री फंस गए। नंदप्रयाग के समीप पर्थाडीप और पुरसाड़ी में भी भूस्खलन होने से दिनभर वाहनों की आवाजाही नंदप्रयाग-सैकोट-कोठियालसैंण मार्ग से हुई। बृहस्पतिवार रात को भारी बारिश हुई थी। शुक्रवार सुबह करीब पांच बजे बदरीनाथ हाईवे पर नंदप्रयाग से कंचनगंगा तक जगह-जगह भूस्खलन होने से मलबा आ गया, जिससे हाईवे बंद हो गया था।

शुक्रवार को दिनभर हाईवे पर वाहनों की आवाजाही नहीं हुई। देर रात फिर बारिश होने पर पुरसाड़ी, मैठाणा, पागलनाला और गुलाबकोटी में मलबा आने से हाईवे सुचारू नहीं हो पाया। शनिवार को दिनभर हाईवे को खोलने का काम जारी रहा, लेकिन शाम साढ़े पांच बजे सेलंग के समीप पहाड़ी से चीड़ के दो पेड़ों संग मलबा हाईवे पर आ गया।
इससे देर शाम तक भी हाईवे नहीं खुल पाया। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदकिशोर जोशी ने बताया, हाईवे को सुचारू करने का काम जारी है। मौसम सामान्य रहा तो रविवार को हाईवे वाहनों की आवाजाही के लिए खुल जाएगा।
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17 अक्टूबर को बंद होंगे चतुर्थ केदार रुद्रनाथ मंदिर के कपाट, उसके बाद यहां कर सकते हैं दर्शन

Chamoli News : उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित पंचकेदारों में शामिल चतुर्थ केदार रुद्रनाथ धाम के कपाट आगामी 17 अक्टूबर को शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे।
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17 अक्टूबर को बंद होंगे चतुर्थ केदार रुद्रनाथ मंदिर के कपाट
चतुर्थ केदार रुद्रनाथ मंदिर के कपाट बंद होने की तिथि का ऐलान हो गया है। इस साल 17 अक्टूबर को रूद्रनाथ धाम के कपाट बंद होंगे। रुद्रनाथ मंदिर के पुजारी हरीश भट्ट के अनुसार, वर्तमान में बड़ी संख्या में श्रद्धालु कठिन पैदल यात्रा कर धाम पहुंच रहे हैं। मौसम अनुकूल होने के कारण यात्रा सुचारू रूप से जारी है और तीर्थयात्रियों में रुद्रनाथ के दर्शन को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है।
शीतकाल में गोपीनाथ मंदिर में होती है पूजा
शीतकाल के दौरान भारी बर्फबारी और कठिन मौसम के कारण रुद्रनाथ धाम की यात्रा बंद हो जाती है। इस अवधि में भगवान रुद्रनाथ की पूजा-अर्चना गोपेश्वर स्थित गोपीनाथ मंदिर में की जाती है। यानी की कपाट बंद होने के बाद गोपीनाथ मंदिर में रूद्रनाथ जी के दर्शन कर सकते हैं।

11,808 फीट की ऊंचाई पर स्थित है रुद्रनाथ धाम
चमोली जिले में समुद्र तल से करीब 11,808 फीट की ऊंचाई पर स्थित रुद्रनाथ मंदिर उत्तराखंड के प्रमुख शिव धामों में शामिल है। हिमालय की ऊंची और दुर्गम चोटियों के बीच स्थित यह मंदिर अपनी आध्यात्मिक मान्यता के साथ-साथ अद्भुत प्राकृतिक सौंदर्य के लिए भी जाना जाता है।
रुद्रनाथ में होती है भगवान शिव के मुख की पूजा
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, रुद्रनाथ पंचकेदारों में विशेष स्थान रखता है। यहां भगवान शिव के एकानन यानी मुख स्वरूप की पूजा की जाती है, जबकि भगवान शिव के संपूर्ण स्वरूप से जुड़ी मान्यता नेपाल के काठमांडू स्थित पशुपतिनाथ मंदिर से जुड़ी हुई है।
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फूलों की घाटी में टूटा पर्यटकों की संख्या का रिकॉर्ड, अब तक पहुंचे 22,745 सैलानी

Chamoli News : उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी में इस साल पर्यटकों की आवाजाही ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर इस घाटी को देखने के लिए अब तक रिकॉर्ड संख्या में सैलानी पहुंच चुके हैं।
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फूलों की घाटी में पर्यटकों की संख्या का रिकॉर्ड टूटा
फूलों की घाटी में पर्यटकों की संख्या का रिकॉर्ड टूट गया है। मिली जानकारी के मुताबिक, 21 जून तक फूलों की घाटी में कुल 22,745 पर्यटक पहुंच चुके हैं। इनमें 154 विदेशी पर्यटक भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि यह घाटी में अब तक दर्ज की गई पर्यटकों की सबसे बड़ी संख्या है।
एक जून से शुरू हुई पर्यटकों की आवाजाही
फूलों की घाटी में इस साल 1 जून से पर्यटकों के प्रवेश की शुरुआत हुई थी। इसके बाद से लगातार देश-विदेश से सैलानी यहां पहुंच रहे हैं। घाटी में खिले रंग-बिरंगे फूल और आसपास का प्राकृतिक नजारा पर्यटकों को खासा आकर्षित कर रहा है।

मौसम अनुकूल रहने का भी मिला फायदा
इस बार मानसून के दौरान मौसम अपेक्षाकृत अनुकूल रहने का भी पर्यटन पर सकारात्मक असर देखने को मिला है। सड़क और हाईवे बाधित होने की घटनाएं कम रहने से पर्यटकों की आवाजाही सुचारू बनी रही। इसका सीधा फायदा फूलों की घाटी पहुंचने वाले सैलानियों की संख्या में दिखाई दे रहा है।
31 अक्टूबर तक खुली रहेगी फूलों की घाटी
फूलों की घाटी अभी पर्यटकों के लिए खुली है और 31 अक्टूबर तक यहां घूमने का मौका रहेगा। ऐसे में आने वाले दिनों में पर्यटकों की संख्या में और इजाफा होने की संभावना है। रिकॉर्ड संख्या में सैलानियों के पहुंचने से स्थानीय पर्यटन कारोबार को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।
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बद्रीनाथ हाईवे पर हाथी पहाड़ के पास गिरे भारी बोल्डर, एहतियातन रोकी गई हेमकुंड साहिब यात्रा

Chamoli News : प्रदेश में बारिश का सिलसिला जारी है। जिस कारण पहाड़ों पर लगातार भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं। चमोली जिले में बद्रीनाथ हाईवे पर हाथी पहाड़ के पास भारी बोल्डर गिरने के कारण यातायात पूरी तरह ठप हो गया है।
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बद्रीनाथ हाईवे पर हाथी पहाड़ के पास गिरे भारी बोल्डर
चमोली जिले में बद्रीनाथ हाईवे पर हाथी पहाड़ के पास सड़क का करीब 20 मीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त होने से यातायात बाधित हो गया है। सड़क टूटने के चलते बदरीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब जाने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा प्रभावित हुई है।
यातायात पूरी तरह हुआ ठप
मिली जानकारी के मुताबिक मारवाड़ी चौकी से आगे भी बोल्डर गिया है। यहां क्रशर के समीप हाईवे पर भारी बोल्डर गिरने की सूचना है। बारिश के कारण सड़क कई स्थानों पर धंस गई है, जिससे वाहनों की आवाजाही में मुश्किलें बढ़ गई हैं।

एहतियातन रोकी गई हेमकुंड साहिब यात्रा
लगातार हो रही बारिश के बीच हाईवे पर भूस्खलन और सड़क धंसने का खतरा बना हुआ है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन और संबंधित विभाग की टीमें सड़क को जल्द से जल्द यातायात के लिए खोलने में जुटी हैं। इसके साथ हेमकुंड साहिब यात्रा रोक दी गई है।
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