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उत्तरकाशी मस्जिद विवाद हाईकोर्ट पहुंचा,मुस्लिम समुदाय ने हाईकोर्ट से मांगी सुरक्षा….

उत्तरकाशी मस्जिद विवाद एक बार फिर से चर्चा का विषय बन गया है, और अब यह मामला नैनीताल हाईकोर्ट तक पहुंच गया है। मुस्लिम समुदाय ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और मस्जिद की सुरक्षा प्रदान करने की अपील की है।
उत्तरकाशी मस्जिद विवाद का विवरण
उत्तरकाशी जिले के मौजा बाड़ाहाट में स्थित मस्जिद को लेकर विवाद जारी है। हिंदू संगठन लगातार इस मस्जिद को अवैध मानते हुए इसे हटाने की मांग कर रहे हैं, जबकि मुस्लिम समुदाय ने इसे पूरी तरह से वैध बताया है। मुस्लिम समुदाय का कहना है कि मस्जिद की वैधता को लेकर जो विवाद उठाया जा रहा है, वह पूरी तरह से निराधार है। उन्होंने मस्जिद को सुरक्षा देने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।
मुस्लिम समुदाय का पक्ष
मुस्लिम समुदाय का कहना है कि मस्जिद पूरी तरह से वैध है और इसे अवैध बताकर विरोध किया जा रहा है। उनका दावा है कि मस्जिद के खिलाफ लगाए गए आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है और वे इस मामले में उच्च न्यायालय से न्याय की उम्मीद कर रहे हैं। इसके साथ ही, मुस्लिम समुदाय ने हाईकोर्ट से मस्जिद की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
क्या है उत्तरकाशी मस्जिद विवाद?
उत्तरकाशी के मौजा बाड़ाहाट, तहसील भटवाड़ी में स्थित मस्जिद को लेकर विवाद तब शुरू हुआ जब एक आरटीआई के जवाब में प्रशासन ने इस मस्जिद से जुड़े कागजात की कमी की जानकारी दी। इसके बाद से ही हिंदू संगठनों ने मस्जिद को हटाने की मांग शुरू कर दी। 21 अक्टूबर को इस विवाद को लेकर उत्तरकाशी में बाजार बंद रखा गया और एक जन आक्रोश रैली निकाली गई। इस रैली में बवाल मचने के बाद इलाके में धारा 163 लागू की गई।
इसके बाद, हिंदू संगठन ने 25 नवंबर को तहसील स्तर पर ज्ञापन सौंपने और 1 दिसंबर को महापंचायत आयोजित करने की घोषणा की थी। हिंदूवादी संगठन के सदस्यों ने 6 सितंबर को डीएम कार्यालय के बाहर धरना दिया और मस्जिद को गिराने की मांग की। इसके बाद, जिलाधिकारी ने एक जांच कमेटी का गठन किया, जिसने रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें मस्जिद को वैध बताया गया। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि जिस जमीन पर मस्जिद बनी है, वह सरकारी नहीं है।
अभी तक की स्थिति
मस्जिद को हटाने की मांग के बावजूद, प्रशासन ने यह स्पष्ट किया कि मस्जिद वैध है और इस मामले की जांच की जा रही है। अब इस विवाद में मुस्लिम समुदाय ने हाईकोर्ट से राहत की उम्मीद जताई है और मस्जिद की सुरक्षा की मांग की है।
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पिरान कलियर दरगाह से वायुसेना अधिकारी का बेटा लापता, लावारिस हालत में मिला बैग

Haridwar News : हरिद्वार के पिरान कलियर स्थित दरगाह साबिर पाक परिसर से भारतीय वायुसेना के एक अधिकारी का 27 वर्षीय बेटा संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया। युवक का बैग दरगाह परिसर में लावारिस हालत में मिला, जिसमें लैपटॉप, पासपोर्ट और अन्य जरूरी दस्तावेज बरामद हुए। घटना के बाद से परिजन परेशान हैं, वहीं पुलिस युवक की तलाश में जुटी है।
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पिरान कलियर दरगाह से वायुसेना अधिकारी का बेटा लापता
बिहार निवासी शंकर सिंह भारतीय वायुसेना में मास्टर वारंट ऑफिसर के पद पर तैनात हैं। वर्तमान में उनकी पोस्टिंग पश्चिम बंगाल के बागडोगरा में है। उनका बेटा सत्यम एक निजी विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर के तौर पर काम करता था। परिजनों के मुताबिक, उसने करीब डेढ़ महीने पहले ही नौकरी छोड़ दी थी। बताया गया है कि सत्यम लंबे समय से अपने पिता के संपर्क में भी नहीं था और दोनों के बीच बातचीत बंद थी।
लावारिस हालत में मिला बैग
जानकारी के अनुसार, 17 अक्टूबर को पिरान कलियर पुलिस को दरगाह परिसर से एक काला बैग मिला था। बैग लावारिस हालत में पड़ा हुआ था। पुलिस ने इसकी सूचना सत्यम के पिता को दी। 18 अक्टूबर को जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बैग उन्हें सौंप दिया गया।

पुलिस ने दर्ज की युवक की गुमशुदगी
बैग की जांच के दौरान उसमें लैपटॉप, पासपोर्ट और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले, जिनसे बैग की पहचान सत्यम से जुड़ी होने की पुष्टि हुई। इसके बाद पिता की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने युवक की गुमशुदगी दर्ज कर ली।
पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ अन्य माध्यमों से सत्यम का पता लगाने में जुटी है। फिलहाल युवक के लापता होने के कारणों और उसके संभावित ठिकाने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
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उत्तराखंड में खुली मिठाई पर लगेगी एक्सपायरी डेट, 26 अक्टूबर से बदलेगा नियम

देहरादून: उत्तराखंड में मिठाई खरीदने वाले उपभोक्ताओं के लिए एक अहम बदलाव होने जा रहा है। अब दुकानों में खुली मिठाइयां खरीदते समय ग्राहकों को उनकी निर्माण तिथि और एक्सपायरी डेट की जानकारी भी मिल सकेगी। खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने 26 अक्टूबर 2026 से राज्य में खुली मिठाइयों और बेकरी उत्पादों की ट्रे तथा काउंटर पर निर्माण तिथि और एक्सपायरी डेट अथवा यूज बाई डेट प्रदर्शित करना अनिवार्य कर दिया है। खाद्य संरक्षा आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। इस फैसले का उद्देश्य उपभोक्ताओं को खाद्य पदार्थों की ताजगी और उनकी उपयोग अवधि के बारे में जागरूक करना है।
निरीक्षण के दौरान सामने आई थी समस्या
खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन की ओर से मिठाई की दुकानों में किए गए निरीक्षण के दौरान सामने आया कि खुली मिठाइयों के निर्माण और उपयोग की अंतिम तिथि की जानकारी ग्राहकों को नहीं मिल पा रही थी। दुकानों में मिठाइयां बिक्री के लिए रखी होती थीं, लेकिन उन्हें कब बनाया गया और कब तक उनका सेवन किया जा सकता है, यह स्पष्ट नहीं होता था।
मिठाई की ट्रे और काउंटर पर दिखानी होगी तारीख
नए नियम के तहत दुकानदारों को बिक्री के लिए रखी खुली मिठाइयों और बेकरी उत्पादों के काउंटर या ट्रे पर निर्माण तिथि के साथ एक्सपायरी डेट अथवा यूज बाई डेट स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करनी होगी। यह व्यवस्था पूरे उत्तराखंड में लागू होगी।इससे ग्राहकों को मिठाई खरीदते समय उसके निर्माण और उपयोग की अंतिम तिथि जानने में आसानी होगी।
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डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने ली उत्तराखंड के राज्यपाल पद की शपथ, मुख्य न्यायाधीश ने दिलाई शपथ

देहरादून। उत्तराखंड को आज नया राज्यपाल मिल गया है। डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने सोमवार को प्रदेश के नौवें राज्यपाल के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। नैनीताल हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने उन्हें शपथ दिलाई। उनके शपथ ग्रहण के साथ ही उत्तराखंड में राज्यपाल के रूप में उनकी नई पारी की शुरुआत हो गई है। अब प्रदेश की संवैधानिक व्यवस्था में उनकी भूमिका और आगामी कार्यों पर सभी की नजरें रहेंगी।
Table of contents
1.डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने ली राज्यपाल पद की शपथ
2.नैनीताल हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने दिलाई शपथ
डॉ. ढाल सिंह बिसेन बने उत्तराखंड के नए राज्यपाल
डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने आज उत्तराखंड के नए राज्यपाल के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। उनकी नियुक्ति प्रदेश की संवैधानिक व्यवस्था से जुड़ा एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। राज्यपाल प्रदेश के संवैधानिक प्रमुख होते हैं और संविधान के प्रावधानों के अनुसार अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं। उनकी भूमिका राज्य सरकार और संवैधानिक संस्थाओं के बीच समन्वय बनाए रखने में भी अहम होती है।

मुख्य न्यायाधीश ने दिलाई शपथ
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान नैनीताल हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने डॉ. ढाल सिंह बिसेन को राज्यपाल पद की शपथ दिलाई। इस समारोह के साथ उन्होंने संवैधानिक रूप से राज्यपाल की जिम्मेदारियां संभालीं।राज्यपाल पद की शपथ संविधान के प्रति निष्ठा और राज्य के संवैधानिक दायित्वों के निर्वहन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। राज्यपाल को अपने कार्यकाल के दौरान संवैधानिक मर्यादाओं और नियमों के अनुरूप काम करना होता है।
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