Champawat
उत्तराखंड के इस डीएम की व्हाट्सएप आईडी हुई हैक, श्रीलंका के हैकर ने की हैक…अधिकारियों और कर्मचारियों में मची खलबली।

चम्पावत – चंपावत के डीएम नवनीत पांडे की व्हाट्सएप आईडी हैक होने से प्रशासनिक अधिकारियों में खलबली मची है। हैकर डीएम के व्हाट्सएप आईडी से विभिन्न अधिकारियों और कर्मचारियों को मैसेज भेज रहा है। यही नहीं हैकर ने व्हाट्सएप आईडी में डीएम नवनीत पांडे की फोटो भी लगाई है।

व्हाट्सएप आईडी हैक होने की जानकारी डीएम ने स्वयं जिले के विभिन्न विभागों के ग्रुप और जिला प्रशासन के ग्रुपों में साझा करते हुए बताया है कि श्रीलंका के किसी हैकर ने उनकी व्हाट्सएप आईडी हैक की है। उन्होंने इसकी जानकारी देते हुए लोगों से इस पर किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया नहीं देने की अपील की है। इससे पूर्व भी चंपावत जिले के विभिन्न अधिकारियों की व्हाट्सएप आईडी हैक हो चुकी है। इसमें जिला सूचना अधिकारी गिरजा जोशी की भी आईडी हैक हुई थी। तब हैकर ने जिला सूचना अधिकारी के करीबियों और परिचितों को संदेश भेजकर धनराशि मांगी थी। इस संबंध में पुलिस की साइबर सेल को जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।
डीएम नवनीत पांडे ने व्हाट्सएप आईडी हैक होने की जानकारी विभिन्न ग्रुपों में साझा कर जागरूकता का काम किया है। इससे लोग सतर्क हो गए हैं। हो सकता था कि हैकर लोगों से धनराशि की मांग करता और कोई बिना सोचे समझे हैकर की मांग पूरी कर देता तो उसे नुकसान उठाना पड़ता है। आला अधिकारी होने के कारण हैकर की मांग को डीएम की मांग समझकर धनराशि हस्तांतरित कर सकता था। अब डीएम के इस बात को सबसे साझा करने के बाद लोग ठगी का शिकार होने से बच गए।
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harela 2026 : ‘एक पेड़ माँ के नाम’ से गूंजा हरेला, CM धामी ने हरित उत्तराखंड का दिया मंत्र

harela 2026 : लोकपर्व हरेला के शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए पर्यावरण संरक्षण और हरित उत्तराखंड के निर्माण का संकल्प लेने का आह्वान किया।
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सीएम धामी ने प्रदेशवासियों को दी हरेला पर्व की शुभकामनाएं
सीएम धामी ने हरेला की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हरेला केवल एक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति, संस्कृति और पर्यावरण के प्रति हमारी आस्था और जिम्मेदारी का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज से शुरू हो रहे ‘थीमैटिक वृक्षारोपण अभियान’ में अधिक से अधिक लोग सहभागिता करें और गुणवत्ता युक्त वानिकी के साथ-साथ ईको-टूरिज्म को बढ़ावा देने में अपनी भूमिका निभाएं।
प्राकृतिक धरोहर को सुरक्षित रखना हम सभी का सामूहिक दायित्व
सीएम ने कहा कि उत्तराखंड की प्राकृतिक धरोहर को सुरक्षित रखना हम सभी का सामूहिक दायित्व है। मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान का उल्लेख करते हुए प्रदेशवासियों से अपील की कि वे अपनी मां के सम्मान में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं और उसके संरक्षण का भी संकल्प लें।

हरेला को पर्यावरण संरक्षण के जनआंदोलन के रूप में मनाने की अपील
मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल पौधारोपण ही नहीं, बल्कि पौधों को वृक्ष बनने तक उनका संरक्षण करना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक नागरिक पर्यावरण संरक्षण के इस जन अभियान से जुड़ेगा तो उत्तराखंड को और अधिक हराभरा, स्वच्छ एवं समृद्ध बनाया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री ने सभी से हरेला पर्व को पर्यावरण संरक्षण के जनआंदोलन के रूप में मनाने और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित पर्यावरण छोड़ने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
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बड़ी खबर : चंपावत DM के छापे से UPCL में मचा हड़कंप, XEN समेत 6 कर्मचारी गायब

Champawat News : सरकारी कार्यालयों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चंपावत के जिलाधिकारी मनीष कुमार ने सोमवार को यूपीसीएल (उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड) कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कार्यालय की कार्यप्रणाली में कई गंभीर खामियां सामने आईं। सबसे बड़ी बात यह रही कि अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) सहित छह कर्मचारी कार्यालय समय के दौरान अनुपस्थित मिले।
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अधिशासी अभियंता समेत छह कर्मचारियों से मांगा जवाब
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कर्मचारियों की उपस्थिति रजिस्टर की जांच की, जिसमें अधिशासी अभियंता सहित छह कार्मिक बिना पूर्व अनुमति के कार्यालय से अनुपस्थित पाए गए। इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से तत्काल स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यालय समय में बिना अनुमति अनुपस्थित रहने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निस्तारण में मिली लापरवाही
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों की समीक्षा भी की। जांच में कई शिकायतें लंबे समय से लंबित मिलीं, जबकि कुछ मामलों में समयबद्ध निस्तारण नहीं किया गया था। इस पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए सभी शिकायतों का तय समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

विवादित बिजली बिलों की जांच के आदेश
कार्यालय निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने उपभोक्ताओं से जुड़े विवादित बिजली बिलों के मामलों की भी समीक्षा की। उन्होंने ऐसे सभी मामलों की निष्पक्ष जांच कराने के निर्देश दिए, ताकि उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। साथ ही अधिकारियों को जनहित से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के लिए कहा।
कार्यालय रिकॉर्ड और व्यवस्था की भी हुई जांच
जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान आरटीआई रजिस्टर, कार्यालय अभिलेख, कर्मचारियों की उपस्थिति, फाइलों के रखरखाव और कार्यालय की समग्र कार्यप्रणाली का भी जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी रिकॉर्ड व्यवस्थित रखें और शासन की ओर से निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य किया जाए।
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चंपावत बना उत्तराखंड का पहला डिजिटल खाद मॉडल, अब QR कोड से मिलेगी खाद

Champawat News :मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन के अनुरूप डिजिटल इंडिया अभियान के तहत चम्पावत को पायलट जनपद के रूप में चुना गया है। इसी क्रम में जिले में खाद वितरण व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी, तेज और किसान हितैषी बनाने के लिए ऐप आधारित ‘फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल’ प्रणाली लागू कर दी गई है।
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चंपावत बना उत्तराखंड का पहला डिजिटल खाद मॉडल
चंपावत उत्तराखंड का पहला डिजिटल खाद मॉडल बन गया है। इस नई व्यवस्था के तहत अब पात्र किसान घर बैठे ऐप के माध्यम से खाद की मांग दर्ज कर सकेंगे और क्यूआर कोड के जरिए सहकारी समिति से आसानी से खाद प्राप्त कर सकेंगे।
अब QR कोड से मिलेगी खाद
नई खाद नीति लागू होने के बाद शुरुआती दिनों में किसानों के बीच पात्रता और खाद वितरण को लेकर कुछ भ्रम की स्थिति बनी थी, लेकिन कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी पात्र किसान को खाद मिलने में कोई परेशानी नहीं होगी।
मुख्य कृषि अधिकारी धनपत कुमार ने बताया कि किसान जैसे ही ऐप पर अपनी जरूरत के अनुसार खाद की मांग दर्ज करेंगे, सिस्टम स्वतः एक क्यूआर कोड जारी करेगा। इसी क्यूआर कोड को सहकारी समिति में दिखाकर किसान बिना किसी अनावश्यक प्रक्रिया के खाद प्राप्त कर सकेंगे।

जानें किसे मिलेगी खाद और किसे नहीं ?
मुख्य कृषि अधिकारी ने स्पष्ट किया कि केवल भूमिधारक ही नहीं, बल्कि दूसरों की भूमि पर खेती करने वाले अथवा जिनका भूमि स्वामित्व स्पष्ट नहीं है, ऐसे किसान भी इस व्यवस्था के तहत खाद लेने के पात्र होंगे। एआर सहकारिता प्रेम प्रकाश ने बताया कि सहकारी समितियों में पंजीकृत सदस्य किसान अपनी सुविधा के अनुसार नगद अथवा उधार पर खाद प्राप्त कर सकते हैं।
गैर-पंजीकृत किसानों को नगद भुगतान पर खाद उपलब्ध कराया जाएगा। वृद्ध एवं असमर्थ किसानों के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। यदि कोई किसान स्वयं समिति तक नहीं पहुंच सकता, तो उसका परिवार का सदस्य या कोई अन्य व्यक्ति किसान का पहचान विवरण और खसरा नंबर ऐप में दर्ज कर क्यूआर कोड के माध्यम से खाद प्राप्त कर सकता है।
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