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बड़ी खबर: एक हफ्ते बाद मिला अंकिता भंडारी का शव, बेटी की हालत देख टूट गए पिता, एसआईटी जांच के आदेश।
देहरादून/ऋषिकेश – अंकिता भंडारी का शव करीब एक हफ्ते बाद जिला पावर हाउस बैराज से बरामद कर लिया गया है। जिसकी पहचान अंकिता के पिता और भाई ने शव की पहचान कर ली है। वही अपनी बेटी को इस हाल में देख पिता टूट गए हैं।
18 सितंबर की रात नहर में धक्का देकर अंकिता की हत्या कर दी गई थी। तीनों आरोपियों आरोपित पुलिस की गिरफ्त में है। वहीं पूर्व राज्य मंत्री के आरोपित बेटे के वनंत्रा रिजॉर्ट पर देर रात बुलडोजर भेजकर उसे गिराने की कार्रवाई की गई। मामले में पौड़ी के डीएम ने लापरवाही बरतने पर पटवारी विवेक कुमार को निलंबित कर दिया है। सीएम धामी ने दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए एसआईटी जांच के आदेश दे दिए हैं।

गौरतलब है कि, 19 साल की अंकिता भंडारी पौड़ी जिले की पट्टी नादलस्यूं में श्रीकोट गांव की रहने वाली थी, जो बीजेपी नेता और पूर्व राज्य मंत्री विनोद आर्य के बेटे पुलकित आर्य के वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट थी। अंकिता 19 सितंबर से लापता थी। जिसके बाद मामला रेगुलर पुलिस को ट्रांसफर किया गया और बीजेपी नेता और पूर्व राज्य मंत्री के बेटे और रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। जिन्होंने सख्ती से पूछताछ पर सारा राज खोला।
18 सितंबर की रात नहर में अंकिता को धक्का देकर हत्या कर दी गई थी, आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस शव की तलाश में जुटी थी। आज सुबह जिला पावर हाउस बैराज से एसडीआरएफ की टीम ने अंकिता का शव बरामद किया है। शव करीब 1 सप्ताह पुराना बताया जा रहा है।
गुस्साए लोगों ने बीते कल आरोपित के वनंत्रा रिजॉर्ट में तोड़फोड़ की थी और पुलिस रिमांड में ही उनके कपड़े फाड़ कर जमकर मारपीट भी की थी।
वही अंकिता भंडारी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार बीजेपी नेता विनोद आर्य के बेटे पुलकित आर्य के रिजॉर्ट पर बुलडोजर चल गया है। उत्तराखंड में पहली बार सीएम के आदेश पर किसी आरोपित की संपत्ति पर बुलडोजर चला है। पुलिस की टीम पुलकित आर्य के वनंत्रा रिजॉर्ट को गिराने के लिए रात में ही बुलडोजर लेकर पहुंची। आधी रात को पुलिस की टीम ने आरोपित को ध्वस्त करवाना शुरू किया। एसडीएम प्रमोद कुमार ने बताया कि रिजॉर्ट को जेसीबी से तोड़ दिया गया है।
अंकिता की हत्या की बात सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने रिजॉर्ट के अवैध निर्माण की शिकायत भी की थी साथ ही लोग रिजॉर्ट के धवस्तीकरण की मांग पर अड़े थे। लोगों ने कहा कि वह राज्य मंत्री का बेटा होने के चलते दबंगई दिखाता था। स्थानीय लोगों का कहना है कि रिजॉर्ट अनैतिक कार्य का अड्डा था। वनंत्रा रिजॉर्ट का संचालक पुलकित आर्य ने अंकिता भंडारी को ग्राहक के साथ गलत का काम करने का दबाव बनाया था। उसने स्वयं यह बात कबूली है। लेकिन जब अंकिता ने अनैतिक काम करने से इंकार कर दिया तो उसकी हत्या कर दी गई।
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पिरान कलियर दरगाह से वायुसेना अधिकारी का बेटा लापता, लावारिस हालत में मिला बैग

Haridwar News : हरिद्वार के पिरान कलियर स्थित दरगाह साबिर पाक परिसर से भारतीय वायुसेना के एक अधिकारी का 27 वर्षीय बेटा संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया। युवक का बैग दरगाह परिसर में लावारिस हालत में मिला, जिसमें लैपटॉप, पासपोर्ट और अन्य जरूरी दस्तावेज बरामद हुए। घटना के बाद से परिजन परेशान हैं, वहीं पुलिस युवक की तलाश में जुटी है।
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पिरान कलियर दरगाह से वायुसेना अधिकारी का बेटा लापता
बिहार निवासी शंकर सिंह भारतीय वायुसेना में मास्टर वारंट ऑफिसर के पद पर तैनात हैं। वर्तमान में उनकी पोस्टिंग पश्चिम बंगाल के बागडोगरा में है। उनका बेटा सत्यम एक निजी विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर के तौर पर काम करता था। परिजनों के मुताबिक, उसने करीब डेढ़ महीने पहले ही नौकरी छोड़ दी थी। बताया गया है कि सत्यम लंबे समय से अपने पिता के संपर्क में भी नहीं था और दोनों के बीच बातचीत बंद थी।
लावारिस हालत में मिला बैग
जानकारी के अनुसार, 17 अक्टूबर को पिरान कलियर पुलिस को दरगाह परिसर से एक काला बैग मिला था। बैग लावारिस हालत में पड़ा हुआ था। पुलिस ने इसकी सूचना सत्यम के पिता को दी। 18 अक्टूबर को जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बैग उन्हें सौंप दिया गया।

पुलिस ने दर्ज की युवक की गुमशुदगी
बैग की जांच के दौरान उसमें लैपटॉप, पासपोर्ट और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले, जिनसे बैग की पहचान सत्यम से जुड़ी होने की पुष्टि हुई। इसके बाद पिता की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने युवक की गुमशुदगी दर्ज कर ली।
पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ अन्य माध्यमों से सत्यम का पता लगाने में जुटी है। फिलहाल युवक के लापता होने के कारणों और उसके संभावित ठिकाने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
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उत्तराखंड में खुली मिठाई पर लगेगी एक्सपायरी डेट, 26 अक्टूबर से बदलेगा नियम

देहरादून: उत्तराखंड में मिठाई खरीदने वाले उपभोक्ताओं के लिए एक अहम बदलाव होने जा रहा है। अब दुकानों में खुली मिठाइयां खरीदते समय ग्राहकों को उनकी निर्माण तिथि और एक्सपायरी डेट की जानकारी भी मिल सकेगी। खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने 26 अक्टूबर 2026 से राज्य में खुली मिठाइयों और बेकरी उत्पादों की ट्रे तथा काउंटर पर निर्माण तिथि और एक्सपायरी डेट अथवा यूज बाई डेट प्रदर्शित करना अनिवार्य कर दिया है। खाद्य संरक्षा आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। इस फैसले का उद्देश्य उपभोक्ताओं को खाद्य पदार्थों की ताजगी और उनकी उपयोग अवधि के बारे में जागरूक करना है।
निरीक्षण के दौरान सामने आई थी समस्या
खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन की ओर से मिठाई की दुकानों में किए गए निरीक्षण के दौरान सामने आया कि खुली मिठाइयों के निर्माण और उपयोग की अंतिम तिथि की जानकारी ग्राहकों को नहीं मिल पा रही थी। दुकानों में मिठाइयां बिक्री के लिए रखी होती थीं, लेकिन उन्हें कब बनाया गया और कब तक उनका सेवन किया जा सकता है, यह स्पष्ट नहीं होता था।
मिठाई की ट्रे और काउंटर पर दिखानी होगी तारीख
नए नियम के तहत दुकानदारों को बिक्री के लिए रखी खुली मिठाइयों और बेकरी उत्पादों के काउंटर या ट्रे पर निर्माण तिथि के साथ एक्सपायरी डेट अथवा यूज बाई डेट स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करनी होगी। यह व्यवस्था पूरे उत्तराखंड में लागू होगी।इससे ग्राहकों को मिठाई खरीदते समय उसके निर्माण और उपयोग की अंतिम तिथि जानने में आसानी होगी।
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डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने ली उत्तराखंड के राज्यपाल पद की शपथ, मुख्य न्यायाधीश ने दिलाई शपथ

देहरादून। उत्तराखंड को आज नया राज्यपाल मिल गया है। डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने सोमवार को प्रदेश के नौवें राज्यपाल के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। नैनीताल हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने उन्हें शपथ दिलाई। उनके शपथ ग्रहण के साथ ही उत्तराखंड में राज्यपाल के रूप में उनकी नई पारी की शुरुआत हो गई है। अब प्रदेश की संवैधानिक व्यवस्था में उनकी भूमिका और आगामी कार्यों पर सभी की नजरें रहेंगी।
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1.डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने ली राज्यपाल पद की शपथ
2.नैनीताल हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने दिलाई शपथ
डॉ. ढाल सिंह बिसेन बने उत्तराखंड के नए राज्यपाल
डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने आज उत्तराखंड के नए राज्यपाल के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। उनकी नियुक्ति प्रदेश की संवैधानिक व्यवस्था से जुड़ा एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। राज्यपाल प्रदेश के संवैधानिक प्रमुख होते हैं और संविधान के प्रावधानों के अनुसार अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं। उनकी भूमिका राज्य सरकार और संवैधानिक संस्थाओं के बीच समन्वय बनाए रखने में भी अहम होती है।

मुख्य न्यायाधीश ने दिलाई शपथ
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान नैनीताल हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने डॉ. ढाल सिंह बिसेन को राज्यपाल पद की शपथ दिलाई। इस समारोह के साथ उन्होंने संवैधानिक रूप से राज्यपाल की जिम्मेदारियां संभालीं।राज्यपाल पद की शपथ संविधान के प्रति निष्ठा और राज्य के संवैधानिक दायित्वों के निर्वहन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। राज्यपाल को अपने कार्यकाल के दौरान संवैधानिक मर्यादाओं और नियमों के अनुरूप काम करना होता है।
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