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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीएम आवास में 150 सहायक अध्यापकों को दिए नियुक्ति पत्र।
देहरादून – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो संदेश के माध्यम से उत्तराखंड रोजगार मेले को सम्बोधित किया। उपस्थित जनों को सम्बोधित करते हुये प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का दिन उन लोगों के लिये नई शुरुआत का दिन है, जिन्हें अपने नियुक्त पत्र मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह न केवल जीवन को बदलने वाला अवसर है, बल्कि समग्र बदलाव के लिये एक माध्यम भी है। शिक्षा क्षेत्र के संदर्भ में देश में होने वाले नये प्रयोगों को रेखांकित करते हुये प्रधानमंत्री ने कहा कि नियुक्ति पाने वाले लोगों में से ज्यादातर लोग शिक्षा क्षेत्र में सेवा देंगे। इस संकल्प को आगे बढ़ाने के क्रम में उत्तराखंड के युवाओं के कंधों पर आने वाली जिम्मेदारी का उल्लेख करते हुये प्रधानमंत्री ने कहा, “नई शिक्षा नीति भारत के युवाओं को नई सदी के लिये तैयार कर रही है।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र और उत्तराखंड सरकार का सतत प्रयास है कि आगे बढ़ने के लिये सही माध्यम को सुगम्य बनाने के क्रम में हर युवा को उसकी रुचि के अनुसार नये अवसर मिलें। उन्होंने कहा कि सरकारी सेवाओं में बहाली अभियान भी इसी दिशा में की जाने वाली पहल है। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के लाखों युवाओं को पिछले कुछ महीनों में केंद्र सरकार से नियुक्त पत्र मिले हैं और उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता भी व्यक्त कि उत्तराखंड इसका हिस्सा बन रहा है। उन्होंने बताया कि ऐसे बहाली अभियान देशभर में भाजपा-शासित प्रदेशों तथा केंद्र शासित प्रदेशों मे बड़े पैमाने पर चल रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, “मुझे प्रसन्नता है कि आज उत्तराखंड भी इसका हिस्सा बन गया है।”

प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा हमें उस पुरानी धारणा को बदलना है कि पहाड़ का पानी और पहाड़ की जवानी पहाड़ के काम नहीं आती। प्रधानमंत्री ने पर्वतीय क्षेत्रों में नये रोजगार और स्व-रोजगार अवसरों के सृजन को रेखांकित करते हुये कहा, “केंद्र सरकार का यह सतत प्रयास है कि उत्तराखंड के युवा अपने गांव वापस आ सकें।” उत्तराखंड में अवसंरचना विकास में होने वाले निवेश पर प्रकाश डालते हुये प्रधानमंत्री ने कहा कि नई सड़कों का निर्माण और रेल लाइनों के बिछाने से न केवल कनेक्टिविटी बढ़ रही है, बल्कि रोजगार के अनेक अवसर भी पैदा हो रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि हर जगह रोजगार के अवसर बढ़ाये जा रहे हैं। उन्होंने इस सिलिसले में निर्माण कामगारों, इंजीनियरों, कच्चे माल के उद्योगों और दुकानों का उदाहरण दिया। उन्होंने यह भी कहा कि परिवहन क्षेत्र में बढ़ती मांग के कारण नये अवसर पैदा हो रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले उत्तराखंड के ग्रामीण इलाकों के युवाओं को रोजगार के लिये बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था, लेकिन आज, हजारों युवा सामान्य सेवा केंद्रों में काम कर रहे तथा गांवों में इंटरनेट व डिजिटल सेवायें उपलब्ध करा रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि उत्तराखंड में पर्यटन सेक्टर बढ़ रहा है, क्योंकि सुदूर क्षेत्रों को सड़क, रेल और इंटरनेट से जोड़ दिया गया है। उन्होंने कहा कि पर्यटन मानचित्र में नये पर्यटन स्थल सामने आ रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि इसके कारण उत्तराखंड के युवाओं को अब बड़े शहर जाने की बजाय उन्हें उनके घर के समीप ही रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। प्रधानमंत्री ने रेखांकित किया कि पर्यटन सेक्टर में रोजगार व स्व-रोजगार अवसरों के बढ़ने में मुद्रा योजना महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। दुकानों, ढाबों, अतिथिगृहों और होमस्टे का उदाहरण देते हुये प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे कारोबारों के लिये बिना किसी जमानत के 10 लाख रुपये तक ऋण दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा, “देशभर में अब तक 38 करोड़ मुद्रा ऋण दिये जा चुके हैं; लगभग आठ करोड़ युवा पहली बार उद्यमी बने हैं।” उन्होंने यह भी बताया कि महिलाओं और अजा/अजजा/ओबीसी वर्ग के युवाओं का हिस्सा इसमें अधिकतम है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह भारत के युवाओं के लिये अद्भुत संभावनाओं का ‘अमृत काल’ है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे अपनी सेवाओं के जरिये भारत के विकास को गति दें।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत द्वारा मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में 5 विषयों के चयनित सहायक अध्यापकों (एलटी) को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। शिक्षा विभाग के अन्तर्गत 1431 सहायक अध्यापकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये जा रहे हैं। मुख्य सेवक सदन में 150 सहायक अध्यापकों को आज नियुक्ति पत्र प्रदान किये गये।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रेरणादाई संबोधन के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा की प्रधानमंत्री का देवभूमि उत्तराखण्ड के प्रति विशेष लगाव है। उनके नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में राज्य नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर घोषणा की कि राज्य में मुख्यमंत्री उत्थान योजना एवं ज्ञानकोष योजना शुरू की जायेगी। राज्य में छात्रों को आई.ए.एस., आई.पी.एस., पी.सी.एस., एन.डी.ए, सी.डी.एस., मेडिकल एवं इंजीनियरिंग जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुख्यमंत्री उत्थान योजना आरंभ की जाएगी। इस योजना के अंतर्गत ऐसे सभी छात्रों को जो अपनी आर्थिक स्थिति के कारण इन परीक्षाओं की कोचिंग नहीं कर पाते हैं, को निशुल्क कोचिंग सुविधा प्रदान की जाएगी तथा छात्रों को ऑनलाइन स्टडी मटेरियल, ऑफलाइन कक्षाएं, परीक्षा से सम्बन्धित पाठ्यक्रम, प्रश्नबैंक आदि सुविधाए उपलब्ध करायी जायेंगी। ज्ञानकोष योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा विभागीय छात्रावास, आश्रम पद्धति विद्यालयों और विभागीय प्रतिष्ठानों का उपयोग करते हुए प्रत्येक जिले में समृद्ध पुस्तकालय स्थापित किये जायेंगे। इन पुस्तकालयों का उपयोग प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवा, छात्र, हमारे शिक्षक एवं समुदाय के सदस्य कर सकेंगे। पुस्तकालयों में योग्य अनुभवी और प्रोफेशन व्याख्याताओं को सूचीबद्ध करते हुए एक सम्पर्क केन्द्र बनाया जायेगा जो प्रतियोगी परीक्षाओं से सम्बन्धित विषयगत समस्या को दूर करेंगे। पुस्तकालयों का पूर्ण उपयोग हो सके इसके लिए विशेषज्ञों को सूचीबद्ध किये जाने, पुस्तकों की व्यवस्था, इन्फ्रास्ट्रक्चर आदि की समीक्षा विशेषज्ञ समिति द्वारा की जायेगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी चयनित सहायक अध्यापकों को बधाई देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य में बेरोजगार युवाओं को रोजगार दिये जाने के लिए एक अभिनव प्रयास के रूप में इस रोजगार मेले की शुरूआत की जा रही है। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध करवाए जाएं और उनके सशक्तिकरण को सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी विभागों में खाली पड़े पदों को भरने के लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। इसके लिए अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी द्वारा प्रत्येक 15 दिन में समीक्षा की जा रही है। पूर्व में जिन भर्तियों में अनियमिताएं पाई गई हैं, उन पर भी पूरी ईमानदारी के साथ कार्रवाई कर रही है, इसी का नतीजा है कि आज नकल माफिया और उसे समर्थन देने वाले या आगे बढ़ाने वाले लोग बहुत परेशान हैं,क्योंकि उन्हें अब दिन में भी स्वयं के जेल जाने के सपने दिखाई दे रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के नौजवानों के हितों की किसी भी रूप में अनदेखी नहीं होने दी जाएगी और जो भी दोषी होगा उसको बख्शा नहीं जाएगा। सरकार ने भर्ती परीक्षाओं के लिये प्रदेश में कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया है। उन्होंने कहा कि कुछ कुत्सित मानसिकता के लोग अभी भी अनाप-शनाप आरोप लगाकर सरकार की छवि को धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे लोग सरकार पर आरोप लगा रहे हैं, जिनको नौकरी और रोजगार के बीच फर्क नहीं पता, वे उपदेश दे रहे हैं। राज्य में नए-नए नैरेटिव गढ़ने के लिए आधी-अधूरी चीजों को पकड़ कर झूठ फैलाने के साथ-साथ युवाओं को भटकाने की कोशिश की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राज्य व राष्ट्र का भविष्य विद्यालयों में निर्मित होता है। एक अच्छा शिक्षक ही इस भविष्य को गढ़ता है।

शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षा में गुणवत्ता लाने के लिये एक हजार विद्यालयों को कलस्टर मॉडल स्कूल बनाया जा रहा है जिनमें तीन किलोमीटर सीमा के तहत आने वाले प्राथमिक, जूनियर, हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट विद्यालयों को एक साथ जोड़कर कलस्टर विद्यालय के रूप में स्थापित किये जायेंगे। इससे जहां एक ओर शिक्षकों की कमी दूर होगी वहीं विद्यालयों के उच्चीकरण एवं साधन सम्पन्न बनाने में भी आसानी होगी। कलस्टर विद्यालयों में आने वाले छात्र-छात्राओं को किराये के रूप में प्रतिदिन 100 रूपये दिये जायेंगे।

प्रदेशभर के 270 विद्यालयों को पीएमश्री योजना के अंतर्गत चयनित किया गया है। जिनमें अवस्थापना कार्यों से लेकर पुस्तकालय, फर्नीचर, स्मार्ट क्लास सहित तमान सुविधाओं एवं पठन-पाठन के लिये 1.5 करोड़ से 2 करोड तक की धनराशि केन्द्र सरकार द्वारा दी जायेगी। डॉ0 रावत ने कहा कि कक्षा-6 से 12 तक के ऐसे छात्र-छात्राओं को जो 60 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करेंगे, उन्हें 600 से लेकर 3000 रूपये तक की छात्रवृत्ति प्रदान की जायेगी। इसके लिये शीघ्र ही मुख्यमंत्री मेधावी छात्रवृत्ति योजना शुरू की जायेगी। शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार राजकीय विद्यालयों में अध्ययनरत 17 लाख छात्र-छात्राओं को निःशुल्क पाठ्य पुस्तक, नोट बुक, स्कूली ड्रेस, स्कूल बैग व जूते उपलब्ध करा रही है। निकट भविष्य में सहायता प्राप्त अशासकीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को भी सरकार इस योजना का लाभ देगी।
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हरिद्वार में बड़ा हादसा, गंगनहर में डूबने से चार कांवड़ियों की मौत

Haridwar News : हरिद्वार की उपनगरी ज्वालापुर से बेहद दुखद खबर सामने आई है। जटवाड़ा पुल के पास नहर में नहाने के दौरान चार नाबालिग कांवड़ियों की डूबने से मौत हो गई।
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गंगनहर में डूबने से चार कांवड़ियों की मौत
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और जल पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर चारों के शव बरामद कर लिए। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। बताया जा रहा है कि चारों कांवड़िए चंडीगढ़ से हरिद्वार गंगाजल लेने पहुंचे कांवड़ियों के दल में शामिल थे और उनकी उम्र करीब 16 से 18 वर्ष के बीच थी।

चंडीगढ़ के रहने वाले थे सभी कांवड़िए
एसपी सिटी अभय सिंह के मुताबिक, कांवड़ यात्रा को देखते हुए घाटों पर चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और SDRF के जवानों की तैनाती भी की गई है। इसके बावजूद ये कांवड़िए निर्धारित घाट से अलग जाकर नहर में स्नान कर रहे थे। इसी दौरान चारों गहरे पानी में डूब गए।
सुरक्षित घाटों पर ही स्नान करने की अपील
पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं से अपील की जा रही है कि वे निर्धारित और सुरक्षित घाटों पर ही स्नान करें और चेतावनी वाले स्थानों पर जाने से बचें।
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उत्तराखंड में भारी से भारी बारिश का अलर्ट, चारधाम यात्रा को दो दिन के लिए किया स्थगित

Char Dham Yatra Update : उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश का असर अब चारधाम यात्रा पर भी दिखाई देने लगा है। मौसम विभाग द्वारा कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी किए जाने के बाद प्रशासन ने एहतियातन बड़ा फैसला लिया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए 28 और 29 जुलाई के लिए चारधाम यात्रा अस्थायी रूप से रोक दी गई है।
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उत्तराखंड में भारी से भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र ने प्रदेश के कई हिस्सों में ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए अगले दो दिनों तक भारी वर्षा, आकाशीय बिजली और फ्लैश फ्लड की आशंका जताई है। लगातार हो रही बारिश के कारण कई सड़कों को नुकसान पहुंचा है।
चारधाम यात्रा को दो दिन के लिए किया स्थगित
चारधाम यात्रा मार्ग पर विभिन्न स्थानों पर भूस्खलन होने से आवाजाही प्रभावित हुई है। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप ने 28 और 29 जुलाई को यात्रा स्थगित करने के निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन का कहना है कि मौसम की स्थिति सामान्य होने और मार्ग पूरी तरह सुरक्षित होने के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू करने पर फैसला लिया जाएगा।
लगातार हो रही बारिश ने बढ़ाई परेशानी
राज्य के कई जिलों में बारिश का प्रभाव लगातार बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, ऊधम सिंह नगर, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और नैनीताल में भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। इसके अलावा कुछ क्षेत्रों में तेज गर्जना, बिजली गिरने और अचानक बाढ़ जैसी परिस्थितियां भी बन सकती हैं।

राज्य आपदा प्रबंधन तंत्र और जिला प्रशासन को संवेदनशील इलाकों में सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही भूस्खलन संभावित क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।
मौसम विभाग और प्रशासन की ताजा एडवाइजरी देखने की अपील
प्रशासन ने चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं और अन्य यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले मौसम विभाग और प्रशासन की ताजा एडवाइजरी जरूर देखें। जब तक मौसम अनुकूल नहीं हो जाता, तब तक अनावश्यक यात्रा से बचें और केवल आधिकारिक सूचना के आधार पर ही आगे की योजना बनाएं।
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केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, छात्रों से की पढ़ाई पर ध्यान देने की अपील

dharmendra pradhan resigns : दिल्ली में छात्रों के जारी विरोध-प्रदर्शन के बीच शनिवार को एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी। हाल के दिनों में नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर देश के कई हिस्सों, खासकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन कर रहे थे और शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग कर रहे थे।
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केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा
धर्मेंद्र प्रधान ने युवाओं के नाम जारी एक पत्र में कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। उन्होंने लिखा कि उनका यह फैसला देश में शांति और एकता बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है, ताकि आंदोलन की स्थिति का कोई भी देश-विरोधी तत्व फायदा न उठा सके और छात्र किसी कानूनी विवाद में फंसने के बजाय अपनी पढ़ाई और भविष्य पर ध्यान केंद्रित कर सकें।
छात्रों से की पढ़ाई पर ध्यान देने की अपील
अपने संदेश में उन्होंने कहा कि वे पिछले चार दशकों से छात्र हित, शिक्षा और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहे हैं। उनका मानना है कि एक मजबूत, समावेशी और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था ही एक सशक्त राष्ट्र की नींव होती है।

उन्होंने आगे लिखा कि वे देश के युवाओं की भावनाओं, आकांक्षाओं और उनकी उचित अपेक्षाओं का सम्मान करते हैं। उनके अनुसार, भारत के युवाओं के सपनों को साकार करना सार्वजनिक जीवन में कार्यरत प्रत्येक व्यक्ति की नैतिक जिम्मेदारी है।
कॉकरोच जनता पार्टी ने इसे बताया लोकतंत्र की जीत
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने कार्यकाल के दौरान प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश की सेवा करने का अवसर मिलने पर आभार भी व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस जिम्मेदारी को निभाना उनके लिए सम्मान की बात रही।

इस बीच, प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मांगों के बीच आए इस फैसले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। कॉकरोच जनता पार्टी ने इसे लोकतंत्र की जीत बताते हुए छात्रों के आंदोलन का परिणाम बताया है।
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