National
10 Jan 2026 : विश्व हिंदी दिवस आज , जानें संपूर्ण इतिहास और रोचक तथ्य…

10 Jan 2026 : विश्व हिंदी दिवस (World Hindi Day)
आज 10 jan 2026 है, और पूरी दुनिया ‘विश्व हिंदी दिवस’ (World Hindi Day) के उल्लास में डूबी है। फिजी के तटों से लेकर मॉरीशस की गलियों तक और अमेरिका के सिलिकॉन वैली से लेकर संयुक्त राष्ट्र के गलियारों तक, आज हिंदी की गूंज सुनाई दे रही है। हिंदी अब केवल भारत की सीमाओं तक सीमित नहीं है; यह एक वैश्विक भाषा बन चुकी है।
इस विस्तृत लेख में हम विश्व हिंदी दिवस(World Hindi Day) के गहरे इतिहास, इसके महत्व, और 10 जनवरी की तारीख के पीछे के विशेष कारणों पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
Table of Contents
विश्व हिंदी दिवस क्या है? (What is World Hindi Day?)
विश्व हिंदी दिवस प्रतिवर्ष 10 जनवरी को मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य हिंदी भाषा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देना, वैश्विक मंच पर इसे एक सशक्त पहचान दिलाना और दुनिया भर के हिंदी प्रेमियों को एक सूत्र में बांधना है।
जहाँ राष्ट्रीय हिंदी दिवस (14 सितंबर) भारत की आंतरिक राजभाषा के रूप में हिंदी के सम्मान पर केंद्रित है, वहीं विश्व हिंदी दिवस का फलक अंतरराष्ट्रीय है। इस दिन विदेशों में स्थित भारतीय दूतावास विशेष कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं, जिसमें गैर-हिंदी भाषियों को इस भाषा की सुंदरता और गहराई से परिचित कराया जाता है।
इतिहास: 10 जनवरी की तारीख ही क्यों?
विश्व हिंदी दिवस मनाए जाने के पीछे एक बहुत ही महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटना है।
1. प्रथम विश्व हिंदी सम्मेलन (1975)
10 जनवरी 1975 को महाराष्ट्र के नागपुर में प्रथम विश्व हिंदी सम्मेलन का आयोजन किया गया था। इस सम्मेलन का उद्घाटन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने किया था।
- उद्देश्य: हिंदी को अंतरराष्ट्रीय भाषा के रूप में पहचान दिलाना।
- सहभागिता: इस ऐतिहासिक सम्मेलन में 30 देशों के 122 प्रतिनिधियों ने भाग लिया था।
- अध्यक्षता: मॉरीशस के तत्कालीन प्रधानमंत्री शिवसागर रामगुलाम ने इस सम्मेलन की अध्यक्षता की थी।
2. आधिकारिक घोषणा (2006)
हालाँकि पहला सम्मेलन 1975 में हुआ था, लेकिन इसे ‘दिवस’ के रूप में आधिकारिक पहचान मिलने में समय लगा। साल 2006 में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने घोषणा की कि हर साल 10 जनवरी को ‘विश्व हिंदी दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा। तब से लेकर आज तक, यह सिलसिला निरंतर जारी है।
10 Jan 2026 : विश्व हिंदी दिवस और राष्ट्रीय हिंदी दिवस में अंतर
अक्सर लोग इन दोनों तिथियों के बीच भ्रमित हो जाते हैं। इसे समझने के लिए नीचे दी गई तालिका देखें:
| विशेषता | विश्व हिंदी दिवस | राष्ट्रीय हिंदी दिवस |
| दिनांक | 10 जनवरी | 14 सितंबर |
| उद्देश्य | वैश्विक स्तर पर प्रचार-प्रसार | भारत में राजभाषा के रूप में सम्मान |
| ऐतिहासिक संदर्भ | 1975 का नागपुर सम्मेलन | 1949 में संविधान सभा द्वारा राजभाषा घोषित |
| घोषणा वर्ष | 2006 (डॉ. मनमोहन सिंह) | 1953 (पंडित नेहरू) |
विश्व हिंदी दिवस 2026 की थीम (Theme 2026)
हर साल विश्व हिंदी दिवस के लिए एक विशेष विषय (Theme) निर्धारित किया जाता है। 2026 के लिए इस वर्ष की थीम है:
“हिंदी: पारंपरिक ज्ञान से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) तक”
यह थीम इस बात का प्रतीक है कि हिंदी अब केवल साहित्य और काव्य की भाषा नहीं रह गई है, बल्कि यह तकनीक और भविष्य की भाषा बन रही है। गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और ओपनएआई (ChatGPT) जैसे प्लेटफॉर्म्स पर हिंदी के बढ़ते डेटा और उपयोग ने इसे डिजिटल युग की अग्रणी भाषा बना दिया है।
हिंदी का वैश्विक विस्तार: आंकड़े क्या कहते हैं?
हिंदी दुनिया की तीसरी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है। ‘एथनोलॉग’ (Ethnologue) की रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर में लगभग 61 करोड़ से अधिक लोग हिंदी बोलते हैं।
- प्रवासी भारतीय: अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग रहते हैं, जो अपनी जड़ों से जुड़े रहने के लिए हिंदी का उपयोग करते हैं।
- फिजी और मॉरीशस: फिजी में हिंदी को आधिकारिक भाषाओं में से एक का दर्जा प्राप्त है।
- यूनेस्को और संयुक्त राष्ट्र: हाल के वर्षों में संयुक्त राष्ट्र (UN) ने अपने सोशल मीडिया और सूचना पोर्टलों पर हिंदी का उपयोग बढ़ा दिया है, जो एक बड़ी कूटनीतिक जीत है।
विश्व हिंदी दिवस कैसे मनाया जाता है?
दुनिया भर में इस दिन विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन होता है:
- दूतावासों में कार्यक्रम: विदेशों में स्थित भारतीय मिशन निबंध प्रतियोगिता, कविता पाठ और चर्चाएं आयोजित करते हैं।
- शैक्षणिक संस्थान: स्कूलों और विश्वविद्यालयों में वाद-विवाद प्रतियोगिताएं होती हैं।
- डिजिटल अभियान: सोशल मीडिया पर हिंदी हैशटैग्स ट्रेंड करते हैं और लोग एक-दूसरे को शुभकामनाएं देते हैं।
FOR MORE VISIT JANMANCHTV
निष्कर्ष: हमारा संकल्प
विश्व हिंदी दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि एक संकल्प है। यह संकल्प है—हिंदी को विश्व मंच पर उसका जायज हक दिलाने का। जैसे-जैसे भारत एक वैश्विक शक्ति (Vishwa Guru) के रूप में उभर रहा है, उसकी भाषा का महत्व भी उसी अनुपात में बढ़ रहा है।
हमें गर्व होना चाहिए कि हमारी भाषा इतनी लचीली है कि वह वेदों की ऋचाओं को भी समेटे हुए है और आज के दौर में ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ के साथ भी कदम से कदम मिलाकर चल रही है।
शुभकामना संदेश:
“हिंदी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति का दर्पण है। आइए, इस विश्व हिंदी दिवस पर हम हिंदी को और अधिक समृद्ध और वैश्विक बनाने का संकल्प लें।”
Trending
CM ने खोला मुफ्त सुविधाओं का पिटारा, अब एक साल में मिलेंगे 3 LPG सिलेंडर फ्री

Free LPG Cylinder : विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान तमिलनाडु सरकार ने राज्य के परिवारों के लिए बड़ी घोषणा की है। मुख्यमंत्री विजय ने सदन में कहा कि पात्र परिवारों को हर साल तीन LPG सिलेंडर मुफ्त उपलब्ध कराए जाएंगे। ये योजना पोंगल 2027 से लागू किए जाने की तैयारी है।
Table of Contents
CM ने खोला पिटारा, साल में 3 LPG सिलेंडर मिलेंगे फ्री
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने विधानसभा में नियम 110 के तहत इस योजना की घोषणा की। सरकार के मुताबिक, ‘अन्नपूर्णानी सुपर सिक्स’ नाम की इस योजना के लिए करीब 4,000 करोड़ रुपये का बजट रखा जाएगा। सरकार का अनुमान है कि योजना से करीब 1,38,16,104 परिवार लाभान्वित होंगे।
किन परिवारों को मिलेगा फायदा ?
योजना का लाभ उन परिवारों को देने की बात कही गई है, जिनकी वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से कम है। इसके दायरे में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के अलावा छोटे और सीमांत किसान तथा ऐसे परिवार भी शामिल होंगे, जिनमें दिव्यांग सदस्य हैं और परिवार की आय निर्धारित सीमा के भीतर है।

सीधे बैंक खाते में पहुंचेगी सिलेंडर की कीमत
सरकार के अनुसार, लाभार्थी जब LPG सिलेंडर के लिए पंजीकरण कराएंगे, तो तेल कंपनियों से संबंधित जानकारी ली जाएगी। इसके बाद मुफ्त सिलेंडर की कीमत लाभार्थी के बैंक खाते में सीधे जमा किए जाने की व्यवस्था होगी। सरकार ने बताया कि योजना को लागू करने के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं और पोंगल 2027 से इसे लागू करने का लक्ष्य रखा गया है।
चुनावी वादे से जुड़ी है योजना
बता दें कि मुफ्त कुकिंग गैस सिलेंडर उपलब्ध कराना मुख्यमंत्री विजय की TVK पार्टी के प्रमुख चुनावी वादों में शामिल रहा है। विधानसभा में इस घोषणा के साथ सरकार ने अब इसे लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाने का संकेत दिया है।
big news
NET के 3 पेपर रद्द, NTA के खिलाफ छात्रों का हल्लाबोल, सड़कों पर उतरकर किया विरोध

UGC-NET Exam : UGC-NET जून 2026 में अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र के पेपर रद्द होने से विवाद बढ़ गया है। हजारों छात्रों ने परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
Table of Contents
NET के 3 पेपर रद्द, NTA के खिलाफ छात्रों का हल्लाबोल
UGC-NET जून 2026 की परीक्षा को लेकर विवाद एक बार फिर गहरा गया है। अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र समेत तीन विषयों की परीक्षाएं रद्द किए जाने के बाद बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की चिंता बढ़ गई है। छात्रों का आरोप है कि परीक्षा के दौरान कई सवाल दोहराए गए, कुछ प्रश्नों में तथ्यात्मक खामियां थीं और कई जगह भाषा व व्याकरण से जुड़ी गलतियां भी देखने को मिलीं।
सड़कों पर उतरकर किया विरोध
पेपर रद्द होने के फैसले के बाद छात्र संगठनों नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI), ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है।

पूरी परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की मांग
छात्र संगठनों की मांग है कि पूरी परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही, परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक से जुड़े आरोपों की भी जांच की जाए। दिल्ली के ओखला स्थित NTA कार्यालय के बाहर SFI कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाते हुए NTA को समाप्त करने की मांग भी उठाई।
छात्रों का कहना है कि परीक्षा रद्द होने और दोबारा परीक्षा की स्थिति से उनके परिणाम प्रभावित हो सकते हैं। इसका असर आगे होने वाले PhD दाखिलों और अकादमिक करियर की प्रक्रिया पर भी पड़ने की आशंका है।
National
Nag Panchami 2026: 16 या 17 अगस्त कब है नाग पंचमी? जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त

Nag Panchami 2026: 16 या 17 अगस्त कब है नाग पंचमी?
सनातन धर्म में सावण (श्रावण) का महीना अत्यंत पवित्र माना जाता है।इसी पावन माह में आने वाली नाग पंचमी (Nag Panchami) का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है।नाग पंचमी का पर्व मुख्य रूप से भगवान शिव (Lord Shiva) के आभूषण स्वरूप नाग देवताओं की पूजा-अर्चना के लिए समर्पित है।
वर्ष 2026 में नाग पंचमी की सही तारीख को लेकर पंचांग गणनाओं के कारण कुछ असमंजस की स्थिति बन रही है।इस लेख में हम नाग पंचमी 2026 की सटीक तिथि, प्रातःकालीन पूजा मुहूर्त, सम्पूर्ण पूजा विधि, पौराणिक महत्व और कालसर्प दोष से मुक्ति के प्रभावी उपायों पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
Table of Contents
Nag Panchami 2026 Date: 16 या 17 अगस्त कब मनाई जाएगी नाग पंचमी?
वैदिक पंचांग के अनुसार, सावन माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर नाग पंचमी का त्योहार मनाया जाता है।
वर्ष 2026 की पंचांग गणना के आधार पर इस प्रकार है:
| विवरण | तिथि एवं समय |
| पंचमी तिथि प्रारंभ | 16 अगस्त 2026 (रविवार), शाम 04:52 बजे से |
| पंचमी तिथि समाप्त | 17 अगस्त 2026 (सोमवार), शाम 05:00 बजे तक |
| उदया तिथि नाग पंचमी | 17 अगस्त 2026, सोमवार |
| विशेष योग | तीसरा सावन सोमवार व्रत + सिंह संक्रांति |
शास्त्रों में उदया तिथि (सूर्योदय कालीन तिथि) को ही सर्वमान्य माना जाता है।चूंकि 17 अगस्त की सुबह सूर्योदय के समय पंचमी तिथि मौजूद रहेगी, इसलिए नाग पंचमी का व्रत और पूजन 17 अगस्त 2026 (सोमवार) को ही किया जाएगा।
विशेष ध्यान दें: 17 अगस्त 2026 को नाग पंचमी के दिन ही तीसरा सावन सोमवार भी पड़ रहा है।सावन सोमवार और नाग पंचमी का यह दुर्लभ संयोग शिव और नाग देव दोनों की कृपा प्राप्त करने का अत्यंत शुभ अवसर प्रस्तुत करता है।(नोट: गुजरात में अमांत परंपरा के अनुसार नाग पंचमी 1 सितंबर 2026 को मनाई जाएगी)।
Nag Panchami 2026 Shubh Muhurat (पूजा का शुभ मुहूर्त)
नाग पंचमी पर प्रातःकाल में नाग देवता का पूजन करना अत्यंत श्रेष्ठ फलदायी माना गया है।
की ज्योतिषाचार्य गणना के अनुसार शुभ मुहूर्त समय:
- नाग पंचमी पूजा मुहूर्त:17 अगस्त 2026, सुबह 05:51 AM से सुबह 08:29 AM तक।
- कुल अवधि:लगभग 2 घंटे 38 मिनट।
नाग पंचमी का धार्मिक और पौराणिक महत्व (Significance of Nag Panchami)
सनातन संस्कृति में प्रकृति और जीव-जंतुओं के प्रति आभार व्यक्त करने की समृद्ध परंपरा रही है। नाग पंचमी इसी परंपरा का प्रतीक है:
- भगवान शिव और वासुकि नाग:भगवान शिव अपने गले में नागराज वासुकि को आभूषण स्वरूप धारण करते हैं।
- भगवान विष्णु और शेषनाग:भगवान विष्णु क्षीरसागर में शेषनाग की शैया पर विराजमान रहते हैं।
- श्रीकृष्ण और कालिय दमन:पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इसी तिथि के आसपास भगवान श्रीकृष्ण ने यमुना नदी को विषमुक्त करने के लिए कालिय नाग का दमन किया था।
- पर्यावरणीय महत्व:कृषि प्रधान भारत में सर्प किसानों के मित्र माने जाते हैं।वे खेतों में फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले चूहों और कीटों का भक्षण कर फसलों की रक्षा करते हैं।
बारह प्रमुख नाग देवताओं के नाम
नाग पंचमी की पूजा के दौरान बारह प्रमुख नाग देवों का स्मरण और आवाहन करना शुभ होता है:
- अनंत
- वासुकि
- शेष
- पद्म
- कम्बल
- कर्कोटक
- अश्वतर
- धृतराष्ट्र
- शंखपाल
- कालिया
- तक्षक
- पिंगल
Nag Panchami Puja Vidhi: नाग पंचमी की सम्पूर्ण पूजा विधि
शास्त्रों के अनुसार नाग पंचमी के दिन निम्नलिखित विधि से पूजन करना चाहिए:
- स्नान एवं संकल्प:प्रातःकाल सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र धारण कर पूजा का संकल्प लें।
- आकृति निर्माण:घर के मुख्य द्वार के दोनों ओर गोबर, हल्दी या रोली से नाग देव की आकृति बनाएं।
- शिवलिंग पर जलाभिषेक:सावन सोमवार होने के कारण सबसे पहले तांबे के पात्र से शिवलिंग पर जल व कच्चा दूध अर्पित करें।
- नाग देव पूजन:मिट्टी, पीतल या चांदी की नाग प्रतिमा पर अक्षत, चंदन, हल्दी, रोली, फूल और दूर्वा अर्पित करें।
- भोग अर्पण:नाग देवता को भुने हुए चने, लावा (खील), दूध, गुड़ और सात्विक मिठाई का भोग लगाएं।
- मंत्र जाप:पूजा के समय
ॐ नमः शिवायतथाॐ नागदेवताय नमःमंत्रों का जप करें। - कथा श्रवण व आरती:अंत में नाग पंचमी की प्रामाणिक व्रत कथा सुनें और धूप-दीप से आरती उतारकर प्रसाद वितरित करें।
जीवदया संदेश: जीवित सांपों को जबरन दूध पिलाने से बचना चाहिए, क्योंकि दूध सांपों की पाचन क्रिया के लिए हानिकारक सिद्ध हो सकता है।अतः केवल प्रतिमा या चित्र पर ही प्रतीकात्मक रूप से दूध अर्पित करना शास्त्रसम्मत है।
नाग पंचमी पर कालसर्प दोष निवारण के अचूक उपाय
ज्योतिष शास्त्र में नाग पंचमी को कालसर्प दोष, राहु-केतु दोष और सर्प दोष की शांति कराने के लिए अत्यंत सिद्ध दिन माना गया है।
- चांदी के नाग-नागिन का दान:इस दिन चांदी के बने नाग-नागिन के जोड़े का पूजन करके उसे बहते जल में प्रवाहित करें अथवा मंदिर में दान करें।
- महामृत्युंजय और रुद्राभिषेक: भगवान शिव का दूध व गंगाजल से रुद्राभिषेक कराएं और महामृत्युंजय मंत्र की कम से कम 108 बार एक माला का जाप करें।
- राहु-केतु शांति: नाग गायत्री मंत्र (
ॐ नवकुलाय विद्महे विषदन्ताय धीमहि तन्नो सर्पः प्रचोदयात्) का जाप करने से राहु-केतु की अशुभ महादशा का प्रभाव कम होता है। - पीपल वृक्ष पूजन: पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं और नाग देव से परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Q1. नाग पंचमी 2026 में किस तारीख को है?
उत्तर: उत्तर भारत के अधिकांश राज्यों में नाग पंचमी 17 अगस्त 2026 (सोमवार) को मनाई जाएगी।
Q2. नाग पंचमी 2026 पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है?
उत्तर: 17 अगस्त 2026 को पूजा का शुभ मुहूर्त प्रातः 05:51 AM से 08:29 AM तक रहेगा।
Q3. क्या नाग पंचमी पर सुई-धागे या तवे का प्रयोग मना होता है?
उत्तर: कई स्थानीय सांस्कृतिक परंपराओं में नाग पंचमी के दिन लोहे के तवे पर रोटी बनाना, सिलाई-कढ़ाई करना अथवा भूमि की खुदाई करना वर्जित माना जाता है।
Q4. सावन सोमवार और नाग पंचमी एक साथ पड़ने का क्या लाभ है?
उत्तर: शिवजी नागों के स्वामी हैं।अतः सोमवार को नाग पंचमी पड़ने से महादेव और नाग देव दोनों का एक साथ आशीर्वाद प्राप्त होता है, जिससे सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
Cricket17 hours agoBWV vs DNG Dream11 Prediction Match 2 Euro Cup T20 2026: Probable XI, Pitch Report & Fantasy Tips
Breakingnews21 hours agoनेपाल में बाढ़ से भारी तबाही, 384 लोग लापता, 105 भारतीय पर्यटक भी लापता
Cricket17 hours agoENG vs PAK My11Circle Prediction 2nd Test 2026: Dream11 Team, Playing 11, Pitch Report in Hindi
Cricket17 hours agoECR vs GLG Dream11 Prediction Match 3: ETPL 2026 Today Match Prediction, Playing 11 & Pitch Report
uttarakhand weather19 hours agoउत्तराखंड में अगले एक हफ्ते तक जारी रहेगा बारिश का दौर, एक सितंबर तक जारी किया गया अलर्ट
Pauri24 hours agoयमकेश्वर और गैरसैंण में केंद्रीय विद्यालय की मांग, सांसद बलूनी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से की मुलाकात
Champawat3 hours agoनेपाल में जलप्रलय के बाद उत्तराखंड में हाई अलर्ट, शारदा नदी उफान पर, प्रशासन अलर्ट मोड में
Chamoli2 hours agoबद्रीनाथ हाईवे पर हाथी पहाड़ के पास गिरे भारी बोल्डर, एहतियातन रोकी गई हेमकुंड साहिब यात्रा






































