Rudraprayag
बाबा केदारनाथ के दर्शन के लिए सोनप्रयाग से रवाना हुए 3500 यात्री,संवेदनशील स्थानों पर जवान कर रहे मदद !

रुद्रप्रयाग – बीते एक सप्ताह से केदारनाथ जाने वाले श्रद्धालुओं के साथ दर्शनार्थियों की संख्या बढ़ने लगी है। साथ ही केदारघाटी के बाजारों, पड़ाव व धाम में रौनक बढ़ने लगी है। सोनप्रयाग से बुधवार दोपहर 12 बजे तक 3,500 श्रद्धालु पैदल मार्ग से धाम पहुंचे। वहीं, धाम में 2,565 यात्रियों ने बाबा केदार के दर्शन किए। यह संख्या अतिवृष्टि के बाद बीते 26 अगस्त से शुरू हुई पैदल यात्रा में अभी तक एक दिन में सबसे अधिक है।

सुबह से केदारघाटी से केदारनाथ तक मौसम साफ रहा। इस दौरान सुबह छह बजे से सोनप्रयाग से पैदल मार्ग से श्रद्धालुओं को केदारनाथ भेजा गया। सुबह 8 बजे तक पांच सौ से अधिक यात्री धाम के लिए रवाना हो चुके थे। सुबह 10 बजे से 1800 से अधिक व दोपहर तक 3500 यात्रियों को कड़ी सुरक्षा के बीच केदारनाथ के लिए भेजा गया।
इस दौरान सोनप्रयाग भूस्खलन जोन, मुनकटिया सहित गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर चीरबासा, जंगलचट्टी, भीमबली, लिनचोली में यात्रियों को एनडीआरएफ व एसडीआरएफ के जवानों ने रास्ता पार कराया। कपाट खुलने के बाद से धाम में दर्शनार्थियों की संख्या 11,05,581 पहुंच गई है। सोनप्रयाग में तैनात सेक्टर अधिकारी बीरेंद्र सिंह ने बताया कि मौसम में सुधार होने से यात्रियों की संख्या बढ़ रही है।
अतिवृष्टि से प्रभावित गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर बीते 26 अगस्त से यात्रा पुन: शुरू हुई है। खराब मौसम और सुरक्षा के कारण 26 व 27 अगस्त को धाम जाने वाले यात्रियों से शपथ पत्र भरवाया गया था। सेक्टर मजिस्ट्रेट बीरेंद्र सिंह ने बताया कि खराब मौसम के बीच जो यात्री पैदल मार्ग से केदारनाथ गए थे, उनसे एक शपथ पत्र भरवाया गया था। इसके बाद, सामान्य तौर पर यात्रा संचालित हो रही है।
Uttarakhand
Nagrasu Gurudwara News: नगरासू गुरुद्वारा विवाद सुलझने की ओर डीएम और एसपी की समझाइश के बाद 2 निहंगों ने छोड़ी छत..

Nagrasu Gurudwara News : रुद्रप्रयाग के नगरासू गुरुद्वारे में तनाव के बाद स्थिति नियंत्रण में, सुरक्षा बल तैनात
रुद्रप्रयाग : उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित नगरासू गुरुद्वारे में हाल ही में हुए एक विवाद के बाद अब स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। प्रशासन और स्थानीय पुलिस की मुस्तैदी के चलते गुरुद्वारे में धार्मिक गतिविधियां और यात्रियों की आवाजाही सुचारु रूप से बहाल कर दी गई है।
क्या है पूरा मामला?
हेमकुंड साहिब यात्रा पर आए कुछ लोगों और गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के बीच लंगर के दौरान किसी बात को लेकर आपसी मतभेद हो गया था। विवाद बढ़ने पर कुछ लोग गुरुद्वारे की ऊपरी मंजिल पर चले गए, जिससे परिसर में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रबंधन द्वारा पुलिस को सूचित किए जाने के बाद प्रशासन ने तुरंत मोर्चा संभाला।
सुरक्षा बलों की तैनाती और वार्ता
स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन पुलिस बल के साथ-साथ आईटीबीपी (ITBP) और एटीएस (ATS) के जवानों को गुरुद्वारा परिसर और आसपास के क्षेत्रों में तैनात कर दिया। जिला प्रशासन और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए प्रदर्शन कर रहे लोगों से कई दौर की वार्ता की।

सकारात्मक बातचीत के बाद रविवार शाम तक विवाद शांत हो गया और 7 में से 2 लोग नीचे आ गए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह उनका आपसी मतभेद था और प्रशासन के सहयोग के बाद अब वे वापस लौट रहे हैं।
अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील
रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी और गढ़वाल क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (IG) ने स्पष्ट किया है कि यह पूरी तरह से दो पक्षों के बीच का आपसी विवाद था, जिसका आम जनता या कानून व्यवस्था से कोई टकराव नहीं है। गुरुद्वारे में किसी भी प्रकार की हिंसा या कब्जे की बातें पूरी तरह से निराधार और असत्य हैं।
प्रशासन की चेतावनी:
गृह सचिव ने भी मामले का संज्ञान लेते हुए सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर भ्रामक जानकारी या सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश करने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
वर्तमान में नगरासू गुरुद्वारे में अरदास और लंगर सामान्य रूप से चल रहे हैं और प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से शांति और संयम बनाए रखने की अपील की है।
Rudraprayag
रुद्रप्रयाग में 200 मीटर गहरी खाई में गिरी कार, हादसे में तीन लोग घायल…

Rudraprayag News : रुद्रप्रयाग जिले के जखोली विकासखंड क्षेत्र में शुक्रवार को एक गंभीर सड़क दुर्घटना सामने आई। बजीरा-जखोली मोटर मार्ग पर एक वाहन नियंत्रण खो बैठा और सड़क से नीचे गहरी खाई में जा गिरा। हादसे के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
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रुद्रप्रयाग में 200 मीटर गहरी खाई में गिरी कार
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वाहन करीब 200 मीटर नीचे खाई में गिर गया, जिससे उसमें सवार तीन लोग घायल हो गए। घायलों में एक महिला की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। सभी घायलों को सुरक्षित निकालकर उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
हादसे में तीन लोग घायल
घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और राहत-बचाव दल सक्रिय हो गए। पुलिस कंट्रोल रूम के माध्यम से दुर्घटना की जानकारी संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई गई, जिसके बाद बचाव टीमों को तत्काल मौके के लिए रवाना किया गया।

रेस्क्यू अभियान में डीडीआरएफ, स्थानीय प्रशासन, पुलिस कर्मियों और स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने भाग लिया। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद बचावकर्मियों ने स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से खाई में उतरकर घायलों तक पहुंच बनाई और उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला।
लोगों से वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतने की अपील
अधिकारियों ने बताया कि घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद आवश्यक चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं दुर्घटना के कारणों की जांच भी शुरू कर दी गई है।
स्थानीय प्रशासन ने लोगों से पर्वतीय मार्गों पर वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। साथ ही दुर्घटना से जुड़े सभी तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।
Rudraprayag
केदारनाथ यात्रा मार्ग पर गौरीकुंड में नदी किनारे अज्ञात शव मिलने से सनसनी, जांच में जुटी पुलिस

Rudraprayag News : केदारनाथ यात्रा मार्ग पर स्थित गौरीकुंड क्षेत्र में बुधवार सुबह एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। शव नदी किनारे पड़ा होने की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम और पुलिस की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। कड़ी मशक्कत के बाद शव को दुर्गम क्षेत्र से बाहर निकाला गया।
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केदारनाथ यात्रा मार्ग पर गौरीकुंड में नदी किनारे मिला अज्ञात शव
बताया जा रहा है कि गौरीकुंड की छोटी पार्किंग के समीप कार्यरत एक घोड़ा संचालक ने सुबह नदी किनारे एक व्यक्ति को अचेत अवस्था में पड़ा देखा। करीब से जांच करने पर उसके मृत होने की आशंका जताई गई, जिसके बाद तुरंत स्थानीय प्रशासन और पुलिस को सूचना दी गई।
कड़ी मशक्कत के बाद दुर्गम क्षेत्र से बाहर निकाला गया शव
सूचना मिलते ही एसडीआरएफ पोस्ट सोनप्रयाग की टीम सक्रिय हुई और निरीक्षक अनिरुद्ध सिंह के नेतृत्व में बचाव दल घटनास्थल के लिए रवाना हुआ। मौके पर पहुंचने पर टीम ने पाया कि शव नदी किनारे ऐसे स्थान पर पड़ा था, जहां पहुंचना बेहद कठिन और जोखिम भरा था।

एसडीआरएफ जवानों ने सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए विशेष उपकरणों और स्ट्रेचर की सहायता से शव को सुरक्षित बाहर निकाला और मुख्य सड़क तक पहुंचाया। इसके बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए शव को जिला पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।
शव की अब तक नहीं हो पाई शिनाख्त
फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो सकी है। उसकी शिनाख्त के लिए आसपास के क्षेत्रों में पूछताछ की जा रही है और गुमशुदगी से संबंधित मामलों का भी मिलान किया जा रहा है। वहीं, मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
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