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Provident Fund में बदलाव: ATM से निकाल सकेंगे कर्मचारी अपनी जमा राशि, EPFO 3.0 की योजना….

दिल्ली : संगठित क्षेत्र के 6 करोड़ से अधिक कर्मचारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा योजना संचालित करने वाली एम्पलॉयज प्राविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन (EPFO) का कायाकल्प करने की तैयारी है। केंद्र सरकार जल्द ही EPFO 3.0 का एलान कर सकती है, जिसमें कर्मचारियों के लिए कई नए और आकर्षक बेनेफिट्स शामिल होंगे। यह बदलाव कर्मचारियों के Provident Fund (PF) योगदान और अन्य सुविधाओं को और अधिक लाभकारी बना सकते हैं।
ईपीएफ में योगदान की सीमा हटाने का प्रस्ताव
सरकार की नई योजना के तहत, अब ईपीएफ खाताधारक अपनी सेविंग क्षमता के मुताबिक जितना चाहे उतना पैसा Provident Fund में योगदान कर सकेंगे। वर्तमान में, कर्मचारी को केवल अपने बेसिक वेतन का 12 फीसदी प्रॉविडेंट फंड में योगदान करना होता है, लेकिन सरकार इस सीमा को समाप्त करने पर विचार कर रही है। इसका मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों को ज्यादा से ज्यादा बचत करने का अवसर देना है, ताकि रिटायरमेंट के समय उन्हें अधिक पेंशन मिल सके।
ATM से Provident Fund की राशि निकालने की सुविधा
EPFO के सब्सक्राइबर्स के लिए एक और बड़ी घोषणा की जा सकती है। सरकार EPF खाताधारकों को ATM कार्ड देने की योजना बना रही है, जिसके जरिए वे अपने Provident Fund खाते से राशि निकाल सकेंगे। इससे कर्मचारियों को अपनी गाढ़ी कमाई को जल्दी और आसानी से निकालने का विकल्प मिलेगा। प्रारंभ में, कर्मचारियों को Provident Fund में जमा रकम का 50 फीसदी तक निकालने का विकल्प दिया जा सकता है।
EPFO का IT सिस्टम होगा सुधारित
सरकार ईपीएफओ के आईटी सिस्टम में भी बड़े बदलाव करने की योजना बना रही है। ईपीएफओ के वर्तमान सिस्टम में कई समस्याएं हैं, जिन्हें सुधारने के लिए EPFO 2.0 और EPFO 3.0 की योजनाएं बनाई गई हैं। दिसंबर 2024 तक EPFO 2.0 की सुधार प्रक्रिया पूरी हो जाएगी, जिससे ईपीएफ ट्रांजेक्शन में आसानी होगी। इसके बाद मई-जून 2025 में EPFO 3.0 को लागू किया जाएगा, जिसमें अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार सुधार किए जाएंगे।
नए साल में EPFO 3.0 की घोषणा
केंद्र सरकार जल्द ही नए साल 2025 में EPFO 3.0 की घोषणा कर सकती है, जिसके तहत कर्मचारियों के लिए कई नई सुविधाओं का लाभ मिल सकता है। इस बदलाव के बाद, कर्मचारियों को Provident Fund के पैसे को जल्दी और आसानी से एक्सेस करने का मौका मिलेगा, जिससे उनके सेविंग्स में इजाफा होगा और रिटायरमेंट के समय उन्हें बेहतर पेंशन मिलेगी।
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CM Dhami ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी से की मुलाकात, चारधाम यात्रा को लेकर किया ये अनुरोध

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी से मुलाकात कर राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।
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CM Dhami ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी से की मुलाकात
CM Dhami ने आज केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा के सुचारू, सुरक्षित और निर्बाध संचालन के लिए व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति को पहले की तरह 100 प्रतिशत बनाए रखने का आग्रह किया।
उन्होंने बताया कि अप्रैल से नवंबर तक चलने वाली इस यात्रा में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, जिससे एलपीजी की मांग में काफी बढ़ोतरी होती है। इस अवधि में राज्य को करीब 9.67 लाख व्यावसायिक सिलेंडरों की आवश्यकता होती है।
चारधाम यात्रा के लिए एलपीजी के लिए किया अनुरोध
मुख्यमंत्री ने ये भी उल्लेख किया कि जून से सितंबर के बीच मानसून के दौरान उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदाओं का खतरा बना रहता है। पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों के लिए एलपीजी गैस बेहद जरूरी होती है। ऐसे में उन्होंने अतिरिक्त 5 प्रतिशत यानी लगभग 48 हजार सिलेंडरों का अतिरिक्त आवंटन करने का भी अनुरोध किया, ताकि आपदा के समय राहत कार्य तेजी से किए जा सकें।

राज्य के विकास के लिए केंद्र सरकार प्रतिबद्धता
सीएम ने कहा कि उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से पर्यटन पर आधारित है, जिसमें धार्मिक और साहसिक पर्यटन का अहम योगदान है। चारधाम यात्रा न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि राज्य की आर्थिक गतिविधियों का भी प्रमुख आधार है।
केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री के सभी सुझावों पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए आवश्यक कदम उठाने का भरोसा दिलाया और राज्य के विकास के लिए केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
Dehradun
देहरादून से दिल्ली का सफर हुआ सस्ता, उत्तराखंड परिवहन निगम में बसों का किराया हुआ कम, देखें नया किराया

Dehradun News : देहरादून से दिल्ली जाना हुआ सस्ता, बसों का किराया हुआ कम
Dehradun News : उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से दिल्ली तक का सफर अब पहले से ज्यादा किफायती और तेज हो गया है। इस रूट पर उत्तराखंड परिवहन निगम में बसों का किराया कम हो गया है।
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देहरादून से दिल्ली का सफर हुआ सस्ता
देहरादून से दिल्ली का सफर सस्ता हो गया है। देहरादून से दिल्ली के रूट पर उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों का किराया कम कर दिया गया है। दिल्ली–देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के शुरू होने से यात्रियों को समय के साथ-साथ किराए में भी बड़ी राहत मिली है। इस एक्सप्रेसवे की सौगात आम लोगों के लिए सुविधाजनक और बजट-फ्रेंडली साबित हो रही है।
उत्तराखंड परिवहन निगम में बसों का किराया हुआ कम
दिल्ली से देहरादून की यात्रा अब सिर्फ तेज ही नहीं, बल्कि काफी सस्ती भी हो गई है। नए एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद बस किराए में लगभग 25 से 30 प्रतिशत तक की कमी दर्ज की गई है। पहले जहां इस सफर में अधिक समय लगता था, वहीं अब यह दूरी महज ढाई से तीन घंटे में पूरी की जा सकती है।

जानें अब कितना करर दिया गया है किराया
इस नए मार्ग पर उत्तराखंड परिवहन विभाग ने कुल 16 बसों का संचालन शुरू किया है। इनमें 8 वोल्वो बसें, 6 एसी बसें और 2 साधारण बसें शामिल हैं।
किराए में भी उल्लेखनीय कटौती की गई है—एसी बस का किराया 704 रुपये से घटाकर 557 रुपये कर दिया गया है, वोल्वो बस का किराया 945 रुपये से घटकर 709 रुपये हो गया है, जबकि साधारण बस का किराया 420 रुपये से कम होकर 355 रुपये रह गया है।
| बस का प्रकार | पुराना किराया (₹) | नया किराया (₹) | कमी (₹) |
|---|---|---|---|
| एसी बस | 704 | 557 | 147 |
| वोल्वो बस | 945 | 709 | 236 |
| साधारण बस | 420 | 355 | 65 |
सस्ती, सुविधाजनक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना उद्देश्य
उत्तराखंड परिवहन निगम के सहायक महाप्रबंधक प्रतीक जैन के अनुसार, एक्सप्रेसवे पर चलने वाली बस सेवाओं के किराए में 25 से 30 प्रतिशत तक की कमी की गई है। इस कदम का उद्देश्य यात्रियों को सस्ती, सुविधाजनक और बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना है।
रोडवेज की इस पहल को जनता का अच्छा समर्थन मिल रहा है। किराए में कमी के कारण अब लोग निजी वाहनों की बजाय सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता दे रहे हैं। ये न केवल जेब पर हल्का है, बल्कि अब गति के मामले में भी किसी से पीछे नहीं है।
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अस्मिता नेशनल योगासना चैंपियनशिप में उत्तराखंड की बेटियों का कमाल, गोल्ड मेडल किया अपने नाम

Asmita Yogasana League 2026 : उत्तराखंड की बेटियों ने अस्मिता नेशनल योगासना चैंपियनशिप में कमाल कर दिखाया है। उत्तराखंड की artistic group की टीम ने गोल्ड मेडल हासिल कर पूरे देश में प्रदेश का नाम रोशन किया है।
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Asmita Yogasana League 2026 में उत्तराखंड की बेटियों का कमाल
दिल्ली के आनंदधाम आश्रम में 29 से 31 मार्च 2026 तक अस्मिता योगासन वूमेन लीग (नेशनल) 2025-26 का सफल आयोजन किया गया।
ये राष्ट्रीय प्रतियोगिता भारत सरकार की खेलो इंडिया पहल और योगासन भारत के सहयोग से आयोजित हुई, जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों से महिला योगासन खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। जिसमें उत्तराखंड की टीम ने गोल्ड मेडल अपने नाम किया है।

गोल्ड मेडल जीत देश में रोशन किया प्रदेश का नाम
दिल्ली स्थित आनंद धाम आश्रम में हुई इस योगासना प्रतियोगिता में 20- राज्यों की टीमों ने प्रतिभाग किया था। जिसमें से उत्तराखंड की टीम ने पहला स्थान हासिल किया है। आर्टिस्टिक ग्रुप (सीनीयर) में उत्तराखंड की टीम ने 94.46 अंक हासिल कर गोल्ड मेडल जीता है।

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