Uttarakhand
उत्तरकाशी में भारी बारिश से जनजीवन बेहाल, कई रास्ते बंद, स्कूलों में छुट्टी

उत्तरकाशी: 2 सितंबर: उत्तराखंड में हो रही लगातार मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर उत्तरकाशी जिले में जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और मलबा आने की घटनाएं बढ़ गई हैं, जिसके चलते कई राष्ट्रीय राजमार्ग और मोटर मार्ग बाधित हो गए हैं। एहतियातन स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है।
गंगोत्री और यमुनोत्री हाईवे सबसे ज्यादा प्रभावित
गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग
डबरानी के पास भारी मलबा आने के कारण मार्ग अवरुद्ध हो गया है।
प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे वैकल्पिक मार्गों का प्रयोग करें और अनावश्यक यात्रा से बचें।
हालांकि नालू पानी और धरासू के पास मार्ग अब यातायात के लिए सुचारू बताया गया है।
यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग
झर्जर गाड़, जंगलचट्टी, बनास, नारदचट्टी, कल्याणी, हरेती और फेडी के पास भारी मलबा और पत्थर आने से रास्ता पूरी तरह अवरुद्ध है।
एनएच विभाग की मशीनें मौके पर मौजूद हैं और रास्ता खोलने का काम जारी है, लेकिन बारिश के चलते कार्य में लगातार बाधा आ रही है।
बाकी प्रमुख मार्गों की स्थिति
बड़कोट-डामटा-विकासनगर मोटर मार्ग
यह मार्ग पूरी तरह से खुला हुआ है, अभी तक किसी प्रकार के अवरोध की सूचना नहीं है।
उत्तरकाशी-सुवाखोली-देहरादून मोटर मार्ग
यातायात सामान्य रूप से संचालित हो रहा है। मार्ग सुचारू है।
उत्तरकाशी-लंबगांव मोटर मार्ग
यह मार्ग भी पूरी तरह से चालू है, और कहीं से बंद होने की खबर नहीं है।
स्कूलों में छुट्टी, प्रशासन सतर्क
बारिश की गंभीरता और रास्तों की खराब हालत को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है। एसडीआरएफ, पुलिस और लोक निर्माण विभाग की टीमें लगातार मॉनिटरिंग और रेस्क्यू ऑपरेशन में लगी हुई हैं।
प्रशासन की अपील
यात्रियों और स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि वे पहाड़ी मार्गों पर अनावश्यक यात्रा से बचें।
किसी भी आपात स्थिति में नजदीकी पुलिस थाने या कंट्रोल रूम से संपर्क करें।
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Rishikesh News: दिसंबर तक बंद रहेगा ऋषिकेश का राम झूला, जानें क्यों लिया गया ये फैसला ?

Rishikesh News : ऋषिकेश के प्रसिद्ध रामझूला पुल को मरम्मत कार्य के चलते आम लोगों की आवाजाही के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है। लोक निर्माण विभाग (PWD) नरेंद्र नगर के अनुसार पुल के व्यापक पुनर्वास का काम शुरू हो चुका है और इसे दिसंबर 2026 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। मरम्मत पूरी होने के बाद ही पुल को दोबारा जनता के लिए खोला जाएगा।
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दिसंबर तक बंद रहेगा ऋशिकेष का राम झूला
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, रामझूला पुल लंबे समय से जर्जर स्थिति में था और इसे राज्य के असुरक्षित पुलों की सूची में शामिल किया गया था। आवश्यक प्रशासनिक और तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद सरकार ने मरम्मत कार्य के लिए करीब 10 करोड़ रुपये की मंजूरी दी, जिसके बाद निर्माण कार्य शुरू किया गया।
मरम्मत के कारण लिया गया ये फैसला
मरम्मत के दौरान गंगा नदी के भीतर स्थित पुल के 20 पाइलों (आधार स्तंभों) को मजबूत किया जाएगा। इसके अलावा पुल में लगे 440 सस्पेंडर वायर भी बदले जा रहे हैं, ताकि इसकी संरचनात्मक मजबूती और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
वर्ष 1985 में निर्मित ये सस्पेंशन पुल लगभग 220 मीटर लंबा और 3 मीटर चौड़ा है। रामझूला मुनि की रेती और स्वर्गाश्रम क्षेत्र को जोड़ने वाला एक प्रमुख संपर्क मार्ग होने के साथ-साथ धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

2023 में बारिश के कारण पुल के सहायक तार हो गए थे क्षतिग्रस्त
गौरतलब है कि 17 अगस्त 2023 को भारी बारिश और गंगा के जलस्तर में तेज वृद्धि के कारण पुल के कुछ सहायक तार क्षतिग्रस्त हो गए थे और संरचना में दरारें आने के बाद दोपहिया वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी गई थी। इससे पहले जुलाई 2019 में भी कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा कारणों से कुछ समय के लिए दोपहिया वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई थी।
लोक निर्माण विभाग का कहना है कि मरम्मत कार्य तय समय सीमा के भीतर पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि दिसंबर के अंत तक रामझूला को सुरक्षित रूप से फिर से आम जनता और श्रद्धालुओं के लिए खोला जा सके।
Haridwar
हरिद्वार में 30 जुलाई से 11 अगस्त तक स्कूल बंद! जानिए डीएम ने क्यों लिया बड़ा फैसला ?

Haridwar News : कांवड़ मेले के दौरान श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के उद्देश्य से हरिद्वार जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। मेले के दौरान जिले के सभी स्कूल बंद रहेंगे।
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हरिद्वार में 30 जुलाई से 11 अगस्त तक स्कूल बंद
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने जनपद के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों, उच्च शिक्षण संस्थानों, तकनीकी एवं प्राविधिक संस्थानों के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्रों में 30 जुलाई से 11 अगस्त 2026 तक अवकाश घोषित किया है।
इस दौरान ऑनलाइन चलेंगी कक्षाएं
जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेश के मुताबिक इस अवधि में नियमित शैक्षणिक गतिविधियां परिसर में संचालित नहीं होंगी। हालांकि विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए सभी शिक्षण संस्थानों को ऑनलाइन माध्यम से कक्षाएं संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं।
भारी भीड़ होने के चलते लिया गया फैसला
प्रशासन का कहना है कि कांवड़ मेले के दौरान हरिद्वार में प्रतिदिन लाखों श्रद्धालुओं का आगमन होता है। इसके चलते राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों के अलावा शहर के प्रमुख मार्गों पर भारी भीड़ रहती है। श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए कई स्थानों पर यातायात डायवर्जन लागू किया जाता है और कुछ मार्गों को अस्थायी रूप से बंद भी करना पड़ता है।
ऐसी स्थिति में छात्रों और शिक्षकों को विद्यालय एवं कॉलेज आने-जाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियातन सभी शैक्षणिक संस्थानों में ऑफलाइन शिक्षण कार्य स्थगित करने का निर्णय लिया है।
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नहीं रहे कांग्रेस के दिग्गज नेता हीरा सिंह बिष्ट, राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर

Hira Singh Bisht : उत्तराखंड की राजनीति से एक दुखद खबर सामने आई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्य के पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह बिष्ट का आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं, समर्थकों और राजनीतिक जगत में शोक की लहर फैल गई।
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नहीं रहे कांग्रेस के दिग्गज नेता हीरा सिंह बिष्ट
कांग्रेस के दिग्गज नेता हीरा सिंह बिष्ट का देर रात निधन हो गया। मिली जानकारी के मुताबिक हीरा सिंह बिष्ट पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थे। देर रात करीब डेढ़ बजे उन्हें अचानक सीने में दर्द की शिकायत हुई। इसके बाद परिजन उन्हें देहरादून के ईस्ट कैनाल रोड स्थित एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके और उन्होंने अंतिम सांस ली।
राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर
हीरा सिंह बिष्ट का राजनीतिक जीवन लंबे अनुभव और जनसेवा के लिए जाना जाता है। उन्होंने श्रमिकों, गरीबों और मलिन बस्तियों में रहने वाले लोगों के अधिकारों के लिए लगातार संघर्ष किया और विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाई। उनके सरल स्वभाव और जनसंपर्क के कारण उन्हें जनता के बीच एक लोकप्रिय नेता माना जाता था।

एन.डी. तिवारी सरकार में रहे थे कैबिनेट मंत्री
अपने राजनीतिक सफर के दौरान उन्होंने उत्तराखंड की तत्कालीन एन.डी. तिवारी सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में भी जिम्मेदारियां निभाईं। परिवहन, श्रम और तकनीकी शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विभागों का संचालन करते हुए उन्होंने कई प्रशासनिक और जनहित से जुड़े कार्य किए।
उनके निधन को उत्तराखंड की राजनीति के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक संगठनों और समर्थकों ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है।
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