Dehradun
उत्तराखंड विधानसभा में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के स्वागत और दो दिवसीय विशेष सत्र की तैयारियों के लिए उच्चस्तरीय बैठक

देहरादून: आगामी दो दिवसीय विशेष सत्र के सफल एवं सुव्यवस्थित संचालन के उद्देश्य से आज उत्तराखंड विधानसभा में विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में राज्य शासन के सभी संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों, पुलिस प्रशासन, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, चिकित्सा, ऊर्जा, पेयजल, लोक निर्माण, परिवहन तथा विधानसभा सचिवालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।
बैठक में आगामी विशेष सत्र के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के विधानसभा आगमन से संबंधित तैयारियों, सुरक्षा प्रोटोकॉल एवं अन्य व्यवस्थाओं पर विस्तृत चर्चा की गई। विधानसभा अध्यक्ष ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि राष्ट्रपति जी के आगमन एवं सत्र के आयोजन के दौरान किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए तथा सभी व्यवस्थाएं निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण की जाएं। उन्होंने कहा कि यह सत्र उत्तराखंड के लिए ऐतिहासिक होगा, क्योंकि इसमें राज्य निर्माण के 25 वर्षों की विकास यात्रा पर व्यापक चर्चा की जाएगी। इस अवसर पर प्रदेश के विकास की उपलब्धियों, चुनौतियों और भविष्य की योजनाओं पर सार्थक विमर्श होगा।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि राष्ट्रपति के आगमन एवं संबोधन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, मीडिया कवरेज, फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी की सूची पूर्व निर्धारित की जाएगी। इस कार्य के लिए शासन एवं विधानसभा सचिवालय के अधिकारियों को दायित्व सौंपा गया है। विधानसभा परिसर में प्रवेश, आवागमन एवं बैठक की समस्त गतिविधियों के लिए विशेष पास प्रणाली लागू की जाएगी। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग को मीडिया प्रतिनिधियों की सूची निर्धारित कर 31 अक्टूबर तक विधानसभा सचिवालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि राष्ट्रपति के संबोधन के समय विधानसभा परिसर में शांति, सुरक्षा एवं अनुशासन का विशेष ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने संबंधित विभागों को यह भी निर्देश दिया कि मीडिया और प्रशासन के बीच समन्वय बनाए रखें ताकि राष्ट्रपति जी के आगमन के दौरान सभी प्रोटोकॉल का पूर्णतः पालन हो सके। बैठक में विधानसभा भवन परिसर की साफ-सफाई, सौंदर्यीकरण, अग्निशमन, जल एवं विद्युत आपूर्ति, अतिथियों के स्वागत, बैठने की व्यवस्था, यातायात नियंत्रण और चिकित्सा सुविधा जैसी व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई।
विधानसभा अध्यक्ष ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि विधानसभा भवन के आस-पास के क्षेत्रों की सफाई, उद्यानों का सौंदर्यीकरण, फूलों की सजावट एवं प्रकाश व्यवस्था को प्राथमिकता के साथ पूर्ण किया जाए। अग्निशमन विभाग को सतर्क मोड में रहने तथा आपातकालीन स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया दल तैयार रखने के निर्देश दिए गए। चिकित्सा विभाग को विधानसभा परिसर में एक पूर्ण चिकित्सा दल, प्राथमिक उपचार कक्ष, आवश्यक दवाइयाँ और एंबुलेंस की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कहा गया। ऊर्जा विभाग को निर्बाध विद्युत आपूर्ति तथा बैकअप जनरेटर की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जल संस्थान एवं नगर निगम को स्वच्छ पेयजल और सीवरेज व्यवस्था के लिए निर्देशित किया गया।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि राष्ट्रपति के संबोधन के दौरान शासन एवं विधानसभा सचिवालय के मीडिया प्रकोष्ठ द्वारा अधिकृत फोटोग्राफर एवं वीडियोग्राफर की सूची तैयार की जाएगी। इस दौरान मीडिया की रिकॉर्डिंग एवं सीधा प्रसारण (लाइव कवरेज) की व्यवस्था सूचना विभाग द्वारा की जाएगी। लोक संपर्क विभाग, दूरदर्शन, आकाशवाणी एवं विधानसभा सचिवालय के मीडिया अधिकारी समन्वय में रहेंगे ताकि कार्यक्रम का सुनियोजित और गरिमामय प्रसारण सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक के समापन पर विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने सभी अधिकारियों से आह्वान किया कि वे आपसी समन्वय एवं पूर्ण तत्परता के साथ कार्य करें, ताकि यह विशेष सत्र शांतिपूर्ण, अनुशासित और ऐतिहासिक रूप से संपन्न हो सके। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की 25 वर्षों की विकास यात्रा केवल समीक्षा का अवसर नहीं बल्कि आने वाले वर्षों के लिए नई दिशा तय करने का भी माध्यम बनेगी। उन्होंने कहा कि इस सत्र के दौरान जनहित एवं राज्य के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर गंभीर, सार्थक और सकारात्मक चर्चा होनी चाहिए और यही यही सभी का साझा उद्देश्य होना चाहिए।
बैठक में उत्तराखंड शासन के मुख्य सचिव आनंद वर्धन, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, एडीजी अभिनव कुमार, गृह सचिव शैलेश बगौरी, स्वास्थ्य सचिव आर. राजेश कुमार, एसएसपी देहरादून अजय सिंह, पेयजल निगम के हेड संजय सिंह, डीजी हेल्थ डॉ. सुनीता शर्मा,विधानसभा सचिव प्रभारी हेम चंद पंत, वोएसडी अशोक शाह स्थित सूचना विभाग के अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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धामी सरकार का फैसला बड़ा फैसला मदरसा बोर्ड खत्म, अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण हुआ शुरू

Uttarakhand News : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में आयोजित कार्यक्रम में उत्तराखण्ड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों को मान्यता प्रमाण पत्र भी वितरित किए।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अल्पसंख्यक विद्यालयों के विद्यार्थियों को एन.सी.ई.आर.टी. की पुस्तकें भी भेंट कीं और कहा कि गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा की दिशा में ये पहल विद्यार्थियों के भविष्य को मजबूत आधार प्रदान करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि होने के साथ-साथ ज्ञान, शिक्षा और आध्यात्म की समृद्ध परंपरा वाली भूमि रही है। इस पवित्र धरती ने सदियों से विश्व को ज्ञान और संस्कार का संदेश दिया है। ऐसे में राज्य की जिम्मेदारी है कि शिक्षा के क्षेत्र में उत्तराखण्ड देश के लिए एक आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित हो।
उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य के साथ राज्य सरकार ने समाज के सभी वर्गों को गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और संस्कारयुक्त शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए 1 जुलाई 2026 से उत्तराखण्ड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की स्थापना की है। इसके साथ ही मदरसा बोर्ड को समाप्त कर नई व्यवस्था लागू की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये केवल एक संस्था की शुरुआत नहीं, बल्कि राज्य के प्रत्येक बच्चे के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखने वाला निर्णय है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक बच्चे को समान अवसर मिले और वह आधुनिक शिक्षा, तकनीक एवं कौशल के माध्यम से आगे बढ़ सके।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय ज्ञान, नवाचार और तकनीक का युग है। एआई, मशीन लर्निंग, डिजिटल तकनीक और नए कौशल भविष्य की दिशा तय कर रहे हैं। ऐसे में आवश्यक है कि उत्तराखण्ड का कोई भी बच्चा विकास की इस यात्रा से पीछे न छूटे।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की स्थापना किसी समुदाय की पहचान या परंपराओं को प्रभावित करने के लिए नहीं, बल्कि सभी वर्गों को बेहतर शैक्षणिक अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई है। सरकार का प्रयास है कि बच्चे अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहते हुए विज्ञान, गणित, कंप्यूटर, कौशल विकास और आधुनिक शिक्षा में दक्ष बनें।
उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि समाज को सशक्त, आत्मनिर्भर और जागरूक बनाने का सबसे प्रभावी साधन है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से युवा न केवल अपने जीवन को बेहतर बनाते हैं बल्कि राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई व्यवस्था के तहत सभी अधिसूचित अल्पसंख्यक समुदायों को समान अवसर प्रदान किए जाएंगे। पहले की व्यवस्थाओं में जिन वर्गों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाया, उन्हें भी अब शिक्षा के क्षेत्र में बराबरी का अवसर मिलेगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 ने देश की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा दी है। यह नीति केवल डिग्री तक सीमित नहीं है, बल्कि कौशल, नवाचार, अनुसंधान, उद्यमिता और रोजगार से जोड़ने पर बल देती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार डिजिटल शिक्षा, स्मार्ट कक्षाओं, कौशल विकास, स्टार्टअप और आधुनिक प्रशिक्षण को बढ़ावा दे रही है ताकि राज्य का युवा भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सके।
उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण केवल मान्यता देने वाली संस्था नहीं होगा, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शिक्षक प्रशिक्षण, पारदर्शी व्यवस्था और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन का मजबूत माध्यम बनेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज जिन संस्थानों को मान्यता प्रदान की जा रही है, वे केवल प्रमाण पत्र प्राप्त नहीं कर रहे, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में नई सोच और नई व्यवस्था के सहभागी बन रहे हैं। इन संस्थानों की जिम्मेदारी है कि वे ज्ञानवान, संस्कारित, संवेदनशील और राष्ट्र के प्रति समर्पित नागरिक तैयार करें।
उन्होंने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी विविधता में एकता है। अलग-अलग भाषाओं, संस्कृतियों और परंपराओं के बावजूद भारतीयता सभी को जोड़ने वाली शक्ति है। राज्य सरकार इसी भावना के साथ सभी वर्गों के विकास के लिए कार्य कर रही है।
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देहरादून में अनिंत्रित होकर खाई में गिरी कार, एक की मौत, शराब के नशे के कारण हुआ हादसा

Dehradun Accident : देहरादून में मंगलवार को देर रात दर्दनाक सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई। प्रेमनगर में एक कार अनियंत्रित होकर खाई में गिर गई। इस हादसे में एक युवक की मौत हो गई जबकि दो गंभीर रूप से घायल हो गए।
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देहरादून में अनिंत्रित होकर खाई में गिरी कार, एक की मौत
देहरादून के प्रेमनगर थाना क्षेत्र स्थित फूलसेनी मोड़ पर हुए एक सड़क हादसे में कार चालक की मौत हो गई, जबकि उसके साथ मौजूद दो युवक मामूली रूप से घायल हो गए।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और राहत और बचाव कार्य शुरू किया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया गया है।

घूमने के लिए निकले थे तीनों दोस्त
पुलिस के मुताबिक, सूचना मिली थी कि एक कार अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे खाई में गिर गई है। मौके पर पहुंची पुलिस ने कार में फंसे युवकों को बाहर निकालकर आवश्यक कार्रवाई की। प्रारंभिक जांच में पता चला कि कार में सवार तीनों युवक आपस में मित्र थे और घूमने के लिए निकले थे।
शराब के नशे के कारण हुआ हादसा
जांच के दौरान ये भी सामने आया कि हादसे से पहले तीनों ने शराब का सेवन किया था। पुलिस का मानना है कि फूलसेनी मोड़ पर चालक सड़क का सही अनुमान नहीं लगा सका, जिससे वाहन पर नियंत्रण खो गया और कार खाई में जा गिरी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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मसूरी में डॉक्टर का इंतजार करता रहा परिवार, मासूम ने दम तोड़ा! जांच शुरू

Mussoorie News : मसूरी के उप जिला चिकित्सालय में करीब एक वर्ष के बच्चे की मौत के बाद अस्पताल परिसर में हंगामे की स्थिति बन गई।
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मसूरी के सरकारी अस्पताल में एक साल के बच्चे की मौत
मसूरी एक साल की बच्ची की अस्पताल में मौत हो गई। बच्ची के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और चिकित्सकों पर इलाज में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। वहीं, अस्पताल प्रशासन ने आरोपों को खारिज करते हुए मामले की जांच शुरू करने की बात कही है।
परिजनों ने अस्पताल पर लगाया लापरवाही का आरोप
मृतक बच्चे की मां, जो बार्लोगंज क्षेत्र की रहने वाली हैं, ने बताया कि वो सोमवार सुबह करीब पांच बजे अपने बीमार बच्चे को लेकर अस्पताल पहुंची थीं। उनका आरोप है कि उस समय अस्पताल में न तो कोई डॉक्टर मौजूद था और न ही तत्काल उपचार के लिए आवश्यक स्टाफ उपलब्ध था।

डॉक्टर के इंतजार में मासूम ने दम तोड़ा
परिजनों का कहना है कि काफी इंतजार और आग्रह के बाद डॉक्टर व कर्मचारी पहुंचे, लेकिन बच्चे को समय पर उचित इलाज नहीं मिला। उनका आरोप है कि उन्हें यह कहकर वापस भेज दिया गया कि बच्चों के विशेषज्ञ चिकित्सक सुबह आठ बजे आएंगे। परिवार का दावा है कि अगर समय रहते उपचार शुरू हो जाता तो बच्चे की जान बचाई जा सकती थी।
चिकित्सकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग
घटना के बाद परिजनों ने जिम्मेदार चिकित्सकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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