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अच्छी खबर: अब सडक दुर्घटना प्रभावित लोगों को आयुष्मान योजना के अलावा अन्य अस्पतालों में भी मिलेगा कैशलेस उपचार, मुख्यमंत्री ने परिवहन और स्वास्थ्य विभाग को प्रस्ताव बनाने के दिए निर्देश

अच्छी खबर: अब सडक दुर्घटना प्रभावित लोगों को आयुष्मान योजना के अलावा अन्य अस्पतालों में भी मिलेगा कैशलेस उपचार, मुख्यमंत्री ने परिवहन और स्वास्थ्य विभाग को प्रस्ताव बनाने के दिए निर्देश
देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय में सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक के दौरान निर्देश दिये कि राज्य में दुर्घटना प्रभावित लोगों को आयुष्मान योजना के अलावा अन्य अस्पतालों में भी कैशलेस उपचार के लिए परिवहन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रस्ताव बनाया जाए। सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए उन्होंने और प्रभावी प्रयास करने के निर्देश अधिकारियों को दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुर्घटनाओं को नियंत्रित करने के लिए राज्य की सीमावर्ती क्षेत्रों में सघन चौकिंग की जाए। पर्वतीय क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि वाहन ओवरलोडिंग न हो। यातायात के नियमों के पालन के लिए लोगों को नियमित रूप से जागरूक किया जाए। यातायात व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए आधुनिक संसाधनों के अधिकतम इस्तेमाल पर ध्यान दिया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा बस अड्डों पर नियमित स्वच्छता और सुरक्षा से संबंधित अभियान चलाये जांय। यातायात के नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नियमित कार्रवाई की जाए। सड़क दुर्घटना के बाद घायलों को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए रिस्पांस टाइम कम से कम रखा जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि अतिवृष्टि से प्रभावित ऐसे क्षेत्रों जहां भीड़-भाड़ और अधिक आवागमन होता है, वहां सड़कों के मरम्मत कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता में रखा जाए। रोड सेफ्टी के लिए जनपदों में जो अच्छी पहल हुई है, उनको बेस्ट प्रैक्टिस के रूप में लिया जाए। मुख्यतंत्री ने एआई और तकनीक आधारित ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम पर ध्यान दिए जाने के साथ ही सभी जनपदों में ट्रैफिक सिस्टम को ऑटोमेटेड मोड में संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स पर सड़क चौड़ीकरण के कार्य को प्राथमिकता से पूरा किया जाए। दुर्घटनाओं से बचाव और त्वरित सहायता के लिए जनमानस को प्रशिक्षित करने के लिए फर्स्ट रिस्पॉन्डर ट्रेनिंग प्रोग्राम नियमित रूप से आयोजित किए जाएं।

कहा कि पर्वतीय मार्गों पर क्रैश बैरियर की स्थापना और अनुरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाए। गाड़ियों के रूकने की व्यवस्था ऐसे स्थानों पर की जाए, जहां आस-पास में लोगों को सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हों। इसके लिए परिवहन एवं पर्यटन विभाग आपस समन्वय बनाकर योजना बनाएं। शीतकालीन यात्रा और आगामी चारधाम व नंदा राजजात यात्रा के दृष्टिगत यातायात व्यवस्था को सुदृ़ढ़ बनाने की दिशा में तेजी से कार्य किये जाएं। सुरक्षा की दृष्टि से बस अड्डों पर नियमित सतर्कता बरती जाए।

सड़क सुरक्षा की दृष्टिगत परिवहन, पुलिस और लोक निर्माण विभाग हर माह बैठक करें। पर्वतीय क्षेत्रों में वन विभाग और संबंधित जिला प्रशासन द्वारा सड़क किनारे पौधारोपण का कार्य किया जाए। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सड़क सुरक्षा के दृष्टिगत सराहनीय कार्य करने वालों को सम्मानित भी किया।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, सचिव शैलेश बगोली, बृजेश कुमार संत, वी षणमुगम, अपर पुलिस महानिदेशक डॉ. वी.मुरूगेशन, आईजी राजीव स्वरूप, आयुक्त परिवहन रीना जोशी, अपर सचिव विनीत कुमार, रोहित मीणा और संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
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दिल्ली से ऋषिकेश घूमने आया युवक नहाते वक्त बहा, तलाश में जुटी एसडीआरएफ

Rishikesh News : ऋषिकेश के मुनिकीरेती थाना क्षेत्र में दर्दनाक हादसा हो गया। यहां नहाने के दौरान नीम बीच पर एक पर्यटक गंगा के तेज बहाव में बह गया। सूचना पर मौके पर पहुंची रेस्क्यू टीम ने युवक की तलाश शुरू कर दी है।
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दिल्ली से ऋषिकेश घूमने आया युवक नहाते वक्त बहा
ऋषिकेश के मुनिकीरेती थाना क्षेत्र में नीम बीच के पास नदी में नहाने के दौरान दिल्ली का एक युवक तेज बहाव की चपेट में आकर बह गया। घटना की जानकारी मिलते ही एसडीआरएफ, आपदा राहत दल, जल पुलिस और स्थानीय पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और युवक की तलाश शुरू कर दी।
तलाश में जुटी एसडीआरएफ टीम
जानकारी के मुताबिक दिल्ली निवासी 20 वर्षीय सौरभ शर्मा अपने एक दोस्त के साथ नीम बीच से आगे घूमने गया था। इसी दौरान दोनों नदी में नहाने लगे। नहाते समय सौरभ अचानक गहरे पानी में चला गया और तेज बहाव के साथ बह गया। इसके बाद से उसका कोई पता नहीं चल सका है।

अब तक नहीं लग सका कोई सुराग
सूचना मिलने पर एसडीआरएफ की टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। नदी में संभावित स्थानों पर डीप डाइविंग उपकरणों के जरिए युवक की तलाश की गई, लेकिन नदी का बहाव तेज होने के कारण अभी तक सौरभ का पता नहीं चल पाया है। फिलहाल एसडीआरएफ और अन्य टीमों का सर्च और रेस्क्यू अभियान जारी है।
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4 साल बाद भी अंकिता को न्याय का इंतजार! सड़कों पर उतरे लोग, VIP की पहचान की मांग

Dehradun News : अंकिता भंडारी हत्याकांड को चार साल पूरे होने पर सामाजिक, राजनीतिक और जन सरोकारों से जुड़े संगठनों ने सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई। अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच के बैनर तले विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने गांधी पार्क में अंकिता भंडारी को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद गांधी पार्क से घंटाघर तक मानव श्रृंखला बनाकर मामले में कथित VIP की पहचान सार्वजनिक करने और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की गई।
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4 साल बाद भी अंकिता को न्याय का इंतजार !
प्रदर्शन में शामिल उत्तराखंड पूर्व सैनिक अर्धसैनिक संयुक्त संगठन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रकाश थपलियाल ने कहा कि चार साल बीतने के बाद भी उत्तराखंड की जनता अंकिता को भूली नहीं है। उन्होंने कहा कि अंकिता के परिवार को अब भी न्याय का इंतजार है।
आज देहरादून में सड़कों पर उतरे लोग
प्रकाश थपलियाल ने आरोप लगाया कि अंकिता ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी और कथित तौर पर VIP को विशेष सेवाएं देने के लिए दबाव बनाए जाने की बात सामने आई थी। उन्होंने मांग की कि इन आरोपों और अंकिता से जुड़े कथित अंतिम बयानों की भी निष्पक्ष तरीके से जांच होनी चाहिए।

VIP की पहचान की मांग
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मामले में जिस VIP का जिक्र लगातार होता रहा है, उससे जुड़े सभी पहलुओं की जांच पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए। यदि जांच में किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो कानून के तहत कार्रवाई की मांग भी वक्ताओं ने की।
इस दौरान अंकिता के अंतिम संस्कार को लेकर भी सवाल उठाए गए। प्रदर्शनकारियों ने अंतिम संस्कार के समय और प्रक्रिया पर आपत्ति जताते हुए इसे धार्मिक परंपराओं के अनुरूप नहीं होने का आरोप लगाया।
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ऋषिकेश में गंगा किनारे दो नवजात बच्चियों के शव मिलने से हड़कंप, पुलिस जांच में जुटी

Rishikesh News : गंगा किनारे अलग-अलग स्थानों पर दो बच्चियों के शव मिलने से हड़कंप मच गया। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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गंगा किनारे दो नवजात बच्चियों के शव मिलने से हड़कंप
ऋषिकेश में गंगा किनारे दो नवजातों के शव मिलने से सनसनी मच गई। पहली घटना नाव घाट के पास सामने आई है। जबकि दूसरी बच्ची का शव साई घाट के नजदीक बरामद किया गया। दोनों मामलों की जानकारी स्थानीय लोगों ने पुलिस को दी।
पुलिस ने दोनों घटनाओं को लेकर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, बच्चियों की मौत किन परिस्थितियों में हुई और उनके शव गंगा किनारे तक कैसे पहुंचे, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। जांच के दौरान सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखा जा रहा है।
नाव घाट के पास मिला बच्ची का शव
पहला मामला नाव घाट के आसपास का है। यहां पुलिस को करीब 10 महीने की बच्ची का शव मिला। शुरुआती जांच में यह संभावना सामने आई है कि बच्ची की किसी वजह से मौत हुई होगी और इसके बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार के बजाय शव को गंगा में प्रवाहित कर दिया होगा।

पुलिस इस संभावना से भी इनकार नहीं कर रही है कि गंगा के तेज बहाव के साथ बच्ची का शव किसी दूसरे स्थान से बहकर ऋषिकेश तक पहुंचा हो। हालांकि, बच्ची की मौत कब और किन परिस्थितियों में हुई, इसका पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आगे की जांच के बाद ही चल सकेगा।
साई घाट पर एक दिन की नवजात का शव बरामद
दूसरी घटना साई घाट के पास हुई। यहां गंगा किनारे पुलिस को करीब एक दिन की नवजात बच्ची का शव मिला। पुलिस के मुताबिक, नवजात की नाल भी कटी हुई नहीं थी। इस वजह से मामले को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
पुलिस मामले की जांच में जुटी
पुलिस ये पता लगाने में जुटी है कि बच्ची का जन्म होने के बाद उसकी मौत हुई और फिर उसे गंगा किनारे छोड़ दिया गया, या नवजात को किसी अन्य परिस्थिति में वहां लाकर छोड़ा गया। बच्ची की पहचान और उसके परिवार तक पहुंचने के लिए भी पुलिस संभावित सुराग जुटा रही है। दोनों घटनाओं की जांच अलग-अलग स्तर पर की जा रही है।







































