Pithoragarh
उत्तराखंड में यहां गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी अनिवार्य, कालाबाजारी पर होगी सख्त कार्रवाई

pithoragarh News : मध्य एशिया में तनाव के चलते भारत में रसोई गैस की किल्लत देखने को मिल रही है। इसका असर उत्तराखंड भी में देखने को मिल रहा है। लोग गैस एजेंसी के बाहर लंबी-लंबी कतारें लगाए नजर आ रहे हैं। जिस कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन पिथौरागढ़ में जिलाधिकारी ने गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी (Gas Cylinder Home Delivery)अनिवार्य करने के निर्देश दिए हैं।
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गैस सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर हुई बैठक
पिथौरागढ़ जिला कार्यालय सभागार में जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई की अध्यक्षता में घरेलू और व्यवसायिक गैस सिलेंडरों के भंडारण और वितरण व्यवस्था के संबंध में होटल एसोसिएशन एवं व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई।
बैठक में व्यापार मंडल एवं होटल एसोसिएशन के प्रतिनिधियों द्वारा विभिन्न सुझाव प्रस्तुत किए गए। जिलाधिकारी ने प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि प्राप्त सुझावों को शासन स्तर पर आयोजित बैठकों में रखा जाएगा। आवश्यक कार्यवाही शासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार की जाएगी।
पिथौरागढ़ में गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी अनिवार्य
जिलाधिकारी ने बुकिंग गैस सिलेंडरों की होम डिलीवरी अनिवार्य रूप (Gas Cylinder Home Delivery)से सुनिश्चित करने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को बुकिंग के बाद फोन कर उनके घर तक गैस सिलेंडर पहुंचाया जाए। जिससे लंबी कतारों और अनावश्यक भीड़ की स्थिति पर नियंत्रण किया जा सके।
जिलाधिकारी ने इस आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने हेतु अपर जिलाधिकारी को निर्देशित किया कि जनपद के प्रत्येक उपभोक्ता को घर पर गैस सिलेंडर की आपूर्ति सुनिश्चित कराई जाए। अन्यथा संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
भोजनालयों में स्टाफ के लिए गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने की मांग
प्रतिनिधियों द्वारा नगर क्षेत्र में कमर्शियल सिलेंडरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और होटल व भोजनालयों में कार्यरत स्टाफ के भोजन के लिए गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जाने की मांग रखी गई। इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि इस संबंध में शासन स्तर पर वार्ता कर शीघ्र समाधान निकाला जाएगा। बैठक में प्रतिदिन की स्थिति की समीक्षा करते हुए वैकल्पिक व्यवस्था तैयार करने पर भी विचार-विमर्श किया गया।

जिले में घरेलू गैस सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक
जिलाधिकारी आशीष भटगाईं ने जनता से अपील करते हुए कहा कि जनपद में घरेलू गैस सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है तथा आपूर्ति निरंतर जारी है। उन्होंने आगे बताया कि कमर्शियल गैस सिलेंडरों के संबंध में शासन द्वारा प्राथमिकता के आधार पर चिकित्सा संस्थानों एवं शैक्षणिक संस्थानों को आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने पूर्ति विभाग को निर्देश दिए कि आईओसीएल, एचपीसीएल और बीपीसीएल के प्रबंधकों से समन्वय कर कुछ दिनों के लिए गैस सिलेंडर आपूर्ति करने वाले वाहनों की संख्या बढ़ाई जाए, ताकि लंबित मांग को शीघ्र पूरा कर स्थिति को सामान्य किया जा सके। जिलाधिकारी ने जनता से प्रशासन को सहयोग करने की व धैर्य रखने की अपील है।
गैस सिलेंडर की कालाबाजारी पर होगी सख्त कार्रवाई
जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील की कि अगर किसी को गैस वितरण से संबंधित कोई समस्या या सुझाव हो तो वह टोल फ्री नंबर 1077 पर संपर्क कर अपनी शिकायत अथवा सुझाव दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि अब तक टोल फ्री नंबर पर कुल 7 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 4 शिकायतें 12 मार्च तथा 3 शिकायतें 13 मार्च को प्राप्त हुईं, जिनका निराकरण कर दिया गया है।
जिलाधिकारी ने समस्त उप जिलाधिकारी तहसीलदार और पूर्ति विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में कहीं भी कालाबाजारी की स्थिति उत्पन्न ना हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि कालाबाजारी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
Pithoragarh
बेटी के नामकरण की खुशी कुछ ही घंटों में मातम में बदली, लाइनमैन की करंट लगने से मौत

Pithoragarh News : पिथौरागढ़ जिले के आंवलाघाट क्षेत्र से दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। बिजली लाइन में आई खराबी को ठीक करने के लिए शटडाउन लेकर पोल पर चढ़े 36 वर्षीय लाइनमैन की करंट लगने से मौत हो गई।
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बेटी के नामकरण की खुशी कुछ ही घंटों में मातम में बदली
पिथौरागढ़ में आंवलाघाट क्षेत्र में करंट लगने से एक लाइनमैन की मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है, जबकि स्थानीय लोगों में ऊर्जा निगम के प्रति नाराजगी भी देखने को मिल रही है।
मृतक की पहचान मनोज कुमार पुत्र नारायण राम के रूप में हुई है। वह गोरंगघाटी क्षेत्र के बकसील गांव के रहने वाले थे और आसपास के इलाकों में लाइनमैन के तौर पर काम करते थे।
लाइनमैन की करंट लगने से मौत
बताया जा रहा है कि आंवलाघाट पंपिंग योजना की बिजली आपूर्ति में पिछले दो दिनों से तकनीकी समस्या बनी हुई थी। इसके चलते क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित थी। मंगलवार सुबह करीब 10 बजे मनोज कुमार बिजली लाइन की खराबी दूर करने के लिए मौके पर पहुंचे।
शटडाउन के बाद भी दौड़ा लाइन में करंट
जानकारी के मुताबिक, मनोज ने बिजली सप्लाई का विधिवत शटडाउन लिया और इसके बाद 11 केवी हाईटेंशन लाइन के पोल पर चढ़कर मरम्मत का काम शुरू किया। इसी दौरान अचानक लाइन में करंट प्रवाहित हो गया। करंट की चपेट में आने से मनोज की मौके पर ही मौत हो गई।

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नीचे उतारा गया। कोतवाल ललित मोहन जोशी के अनुसार, पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
बेटी के नामकरण के बाद काम पर गए थे मनोज
इस हादसे ने परिवार की खुशियों को गहरे दुख में बदल दिया। बताया जा रहा है कि मनोज हाल ही में पिता बने थे। उनकी बेटी का नामकरण संस्कार हुआ था और इसके बाद ही वह काम पर गए थे। परिवार में नई खुशियों के बीच हुए इस हादसे से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है। ग्रामीणों ने ऊर्जा निगम की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए हैं और हादसे की वजह को लेकर जवाबदेही की मांग की है।
Pithoragarh
आदि कैलाश यात्रा पर लगी अस्थाई रोक, 20 सितंबर तक टाला गया यात्रा का दूसरा फेज

Pithoragarh News : उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में आदि कैलाश और ओम पर्वत की यात्रा को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। खराब मौसम और कई स्थानों पर सड़क मार्ग प्रभावित होने के कारण यात्रा के दूसरे चरण को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। दूसरा चरण 15 सितंबर से शुरू होना प्रस्तावित था, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए अब इसे आगे बढ़ाकर 20 सितंबर तक टाल दिया गया है।
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आदि कैलाश यात्रा पर लगी अस्थाई रोक
धारचूला के उपजिलाधिकारी (SDM) आशीष जोशी ने सोमवार को जानकारी देते हुए बताया कि तीर्थयात्रियों के लिए इनर लाइन परमिट जारी करने की प्रक्रिया 20 सितंबर से शुरू किए जाने की संभावना है। हालांकि ये तारीख अभी अंतिम नहीं है। यात्रा शुरू करने का फैसला क्षेत्र में मौसम और सड़क समेत अन्य यात्रा परिस्थितियों की स्थिति को देखते हुए लिया जाएगा।
20 सितंबर तक टाला गया यात्रा का दूसरा फेज
20 सितंबर से परमिट जारी करने पर विचार किया जा रहा है, लेकिन इसके लिए मौसम का अनुकूल होना और यात्रा मार्गों का सुरक्षित होना जरूरी होगा। प्रशासन किसी भी स्थिति में तीर्थयात्रियों की सुरक्षा से समझौता नहीं करना चाहता।

BRO ने शुरू किया पुल निर्माण का काम
यात्रा मार्ग को सुगम बनाने के लिए बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (BRO) ने क्षतिग्रस्त पुल के पुनर्निर्माण का काम शुरू कर दिया है। वहीं, सेना की ओर से ऊंचाई वाले इलाकों की ओर पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्ग भी तैयार किया गया है।
प्रशासन का कहना है कि यात्रा तभी दोबारा शुरू की जाएगी, जब मौसम और परिवहन व्यवस्था को लेकर सुरक्षा की पर्याप्त पुष्टि हो जाएगी। इसके बाद ही तीर्थयात्रियों को आगे जाने की अनुमति दी जाएगी।
दो महीने में 52 हजार से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे
आदि कैलाश यात्रा को इस साल श्रद्धालुओं का जबरदस्त रुझान मिला है। 1 मई से यात्रा शुरू होने के बाद महज दो महीनों के भीतर 52,441 यात्रियों ने आदि कैलाश और ओम पर्वत के दर्शन किए। इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से ये यात्रा लगातार देशभर में लोकप्रिय होती जा रही है।
Pithoragarh
धारचूला के ब्यालधार में भूस्खलन से आदि कैलाश मार्ग बंद, वाहनों की आवाजाही रोकने से टला हादसा

Pithoragarh News : पिथौरागढ़ जिले के धारचूला क्षेत्र में मंगलवार सुबह आदि कैलाश यात्रा मार्ग पर अचानक भारी भूस्खलन होने से यातायात ठप हो गया। बीआरओ के पहले ही वाहनों को रोक देने के कारण बड़ी घटना होने से टल गई।
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धारचूला के ब्यालधार में भूस्खलन से आदि कैलाश मार्ग बंद
धारचूला के ब्यालधार में भूस्खलन होने से आदि कैलाश मार्ग बंद हो गया है। मिली जानकारी के मुताबिक ब्यालधार के पास पहाड़ी से बड़ी मात्रा में मलबा और भारी बोल्डर सड़क पर आ गिरे, जिससे मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया। भूस्खलन की ये घटना पांगला से करीब दो किलोमीटर आगे हुई।
वाहनों की आवाजाही रोकने से टला हादसा
बताया जा रहा है कि मलबा गिरने के बाद सड़क के दोनों ओर कई वाहन फंस गए। हालांकि, राहत की बात ये रही कि बीआरओ की 65 आरसीसी ग्रेफ टीम ने खतरे का अंदेशा पहले ही भांप लिया था और एहतियातन वाहनों की आवाजाही रोक दी थी। इससे बड़ा हादसा होने से टल गया और किसी तरह की जनहानि की सूचना नहीं है।

बीआरओ ने मलबा हटाने का काम किया शुरू
सड़क बंद होने के बाद बीआरओ की टीम ने तत्काल मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया। अधिकारियों के मुताबिक, मौके पर दो जेसीबी मशीनों की मदद से बोल्डर और मलबा हटाया जा रहा है। यदि मौसम ने साथ दिया तो शाम तक मार्ग को यातायात के लिए खोलने का प्रयास किया जा रहा है।
यात्रिययों से सुरक्षित स्थानों पर रूकने की अपील
पांगला थाने के हेड कांस्टेबल सोबन बनग्याल ने वाहन चालकों और यात्रियों से अपील की है कि वे भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में आगे बढ़ने के बजाय सुरक्षित स्थानों पर रुकें। प्रशासन और बीआरओ की ओर से सड़क पूरी तरह सुरक्षित होने के बाद ही आवाजाही शुरू करने की सलाह दी गई है।
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