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देहरादून में पुलिस का बड़ा उलटफेर! 50 से ज्यादा अधिकारियों के हुए ट्रांसफर, देखें पूरी लिस्ट

Dehradun Police Transfers : देहरादून पुलिस में बड़ा प्रशासनिक बदलाव देखने को मिला है। जिले के पुलिस तंत्र में एक साथ 50 से अधिक थानाध्यक्षों और चौकी प्रभारियों का तबादला किया गया है।
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देहरादून में 50 से ज्यादा पुलिस अधिकारियों के हुए ट्रांसफर
देहरादून पुलिस में बंपर तबादले किए गए हैं। 50 से ज्यादा अधिकारियों को इधर से उधर किया गया है। ये सभी तबादले देर रात किए गए हैं।
सूत्रों के अनुसार, ये फैसला जिले की कमजोर पड़ती कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से लिया गया है।
54 पुलिसकर्मियों के किए गए हैं तबादले
देहरादून पुलिस में हुए इस व्यापक फेरबदल के तहत कुल 54 पुलिसकर्मियों का स्थानांतरण किया गया है। इनमें 6 इंस्पेक्टर, 40 उपनिरीक्षक (दरोगा) और 8 महिला उपनिरीक्षक शामिल हैं।
देखें ट्रांसफर की पूरी लिस्ट


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सिडकुल में युवती के साथ गैंगरेप !, अपहरण कर सामूहिक दुष्कर्म के आरोप, पुलिस जांच में जुटी

US Nagar News : उधम सिंह नगर जिले के रुद्रपुर में सिडकुल क्षेत्र में कार्यरत एक युवती ने तीन युवकों पर कथित रूप से अपहरण कर सामूहिक दुष्कर्म करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता की तहरीर के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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सिडकुल में युवती के साथ गैंगरेप !
सिडकुल से युवती के साथ गैंगरेप का मामला सामने आया है। युवती ने तीन युवकों पर अपहरण कर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। पीड़िता के मुताबिक शनिवार रात वो अपनी एक सहेली और दो परिचित युवकों के साथ भूरारानी रोड क्षेत्र में मौजूद थी। इसी दौरान बाइक पर आए तीन युवकों ने उन्हें रोक लिया। आरोप है कि तीनों ने धमकाते हुए चारों को उनकी ही बाइक पर बैठाकर गदरपुर की ओर ले जाना शुरू कर दिया।
युवती का अपहरण कर सामूहिक दुष्कर्म के आरोप
शिकायत में बताया गया है कि रास्ते में मौका मिलने पर एक युवक और एक युवती चलती बाइक से कूदकर किसी तरह भागने में सफल रहे। हालांकि दूसरी युवती और उसके साथ मौजूद युवक आरोपियों के कब्जे में ही रहे। आरोप है कि बाद में युवक को रास्ते में छोड़ दिया गया, जबकि युवती को आरोपी अपने साथ ले गए।
युवती को अंडरपास के पास छोड़कर फरार हुए बदमाश
पीड़िता का आरोप है कि आरोपियों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और पूरी रात उसे अपने कब्जे में रखा। रविवार सुबह उसे मेट्रोपोलिस अंडरपास के पास छोड़कर तीनों फरार हो गए। इसके बाद पीड़िता ने अपने परिचितों और पुलिस को घटना की जानकारी दी।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पीड़िता को सुरक्षित अपने साथ लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की। उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया और बयान दर्ज किए गए।
पुलिस मामले की जांच में जुटी
सीओ सिटी रुद्रपुर विभव सैनी ने बताया कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की गहन जांच की जा रही है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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Rishikesh News: दिसंबर तक बंद रहेगा ऋषिकेश का राम झूला, जानें क्यों लिया गया ये फैसला ?

Rishikesh News : ऋषिकेश के प्रसिद्ध रामझूला पुल को मरम्मत कार्य के चलते आम लोगों की आवाजाही के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है। लोक निर्माण विभाग (PWD) नरेंद्र नगर के अनुसार पुल के व्यापक पुनर्वास का काम शुरू हो चुका है और इसे दिसंबर 2026 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। मरम्मत पूरी होने के बाद ही पुल को दोबारा जनता के लिए खोला जाएगा।
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दिसंबर तक बंद रहेगा ऋशिकेष का राम झूला
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, रामझूला पुल लंबे समय से जर्जर स्थिति में था और इसे राज्य के असुरक्षित पुलों की सूची में शामिल किया गया था। आवश्यक प्रशासनिक और तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद सरकार ने मरम्मत कार्य के लिए करीब 10 करोड़ रुपये की मंजूरी दी, जिसके बाद निर्माण कार्य शुरू किया गया।
मरम्मत के कारण लिया गया ये फैसला
मरम्मत के दौरान गंगा नदी के भीतर स्थित पुल के 20 पाइलों (आधार स्तंभों) को मजबूत किया जाएगा। इसके अलावा पुल में लगे 440 सस्पेंडर वायर भी बदले जा रहे हैं, ताकि इसकी संरचनात्मक मजबूती और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
वर्ष 1985 में निर्मित ये सस्पेंशन पुल लगभग 220 मीटर लंबा और 3 मीटर चौड़ा है। रामझूला मुनि की रेती और स्वर्गाश्रम क्षेत्र को जोड़ने वाला एक प्रमुख संपर्क मार्ग होने के साथ-साथ धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

2023 में बारिश के कारण पुल के सहायक तार हो गए थे क्षतिग्रस्त
गौरतलब है कि 17 अगस्त 2023 को भारी बारिश और गंगा के जलस्तर में तेज वृद्धि के कारण पुल के कुछ सहायक तार क्षतिग्रस्त हो गए थे और संरचना में दरारें आने के बाद दोपहिया वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी गई थी। इससे पहले जुलाई 2019 में भी कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा कारणों से कुछ समय के लिए दोपहिया वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई थी।
लोक निर्माण विभाग का कहना है कि मरम्मत कार्य तय समय सीमा के भीतर पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि दिसंबर के अंत तक रामझूला को सुरक्षित रूप से फिर से आम जनता और श्रद्धालुओं के लिए खोला जा सके।
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कौन हैं नए केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी?, आज तक नहीं हारे एक भी चुनाव, जाने कितने हैं पढ़े-लिखे…

New Education Minister Of India : नीट परीक्षा पेपर लीक विवाद के बीच केंद्रीय राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के कुछ ही घंटों बाद केंद्र सरकार ने प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंप दी। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद जारी आधिकारिक आदेश में उन्हें शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार दिए जाने की पुष्टि की गई।
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कौन हैं नए केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी?
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के कुछ ही घंटों बाद नए केंद्रीय शिक्षा मंत्री बने प्रह्लाद जोशी चर्चाओं में हैं। हर कोई उनके बारे में जानना चाहता है। प्रह्लाद जोशी का जन्म 27 नवंबर 1962 को कर्नाटक के विजयपुरा में हुआ। उनके पिता वेंकटेश जोशी भारतीय रेलवे में कार्यरत थे, जबकि उनकी माता मालतीबाई गृहिणी थीं।
कितने पढ़े-लिखे हैं देश के नए शिक्षा मंत्री
प्रह्लाद जोशी की प्रारंभिक शिक्षा रेलवे स्कूल से हुई। इसके बाद उन्होंने हुबली के न्यू इंग्लिश स्कूल से अपनी स्कूली पढ़ाई पूरी की। उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने कर्नाटक विश्वविद्यालय से संबद्ध के.एस. आर्ट्स कॉलेज, हुबली में प्रवेश लिया, जहां से उन्होंने बैचलर ऑफ आर्ट्स (बी.ए.) की डिग्री प्राप्त की।
शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने सामाजिक कार्यों और जनसेवा के क्षेत्र में सक्रिय रूप से काम करना शुरू किया। सार्वजनिक जीवन में बढ़ती भागीदारी के साथ उन्होंने लोगों से जुड़कर विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर काम किया, जिसने आगे चलकर उनके राजनीतिक सफर की मजबूत नींव रखी।

ऐसे हुई थी राजनीतिक जीवन की शुरुआत
प्रह्लाद जोशी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के साथ सक्रिय रूप से काम किया। 1990 के दशक में हुबली के ईदगाह मैदान तिरंगा आंदोलन और कर्नाटक में ‘कश्मीर बचाओ आंदोलन’ जैसे अभियानों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। वर्ष 1998 में उन्हें भाजपा के धारवाड़ जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली।
आज तक नहीं हारे एक भी चुनाव
साल 2004 में उन्होंने पहली बार धारवाड़ लोकसभा सीट से चुनाव जीता। तब से लेकर 2009, 2014, 2019 और 2024 में लगातार जीत दर्ज करते हुए वे पांच बार लोकसभा सांसद चुने जा चुके हैं। वर्ष 2014 से 2016 तक वे कर्नाटक भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे।

केंद्र सरकार में निभाई कई अहम जिम्मेदारियां
प्रह्लाद जोशी केंद्र सरकार में कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों का नेतृत्व कर चुके हैं। वे संसदीय कार्य, कोयला और खान मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। वर्तमान में उनके पास खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण, उपभोक्ता मामले और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की जिम्मेदारी है। स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में वे केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं का नेतृत्व कर रहे हैं।
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