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Kedarnath Dham : केदारनाथ धाम के कपाट खुले, बाबा केदार जयकारों के बीच यात्रा का शुभारंभ

Kedarnath Dham : केदारनाथ धाम के कपाट आज भक्तों के लिए खुल गए हैं। इसके साथ ही बाबा केदार जयकारों के बीच केदारनाथ यात्रा का शुभारंभ अगले छह महीनों तक भक्त बाबा केदार के दर्शन कर सकेंगे।
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केदारनाथ धाम के कपाट खुले
Kedarnath Dham के कपाट आज सुबह आठ बजे शुभ मुहूर्त में वैदिक रीति-रिवाजों और विधिवत पूजा-अर्चना के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। कपाट खुलते ही पूरा मंदिर परिसर “हर-हर महादेव” और “जय बाबा केदार” के जयघोषों से गूंज उठा। इस पवित्र अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे और दिव्य क्षण के साक्षी बने।
कपाट खुलने के ऐतिहासिक क्षण के सीएम धामी बने साक्षी
कपाट खुलने के ऐतिहासिक क्षण के सीएम धामी साक्षी बने। शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री ने बाबा के दर पर पूजा-अर्चना की। कपाट खुलते ही धाम में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। जहां हजारों श्रद्धालु बाबा के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। सीएम धामी ने मंदिर परिसर का निरीक्षण कर तीर्थयात्रियों के लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया और व्यवस्थाओं की सराहना की।

कम समय में और व्यवस्थित तरीके से दर्शन संभव
सीएम धामी ने बताया कि इस बार बद्री-केदार मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं के सुगम दर्शन के लिए पुख्ता इंतज़ाम किए हैं। जिससे कम समय में और व्यवस्थित तरीके से दर्शन संभव हो पा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि अब तक 18 लाख से अधिक श्रद्धालुओं का पंजीकरण हो चुका है। जो इस वर्ष एक नया रिकॉर्ड बनाने की ओर संकेत कर रहा है।
उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे प्रधानमंत्री के विजन के अनुरूप देवभूमि को स्वच्छ और प्लास्टिक मुक्त बनाए रखने में सहयोग करें, ताकि ‘ग्रीन यात्रा’ का संदेश पूरे देश में पहुंचे।
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हरीश रावत का बड़ा बयान, राहुल गांधी को अल्मोड़ा पहुंचने से भाजपा सरकार ने रोका !

Uttarakhand Politics : कांग्रेस नेता राहुल गांधी का गुरूवार को उत्तराखंड दौरा था। राहुल गांधी की अल्मोड़ा में विशाल जनसभा होनी थी लेकिन मौसम खराब होने के कारण उनका हेलीकॉप्टर उड़ान ही नहीं भर पाया और वो अल्मोड़ा नहीं पहुंचे। ऐसे में उन्होंने फोन से अल्मोड़ा की जनसभा को संबोधित किया और ना पहुंचने पर माफी भी मांगी।
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राहुल गांधी को अल्मोड़ा पहुंचने से भाजपा सरकार ने रोका !
राहुल गांधी के अल्मोड़ा में जनसभा में ना पहुंचने से कार्यकर्ताओं में निराशा देखने को मिली। हालांकि उन्होंने इसके लिए माफी मांगी और दोबारा आने का वादा भी किया लेकिन जैसे ही उनके ना पहुंचने की खबर मिली कई कार्यकर्ता जनसभा छोड़कर चले गए।
अब इस मामले को लेकर पूर्व सीएम हरीश रावत का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने सवाल उठाया है कि जब उसी मौसम और उड़ान मार्ग पर अन्य हेलीकॉप्टर उड़ान भर रहे थे, तो राहुल गांधी का हेलीकॉप्टर पंतनगर से क्यों नहीं उड़ पाया ?

जब दूसरे हेलीकॉप्टर उड़ रहे थे तो राहुल गांधी का क्यों नहीं ?
हरीश रावत पूछा है कि जिस वायु मार्ग से सिंगल इंजन हेलीकॉप्टर आए हैं, तो हमारा डबल इंजन हेलीकॉप्टर कैसे नहीं आ सका? कहीं न कहीं या तो हेली कंपनी, या डीजीसीए, या यूकाडा में से किसी को जवाब देना चाहिए। देश के प्रतिपक्ष के नेता अल्मोड़ा क्यों नहीं पहुंच पाए? उनका हेलीकॉप्टर क्यों नहीं उड़ पाया? जबकि दूसरे हेलीकॉप्टर उसी वायु मार्ग से उड़ान भर पाए हैं और संचालित हुए हैं।
राहुल गांधी के अल्मोड़ा ना पहुंच पाने पर गर्म हुए चर्चाओं के बाजार
हरीश रावत ने कहा है कि पायलट और हेली सर्विसेज इन्हीं संस्थाओं के द्वारा संचालित होती हैं। ये गंभीर प्रश्न आम लोगों के दिमाग में उठ रहा है। उन्होंने निशाना साधते हुए कहा है कि जब दूसरे हेलीकॉप्टर उड़ रहे थे उसी मार्ग पर तो राहुल गांधी को अनुमति ना मिलना कई सवाल खड़े करता है। इस पूरे वाक्ये के बाद सवाल तो कई उठ रहे हैं लेकिन सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या ये केवल खराब मौसम के कारण हुआ या इसके पीछे कोई और कारण था।
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- हरीश रावत का बड़ा बयान, राहुल गांधी को अल्मोड़ा पहुंचने से भाजपा सरकार ने रोका !
- देहरादून में मस्जिद सील किए जाने के विरोध में उतरा मुस्लिम सेवा संगठन, डीएम कार्यालय किया कूच
- चारधाम यात्रा मार्ग पर बड़ा हादसा, बद्रीनाथ हाईवे पर पलटा टेंपो ट्रेवलर, हादसे में एक की मौत, 17 घायल
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देहरादून में मस्जिद सील किए जाने के विरोध में उतरा मुस्लिम सेवा संगठन, डीएम कार्यालय किया कूच

Dehradun News : राजधानी देहरादून से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। मस्जिद सील किए जाने के विरोध में मुस्लिम सेवा संगठन ने प्रदर्शन किया। संगठन से जुड़े लोगों ने कार्रवाई को लेकर अपनी आपत्ति जताई और प्रशासन के फैसले पर सवाल उठाए। इस दौरान उन्होंने मामले की निष्पक्ष समीक्षा की मांग भी की।
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देहरादून में मस्जिद सील किए जाने के विरोध में उतरा मुस्लिम सेवा संगठन
थानो क्षेत्र में कुछ दिन पहले जामा मस्जिद के एक हिस्से को सील किए जाने के बाद मुस्लिम सेवा संगठन में नाराजगी देखने को मिल रही है। संगठन के आह्वान पर शुक्रवार को समुदाय के लोग अपनी मांगों को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय की ओर रवाना हुए। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग एसटीएफ कार्यालय के बाहर एकत्र हुए।
मुस्लिम सेवा संगठन ने किया डीएम कार्यालय किया कूच
मुस्लिम सेवा संगठन का कहना है कि मस्जिद से संबंधित आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध होने के बावजूद कार्रवाई की गई है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं और क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

थानो क्षेत्र के ग्राम कण्डोगल में मस्जिद सील करने का कर रहे विरोध
गौरतलब है कि थानो क्षेत्र के ग्राम कण्डोगल, कुडियाल गांव स्थित जामा मस्जिद एवं मदरसे के भूतल को पुलिस-प्रशासन की मौजूदगी में संबंधित अधिकारियों द्वारा सील किया गया था। कार्रवाई के दौरान मस्जिद प्रबंधन से जुड़े लोगों ने विरोध भी दर्ज कराया था।
वहीं, कार्रवाई के बाद कुछ सामाजिक और धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों तथा स्थानीय लोगों ने थानो चौक पर कार्यक्रम आयोजित कर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। फिलहाल मामले को लेकर विभिन्न पक्षों की ओर से अपनी-अपनी बातें रखी जा रही हैं और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
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उत्तराखंड में इबोला वायरस को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, अस्पतालों को जारी हुई एडवाइजरी

Ebola Virus Alert : अफ्रीकी देशों में इबोला वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। संभावित स्वास्थ्य जोखिमों को ध्यान में रखते हुए राज्य के सभी सरकारी और निजी स्वास्थ्य संस्थानों को विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
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उत्तराखंड में इबोला वायरस को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर देहरादून समेत पूरे प्रदेश में निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है।
विभाग का कहना है कि फिलहाल उत्तराखंड में इबोला वायरस संक्रमण का कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है, लेकिन एहतियात के तौर पर आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की जा रही हैं।
विदेश यात्रा से लौटने वाले लोगों पर रखी जा रही नजर
अधिकारियों ने विदेश यात्रा से लौटने वाले लोगों और संक्रमण जैसे लक्षण प्रदर्शित करने वाले मरीजों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को ऐसे मामलों की तत्काल जांच करने तथा जरूरत पड़ने पर मरीजों को अलग रखने की व्यवस्था करने को कहा गया है।

इबोला वायरस संक्रमण के ये हैं प्रमुख लक्षण
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इबोला वायरस संक्रमण के प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, अत्यधिक कमजोरी, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द, गले में खराश, उल्टी, दस्त और त्वचा पर चकत्ते शामिल हैं। विभाग ने लोगों से अपील की है कि ऐसे किसी भी लक्षण के दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लें और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों का पालन करें।
स्वास्थ्य संस्थानों को सतर्क रहने के निर्देश
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि समय रहते जांच और उपचार से संभावित जोखिम को कम किया जा सकता है। इसी उद्देश्य से राज्यभर में स्वास्थ्य संस्थानों को सतर्क रहने और आवश्यक संसाधन उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं।
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