CHAR DHAM YATRA
नए रिकॉर्ड बनाने को तैयार चारधाम यात्रा, दर्शनार्थियों की संख्या पहुंची 12.60 लाख के पार

Char Dham Yatra 2026 : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड की सुप्रसिद्ध चारधाम यात्रा इस वर्ष नया कीर्तिमान बनाने की ओर अग्रसर है। हर दिन 50 हजार से ज्यादा यात्री चारधाम के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
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नए रिकॉर्ड बनाने को तैयार चारधाम यात्रा
चारधाम यात्रा नए रिकॉर्ड बनाने को तैयार है। 25 दिनों में ही दर्शनार्थियों की संख्या 12 लाख 60 हजार के आंकड़े को पार कर चुकी है। केदारनाथ यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है। 22 दिनों में ही 05 लाख 23 हजार से अधिक तीर्थयात्री केदारनाथ धाम में शीश नवा चुके हैं।
उच्च हिमालयी क्षेत्र की यात्रा होने से प्रदेश सरकार यहां मौसम के मिजाज पर भी पूरी नजर रखे हुए है। मुख्यमंत्री धामी ने शीर्ष अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मौसम प्रतिकूल होने पर हर एक श्रद्धालु की सुरक्षा और सुविधा का पूरा ध्यान रखा जाए।
चारधाम में दर्शनार्थियों की संख्या पहुंची 12.60 लाख के पार
चारों धामों में आस्था और विश्वास का जबरदस्त उल्लास देखने को मिल रहा है। यात्रा का विगत 19 अप्रैल को श्रीगणेश हुआ था और 13 मई तक 12 लाख 60 हजार 478 श्रद्धालु चारधाम दर्शन कर चुके हैं। इनमें केदारनाथ में 5,23,582, बद्रीनाथ में 3,24,081, गंगोत्री में 2,05,425 और यमुनोत्री धाम में 2,07,390 तीर्थयात्री पहुंचे हैं।

आज बुधवार को चारों धामों में 80 हजार 401से श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। केदारनाथ में सर्वाधिक 32,423 तीर्थयात्री पहुंचे। जबकि बद्रीनाथ में 21,260, यमुनोत्री में 13,403 और गंगोत्री धाम में 13,315 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।
केदारनाथ पहुंच रहे सबसे ज्यादा यात्री
केदारनाथ धाम की यात्रा मुश्किलभरी होने के बावजूद यहां श्रद्धालुओं की संख्या लगातार नया रिकॉर्ड बना रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में यात्रा को सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक बनाए जाने से केदार यात्रा को लेकर तीर्थयात्रियों में भारी उत्साह है।
बीते चार वर्षों (वर्ष 2022 से 2025 तक) के आधिकारिक आंकड़ों पर नजर डालें तो 69 लाख 45 हजार 487 श्रद्धालु केदारनाथ धाम की यात्रा पर आ चुके हैं। इनमें 2022 में 15,64,248, 2023 में 19,58,863, 2024 में 16,53,581 और 2025 में 17,68,795 तीर्थयात्री पहुंचे हैं।
चारधाम यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता
चारधाम यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। श्रद्धाल सुगमता से दर्शन कर सकें, इसके लिए स्लॉट प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण प्रणाली को प्रभावी बनाया गया है। रियल टाइम डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्य होने के बाद धाम दिव्य और भव्य रूप में नजर आ रहा है। पैदल यात्रा मार्ग को बेहतर बनाए जाने से श्रद्धालुओं की राह आसान हुई है। सुरक्षित और व्यवस्थित यात्रा के लिए सरकार ने हरसंभव कदम उठाए हैं। मौसम पर नजर रखने के लिए विशेष निगरानी तंत्र बनाया गया है। हर परिस्थिति से निपटने के लिए सरकार तैयार है।
Breakingnews
उत्तराखंड में भारी से भारी बारिश का अलर्ट, चारधाम यात्रा को दो दिन के लिए किया स्थगित

Char Dham Yatra Update : उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश का असर अब चारधाम यात्रा पर भी दिखाई देने लगा है। मौसम विभाग द्वारा कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी किए जाने के बाद प्रशासन ने एहतियातन बड़ा फैसला लिया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए 28 और 29 जुलाई के लिए चारधाम यात्रा अस्थायी रूप से रोक दी गई है।
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उत्तराखंड में भारी से भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र ने प्रदेश के कई हिस्सों में ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए अगले दो दिनों तक भारी वर्षा, आकाशीय बिजली और फ्लैश फ्लड की आशंका जताई है। लगातार हो रही बारिश के कारण कई सड़कों को नुकसान पहुंचा है।
चारधाम यात्रा को दो दिन के लिए किया स्थगित
चारधाम यात्रा मार्ग पर विभिन्न स्थानों पर भूस्खलन होने से आवाजाही प्रभावित हुई है। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप ने 28 और 29 जुलाई को यात्रा स्थगित करने के निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन का कहना है कि मौसम की स्थिति सामान्य होने और मार्ग पूरी तरह सुरक्षित होने के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू करने पर फैसला लिया जाएगा।
लगातार हो रही बारिश ने बढ़ाई परेशानी
राज्य के कई जिलों में बारिश का प्रभाव लगातार बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, ऊधम सिंह नगर, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और नैनीताल में भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। इसके अलावा कुछ क्षेत्रों में तेज गर्जना, बिजली गिरने और अचानक बाढ़ जैसी परिस्थितियां भी बन सकती हैं।

राज्य आपदा प्रबंधन तंत्र और जिला प्रशासन को संवेदनशील इलाकों में सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही भूस्खलन संभावित क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।
मौसम विभाग और प्रशासन की ताजा एडवाइजरी देखने की अपील
प्रशासन ने चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं और अन्य यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले मौसम विभाग और प्रशासन की ताजा एडवाइजरी जरूर देखें। जब तक मौसम अनुकूल नहीं हो जाता, तब तक अनावश्यक यात्रा से बचें और केवल आधिकारिक सूचना के आधार पर ही आगे की योजना बनाएं।
Uttarakhand
बड़ी खबर : चारधाम यात्रा से लौट रहे महाराष्ट्र के दो तीर्थयात्रियों की मौत, रास्ते में अचानक बिगड़ी थी तबीयत

Uttarakhand News : चारधाम यात्रा से लौट रहे महाराष्ट्र के दो तीर्थयात्रियों की देवप्रयाग के पास अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। इस घटना के बाद यात्रा दल और परिजनों में शोक की लहर दौड़ गई।
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चारधाम यात्रा से लौट रहे महाराष्ट्र के दो तीर्थयात्रियों की मौत
चारधाम यात्रा से लौट रहे महाराष्ट्र के दो तीर्थयात्रियों की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। मिली जानकारी के मुताबिक महाराष्ट्र के परभणी जिले से आठ श्रद्धालुओं का एक समूह बदरीनाथ धाम के दर्शन कर वापस लौट रहा था। बुधवार को यात्रा मार्ग पर मूल्यगांव के पास यात्रा के दौरान किशन नरहरी (42 वर्ष) पुत्र नरहरी निले निवासी लोहीग्राम की अचानक तबीयत बिगड़ गई और उन्हें सीने में तेज दर्द की शिकायत होने लगी।
रास्ते में अचानक बिगड़ी थी तबीयत
सहयात्रियों ने तुरंत 108 एंबुलेंस सेवा की मदद से उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बागी, देवप्रयाग पहुंचाया। अस्पताल की प्रभारी डॉ. दिव्या ने बताया कि मरीज को बचाने के लिए तुरंत सीपीआर सहित जरूरी उपचार शुरू किया गया, लेकिन उनकी हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके।
एक यात्री की मौत के बाद महिला की बिगड़ी हालत
किशन नरहरी की मौत की पुष्टि के बाद उनके साथ आए लोग वापस वाहन की ओर लौट रहे थे। इसी दौरान वाहन में बैठी एक महिला यात्री की हालत भी अचानक बिगड़ गई। सहयात्री घबराए हुए अस्पताल पहुंचे और बताया कि महिला कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रही है।
घटना के बाद पूरे यात्रा दल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। दोनों श्रद्धालुओं की मौत से यात्रा दल गहरे सदमे में है।
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CHAR DHAM YATRA
ICCCC सिस्टम से सुरक्षित और सुगम बन रही चारधाम हेली यात्रा, खराब मौसम में भी हेली सेवाओं पर रियल टाइम नजर

Char Dham Yatra 2026 : चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और हेली सेवाओं के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) का इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल एंड कम्युनिकेशन सेंटर (आईसीसीसीसी) लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहा है। देहरादून स्थित सहस्त्रधारा हेलीपोर्ट में स्थापित यह आधुनिक नियंत्रण केंद्र खराब मौसम की परिस्थितियों में भी हेली सेवाओं की हर गतिविधि पर सतत निगरानी बनाए हुए है।
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आईसीसीसीसी सिस्टम से सुरक्षित और सुगम बन रही चारधाम हेली यात्रा
आईसीसीसीसी में तैनात नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए), भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) और यूकाडा की छह सदस्यीय टीम एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) के साथ समन्वय स्थापित कर हेली संचालन को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखने में जुटी है। केंद्र से हेली रूट, ट्रैकिंग डिवाइस और प्रत्येक हेली ट्रिप एवं शटल सेवा की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है।
सभी हेली रूटों पर स्थापित पीटीजेड कैमरों के माध्यम से हेलीकॉप्टरों की लैंडिंग और टेकऑफ पर लगातार नजर रखी जा रही है, जिससे किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई संभव हो सके। आईसीसीसीसी से पूरी हेली यात्रा व्यवस्था को नियंत्रित और मॉनिटर किया जा रहा है।
खराब मौसम में भी हेली सेवाओं पर रियल टाइम नजर
यूकाडा के सीईओ डॉ. आशीष चौहान ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में चारधाम हेली यात्रा को आधुनिक तकनीक के माध्यम से अधिक सुरक्षित, सरल और सुव्यवस्थित बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि डीजीसीए के निर्देशों के अनुरूप सहस्त्रधारा और सिरसी में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल एंड कम्युनिकेशन सेंटर स्थापित किए गए हैं, जहां डीजीसीए और आईएमडी के अधिकारी तैनात हैं।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक हेली उड़ान की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है तथा एयर ट्रैफिक कंट्रोल के साथ समन्वय स्थापित कर प्रत्येक शटल सेवा को मंजूरी दी जा रही है। खराब मौसम, विजिबिलिटी और सुरक्षा की स्थिति को ध्यान में रखते हुए सभी हेली सेवाओं पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
हेली टिकटिंग में अब तक फ्रॉड की कोई शिकायत नहीं
चारधाम यात्रा के दौरान हेली टिकट बुकिंग में अब तक किसी प्रकार की धोखाधड़ी की शिकायत सामने नहीं आई है। श्रद्धालु आधिकारिक पोर्टल heliyatra.co.in के माध्यम से ऑनलाइन टिकट बुक कर रहे हैं। यूकाडा अधिकारियों के अनुसार अभी तक हेली टिकटिंग से संबंधित किसी भी प्रकार की फ्रॉड शिकायत दर्ज नहीं हुई है।
21 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने उठाया हेली सेवा का लाभ
यूकाडा द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार 22 अप्रैल से अब तक 21 हजार से अधिक श्रद्धालु हेलीकॉप्टर सेवा के माध्यम से चारधाम यात्रा कर चुके हैं। फाटा, गुप्तकाशी और सिरसी से संचालित शटल सेवाओं के जरिए 17,976 यात्रियों को दर्शन कराए गए हैं, जबकि 10 मई तक चार्टर्ड सेवाओं के माध्यम से 3,974 श्रद्धालु चारों धामों के दर्शन कर चुके हैं।
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