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उत्तरकाशी में भतीजे की पत्नी से था प्रेम संबंध, 3 साथियों संग चाचा को पीट-पीटकर मार डाला

Uttarkashi News : चिन्यालीसौड़ के बधाण गांव में रिश्तों के विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। यहां एक 35 वर्षीय व्यक्ति की मारपीट के बाद मौत हो गई। मृतक की पहचान रोशनलाल के रूप में हुई है। मामले में उसके रिश्ते के भतीजे समेत चार लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है।
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उत्तरकाशी में भतीजे की पत्नी से था प्रेम संबंध
पुलिस के मुताबिक 28 सितंबर को रोशनलाल अपने रिश्ते के भतीजे की पत्नी को लेकर चला गया था। महिला के परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने दोनों को चिन्यालीसौड़ से बरामद किया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी थी। तय हुआ था कि महिला रोशनलाल के साथ रहेगी और अपने पति से कानूनी तौर पर तलाक लेने की प्रक्रिया पूरी करेगी।
3 साथियों संग चाचा को पीट-पीटकर मार डाला
बता दें कि इसी सिलसिले में बीते शनिवार को दोनों पक्ष न्यायालय पहुंचे थे। आरोप है कि कोर्ट की कार्रवाई शुरू होने से पहले महिला के पति अर्जुन ने अपने तीन साथियों विकास, वीरेंद्र और केशव के साथ मिलकर रोशनलाल को उत्तरकाशी-लंबगांव मोटर मार्ग की ओर ले गया।
आरोप है कि वहां चारों ने रोशनलाल के साथ जमकर मारपीट की। गंभीर हालत में रोशनलाल को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन आरोपी उसे अस्पताल में छोड़कर फरार हो गए। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
मामले की जांच में जुटी पुलिस
घटना के बाद रोशनलाल के परिजनों ने पुलिस को तहरीर दी। इसके आधार पर नगर कोतवाली में चारों आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। नगर कोतवाल दिनेश कुमार के अनुसार मामले की जांच जारी है। वहीं, जीरो एफआईआर को आगे की कार्रवाई के लिए धरासू थाने भेज दिया गया है।
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यमुनोत्री यात्रा पर आए दो श्रद्धालुओं की मौत, यात्रा मार्ग पर जान गंवाने वालों की संख्या हुई 34

Uttarkashi News : यमुनोत्री धाम की यात्रा पर आए दो यात्रियों की अचानक तबीयत बिगड़ गई। जिसमें से एक यात्री की जानकीचट्टी के पास मौत हो गई। जबकि दूसरी महिला यात्री ने बड़कोट अस्पताल में दम तोड़ दिया।
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यमुनोत्री यात्रा पर आए दो श्रद्धालुओं की मौत
यमुनोत्री धाम की यात्रा पर पहुंचे दो श्रद्धालुओं की शुक्रवार को अलग-अलग स्थानों पर तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। एक श्रद्धालु ने जानकीचट्टी के पास दम तोड़ा, जबकि महिला तीर्थयात्री की बड़कोट अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हुई।
अल्पातल में इलाज के दौरान तोड़ा दम
जानकारी के मुताबिक, कर्नाटक के रहने वाले 66 वर्षीय गंगधार बीशेठी यमुनोत्री धाम की ओर जा रहे थे। यात्रा मार्ग में अचानक उनकी तबीयत खराब हो गई। इसके बाद उन्हें उपचार के लिए जानकीचट्टी अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

वहीं, महाराष्ट्र की 49 वर्षीय लक्ष्मी बाई, पत्नी नामदेव गतीर, दोबाटा में ठहरी हुई थीं। अचानक स्वास्थ्य बिगड़ने पर उन्हें इलाज के लिए बड़कोट अस्पताल ले जाया गया। यहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
यात्रा मार्ग पर जान गंवाने वालों की संख्या हुई 34
पुलिस के एसआई विक्रम सिंह के अनुसार, दोनों घटनाओं में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। शुक्रवार को हुई इन दो मौतों के साथ ही इस ग्रीष्मकालीन यात्रा सीजन में यमुनोत्री धाम यात्रा मार्ग पर जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़कर 34 हो गई है।
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उत्तरकाशी में दर्दनाक हादसा, पीएचसी आराकोट में आग लगने से सेवानिवृत्त ANM की मौत

Uttarkashi News : उत्तरकाशी के मोरी विकासखंड स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आराकोट के पुराने भवन में मंगलवार देर रात अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में पूरा भवन इसकी चपेट में आ गया और जलकर राख हो गया। हादसे में भवन में रह रहीं सेवानिवृत्त एएनएम पार्वती जैन की दर्दनाक मौत हो गई।
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उत्तरकाशी में पीएचसी आराकोट में लगी भीषण आग
मंगलवार देर रात पुराने स्वास्थ्य केंद्र भवन में अचानक आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने पूरे भवन को घेर लिया। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। आग पर काबू पाने के लिए मोरी और त्यूणी के साथ ही पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश के रोहड़ू से भी अग्निशमन वाहन बुलाए गए।
सेवानिवृत्त ANM की जिंदा जलने से मौत
तीनों स्थानों से पहुंची दमकल टीमों और पुलिस-प्रशासन ने कई घंटे तक आग बुझाने का प्रयास किया। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया जा सका, लेकिन तब तक स्वास्थ्य केंद्र का पुराना भवन पूरी तरह जल चुका था। हादसे के दौरान भवन के अंदर मौजूद सेवानिवृत्त एएनएम पार्वती जैन की जान नहीं बच सकी। वो लंबे समय से इसी पुराने स्वास्थ्य केंद्र भवन में अकेली रह रही थीं।

उनकी मौत के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल
स्थानीय लोगों के मुताबिक, पार्वती जैन स्वास्थ्य विभाग से सेवानिवृत्त होने के बाद से वर्षों से इसी भवन में निवास कर रही थीं। सामाजिक कार्यकर्ता मनमोहन सिंह चौहान ने बताया कि पार्वती जैन मूल रूप से देहरादून के आराघर क्षेत्र की रहने वाली थीं। उनके पास समय-समय पर उनकी एक मुंहबोली बेटी भी मिलने आती थी।
हादसे में उनकी मौत के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। पुलिस और प्रशासन की ओर से घटना की जांच की जा रही है और आग लगने के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
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स्वाइन फ्लू के बाद अब कॉक्ससैकी वायरस की दस्तक, उत्तरकाशी में 8 बच्चों में पुष्टि से हड़ंकप

Uttarkashi News : उत्तरकाशी जिले के भंगेली गांव में बीमार पड़े 15 बच्चों में से आठ में कॉक्ससैकी वायरस की पुष्टि हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार इस वायरस से होने वाली बीमारी को हाथ, पैर और मुंह की बीमारी यानी एचएफएमडी (HFMD) कहा जाता है। स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में अन्य बच्चों की भी जांच कर रही है।
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स्वाइन फ्लू के बाद अब कॉक्ससैकी वायरस की दस्तक
नैनीताल जिले के ज्योलीकोट में दूषित पानी की वजह से लोगों के बीमार पड़ने और मौत की घटना के बाद भंगेली में बच्चों के बीमार होने का मामला चिंता बढ़ाने वाला है।
स्वास्थ्य विभाग ने बच्चों में एचएफएमडी की पुष्टि की है और बीमारी के दूषित पानी से फैलने की बात कही गई है। हालांकि अभी ये स्पष्ट नहीं है कि वायरस पेयजल स्रोत से आने वाले पानी में मौजूद था या इसके पीछे कोई अन्य स्रोत था।
जल संस्थान ने पेयजल के दूषित होने की बात से किया इनकार
जल संस्थान ने पेयजल के दूषित होने की बात से इनकार किया है। पानी को लेकर सामने आए दावों की वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल जल संस्थान ने जल स्रोतों की निगरानी बढ़ा दी है।

बच्चों में मिले एचएफएमडी से मिलते-जुलते लक्षण
भटवाड़ी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक डॉ. वेद मोइक के अनुसार, बीमार बच्चों में हाथ, पैर और मुंह पर दाने निकलने के साथ तेज बुखार, गले में दर्द और भूख कम लगने जैसी शिकायतें सामने आई थीं। गांव पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम को बच्चों में एचएफएमडी से मिलते-जुलते लक्षण मिले।
इसके बाद ऐसे लक्षण वाले 15 बच्चों की जांच कराई गई, जिनमें आठ बच्चों में बीमारी की पुष्टि हुई। बताया गया है कि एचएफएमडी आमतौर पर सात वर्ष से कम उम्र के बच्चों में अधिक देखने को मिलती है।





































