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धराली आपदा के बाद राहत की किरण: लिमचीगाड पुल का निर्माण अंतिम चरण में, जल्द खुलेगा आवागमन I

लिमचीगाड पुल का निर्माण अंतिम चरण में, जल्द खुलेगा आवागमन

धराली (उत्तरकाशी) में आई भीषण आपदा के दौरान कनेक्टिविटी का सबसे अहम साधन, लिमचीगाड पुल बह जाने से क्षेत्र का संपर्क पूरी तरह टूट गया था। इसके बाद यहां बेली ब्रिज के निर्माण का कार्य युद्धस्तर पर शुरू किया गया।
पुलिस बल, एसडीआरएफ, इंजीनियरों और अन्य राहत एवं बचाव दलों की अथक मेहनत के चलते अब यह पुल निर्माण के अंतिम चरण में पहुंच चुका है। कुछ ही घंटों में इसे आमजन के लिए खोल दिया जाएगा। यह पुल आपदा से प्रभावित स्थानीय लोगों के लिए एक बड़ी राहत साबित होगा।
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भालू से जान बचाकर भाग रहे बुजुर्ग की पहाड़ी से नीचे गिरने से मौत, इलाके में पसरा मातम

Uttarkashi News : भालू का आतंक, जान बचाने के लिए भाग रहे बुजुर्ग की पहाड़ी से गिरकर मौत
Uttarkashi News : उत्तरकाशी में भालू का आतंक कम होने का नाम नहीं ले रहा है। लौंथरू-बयाणा गांव के पैदल मार्ग पर भालू से जान बचाकर भाग रहे बुजुर्ग की पहाड़ी से गिरने के कारण मौत हो गई। इस घटना से इलाके में मातम पसर गया है।
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भालू से जान बचाकर भाग रहे बुजुर्ग की पहाड़ी से नीचे गिरने से मौत
उत्तरकाशी के लौंथरू-बयाणा गांव के पैदल मार्ग पर एक बुजुर्ग ने भालू को देखा। जिस से बचने के लिए वो भागने लगे और पहाड़ी से गिरने के कारण उनकी मौत हो गई।
मिली जानकारी के मुताबिक मंगलवार देर शाम सौरा निवासी विद्या प्रसाद रतूड़ी (72) लौंथरू-बयाणा पैदल मार्ग से जा रहे थे। इसी दौरान उन्हें कोटधार नामे तोक के पास भालू अपने बेहद पास दिखा और वो जान बचाने के लिए भागने लगे। भागने के दौरान पहाड़ी से डिंडसारी-बयाणा मोटर मार्ग पर गिर गए।
ग्रामीणों ने भी की भालू देखने की पुष्टि
बुजुर्ग को पहाड़ी से गिरते हुए वहां से गुजर रहे डिंडसारी निवासी दो लोगों ने देखा। उन्होंने इसकी जानकारी ग्रामीणों को दी। आनन-फानन में घायल बुजुर्ग को 108 एंबुलेंस के माध्यम से जिला अस्पताल ल् जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। डिंडसारी के दोनों ग्रामीणों ने भी भालू देखने की पुष्टि की है।
भालू मौजूद था या नहीं हो रही इसकी जांच – वन विभाग
इस मामले में मुखेम रेंज अधिकारी गोविंद पंवार का कहना है कि प्रथम दृष्टया पहाड़ी से गिरने के कारण बुजुर्ग की मौत होना प्रतीत हो रही है। इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि इन तथ्यों की भी जांच की जा रही है कि वहां पर भालू मौजूद था या नहीं।
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उत्तरकाशी के मोरी में दो घरों में लगी भीषण आग, सारा सामान जलकर हुआ खाक

Uttarkashi News : उत्तरकाशी के तहसील मोरी के ग्राम खन्ना पट्टी फतेह पर्वत में दो घरों में भीषण आग लग गई। जिस से घरों में रखा सारा सामान जलकर खाक हो गया।
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उत्तरकाशी के मोरी में दो घरों में लगी भीषण आग
उत्तरकाशी जिले में दो घरों में आग लगने से भारी नुकसान हो गया। मिली जानकारी के मुताबिक मोरी विकासखंड के खन्ना में पट्टी फतेह पर्वत में दो घरों में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। जिस से सारा सामन जलकर राख हो गया।

किसी प्रकार की जनहानि और पशुहानि की सूचना नहीं
मिली जानकारी के मुताबिक मोरी विकासखंड के खन्ना में नंदू लाल और वीरेंद्र सिंह के आवासीय प्रयोजन के मकान पर आग लगने से क्षतिग्रस्त हुए हैं। कड़ी मश्क्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया है।
किसी प्रकार की जनहानि और पशुहानि की सूचना नहीं। तहसीलदार मोरी राजस्व टीम के साथ घटना स्थल को रवाना हो गए हैं। घटना देर रात की बताई जा रही है।
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पौराणिक माघ मेले में शामिल हुए कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, हरि महाराज की डोली का लिया आशीर्वाद

Uttarkashi News : कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने आज उत्तरकाशी के रामलीला मैदान में आयोजित पौराणिक Magh Mela (बाड़ाहाटा कु थोलू) कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया।
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पौराणिक माघ मेले में शामिल हुए कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी आज उत्तरकाशी के प्रसिद्ध Magh Mela में पहुंचे। जहां उन्होंने हरि महाराज नागराज की डोली तथा समेश्वर महाराज से उनका आशीर्वाद भी लिया। इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्रवासियों को माघ मेले की शुभकामनाएं देते हुए मेले की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक महत्ता पर प्रकाश डाला।
Magh Mela उत्तरकाशी की समृद्ध लोक संस्कृति का प्रतीक
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि माघ मेला उत्तरकाशी की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपरा और आपसी भाईचारे का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि ऐसे पारंपरिक मेले हमारी सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं।
प्रदेश सरकार लोक संस्कृति के सरंक्षण के लिए प्रयासरत
कैबिनेट मंत्री जोशी ने कहा कि प्रदेश सरकार लोक संस्कृति, परंपराओं और धार्मिक आयोजनों के संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि आज स्वयं सहायता समूह के माध्यम से महिलाओं के आजीविका संवर्धन के लिए लगातार किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 3 करोड़ लखपति दीदी की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में राज्य में 1.65 लाख से अधिक लखपति दीदी बन चुकी है। इस दौरान माघ मेले में पारंपरिक लोक नृत्य, सांस्कृतिक कार्यक्रम और स्थानीय उत्पादों की झलक देखने को मिली।।
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