Dehradun
सहिया, देहरादून में प्रत्याशी माला राज्यलक्ष्मी शाह के पक्ष में जनसभा को किया संबोधित, मोदी को पुनः प्रधानमंत्री बनाने की अपील।

देहरादून – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मंडी मैदान सहिया, देहरादून में टिहरी लोकसभा से भाजपा प्रत्याशी माला राज्यलक्ष्मी शाह के पक्ष में आयोजित जनसभा में प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी का जनसभा में स्वागत करते हुए कहा कि चकराता, जौनसार बावर ऐतिहासिक भूमि है। यहां का इतिहास विराट है। यह क्षेत्र विकास के साथ विरासत, संस्कार के साथ संस्कृति को आगे बढ़ाने का काम कर रहा है। इस भूमि को महासु महाराज का आशिर्वाद प्राप्त है। आगामी लोकसभा चुनाव में जनता ने प्रधानमंत्री मोदी को पुनः देश का प्रधानमंत्री बनाने का मन बनाया है। देश के साथ ही राज्य के लोगों में उत्साह और समर्थन साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा प्रत्याशी माला राज्यलक्ष्मी शाह ने सांसद के तौर पर क्षेत्र की अनेक विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने का काम किया है। केंद्र में माला राज्यलक्ष्मी शाह टिहरी लोकसभा क्षेत्र की आवाज़ को उठाने का काम करती हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जौनसार बावर का क्षेत्र नए पर्यटन स्थल के रूप में विकसित हो रहा है। चकराता, को बड़े पर्यटन स्थल के तौर पर आगे बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य जारी हैं। चकराता टाउनशिप को बसाने के लिए मास्टर प्लान तैयार किया गया है, जिसके अंतर्गत 2 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है। इसके बनने से कालसी चकराता, एवं पूरे जौनसार बावर के 40 गांव को विकसित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि जौनसार बाबर की विभिन्न सड़को , पेयजल योजनाओ के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है। उन्होंने सबको भरोसा दिलाते हुए कहा कि जो भी विकास योजनाएं, चकराता क्षेत्र के विकास को आगे बढ़ाएंगी, उन्हें अति शीघ्र स्वीकृत करवाया जाएगा। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देवभूमि में विकास के नए आयाम स्थापित हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखंड की जनता ने 2022 विधानसभा चुनाव में पुनः भाजपा की सरकार बनाकर मिथक तोड़ने का काम किया था। उन्होंने कहा जौनसार बावर में होने वाले अनेको कार्यक्रम में, वो व्यक्तिगत रूप से सम्मिलित होते हैं। जौनसार बावर क्षेत्र में आने के लिए हमेशा उत्सुकता रहती है। उन्होंने कहा कि आगामी 19 अप्रैल को सबने मिलकर भाजपा प्रत्याशी माला राज्यलक्ष्मी शाह को भारी मतों से विजय बनाकर मोदी को पुनःप्रधानमंत्री बनाने में अपना योगदान देना है। उन्होंने कहा कि हमने विकास के साथ अपने कदम आगे बढ़ाने हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 के बाद प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में हुए बदलाव और विकास कार्य किसी से छुपे नहीं हैं। भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में विकसित भारत की संकल्पना को आगे बढ़ाने के काम जारी है। देश के अंदर रोजगार, स्वरोजगार के अवसर बढ़े है। उन्होंने कहा कि राज्य में हुए मातृशक्ति उत्सव में शामिल होकर आत्मनिर्भर बनती महिलाओं से संवाद करने का अवसर प्राप्त हुआ। राज्य की महिलाएं खुद आगे बढ़ने के साथ दूसरो को भी रोजगार से जोड़ रही हैं। हमारी मातृशक्ति भारत के उज्ज्वल भविष्य में अपनी भागीदारी निभा रही है। राज्य निर्माण आंदोलन से लेकर आज राज्य के विकास में महिलाएं अहम भूमिका निभा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में बीते 10 सालों में 15 नए एम्स की आधारशिला रखी गई है। 10 वर्षों में 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर हुए हैं। 12 करोड़ से ज्यादा घरों तक नल से जल पहुंचा है। देश के 50 करोड़ लोगों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ा गया है। 50 करोड़ से ज्यादा लोगों को आयुष्मान कार्ड से मुफ्त इलाज मिल रहा है। विभिन्न योजनाओं के तहत गरीबों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हजारों करोड़ रुपए की सहायता दी गई है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश में CAA लागू हुआ है। कश्मीर में धारा-370 का अंत किया है। तीन तलाक जैसी कुप्रथा ख़त्म हुई है। अयोध्या में भगवान राम के भव्य मंदिर का निर्माण का सपना साकार हुआ है। प्रधानमंत्री संपूर्ण देश को अपना परिवार मानकर समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति के विकास हेतु निरन्तर कार्य कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सरकार सैनिकों और पूर्व सैनिकों के उत्थान के लिए काम कर रही है। देहरादून में सैन्य धाम बनाने का काम जारी है। इसका निर्माण कार्य जल्द पूरा होने वाला है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में राज्य में दंगारोधी कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किया गया है। उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन गया है जहां समान नागरिक विधेयक पास हो गया है। सरकारी ज़मीन से अतिक्रमण हटाया जा रहा है। साथ ही महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया जा रहा है। डबल इंजन की सरकार निरंतर नई कीर्तिमान हासिल कर रही है। यह सब जनता के वोट की ताकत है कि उत्तराखंड देश का अग्रणी राज्य बनने जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने देश में परिवारवाद की राजनीति को बढ़ाया है। 60 वर्षों तक एक पार्टी के एक ही परिवार के शासन ने भारत को पीछे धकेला है। कांग्रेसियों को महिलाओं का सम्मान करना नहीं आता है। देश में बड़े से बड़े घोटाले कांग्रेस ने किए हैं। कांग्रेस के लोगों के तीन ही मित्र रहे हैं। जिसमें तुष्टिकरण, भ्रष्टाचार, काली कमाई है। कांग्रेस को समाज हित से कोई चिंता नहीं। उन्होंने कहा कि भाजपा प्रत्याशी माला राज्यलक्ष्मी शाह को अधिक से अधिक मतों से विजय बनाना है।
इस दौरान भाजपा प्रत्याशी माला राज्य लक्ष्मी शाह, जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान, भाजपा जिला अध्यक्ष मीता सिंह, भाजपा नेता राम शरण नौटियाल एवं अन्य लोग मौजूद रहे।
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मंत्री रेखा आर्या ने पति के खिलाफ दर्ज कराई FIR, जान से मारने का षडयंत्र रचने का लगाया आरोप

Uttarakhand Politics : उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने अपने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए कैंट थाने में शिकायत दर्ज कराई है। मंत्री की शिकायत के आधार पर पुलिस ने जालसाजी, जातिगत प्रताड़ना, मारपीट और जान से मारने की साजिश समेत अन्य आरोपों में प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
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मंत्री रेखा आर्या ने पति के खिलाफ दर्ज कराई FIR
रेखा आर्या ने आरोप लगाया है कि गिरधारी लाल साहू ने अपनी पहली शादी की जानकारी उनसे छिपाई थी। मंत्री के अनुसार, वर्ष 2004 में बरेली निवासी साहू से उनका विवाह हुआ था। बाद में उन्हें पता चला कि साहू पहले से विवाहित थे और उनकी पहली शादी से बच्चे भी हैं। उस समय तक उनके भी बच्चे हो चुके थे, इसलिए सामाजिक परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने इस मामले में चुप रहना उचित समझा।
जान से मारने का षडयंत्र रचने का लगाया आरोप
मंत्री ने अपनी शिकायत में कहा है कि पिछले कुछ समय से उनके पति के व्यवहार में बदलाव आने लगा था। उन्हें साहू के अन्य महिलाओं से संबंध होने की जानकारी मिली। इस पर आपत्ति जताने पर साहू ने कथित तौर पर मौखिक और लिखित रूप से माफी भी मांगी, लेकिन उनके व्यवहार में सुधार नहीं हुआ।
रेखा आर्या का आरोप है कि विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की गई, गाली-गलौज की गई और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि साहू कई बार उनके सरकारी आवास पर पहुंचे और वहां भी आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया। मंत्री अनुसूचित जाति से आती हैं, जबकि उनके पति दूसरी जाति से हैं।

कथित जालसाजी का मामला भी उठाया गया
शिकायत में दस्तावेजों में कथित जालसाजी का मामला भी उठाया गया है। मंत्री के अनुसार, उनके फर्जी हस्ताक्षर करके उन्हें एक कंपनी के निदेशक पद से हटा दिया गया, जबकि उन्होंने न तो कोई त्यागपत्र दिया था और न ही इस संबंध में कोई पत्र तैयार किया था।
मंत्री ने पुलिस को यह भी बताया कि उन्हें हाल ही में एक ऑडियो मिला है। उनका आरोप है कि इसमें गिरधारी लाल साहू एक महिला से बातचीत के दौरान उन्हें जान से मारने की साजिश रचते सुनाई दे रहे हैं। इस ऑडियो के आधार पर भी मामले की जांच की मांग की गई है।
पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी
एसपी सिटी शेखर चंद सुयाल के अनुसार, मंत्री की शिकायत पर जालसाजी, जातिगत प्रताड़ना, मारपीट, जान से मारने की साजिश और एससी-एसटी एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है। फिलहाल, शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
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अंकिता केस पर उत्तराखंड में बवाल, लोकभवन पहुंचे कांग्रेसी नेता, पुलिस ने हिरासत में लिया

Dehradun News : उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर सियासी घमासान एक बार फिर तेज हो गया है। मामले में कथित VIP की राज्यपाल पद पर नियुक्ति और दिल्ली के इंडिया गेट पर अंकिता के माता-पिता को हिरासत में लिए जाने के विरोध में कांग्रेस ने देहरादून में प्रदर्शन किया। पार्टी नेताओं ने लोकभवन पहुंचकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग उठाई। हंगामे के बीच पुलिस ने कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेज दिया।
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अंकिता केस पर प्रेस वार्ता के बाद लोकभवन पहुंची कांग्रेस
प्रदर्शन से पहले कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत और चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने संयुक्त प्रेस वार्ता की। इसके बाद पार्टी के नेता अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर लोकभवन पहुंचे और वहां प्रदर्शन शुरू कर दिया।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि वे लोकभवन में ज्ञापन सौंपने पहुंचे थे, लेकिन उनका ज्ञापन लेने के लिए कोई तैयार नहीं हुआ। इसके बाद प्रदर्शन तेज हो गया। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने नेताओं को हिरासत में ले लिया। इस दौरान हरक सिंह रावत ने आत्मदाह करने की धमकी भी दी।
कथित VIP की नियुक्ति पर सरकार को घेरा
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि अंकिता भंडारी मामले में कथित VIP को लेकर सवाल उठने के बावजूद संबंधित व्यक्ति को राज्यपाल नियुक्त किया गया है। उनका कहना है कि सरकार ने स्वयं इस प्रकरण में CBI जांच की संस्तुति की थी, ऐसे में नियुक्ति के फैसले पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि अब मातृशक्ति को एकजुट होकर न्याय की मांग उठानी चाहिए। उनके मुताबिक, अंकिता को न्याय नहीं मिलने के कारण पूरे देश की नजरें उत्तराखंड पर हैं और इस मामले से प्रदेश की छवि प्रभावित हो रही है।

हरीश रावत बोले- अस्मिता से जुड़ा है मामला
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अंकिता भंडारी प्रकरण को उत्तराखंड की अस्मिता से जुड़ा मामला बताया। उन्होंने कहा कि अंकिता ने अपने गौरव की रक्षा के लिए अपनी जान गंवाई और अब यह सभी की जिम्मेदारी है कि मामले को न्यायिक निष्कर्ष तक पहुंचाया जाए।
हरीश रावत ने कहा कि अंकिता के लिए न्याय की लड़ाई केवल उसके परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज का संघर्ष है। उन्होंने इंडिया गेट पर अंकिता के माता-पिता को हिरासत में लिए जाने की निंदा भी की।
हरक सिंह रावत ने गिरफ्तारी को बताया तानाशाही
कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत ने अंकिता के माता-पिता को दिल्ली में हिरासत में लिए जाने की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने इसे तानाशाही करार देते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला।
अंकिता भंडारी मामले में कथित VIP की नियुक्ति को लेकर कांग्रेस लगातार सवाल उठा रही है। पार्टी की मांग है कि नियुक्ति के फैसले पर पुनर्विचार किया जाए और अंकिता को न्याय दिलाने के लिए मामले में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए।
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27 अक्टूबर से गैरसैंण में जुटेगा उत्तराखंड विधानसभा का सदन, राज्यपाल ने दी सत्र को मंजूरी

Uttarakhand News : उत्तराखंड विधानसभा का आगामी सत्र 27 अक्टूबर से गैरसैंण स्थित भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में आयोजित होगा। राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद विधानसभा सचिवालय ने सत्र की तारीख और समय को लेकर आधिकारिक सूचना जारी कर दी है। तय कार्यक्रम के अनुसार, सदन की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे से शुरू होगी।
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27 अक्टूबर से गैरसैंण में विधानसभा का मानसून सत्र
विधानसभा सचिवालय के अनुसार, ये उत्तराखंड की पंचम विधानसभा का वर्ष 2026 का तीसरा सत्र होगा। सत्र की तिथि निर्धारित होने के साथ ही इसके आयोजन की तैयारियां तेज होने की उम्मीद है। फिलहाल सत्र कितने दिन चलेगा, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। इसके अलावा सदन में रखे जाने वाले विधेयकों और प्रस्तावित कार्यसूची का भी अभी खुलासा नहीं किया गया है।
विधानसभा अध्यक्ष ने तैयारियों पर क्या कहा?
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने सत्र की तैयारियों को लेकर कहा कि विधानसभा सचिवालय पूरी तरह तैयार है। उन्होंने बताया कि आवश्यक औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं, ताकि सत्र का संचालन सुचारु रूप से किया जा सके।

सत्र के दौरान विभिन्न मुद्दों पर सदन में होगी चर्चा
गैरसैंण की ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण में होने वाला यह सत्र राज्य की विधायी गतिविधियों के लिहाज से अहम है। सत्र के दौरान विभिन्न मुद्दों पर सदन में चर्चा होगी। हालांकि, सरकार और विपक्ष के बीच किन विषयों पर प्रमुखता से बहस होगी, यह विस्तृत कार्यसूची जारी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
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