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प्रदेश में स्थानांतरण नीति को लेकर आया बड़ा अपडेट…देखिए आदेश

स्थानांतरण सत्र 2024-25 में स्थानांतरण की अधिकतम सीमा निर्धारण आदि के सम्बन्ध में।
उपर्युक्त विषय के सन्दर्भ में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि शासन द्वारा सम्यक् विचारोपरान्त लोक सेवकों के लिए वार्षिक स्थानांतरण अधिनियम, 2017 के सन्दर्भ में वर्तमान स्थानांतरण सत्र 2024-25 हेतु विभागान्तर्गत प्रत्येक संवर्ग में पात्रता सूची में अधिकतम सीमा को 15 है कि 15 प्रतिशत तक आने वाले कार्मिकों के स्थानांतरण की सीमित रखने का निर्णय लिया गया है। यहां यह स्पष्ट किया जाता प्रतिशत की यह सीमा स्थानान्तरण अधिनियम की धारा 17 (1) (ख) की श्रेणी (एक). (दो). (तीन), (पांच), (छः) एवं (सात) से आच्छादित कार्मिकों पर लागू नहीं होगी अर्थात प्रत्येक विभागान्तर्गत स्थानान्तरण अधिनियम की धारा 17 (1) (ख) की श्रेणी (एक), (दो). (तीन) (पांच), (छः) एवं (सात) से आच्छादित कार्मिकों के अनुरोध के आधार पर स्थानान्तरण हेतु प्राप्त प्रत्यावेदनों की सीमा

तक पात्रता सूची में आने वाले कार्मिकों को उक्त 15 प्रतिशत की सीमा से ‘ओवर एण्ड अबव’ श्रेणी में मानते हुए स्थानान्तरित किया जा सकेगा। यह भी स्पष्ट किया जाता है कि अनुरोध के आधार पर स्थानान्तरित कार्मिकों को यात्रा भत्ता देय नहीं होगा। जिन संवर्गों में पात्रता सूची में 15 प्रतिशत के अन्तर्गत एक भी
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उत्तराखंड में आज से आज से शुरू हुआ SIR, घर-घर जाकर मतदाताओं को बाटेंगे गणना फार्म

SIR in Uttarakhand : प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान का शुभारंभ आज से हो रहा है। अभियान के तहत बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर पहुंचकर मतदाताओं को गणना प्रपत्र उपलब्ध कराएंगे। इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची में दर्ज विवरणों का सत्यापन और अद्यतन सुनिश्चित करना है।
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उत्तराखंड में आज से आज से शुरू हुआ SIR
उत्तराखंड में आज से आज से SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण शुरू हो गया है। उत्तराखण्ड में SIR कार्यक्रम के तहत आज से प्रदेश के सभी मतदाताओं को गणना फार्म बांटने का कार्य प्रारम्भ किया जाएगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने प्रदेश के समस्त मतदाताओं से बूथ लेवल एजेंट्स को सहयोग करने की अपील की है।
घर-घर जाकर मतदाताओं को बाटेंगे मतदाताओं को गणना फार्म
सीईओ ने बताया कि प्रदेश के सभी 11,733 BLOs के पास गणना फार्म पहुंचा दिए गए हैं। इस अभियान के तहत प्रदेश के सभी मतदाताओं को गणना फार्म उपलब्ध कराए जाएंगे। आगामी 7 जुलाई तक एक माह के समय में BLOs द्वारा मतदाताओं के गणना फार्मों को BLO App के माध्यम से डिजिटलाइज किया जाएगा।
”बुक ए कॉल विद BLO” से आप भी ले सकते हैं मदद
प्रदेश के मतदाता नौकरी या अन्य पेशे से जुड़े होने के कारण दिन में घर पर उपलब्ध नहीं हैं तो वे ”बुक ए कॉल विद BLO” के फीचर से एक क्लिक पर अपने BLO के साथ कॉल बुक करा सकते हैं। इसके लिए मतदाता https://voters.eci.gov.in वेबसाइट पर विजिट करके या ECI-Net मोबाइल एप को डाउनलोड कर अपनी कॉल बुक करा सकते हैं।

कॉल बुक कराने के बाद दो दिन के भीतर BLO द्वारा मतदाता से स्वयं संपर्क किया जाएगा। इसके अलावा BLO के क्षेत्र भ्रमण के दौरान कोई मतदाता घर पर नहीं मिलता है तो ऐसी स्थिति में BLO तीन बार घर पर विजिट करेंगे और BLO घर पर स्टीकर लगाकर अपने अगले विजिट की डेट और मोबाइल नंबर लिखेंगे, मतदाताओं द्वारा BLO से संपर्क कर सुविधानुसार गणना फार्म भरा जा सकता है।
15 सितंबर 2026 अंतिम मतदाता सूची का होगा प्रकाशन
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने प्रदेश के मतदाताओं से अपना नवीनतम पासपोर्ट साइज फोटो गणना फार्म के साथ BLO को उपलब्ध कराने की अपील की है। उन्होंने बताया कि 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट रोल का प्रकाशन किया जाएगा इसके साथ ही 14 जुलाई से 13 अगस्त 2026 के बीच दावे और आपत्तियों को दर्ज करने का समय दिया गया है। इसी बीच 14 जुलाई से 11 सितंबर 2026 तक नोटिस जारी कर दावे-आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। आयोग के निर्देशानुसार 15 सितंबर 2026 अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।
ECI-Net एप से खुद डाउनलोड कर सकते हैं गणना फार्म
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदण्डे ने बताया कि मतदाता स्वयं भी ECI-Net एप के माध्यम से अपना गणना फार्म डाउनलोड कर सकते हैं इसके बाद मतदाता इसे भरकर अपलोड कर सकते हैं। इस प्रक्रिया के दौरान अगर कोई भी पात्र व्यक्ति, मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करवाना चाहते हैं तो वे अपने BLO से संपर्क कर फार्म 6 भर सकते हैं। जिसके बाद दावे आपत्तियों के निस्तारण के समय उनके फार्मों पर विचार किया जाएगा।
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दिल्ली के मालवीय नगर अग्निकांड मामले में उत्तराखंड के केशव नेगी गिरफ्तार, सीएम धामी ने दिल्ली की सीएम से की बात

Uttarakhand News : सीएम धामी ने दिल्ली के मालवीय नगर अग्निकांड प्रकरण में उत्तराखंड के केशव नेगी की गिरफ्तारी के संबंध में आज दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से बात की।
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शेफ केशव नेगी गिरफ्तारी मामले में सीएम ने रेखा गुप्ता से की बात
दिल्ली के मालवीय नगर अग्निकांड मामले में उत्तराखंड निवासी केशव नेगी को गिरफ्तार किया गया है। इस गिरफ्तारी को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से दूरभाष पर वार्ता की। इस दौरान दोनों मुख्यमंत्रियों के बीच मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई।
किसी भी निर्दोष व्यक्ति के साथ नहीं होगा अन्याय
सीएम धामी ने सोशल मीडिया के जरिए जानकारी दी है कि “रेखा गुप्ता जी ने आश्वस्त किया है कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और जांच पूरी तरह तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर होगी। पूर्ण विश्वास है कि दिल्ली सरकार और संबंधित एजेंसियां निष्पक्ष जांच के माध्यम से सत्य को सामने लाएंगी।

साथ ही केशव नेगी जी की पुत्री कनिष्का नेगी से भी बात कर उन्हें हर संभव सहायता हेतु आश्वस्त किया। हमारी सरकार देश भर में रह रहे सभी प्रवासी उत्तराखंडी भाई बहनों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।”
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देहरादून से 10 दिन में 13 बच्चे लापता, सबसे ज्यादा नाबालिग बच्चियां हुई लापता, सामने आई चौंकाने वाली वजह

Dehradun News : उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में पिछले 10 दिनों के दौरान 13 नाबालिग बच्चों के लापता होने के मामले सामने आने से अभिभावकों, पुलिस और सामाजिक संगठनों की चिंता बढ़ गई है। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दर्ज इन मामलों ने बच्चों की सुरक्षा और बदलते सामाजिक परिवेश को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
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देहरादून से 10 दिन में 13 बच्चे लापता
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, राजधानी के विभिन्न क्षेत्रों में बच्चों की गुमशुदगी से जुड़े मामले लगातार दर्ज हो रहे हैं। इनमें ऋषिकेश, सेलाकुई, सहसपुर और अन्य इलाकों से नाबालिगों के घर से लापता होने की घटनाएं शामिल हैं। सभी मामलों में बच्चों की उम्र 12 से 18 वर्ष के बीच बताई गई है।
सबसे ज्यादा बच्चियां हुई लापता
सबसे अधिक चिंता की बात यह है कि लापता होने वाले बच्चों में बड़ी संख्या नाबालिग बच्चियों की है। इससे परिजनों के साथ-साथ कानून-व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों की भी चिंताएं बढ़ी हैं। पुलिस इन मामलों की जांच में जुटी है और बच्चों की तलाश के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं।

सोशल मीडिया का बढ़ता प्रभाव सबसे बड़ी वजह
विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया का बढ़ता प्रभाव, आभासी दुनिया की ओर आकर्षण और अपेक्षाओं में वृद्धि जैसी परिस्थितियां बच्चों के व्यवहार को प्रभावित कर रही हैं। उनका कहना है कि कई बार बच्चे छोटी-छोटी बातों से नाराज होकर भावनात्मक निर्णय ले लेते हैं और घर छोड़ने जैसे कदम उठा बैठते हैं।
डॉक्टर ने सोशल मीडिया को बताया इसकी वजह
डॉक्टर ने सोशल मीडिया को इसकी वजह बताया है। उन्होंने बच्चों के लापता होने की बढ़ती घटनाओं ने अभिभावकों को भी सतर्क रहने की जरूरत का संदेश दिया है। विशेषज्ञ परिवारों में संवाद बढ़ाने, बच्चों की भावनात्मक स्थिति को समझने और उनकी गतिविधियों पर संतुलित नजर रखने की सलाह दे रहे हैं। पुलिस का कहना है कि दर्ज मामलों में कार्रवाई जारी है और बच्चों को सुरक्षित खोजने के लिए सभी आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं।
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