Chamoli
डिप्टी जेलर पर बिजनौर की युवती ने दुष्कर्म का लगाया आरोप, चमोली जेलर के खिलाफ मुकदमा दर्ज जांच शुरू।

चमोली – जिला कारागार पुरसाड़ी में तैनात डिप्टी जेलर पर बिजनौर यूपी की युवती ने दुष्कर्म और जान से मारने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने मामले में कोतवाली चमोली में इस संबंध में तहरीर दी है। पुलिस ने डिप्टी जेलर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

चमोली के पुरसाड़ी में रुद्रप्रयाग और चमोली जनपद का संयुक्त कारागार है। यहां तैनात डिप्टी जेलर नईम अब्बास पर एक युवती ने दुष्कर्म और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए कोतवाली चमोली में तहरीर दी। कोतवाल राजेंद्र रावत ने बताया कि जब डिप्टी जेलर हरिद्वार में सेवारत थे तब उनकी युवती से दोस्ती हुई थी। उनकी चमोली में तैनाती हुई तो पीड़िता का यहां भी आना-जाना रहता था। मंगलवार को भी दोपहर में वह यहां आई थी। युवती का आरोप है कि डिप्टी जेलर ने उसके साथ जबरदस्ती संबंध बनाए। साथ ही जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़िता की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
डिप्टी जेलर नईम अब्बास जिला अस्पताल गोपेश्वर में भर्ती है। अस्वस्थ होने के कारण मंगलवार रात को डिप्टी जेलर को अस्पताल में भर्ती कराया गया। उन्होंने पुलिस को दिए बयान में पीड़िता पर आरोप लगाया कि वह उसे लंबे समय से उन्हें ब्लैकमेल कर 20 लाख रुपये की डिमांड कर रही है। रात को उसने पानी में जहरीला पदार्थ मिलाकर उन्हें खिला दिया, जिससे उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्होंने युवती के आरोपों को बेबुनियाद बताया। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. अनुराग धनिक ने बताया कि जेलर की जांच में कीटनाशक पदार्थ खाने की पुष्टि हुई है। हालांकि उपचार के बाद उनकी हालत ठीक है।
मामले की जानकारी लगने पर हिंदूवादी संगठनों के पदाधिकारियों ने बुधवार को कोतवाली चमोली में जाकर डिप्टी जेलर की शीघ्र गिरफ्तारी और निलंबन की मांग उठाई है। हिंदूवादी संगठनों के पदाधिकारियों का आरोप है कि पुलिस मामले को दबा रही थी। इस दौरान विश्व हिंदू परिषद संगठन के जिलाध्यक्ष राकेश मैठाणी, जिला मंत्री प्रदीप फरस्वाण, संगठन मंत्री वेद प्रकाश, बजरंग दल के विभाग संयोजक प्रकाश बर्त्वाल, जिला संयोजक विनोद राणा, रवि झिंक्वाण, प्रांत उपाध्यक्ष चिंतामणि सेमवाल मौजूद रहे।
सर्वेश पंवार एसपी चमोली ने बताया कि पीड़िता ने डिप्टी जेलर पर दुष्कर्म व जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। मामले में तत्काल मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच भी शुरू कर दी गई है। जल्द ही अग्रिम कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
Chamoli
चमोली में प्रसव पीड़ा से तड़पती रही गर्भवती, छह घंटे बाद किया रेफर, एंबुलेंस में हुई मौत

Chamoli News : जिले के थराली क्षेत्र से एक दर्दनाक मामला सामने आया है, जहां प्रसव पीड़ा के चलते अस्पताल पहुंची 32 वर्षीय गर्भवती महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
Table of Contents
प्रसव पीड़ा से तड़पती रही गर्भवती की एंबुलेंस में मौत
परिजनों के अनुसार, महिला को प्रसव पीड़ा होने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थराली लाया गया था। उनका आरोप है कि अस्पताल में चिकित्सकों ने सामान्य प्रसव का भरोसा देते हुए महिला को करीब छह घंटे तक भर्ती रखा। इस दौरान उसकी हालत लगातार बिगड़ती रही, लेकिन समय रहते उच्च केंद्र रेफर नहीं किया गया।

कर्णप्रयाग रेफर करते समय रास्ते में तोड़ा दम
जब महिला की तबीयत अधिक गंभीर हो गई, तब उसे कर्णप्रयाग अस्पताल के लिए रेफर किया गया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने से पहले ही एंबुलेंस में महिला ने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है।
दो छोटे बच्चों के सिर से उठा मां का साया
मृतका दो छोटे बच्चों की मां थी और ये उसका तीसरा प्रसव था। अचानक हुई इस घटना से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार का कहना है कि यदि समय पर उचित इलाज और रेफरल की व्यवस्था की जाती, तो महिला की जान बचाई जा सकती थी
Chamoli
कर्णप्रयाग निहंग विवाद में गिरफ्तार लोगों को मिली जमानत, लोगों से शांति बनाए रखने की अपील

Chamoli News : हेमकुंड साहिब यात्रा के दौरान कर्णप्रयाग क्षेत्र में स्थानीय लोगों और कुछ श्रद्धालुओं के बीच वाहन पार्किंग को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। घटना में दोनों पक्षों के लोगों को चोटें आईं, जिसके बाद क्षेत्र में कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई।
Table of Contents
कर्णप्रयाग निहंग विवाद में गिरफ्तार लोगों को मिली जमानत
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचे और हालात पर नियंत्रण पाया। पुलिस ने उपलब्ध साक्ष्यों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई करते हुए संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया और आरोपितों को गिरफ्तार किया।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया था कि कानून व्यवस्था भंग करने वाले किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध समान रूप से कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

लोगों से शांति बनाए रखने व अफवाहों से दूर रहने की अपील
घटना के बाद क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया और प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने तथा अफवाहों से दूर रहने की अपील की। नगरासू गुरुद्वारा प्रकरण को शांतिपूर्ण तरीके से निपटाया गया। इसके साथ ही ये भी सुनिश्चित किया गया कि हेमकुंड साहिब यात्रा और अन्य धार्मिक गतिविधियां प्रभावित न हों।
पूरे मामले की जांच जारी
इसी मामले में गिरफ्तार किए गए लोगों को शनिवार को न्यायालय से जमानत मिल गई। इसके साथ ही मामले की आगे की सुनवाई और कानूनी प्रक्रिया न्यायालय के समक्ष निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जारी रहेगी।
पुलिस का कहना है कि पूरे प्रकरण की जांच निष्पक्ष रूप से की जा रही है और जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
Uttarakhand
Chamoli News: भारी बारिश और भूस्खलन से जनजीवन अस्त-व्यस्त, नारायणबगड़ में भारी नुकसान..

Chamoli News 26 June 2026
उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में मानसून की शुरुआत के साथ ही प्रकृति का रौद्र रूप देखने को मिलने लगा है। चमोली जिले के विकासखंड नारायणबगड़ और उसके आसपास के इलाकों में गुरुवार देर रात हुई मूसलाधार बारिश (अतिवृष्टि) ने भारी तबाही मचाई है। पहाड़ी इलाकों से बहकर आए मलबे, पत्थरों और भारी बोल्डरों के कारण मुख्य बाजार, आवासीय भवनों और सरकारी संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा है। राहत की बात यह रही कि आपदा की इस घड़ी में फिलहाल किसी तरह की जनहानि की सूचना नहीं है, लेकिन करोड़ों रुपये की संपत्ति के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।
रात भर की बारिश ने मचाई तबाही
स्थानीय निवासियों के अनुसार, गुरुवार देर रात अचानक मौसम का मिजाज बदला और मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। देखते ही देखते पहाड़ी के ऊपरी हिस्सों से भारी मात्रा में कीचड़ और बड़े-बड़े बोल्डर नीचे बहकर आने लगे। नारायणबगड़ के मुख्य बाजार में स्थित कई दुकानों के अंदर कई फीट तक मलबा भर गया, जिससे व्यापारियों का लाखों रुपये का सामान बर्बाद हो गया।

सड़क किनारे और आवासीय परिसरों के बाहर खड़े कई वाहन भी इस मलबे की चपेट में आकर दब गए हैं। इसके साथ ही, राजकीय इंटर कॉलेज नारायणबगड़ के परिसर में भी भारी मात्रा में कीचड़ और पत्थर घुस गए हैं, जिससे विद्यालय भवन को भी क्षति पहुंची है। स्थानीय लोगों को अपनी जान बचाने के लिए पूरी रात जागकर काटने को मजबूर होना पड़ा।
राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित, यातायात ठप
भूस्खलन और मलबे के कारण क्षेत्र से गुजरने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग पूरी तरह से बाधित हो गया है। सड़क पर बड़े-बड़े बोल्डर आ जाने के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। चमोली और आसपास के जिलों को जोड़ने वाला यह मार्ग बंद होने से आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। सीमा सड़क संगठन (BRO) और स्थानीय प्रशासन की टीमें हाईवे को खोलने के प्रयास में जुटी हुई हैं, लेकिन लगातार हो रही छिटपुट बारिश और संवेदनशील पहाड़ी ढलानों के कारण राहत कार्य में बाधा आ रही है।
प्रशासन और जनप्रतिनिधि सक्रिय
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन, राजस्व विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंच गईं। क्षेत्रीय विधायक और प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया।
विधायक का वक्तव्य:
“सरकार आपदा प्रभावितों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। सीमा सड़क संगठन (BRO) को राष्ट्रीय राजमार्ग से मलबा हटाकर यातायात को जल्द से जल्द सुचारू करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही, प्रभावित दुकानदारों और इंटर कॉलेज परिसर से भी जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा साफ कराया जा रहा है। नुकसान का सटीक आकलन करने के बाद सभी प्रभावितों को उचित मुआवजा दिया जाएगा।”
स्थायी सुरक्षा कार्य की उठ रही मांग
स्थानीय व्यापारियों और ग्रामीणों में इस बात को लेकर काफी असंतोष है कि यह समस्या कोई नई नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले ८ से १० वर्षों से हर मानसून में इस विशेष स्थान पर पहाड़ी से पत्थर और मलबा गिरता है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इसी संवेदनशील क्षेत्र के पास प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी स्थित है, जहां हर दिन सैकड़ों लोग इलाज के लिए आते हैं।
जनता की मांग है कि इस ढलान का स्थायी उपचार (Slope Treatment) किया जाए और सुरक्षा दीवार का निर्माण किया जाए ताकि हर साल होने वाले इस नुकसान से बचा जा सके। इसके अलावा, मानसून के दौरान थराली और नारायणबगड़ क्षेत्र में एनडीआरएफ (NDRF) या एसडीआरएफ (SDRF) की एक स्थायी टीम की तैनाती की मांग भी तेज हो गई है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया जा सके।
मौसम विभाग की चेतावनी और आगे की राह
मौसम विज्ञान केंद्र ने उत्तराखंड के कई जिलों, विशेषकर चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और उत्तरकाशी के लिए आगामी ४८ घंटों का अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों और संवेदनशील क्षेत्रों के निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। तीर्थयात्रियों और पर्यटकों से भी अपील की गई है कि वे मौसम की जानकारी लेने के बाद ही पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा करें।
पहाड़ी राज्यों में विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन न होना अक्सर ऐसी आपदाओं को निमंत्रण देता है। नारायणबगड़ की यह घटना एक बार फिर प्रशासन को अपनी तैयारियों को पुख्ता करने और पहाड़ी ढलानों के वैज्ञानिक उपचार की दिशा में ठोस कदम उठाने की चेतावनी दे रही है।
Cricket21 hours agoLAN vs DER Dream11 Team Today T20 Blast 2026 :बेस्ट फैंटेसी टीम, पिच रिपोर्ट, प्लेइंग XI और कप्तान विकल्प
National20 hours agoAgnipath Yojna 2026: अग्निवीरों के लिए बड़ी खुशखबरी! देखें लेटेस्ट अपडेट…
Politics20 hours agoविधानसभा चुनाव 2027 की तैयारी में जुटी कांग्रेस, जिला और महानगर कार्यकारिणियों का किया गठन
Cricket18 hours agoENG vs IND 3rd T20I 2026: फैंटेसी टीम, पिच रिपोर्ट, प्लेइंग XI, कप्तान-वाइस कप्तान और मैच प्रेडिक्शन
uttarakhand weather22 hours agoउत्तराखंड में आज फिर मौसम का अलर्ट! देहरादून-हरिद्वार समेत कई जिलों में बारिश की चेतावनी
Udham Singh Nagar16 hours agoछुट्टी पर आए सेना के जवान की अचानक बिगड़ी तबीयत, अस्पताल पहुंचने से पहले तोड़ा दम
Uttarakhand19 hours agoपिथौरागढ़ में अनुशासनहीनता पर कांग्रेस का बड़ा एक्शन, तीन नेताओं को 6 साल के लिए किया निष्कासित
big news14 hours agoबड़ी खबर : उत्तराखंड में 20 लाख में बिकती हैं सरकारी नौकरियां, खुद मंत्री करते हैं इनका सौदा




































