Chamoli
चमोली: यह है पहाड़ के विद्यालय की सूरत,सरकार हवा हवाई..कई बार कराया अवगत, अब तक नही लिया संज्ञान।

चमोली – भले ही प्रदेश सरकार शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के कई हवा हवाई दावे कर लें…लेकिन इसकी जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। मामला चमोली जिले के विकासखण्ड पोखरी के राजकीय इंटर कालेज थालाबैड का है,जहां पर विद्यालय का मुख्य भवन और कार्यालय जीर्ण शीर्ण स्थिति में है।

बताते चलें कि वर्तमान में विद्यालय में 120 छात्र छात्राएं अध्यनरत हैं…लेकिन जिस तरह से कमरों की छत पूरी खराब हो रखी है और दीवालो में बड़ी बड़ी दरारें बनी हुई हैं तो ऐसे में आप समझ सकते हैं कि बरसात के दिनों में और शर्दियों में जब पहाड़ी क्षेत्रौ में बर्फ गिरती है तो छोटे छोटे बच्चे कैसे पढ़ाई करते होंगे ?

शिक्षा विभाग की इस घोर लापरवाही पर पीटीए अध्यक्ष प्रदीप चौहान का कहना है कि वो विभाग को कई बार अवगत करा चुके हैं लेकिन विभाग द्वारा कुछ भी संज्ञान नही लिया जा रहा है चौहान ने कहा कि यदि विभाग द्वारा इस भवन का संज्ञान नही लिया गया तो सभी अभिभावक उग्र आंदोलन करेंगे।

वही इस मामले पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष /राज्य सभा सांसद महेन्द्र भट्ट का कहना है कि उनकी इस विषय पर शिक्षा मंत्री से वार्ता हुई और अब सीएम धामी से भी वो बात करेंगे।
Chamoli
सिद्धपीठ लाटू देवता मंदिर के खुले कपाट, सैकड़ों श्रद्धालु बने ऐतिहासिक पल के साक्षी

Chamoli News : प्रसिद्ध सिद्धपीठ लाटू देवता मंदिर के कपाट आज भक्तों के दर्शनार्थ खोल दिए गए हैं। अब अगले छह माह भक्त लाटू देवता के दर्शन कर सकते हैं।
Table of Contents
सिद्धपीठ लाटू देवता मंदिर के खुले कपाट
चमोली जिले के वाण गांव स्थित सिद्धपीठ लाटू देवता मंदिर के कपाट शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे वैदिक विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। परंपरा के अनुसार मंदिर के पुजारी खेम सिंह ने आंखों पर पट्टी बांधकर गर्भगृह में प्रवेश किया और पूजा-अर्चना संपन्न कराई।

सैकड़ों श्रद्धालु बने ऐतिहासिक पल के साक्षी
कपाट खुलते ही मंदिर परिसर भक्तों के जयकारों से गूंज उठा और पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल बन गया। इस अवसर पर स्थानीय लोगों द्वारा देव नृत्य, झोड़ा-चाछड़ी जैसे पारंपरिक कार्यक्रमों के साथ भंडारे का भी आयोजन किया गया। मंदिर अब अगले छह महीनों तक श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खुला रहेगा।
big news
भू-बैकुंठ श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट विधि-विधानपूर्वक खुले, हजारों श्रद्धालु बने ऐतिहासिक पल के साक्षी

Badrinath Dham : भू-बैकुंठ श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट आज सुबह विधि-विधापूर्वक खोल दिए गए हैं। हजारों श्रद्धालु इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने। सीएम धामी ने कपाट खुलने के बाद भगवान बद्री विशाल के दर्शनव किए।
Table of Contents
भू-बैकुंठ श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट विधि-विधानपूर्वक खुले
श्री बदरीनाथ धाम के कपाट आज पूरे विधि विधान और वैदिक मन्त्रोचार के साथ प्रातः 6 बजकर 15 मिनट पर श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ हेतु खोल दिए गए हैं। इस दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान बदरी विशाल और अखंड ज्योत के दर्शन किए।
सीएम धामी ने किए भगवान बद्री विशाल के दर्शन
भू बैकुंठ श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भगवान बद्री विशाल के दर्शन किए और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।

भगवान श्रीहरि विष्णु की पवित्र भूमि श्री बद्रीनाथ धाम हिमालय की गोद में स्थित ये दिव्य धाम करोड़ों श्रद्धालुओं की अटूट श्रद्धा, सनातन परंपरा और आध्यात्मिक चेतना का जीवंत प्रतीक है। इस पावन अवसर पर अलौकिक भक्ति, दिव्य ऊर्जा और अद्भुत आध्यात्मिक अनुभूति ने मन को भावविभोर कर दिया।
पीएम मोदी के नाम से की गई धाम में पहली पूजा
कपाटस खुलने के बाद प्रधानमंत्री Narendra Modi के नाम से श्री हरि विष्णु की प्रथम पूजा की गई। सम्पूर्ण विधि विधान के साथ श्री बदरी विशाल का वंदन कर प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि एवं मंगल के लिए प्रार्थना की।
सीएम ने कहा कि श्री बदरीनाथ धाम के कपाटोद्घाटन के साथ ही पावन चारधाम यात्रा का विधिवत शुभारंभ हो चुका है। देवभूमि उत्तराखण्ड में देश-विदेश से आने वाले सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सहज यात्रा अनुभव प्रदान करना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
Chamoli
गाड़ू घड़ा और गरुड़ की डोली बद्रीनाथ के लिए रवाना, 23 अप्रैल को खुलेंगे भू-वैकुंठ बद्रीनाथ धाम के कपाट

Badrinath Dham : 23 अप्रैल को भक्तों के लिए खुल जाएंगे भू-वैकुंठ बद्रीनाथ धाम के कपाट
Badrinath Dham : बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने से पहले होने वाली प्रक्रिया शुरू हो गई। गाड़ू घड़ा यात्रा और गरुड़ की डोली के साथ शंकराचार्य की डोली धाम के लिए रवाना हो गई है।
Table of Contents
गाड़ू घड़ा और गरुड़ की डोली बद्रीनाथ के लिए रवाना
बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को खोले जाने है। इस पहले की प्रक्रिया शुरू हो गई है। आज नृसिंह मंदिर परिसर में स्थित मंदिर विशेष पूजा की गई। जिसके बाद आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी और गाडू घड़ा तेल कलश यात्रा बद्रीनाथ धाम के लिए रवाना हो गई है।

जय बद्रीविशाल के नारों से गूंजा पूरा इलाका
गाड़ू घड़ा और गरुड़ की डोली और आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी के बद्रीनाथ धाम के लिए रवाना होने के दौरान पूरा इलाका जय बद्रीविशाल के नारों से गूंज उठा। इसके साथ ही द्री विशाल के भजनों के साथ महिलाओं व सेना के बैंडो की मधुर ध्वनि ने पूरा क्षेत्र भक्तिमय कर दिया।
23 अप्रैल को विधि-विधानपूर्व खोल दिए जाएंगे कपाट
बता दें कि रात्रि विश्राम पांडुकेश्वर स्थित योग ध्यान बद्री में करने के बाद अगले दिन भगवान कुबेर और उद्धव की डोली, आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी तथा गाडू घड़ा (तेल कलश) यात्रा बदरीनाथ के लिए रवाना हुई।
इस यात्रा में बद्रीनाथ धाम के रावल भी शामिल रहे और पूरे विधि-विधान के साथ आगे बढ़े। अब 23 अप्रैल को धार्मिक परंपराओं के अनुसार बद्रीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।
Cricket20 hours agoDC vs CSK Dream11 Team Match 48 IPL 2026 : दिल्ली के ‘किला’ को भेदने उतरेगी चेन्नई की ‘येलो आर्मी’, ये है आज की सबसे तगड़ी फैंटेसी टीम.
Cricket20 hours agoMI vs LSG Dream11 Team Match 47 IPL 2026: क्या वानखेड़े में पलटेगी मुंबई की किस्मत? देखें बेस्ट फैंटेसी प्रेडिक्शन…
big news21 hours agoबड़ी खबर : भारी बारिश के कारण उत्तराखंड में इस जिले में आज स्कूल बंद, आदेश हुए जारी
Breakingnews13 hours agoनैनीताल में बड़ा सड़क हादसा, खाई में गिरी पर्यटकों की थार, एक की मौत, कैंची धाम से दर्शन कर लौट रहे थे वापस
Dehradun15 hours agoअसम में प्रचंड बहुमत पर सीएम धामी का बयान, विकास और विश्वास ने रचा इतिहास, असम में लगातार तीसरी बार खिला कमल
Haldwani19 hours agoलालकुआं में जंगली हाथियों का आतंक, तीन दिन में तीन लोगों की मौत के बाद जागा विभाग
Champawat17 hours agoबारिश के बीच DM ने स्वाला में किया सड़क चौड़ीकरण का निरीक्षण, गुणवत्ता और यातायात व्यवस्था पर कसा शिकंजा
Udham Singh Nagar13 hours agoप्रेमी संग मिलकर पत्नी ने की पति की हत्या, शराब के प्याले में जहर मिलाकर उतारा मौत के घाट…






































