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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भारामल मंदिर पहुंचकर की पूजा-अर्चना, भंडारे में स्वयं की सेवा, सादगी के साथ जमीन पर बैठकर प्रसाद किया ग्रहण।

खटीमा – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को दोपहर बाद सुरई वन क्षेत्र के दूरस्थ जंगल के बीच स्थित भारामल मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की। उन्होंने देश, प्रदेश के साथ ही स्थानीय जनता की सुख, समृद्धि व खुशहाली की कामना की।

भारामल मंदिर में आयोजित अखंड रामायण पाठ के समापन कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री धामी ने मंदिर परिसर में संधु-संतों का आशीर्वाद लिया। इसके बाद मन्दिर में चल रहे भंडारे में पूरी सादगी से जनता के साथ जमीन पर बैठकर प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे में स्वयं भी जन सेवा करते हुए जनता को प्रसाद बांटा। श्रद्धालुओं ने भी मुख्यमंत्री के साथ खूब सेल्फी खींची। बता दें कि भारामल मंदिर परिसर को धार्मिक पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित करने के लिए प्रयासरत है। पूर्व में डीएम ने इसकी तैयारियों को लेकर निरीक्षण भी किया था। वहां भाजपा प्रदेश मंत्री विकास शर्मा, मनोज वाधवा, रवि सक्सेना आदि थे।
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कैबिनेट विस्तार के बाद जल्द मिल सकता है दायित्वों का तोहफा, कई कार्यकर्ताओं की किस्मत का खुलेगा ताला

Uttarakhand Politics : उत्तराखंड में चार साल बाद हुए कैबिनेट विस्तार के बाद अब एक बार फिर दायित्वधारियों की लिस्ट को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। इसे लेकर बीजेपी से खबर सामने आ रही है कि जल्द ही कार्यकर्ताओं को दायित्वों का तोहफा मिल सकता है।
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कैबिनेट विस्तार के बाद जल्द मिल सकता है दायित्वों का तोहफा
राज्य सरकार में रिक्त कैबिनेट पदों को भरने के बाद अब धामी सरकार कार्यकर्ताओं को दायित्वो का तोहफा देने जा रही है। भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि जल्द ही दायित्वधारियों की सूची को जारी किया जाएगा।

बीजेपी अंतर कलह को खत्म करने के लिए बांट रहे दायित्व
दायित्वधारियों की सूची को लेकर कांग्रेस ने कहा कि बीजेपी के भीतर जो आपदा आई है उसको साधने के लिए पहले मंत्री पद भरे गए अब दायित्वों की बात सामने आ रही है। कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता शीशपाल सिंह बिष्ट ने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी अंतर कलह को खत्म करना चाहती है जिसके चलते अब कार्यकर्ताओं को साधने की कोशिश की जा रही है।

जल्द जारी होगी दायित्वधारियों की सूची
भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की तमाम योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है। इसी को और विस्तार देने के लिए कैबिनेट के बाद अब दायित्वधारियों की सूची अब जल्द जारी होगी ताकि कार्यों को और गति मिल सके।
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बड़ी खबर : धामी कैबिनेट के नए मंत्रियों में किसे मिल सकता है कौन सा विभाग ?, पढ़ें खास रिपोर्ट…

Uttarakhand Politics : नवनियुक्त मंत्रियों में किसे मिल सकता है भारी भरकम विभाग ?, जानें यहां
Uttarakhand Politics : उत्तराखंड में चार साल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार शुक्रवार को कैबिनेट विस्तार हो गया है। पांच विधायकों को धामी कैबिनेट में जगह मिली है। जिसमें विधायक खजान दास, विधायक भरत सिंह चौधरी, विधायक प्रदीप बत्रा, विधायक मदन कौशिक और विधायक राम सिंह कैड़ा शामिल हैं।
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धामी कैबिनेट के नए मंत्रियों को लेकर चर्चाएं तेज
धामी कैबिनेट के नवनियुक्त मंत्रियों को लेकर चर्चाओं के बाजार गर्म हैं। कैबिनेट विस्तार के बाद अब चर्चाएं हो रही हैं मंत्रियों को दिए जाने वाले विभागों को लेकर। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक नवनियुक्त पांच में से दो मंत्रियों को बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। जबकि अन्य तीन को सामान्य विभाग मिल सकते हैं।

नए मंत्रियों में किसे मिल सकता है कौन सा विभाग ?
धामी कैबिनेट में शामिल किए गए पांच मंत्रियों में से दो मंत्री मदन कौशिक और खजान दास ऐसे हैं जो पहले की सरकारों में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। जबकि तीन मंत्री पहली बार जिम्मेदारी निभाएंगे। चर्चाएं हैं कि कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक और कैबिनेट मंत्री खजान दास को सबसे अहम विभागों में शामिल विभागों की जिम्मेदारी मिल सकती है।

चर्चाएं हैं कि कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक को पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के विभाग सौंपे जा सकते हैं। जबकि कैबिनेट मंत्री खजान दास को दिवंगत चंदन रामदास के विभागों की जिम्मेदारी मिल सकती है। वहीं बाकी के तीन पहली बार कैबिनेट मंत्री बने सामान्य विभागों की जिम्मेदारी मिल सकती है जो कि फिलहाल मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी संभाल रहे हैं ताकि उनका भार भी कम हो सके।
सियासी गलियारों में लगातार मंत्रियों को दिए जाने वाले विभागों को लेकर चर्चाएं हो रही हैं। सोशल मीडिया पर भी इलकी चर्चाएं हो रही हैं। हालांकि इसको लेकर अब तक कोई फैसला नहीं लिया गया है। लेकिन माना जा रहा है कि सीएम धामी जल्द ही इसकी घोषणा कर सकते हैं।
नवनियुक्त मंत्रियों के संभावित विभाग
| मंत्री का नाम | संभावित विभाग |
|---|---|
| मदन कौशिक | वित्त, शहरी विकास, आवास, विधायी एवं संसदीय कार्य |
| खजान दास | समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, छात्र कल्याण, निर्वाचन |
| भरत सिंह चौधरी | परिवहन, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME), खादी एवं ग्रामोद्योग |
| प्रदीप बत्रा | पेयजल, जनगणना, पुनर्गठन विभाग |
| राम सिंह कैड़ा | आयुष एवं आयुष शिक्षा, ऊर्जा, वैकल्पिक ऊर्जा |
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धामी मॉडल ने तोड़ी सत्ता परिवर्तन की पुरानी परिपाटी, मार्च महीने को लेकर स्थापित धारणा को किया धवस्त

Uttarakhand Politics : उत्तराखंड में आज चार सालों के इंतजार के बाद कैबिनेट विस्तार हो गया है। इसके साथ ही प्रदेश में चल रही तमाम अटकलों पर लगाम लग गई है। इसके साथ ही मार्च के महीने को लेकर प्रदेश की सत्ता परिवर्तन की पुरानी परिपाटी को भी तोड़ दिया है।
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धामी मॉडल ने तोड़ी सत्ता परिवर्तन की पुरानी परिपाटी
उत्तराखंड की राजनीति में वर्षों से एक अनकही परंपरा चली आ रही थी कार्यकाल का अंतिम वर्ष आते-आते, विशेषकर मार्च के आसपास, नेतृत्व परिवर्तन लगभग तय मान लिया जाता था। ये एक तरह से राजनीतिक अस्थिरता का प्रतीक बन चुकी थी। लेकिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस स्थापित धारणा को न केवल चुनौती दी, बल्कि उसे निर्णायक रूप से ध्वस्त कर दिया।
मार्च महीने को लेकर स्थापित धारणा को किया धवस्त
धामी के नेतृत्व में पहली बार भाजपा ने उत्तराखंड में मुख्यमंत्री को रिपीट कर स्थिरता का संदेश दिया था और अब पांचवें वर्ष में मंत्रिमंडल विस्तार कर यह स्पष्ट कर दिया गया है कि यह सरकार परंपरागत राजनीति से अलग, आत्मविश्वास और प्रदर्शन की राजनीति पर चल रही है। जहां विरोधी दल यह अनुमान लगा रहे थे कि इतिहास खुद को दोहराएगा और धामी को भी बदला जाएगा, वहीं धामी ने एक सधे हुए राजनीतिक कौशल के साथ पूरा परिदृश्य ही बदल दिया।

इस महत्वपूर्ण मंत्रिमंडल विस्तार के साथ सरकार ने क्षेत्रीय और राजनीतिक संतुलन को भी साधने का प्रयास किया है। शपथ लेने वाले जनप्रतिनिधियों में भीमताल से विधायक राम सिंह कैड़ा, राजपुर रोड (देहरादून) से खजान दास, रुड़की से प्रदीप बत्रा, रुद्रप्रयाग से भरत सिंह चौधरी तथा हरिद्वार से मदन कौशिक शामिल हैं। इन नेताओं का अनुभव, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और संगठनात्मक पकड़ न केवल मंत्रिमंडल को और सशक्त बनाएगी, बल्कि धामी सरकार की विकासात्मक प्राथमिकताओं को भी नई गति प्रदान करेगी।
मंत्रिमंडल विस्तार सशक्त राजनीतिक संदेश
ये मंत्रिमंडल विस्तार केवल एक प्रशासनिक कवायद नहीं, बल्कि एक सशक्त राजनीतिक संदेश है नेतृत्व में विश्वास, संगठन में संतुलन और भविष्य की स्पष्ट रणनीति। धामी ने यह दिखाया है कि वे परिस्थितियों के शिकार नहीं बल्कि उन्हें अपने पक्ष में मोड़ने वाले नेतृत्वकर्ता हैं।

सबसे महत्वपूर्ण पहलू ये है कि धामी ने न केवल प्रदेश में अपनी पकड़ मजबूत की है बल्कि केंद्रीय नेतृत्व का भी पूर्ण विश्वास अर्जित किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर गृह मंत्री अमित शाह और शीर्ष संगठन तक, जिस प्रकार धामी को निरंतर समर्थन मिला है, वह उनकी विश्वसनीयता और कार्यक्षमता का प्रमाण है।
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