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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भारामल मंदिर पहुंचकर की पूजा-अर्चना, भंडारे में स्वयं की सेवा, सादगी के साथ जमीन पर बैठकर प्रसाद किया ग्रहण।

खटीमा – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को दोपहर बाद सुरई वन क्षेत्र के दूरस्थ जंगल के बीच स्थित भारामल मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की। उन्होंने देश, प्रदेश के साथ ही स्थानीय जनता की सुख, समृद्धि व खुशहाली की कामना की।

भारामल मंदिर में आयोजित अखंड रामायण पाठ के समापन कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री धामी ने मंदिर परिसर में संधु-संतों का आशीर्वाद लिया। इसके बाद मन्दिर में चल रहे भंडारे में पूरी सादगी से जनता के साथ जमीन पर बैठकर प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे में स्वयं भी जन सेवा करते हुए जनता को प्रसाद बांटा। श्रद्धालुओं ने भी मुख्यमंत्री के साथ खूब सेल्फी खींची। बता दें कि भारामल मंदिर परिसर को धार्मिक पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित करने के लिए प्रयासरत है। पूर्व में डीएम ने इसकी तैयारियों को लेकर निरीक्षण भी किया था। वहां भाजपा प्रदेश मंत्री विकास शर्मा, मनोज वाधवा, रवि सक्सेना आदि थे।
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महेंद्र भट्ट के एक बयान से मचा बवाल!, कांग्रेस और बेरोजगार संघ ने खोला मोर्चा…

Uttarakhand Politics : केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद उत्तराखंड की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। बेरोजगार संघ ने भी इस बयान के बाद मोर्चा खोल दिया है।
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महेंद्र भट्ट के एक बयान से मचा बवाल!
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट की प्रतिक्रिया में इस्तेमाल किए गए एक कथित शब्द को लेकर कांग्रेस और उत्तराखंड बेरोजगार संघ ने तीखी नाराजगी जाहिर की है। दोनों संगठनों ने इसे छात्रों और युवाओं का अपमान बताते हुए सार्वजनिक माफी की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि अगर जल्द स्पष्टीकरण या माफी नहीं दी गई तो प्रदेशभर में आंदोलन तेज किया जाएगा।
कांग्रेस और बेरोजगार संघ ने खोला मोर्चा
पेपर लीक प्रकरण और युवाओं के लंबे आंदोलन के बाद केंद्रीय स्तर पर हुए राजनीतिक घटनाक्रम के बीच महेंद्र भट्ट का बयान चर्चा का विषय बन गया है। विपक्ष का आरोप है कि उनकी टिप्पणी से उन छात्रों और अभ्यर्थियों की भावनाएं आहत हुई हैं, जो लंबे समय से पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और निष्पक्ष परीक्षाओं की मांग कर रहे थे।

कांग्रेस ने इस मुद्दे पर भाजपा को घेरा
कांग्रेस ने इस मुद्दे पर भाजपा को घेरते हुए कहा कि आंदोलन कर रहे युवाओं के लिए इस तरह की भाषा का इस्तेमाल दुर्भाग्यपूर्ण है। पार्टी नेताओं का कहना है कि जिन छात्रों ने अपने भविष्य और रोजगार से जुड़े मुद्दों को लेकर लगातार संघर्ष किया, उनके प्रति सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए।
कांग्रेस प्रवक्ता प्रतिमा सिंह ने कहा कि लाखों युवाओं की आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उनके अनुसार, छात्रों के आंदोलन और जनदबाव के बाद ही केंद्र सरकार को महत्वपूर्ण निर्णय लेने पड़े। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की टिप्पणी करोड़ों छात्रों और युवाओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली है।
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नहीं रहे कांग्रेस के दिग्गज नेता हीरा सिंह बिष्ट, राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर

Hira Singh Bisht : उत्तराखंड की राजनीति से एक दुखद खबर सामने आई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्य के पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह बिष्ट का आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं, समर्थकों और राजनीतिक जगत में शोक की लहर फैल गई।
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नहीं रहे कांग्रेस के दिग्गज नेता हीरा सिंह बिष्ट
कांग्रेस के दिग्गज नेता हीरा सिंह बिष्ट का देर रात निधन हो गया। मिली जानकारी के मुताबिक हीरा सिंह बिष्ट पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थे। देर रात करीब डेढ़ बजे उन्हें अचानक सीने में दर्द की शिकायत हुई। इसके बाद परिजन उन्हें देहरादून के ईस्ट कैनाल रोड स्थित एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके और उन्होंने अंतिम सांस ली।
राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर
हीरा सिंह बिष्ट का राजनीतिक जीवन लंबे अनुभव और जनसेवा के लिए जाना जाता है। उन्होंने श्रमिकों, गरीबों और मलिन बस्तियों में रहने वाले लोगों के अधिकारों के लिए लगातार संघर्ष किया और विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाई। उनके सरल स्वभाव और जनसंपर्क के कारण उन्हें जनता के बीच एक लोकप्रिय नेता माना जाता था।

एन.डी. तिवारी सरकार में रहे थे कैबिनेट मंत्री
अपने राजनीतिक सफर के दौरान उन्होंने उत्तराखंड की तत्कालीन एन.डी. तिवारी सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में भी जिम्मेदारियां निभाईं। परिवहन, श्रम और तकनीकी शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विभागों का संचालन करते हुए उन्होंने कई प्रशासनिक और जनहित से जुड़े कार्य किए।
उनके निधन को उत्तराखंड की राजनीति के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक संगठनों और समर्थकों ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है।
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ग्राम पंचायतों में उप प्रधान चुनाव के लिए मतदान जारी, आज शाम ही 4 बजे से होगी मतगणना

Uttarakhand Politics : उत्तराखंड में हरिद्वार जिले को छोड़कर शेष सभी जिलों की ग्राम पंचायतों में उप प्रधान के 7,466 पदों के लिए आज मतदान हो रहा है। राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए पूरे इंतजाम किए हैं।
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ग्राम पंचायतों में उप प्रधान चुनाव के लिए मतदान जारी
प्रदेश में ग्राम पंचायतों में उप प्रधान चुनाव के लिए मतदान जारी है। बता दें कि उप प्रधान के लिए मतदान दोपहर 1:30 बजे से 3:30 बजे तक होगा। जबकि मतदान समाप्त होने के तुरंत बाद शाम 4 बजे से मतगणना शुरू होगी। दोपहर डेढ़ बजे से मतदान शुरू हो गया है जो कि अभी जारी है।

आज ही चुनाव परिणाम आज ही किए जाएंगे घोषित
चुनाव आयोग के अनुसार मतों की गिनती पूरी होने के बाद आज ही चुनाव परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे। जिससे सभी ग्राम पंचायतों में उप प्रधान पदों पर निर्वाचित प्रतिनिधियों की तस्वीर साफ हो जाएगी।
मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम
चुनाव प्रक्रिया को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए मतदान केंद्रों पर सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की गई हैं। निर्वाचन आयोग ने सभी संबंधित अधिकारियों को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से मतदान और मतगणना संपन्न कराने के निर्देश दिए हैं।
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