Dehradun
सीएम धामी ने आंचल ब्राण्ड के तहत आंचल शहद एवं आंचल इनामी योजना का किया शुभारम्भ, लाभार्थियों को दिए चेक।

मुख्यमंत्री ने राज्य पशुधन मिशन योजनान्तर्गत लाभार्थियों को किए चेक वितरित।
मुख्यमंत्री ने आंचल ब्राण्ड के तहत आंचल शहद एवं आंचल इनामी योजना का किया शुभारम्भ।
मुख्यमंत्री ने दुग्ध उत्पादको हेतु दुग्ध दरों में एक रूपये प्रति लीटर की बढ़ोत्तरी करने कि घोषणा की।
भराड़ीसैंण में बद्री गाय ट्रेनिंग सेण्टर खोला जायेगा: मुख्यमंत्री।
राज्य सरकार पशुपालकों के कल्याण और उत्थान के लिए है प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री।
देहरादून – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सर्वे ऑफ इण्डिया स्टेडियम, हाथीबड़कला, देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए राज्य पशुधन मिशन योजनान्तर्गत लाभार्थियों को चेक वितरण किए। उन्होंने आंचल ब्राण्ड के तहत आंचल शहद एवं आंचल इनामी योजना का भी शुभारम्भ किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर भराड़ीसैंण में बद्री गाय ट्रेनिंग सेण्टर खोले जाने एवं दुग्ध उत्पादको हेतु दुग्ध दरों में एक रूपये प्रति लीटर की बढ़ोत्तरी करने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि किसान और पशुपालक देश, राज्य के विकास की नींव होते हैं। राज्य सरकार पशुपालकों के कल्याण और उत्थान के लिए प्रतिबद्ध होकर काम कर रही है। किसानों और पशुपालकों की आय में बढ़ोतरी करने और स्वरोजगार के अवसर सृजित करने के उद्देश्य से राज्य पशुधन मिशन योजना शुरु की है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार अंत्योदय के सिद्धांत पर कार्य कर रही है साथ ही अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचकर उनका उत्थान एवं सशक्तिकरण सुनिश्चित करने को संकल्पित हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने अगले दो वर्ष में दुधारू पशुओं, खच्चर, भेड़-बकरी, सूकर और मुर्गी पालन की लगभग 4500 इकाईयों की स्थापना हेतु ऋण उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह योजना सुदूर पर्वतीय क्षेत्रों में पारिवारिक पोषण और आजीविका को सुरक्षित बनाने के साथ ही पलायन को रोकने में भी मील का पत्थर साबित हुई है। छोटे स्तर पर पशुपालन करने वाले किसानो की समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने कई अभूतपूर्व योजनाएं शुरु की हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पहली बार गोट वैली योजना संचालित की जा रही है जिसके जरिए लगभग 1500 लाभार्थियों को एन०सी०डी०सी० के ऋण सहित लगभग 17 हजार से अधिक बकरियाँ वितरित की गई हैं।पोल्ट्री वैली तथा ब्रायलर फार्म की स्थापना करते हुए राज्य के कुक्कुट पालकों को कुक्कुट पालन व्यवसाय हेतु प्रोत्साहित किया जा रहा है। जिसके तहत 10 जिलों में 4000 कुक्कुट पालकों को लाभान्वित किया जा चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार भी किसानों और पशुपालकों को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। देश में पहली बार “नेशनल डिजिटल लाईवस्टेक मिशन योजना” उत्तराखण्ड से प्रारम्भ की है। वर्तमान में राज्य के 95 प्रतिशत पशुधन को UID नम्बर प्रदान कर भारत पशुधन ऐप के माध्यम से पंजीकरण कर लिया गया है। केंद्र सरकार की सहायता से 60 मोबाईल वेटनरी यूनिटों के माध्यम से पशुपालकों के द्वार पर पशुचिकित्सा, टीकाकरण, रोग परीक्षण आदि सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। अब तक सवा लाख से अधिक पशुओं की चिकित्सा मोबाईल वेटनरी यूनिट के माध्यम से सम्पादित की जा चुकी हैं और 60 पशुचिकित्सकों के साथ-साथ 120 अन्य लोगों को रोजगार भी उपलब्ध कराया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इस वर्ष 35 और मोबाईल वेटनरी यूनिट स्थापित कर राज्य के सभी 95 विकासखण्डों में पशुचिकित्सा एवं पशु प्रजनन सेवायें सुनिश्चित करेंगे। केंद्र सरकार द्वारा संचालित “राष्ट्रीय गोकुल मिशन” योजना के तहत देहरादून में स्वदेशी गोवंशीय प्रजातियों हेतु प्रथम बार भ्रूण प्रत्यारोपण उत्कृष्ठता केन्द्र स्थापित किया गया है।
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कार्यक्रम में पशुपालन के महत्त्व पर प्रकाश ड़ालते हुए कहा कि बिना पशुपालन के क़ृषि की कल्पना नहीं की जा सकती है तथा जैविक खेती का मूल आधार भी पशुपालन ही है। उन्होंने सरकार की उपलब्ध्यिं का जिक्र करते हुये कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में विभिन्न विभागों में पांच हजार से अधिक नियुक्तियां की गयी हैं, नकल विरोधी कानून को सख्ती से लागू किया गया है तथा 100 करोड़ की लागत से सैन्यधाम बनकर लगभग तैयार हो गया है।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुये पशुपालन, दुग्ध विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा कि हमने जितनी भी नीतियां पशु पालन विभाग से सम्बन्धित मुख्यमंत्री के सामने प्रस्तुत कीं, उन्हें उन्होंने सहर्ष स्वीकार किया। जिसके परिणामस्वरूप आठ नई नीतियां बनाई गयीं, उन्होंने कहा कि हमने प्रदेश में पहली बार लाइव स्टॉक मिशन की स्थापना की, जिसके तहत 1800 आवेदन प्राप्त हुये, जिनमें से 185 आवेदनों के लिये चार करोड़ आठ लाख की धनराशि स्वीकृत की गयी तथा हमारा प्रयास है कि जितने भी आवेदन आये हैं, उन्हें भी इसके तहत लाभान्वित किया जाये। उन्होंने कहा मूल रूप में पशुधन राज्य की आर्थिकी में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
इस अवसर पर गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष राजेन्द्र अंथवाल, अध्यक्ष ग्रामीण बैंक हरिहर पटनायक, निदेशक पशुपालन नीरज सिंघल, अपर निदेशक पी.एस भण्डारी, नीरज बोरा, लाभार्थीगण सहित सम्बन्धित पदाधिकारी एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।
Breakingnews
धामी कैबिनेट में 15 प्रस्तावों पर मुहर, मजदूरों, युवाओं और गौपालकों के लिए गए बड़े फैसले

Dhami Cabinet Decisions : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में हुई कैबिनेट बैठक में 15 प्रस्तावों पर फैसला लिया गया। बैठक में स्वास्थ्य, कार्मिक, कौशल विकास, परिवहन समेत कई विभागों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
Table of Contents
धामी कैबिनेट में 15 प्रस्तावों पर मुहर
आज हुई कैबिनेट की बैठक में 15 प्रस्तावों पर मुहर लगी है। कैबिनेट ने गोपालन योजना में सामान्य वर्ग को भी शामिल करने का निर्णय लिया है। पात्र लोगों को सब्सिडी मिलेगी और वे गाय या भैंस खरीद सकेंगे।
श्रमिकों के लिए बड़ा फैसला
- कैबिनेट ने उत्तराखंड मजदूरी संहिता नियमावली को मंजूरी दी। इसके तहत श्रमिकों को हर महीने की 7 तारीख तक वेतन देना होगा। पुरुष और महिला कर्मचारियों को समान काम के लिए समान मजदूरी का प्रावधान भी किया गया है।

पढ़े धामी कैबिनेट के प्रमुख फैसले
- GST संशोधित अध्यादेश को मंजूरी।
- नैनीताल हाईकोर्ट के लिए हल्द्वानी गौलापार में 30 हेक्टेयर जमीन देने का फैसला।
- राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय हल्द्वानी के लिए 122 पदों के सृजन को मंजूरी।
- जल जीवन मिशन में केंद्र की गाइडलाइंस लागू होंगी।
- कुष्ठ रोग से पीड़ित व्यक्ति भी सहकारी समिति का सदस्य बन सकेगा।
- मेरठ से हरिद्वार तक गंगा एक्सप्रेसवे विस्तार के लिए यूपी से समझौता होगा।
वन विकास निगम की सेवा नियमावली में संशोधन
- औद्योगिक नियमावली को मंजूरी, श्रमिक शिकायतों के त्वरित समाधान पर जोर।
- छंटनी किए गए कर्मचारियों को दोबारा अवसर देने का प्रावधान।
- वन विकास निगम की सेवा नियमावली में संशोधन, स्केलर पद के लिए 100 अंकों की परीक्षा होगी।
- ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए जड़ी-बूटियों से जुड़ी उच्चाधिकार प्राप्त समिति में संशोधन किया जा सकेगा।
Dehradun
मसूरी में बारिश के बीच पहाड़ी से गिरे बोल्डर, सरकारी आवास को भारी नुकसान

Mussoorie News : मसूरी में लगातार हो रही बारिश के बीच गनहिल की पहाड़ी से बोल्डर गिरने से कचहरी परिसर स्थित सरकारी आवासों पर खतरा बढ़ गया है। बोल्डरों की चपेट में आने से एक कमरे का बड़ा हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि दूसरे कमरे की दीवार भी दोबारा ढह गई। भवन के अन्य हिस्सों में भी दरारें आने की सूचना है।
Table of Contents
मसूरी में बारिश के बीच पहाड़ी से गिरे बोल्डर
मसूरी में लगातार हो रही बारिश के कारण गनहिल की पहाड़ी से बोल्डर गिरने के कारण हड़कंप मच गया। कचहरी परिसर स्थित सरकारी आवासों पर बोल्डर गिरने के कारण खतरा बढ़ गया है। घटना के बाद सरकारी आवास में रहने वाले परिवारों में डर का माहौल है। बताया जा रहा है कि बुधवार से पहाड़ी से रुक-रुककर बोल्डर गिर रहे हैं, जिसके चलते खतरा लगातार बना हुआ है।
पांच परिवारों ने एसडीएम कार्यालय में बिताई रात
खतरे को देखते हुए सरकारी आवास में रहने वाले पांच परिवारों को रात सुरक्षित स्थान पर गुजारनी पड़ी। सभी परिवारों ने पूरी रात एसडीएम कार्यालय के एक हॉल में रहकर बिताई। प्रभावित लोगों का कहना है कि पहाड़ी से बोल्डर गिरने का सिलसिला थम नहीं रहा है और ऐसे में किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।

कचहरी कर्मचारी गोविंद सिंह नेगी के मुताबिक, जिस सरकारी आवास में पांच परिवार रह रहे हैं, वो फिलहाल पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। बोल्डर गिरने से भवन को काफी नुकसान पहुंचा है और मौजूदा हालात में वहां रहना जोखिम भरा हो गया है।
प्रशासन से तत्काल मदद की मांग
प्रभावित परिवारों ने प्रशासन से मौके का जल्द निरीक्षण कराने और तत्काल सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की है। इसके साथ ही परिवारों के लिए वैकल्पिक आवास की व्यवस्था करने और पहाड़ी से लगातार गिर रहे बोल्डरों के खतरे का स्थायी समाधान निकालने की अपील की गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण मसूरी के कई पहाड़ी क्षेत्र संवेदनशील हो गए हैं। ऐसे में अगर समय रहते सुरक्षा के ठोस इंतजाम नहीं किए गए तो आने वाले दिनों में किसी बड़े हादसे का खतरा बढ़ सकता है।
Dehradun
नारी निकेतन में अब जेल जैसा माहौल नहीं, मिलेगा परिवार जैसा घर!, उत्तराखंड में बन रहा ‘आलंबन गांव’

Uttarakhand News : नारी निकेतन में रहने वाली महिलाओं, किशोरियों और बच्चों के लिए उत्तराखंड सरकार एक बड़ी और संवेदनशील पहल करने जा रही है। अब नारी निकेतन में रहने वाली महिलाओं और बच्चों को जेल जैसी बंदिशों का एहसास नहीं होगा, बल्कि उन्हें परिवार जैसा माहौल देने की तैयारी की जा रही है।
Table of Contents
नारी निकेतन में अब जेल जैसा माहौल नहीं, मिलेगा परिवार जैसा घर!
महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की ओर से इसके लिए ‘आलंबन गांव’ विकसित करने की योजना तैयार की जा रही है। इस योजना का उद्देश्य नारी निकेतन में रहने वाली महिलाओं और बच्चों को सुरक्षित माहौल के साथ-साथ घर जैसा अपनापन और स्वतंत्रता देना है।
उत्तराखंड में बन रहा ‘आलंबन गांव’
महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के निदेशक आईएएस बंशीलाल राणा के मुताबिक, नारी निकेतन में आने वाली कई महिलाएं और बच्चे खुद को एक बंद संस्थान या जेल जैसी जगह पर महसूस करते हैं। यही वजह है कि कई बार बच्चे वहां से निकलने या भागने की कोशिश तक करने लगते हैं।
इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए विभाग अब ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की दिशा में काम कर रहा है, जहां रहने वाले लोगों को संस्थागत माहौल के बजाय परिवार जैसा वातावरण मिल सके।
16 घरों में मिलेगा परिवार जैसा माहौल
प्रस्तावित आलंबन गांव में कॉटेज और छोटे घर विकसित किए जाएंगे। यहां एक परिवार की तर्ज पर लोगों को रखा जाएगा। योजना के मुताबिक, एक यूनिट में करीब दो महिलाएं, चार बच्चे और एक किशोरी को शामिल किया जाएगा। इस तरह उन्हें एक परिवार की तरह साथ रहने का अवसर मिलेगा।
हर यूनिट में अलग किचन जैसी सुविधाएं भी होंगी, ताकि वहां रहने वाली महिलाओं और बच्चों को रोजमर्रा के जीवन में ज्यादा स्वतंत्रता और जिम्मेदारी का अनुभव हो सके। प्रस्तावित परिसर में कुल 16 घर विकसित किए जाएंगे, जिनमें करीब 88 लोगों के रहने की व्यवस्था होगी।

जेल नहीं, रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स जैसा होगा माहौल
आलंबन गांव की सबसे खास बात यही होगी कि यहां रहने वाली महिलाओं और बच्चों को यह महसूस न हो कि वे किसी जेल या बंद संस्थान में रह रहे हैं। इसके बजाय पूरा परिसर एक रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स की तरह विकसित किया जाएगा, जहां सुरक्षा के साथ रहने, पढ़ाई, दैनिक जीवन और सामाजिक विकास से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
परिसर को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की योजना है। यहां आंगनबाड़ी केंद्र भी खोले जाएंगे। जरूरत पड़ने पर प्राथमिक विद्यालय की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा सकती है। इस पहल का मकसद सिर्फ महिलाओं और बच्चों को रहने की जगह देना नहीं, बल्कि उन्हें ऐसा वातावरण उपलब्ध कराना है, जहां वे खुद को सुरक्षित, सम्मानित और परिवार का हिस्सा महसूस कर सकें।
5 एकड़ जमीन की हो रही है तलाश
आलंबन गांव विकसित करने के लिए करीब 5 एकड़ जमीन की आवश्यकता बताई गई है। विभाग की पहली प्राथमिकता देहरादून जिले या उसके आसपास जमीन तलाशने की थी, लेकिन फिलहाल उपयुक्त जमीन उपलब्ध नहीं हो पाई है। अब विभाग की ओर से हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों में जमीन की तलाश की जा रही है। अधिकारियों को उम्मीद है कि हरिद्वार में इसके लिए उपयुक्त जमीन मिल सकती है।
इसके अलावा उत्तरकाशी जिले के चिन्यालीसौड़ में भी एक जमीन को लेकर संभावनाएं देखी जा रही हैं। विभाग यह जांच कर रहा है कि वहां की जमीन और परिस्थितियां आलंबन गांव के निर्माण के लिए उपयुक्त हैं या नहीं।
महिलाओं और बच्चों को मिलेगा नया जीवन
आलंबन गांव की यह योजना सिर्फ एक नया भवन या परिसर तैयार करने की कवायद नहीं है, बल्कि नारी निकेतन में रहने वाली महिलाओं और बच्चों के प्रति सोच में बदलाव की कोशिश भी है।
अगर यह योजना धरातल पर उतरती है तो संस्थागत जीवन की जगह उन्हें परिवार जैसा माहौल, बेहतर स्वतंत्रता और सामाजिक वातावरण मिल सकेगा। इससे बच्चों और महिलाओं के मानसिक और सामाजिक विकास में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
Cricket12 hours agoLNS vs BPH Dream11 Prediction Match 28: The Hundred 2026 (9 Aug)
Udham Singh Nagar8 hours agoखटीमा रेलवे स्टेशन के पास दो शव मिलने से हड़कंप, पुलिस मामले की जांच में जुटी
big news10 hours agoउत्तराखंड में 10 हजार युवाओं के लिए नौकरी का मौका, जानिए कब और कहां लगेंगे रोजगार मेले ?
uttarakhand weather10 hours agoउत्तराखंड में बारिश का कहर जारी, 11 अगस्त तक कई जिलों में अलर्ट, देखें पूरी रिपोर्ट
Haldwani8 hours agoहल्द्वानी की रेणु धरियाल ने रचा इतिहास, 8 फीट 10 इंच लंबे बालों से बनाया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड
Haridwar5 hours agoहरिद्वार में गंगा स्नान के दौरान हादसा, तेज बहाव में बहा कांवड़िया, तलाश जारी
Cricket58 minutes agoTRT-W vs SOB-W Dream11 Prediction Match 29: Pitch Report, Playing 11, Fantasy Tips
Cricket1 hour agoIRE vs AFG Dream11 Prediction 3rd ODI 2026: Match Preview, Pitch Report, Probable Playing XI, and Fantasy Cricket Tips










































