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CM धामी ने पौड़ी में किया 102 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण, शहीदों को दी श्रद्धांजलि

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को राजकीय इंटर कॉलेज रिखणीखाल, पौड़ी गढ़वाल में आयोजित शहीद स्मरण समारोह में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कुल 102.82 करोड़ रुपये की लागत से 11 विभिन्न विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इनमें 56.58 करोड़ रुपये की लागत की 06 योजनाओं का लोकार्पण तथा 46.24 करोड़ रुपये की लागत की 05 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने राजकीय इंटर कॉलेज रिखणीखाल का नाम गुणानंद के नाम पर रखने, विकासखंड रिखणीखाल में दलमोटा से बल्ली तक का मिलान कार्य करने, विकास खण्ड रिखणीखाल में प्रेक्षागृह का निर्माण करने, विकास खण्ड रिखणीखाल में लो०नि०वि० अतिथि गृह व हैलीपैड निर्माण कार्य, विकास खण्ड जयहरीखाल में न्याय पंचायत मेरूड़ा में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र की स्थापना, विकास खण्ड रिखणीखाल के मंदाल नदी से नौदानू में पम्पिंग योजना निर्माण, विकास खण्ड जयहरीखाल में पशु सेवा केन्द्र सिलवाड़, जयहरीखाल पशु चिकित्सालय का उच्चीकरण एवं पशु सेवा केन्द्र ढौंटियाल पशुधन प्रसार अधिकारी पद सहित ग्राम सत्तीचौड़ में स्थापना करने, विधान सभा लैन्सडौन के अन्तर्गत विकास खण्ड रिखणीखाल में मन्दाल नदी पर बाढ सुरक्षा कार्य, विकास खण्ड रिखणीखाल में चौलूडांडा पम्पिंग योजना निर्माण, विकास खण्ड नैनीडांडा के भौन में पम्पिंग योजना का निर्माण, विकास खण्ड नैनीडांडा के अन्तर्गत दिगोलीखाल पम्पिंग योजना का निर्माण, विकासखंड द्वारीखाल में सिमडी कंडली मोटर मार्ग के प्रथम बैंड से सेरा फरसैंगाल तक मोटर मार्ग का निर्माण, विकासखंड रिखणीखाल में कठवाडा खनसुली खनेताखाल मोटर मार्ग से ढाबखाल बुलेखा मोटर मार्ग तक मिलान कार्य, विकास खण्ड रिखणीखाल में लेकुल नाड़ मज्याड़ी मोटरमार्ग का निर्माण कार्य, रिखणीखाल कोटडीसैंण के समीप ग्राम पैयागड़ी रजवी मल्ला विटे मोटर मार्ग का निर्माण, विकासखण्ड रिखणीखाल में किल्यौखाल से सुन्द्रोली तक मोटर मार्ग का निर्माण कार्य, विकास खण्ड रिखणीखाल में नावे तल्ली में भाग दो का कार्य, देवियोखाल बाजार से मैवणी तक सम्पर्क मार्ग का चौड़ीकरण एवं सुधार कार्य, विकासखंड रिखणीखाल के अंतर्गत पाणीसैंण डबराड़ बूथानगर मोटर मार्ग का निर्माण, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र रिखणीखाल में डॉक्टरों नियुक्ति तथा विकासखंड रिखणीखाल के अंतर्गत अमर शहीदों के नाम पर स्थानीय मोटर मार्गों के नाम करने की घोषणाएं की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने स्टॉल में जाकर ओखली में धान की कुटाई की साथ ही सिलबट्टे पर चटनी पीसने और मट्ठा बिलोने की गतिविधियों में सहभागिता की। उन्होंने स्थानीय उत्पादों की जानकारी ली और कहा कि आज देश-दुनिया में पहाड़ी उत्पादों की मांग निरंतर बढ़ रही है। उन्होंने स्थानीय लोगों से स्वरोजगार अपनाकर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम से पहले, मुख्यमंत्री ने आर्मी बैंड का अवलोकन किया और मधुर धुन प्रस्तुत करने के लिए बैंड के सदस्यों का उत्साहवर्धन किया। तत्पश्चात मुख्यमंत्री सहित उपस्थित जनसमूह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मन की बात कार्यक्रम को सुना। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अवसर केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सभी शहीदों को सामूहिक श्रद्धांजलि देने का क्षण है। उत्तराखंड के वीर सैनिकों ने सदैव भारत माता को गर्वित किया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में लगभग हर घर का कोई न कोई सदस्य सैन्य पृष्ठभूमि से जुड़ा है। राज्य सरकार सैनिकों एवं उनके परिजनों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीदों के परिजनों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि को रूपए 10 लाख से बढ़ाकर रुपए 50 लाख कर दिया गया है। साथ ही परमवीर चक्र तथा अन्य पुरस्कार विजेताओं की पुरस्कार राशि में अभूतपूर्व वृद्धि की गयी है। उन्होंने कहा कि शहीदों के अंतिम संस्कार हेतु 10 हजार की सहायता राशि दी जा रही है। सैनिकों को भूमि खरीद पर लगने वाली स्टांप ड्यूटी के रूप में 25 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है। शहीदों के परिजनों को सरकारी सेवा में संयोजन के तहत 28 परिजनों को नियुक्ति प्रदान की जा चुकी है तथा 13 मामलों की प्रक्रिया प्रचलित है। पूर्व में नौकरी के लिए आवेदन हेतु 02 वर्ष का समय सीमा थी, जिसे बढ़ाकर 05 वर्ष कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा वन रैंक वन पेंशन, आधुनिक उपकरण, जैकेट व जूते जैसी सुविधाएँ सैनिकों को उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि देहरादून में बन रहे भव्य सैन्य धाम का शीघ्र ही लोकार्पण किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने पौड़ी जनपद में हो रहे विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए बताया कि कंडोलिया में 100 मीटर ऊंचा झंडा व पूर्व सीडीएस बिपिन रावत पार्क का निर्माण हो चुका है तथा पौराणिक चारधाम पैदल मार्ग पुनः संचालन, ट्राइडेंट पार्क, पूर्व कलेक्ट्रेट भवन का हेरिटेज निर्माण, सतपुली झील निर्माण तथा धारी देवी पैदल मार्ग पुनः निर्माण कार्य प्रगति पर हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार क्षेत्रवाद और जातिवाद से ऊपर उठकर विकास के लिए कार्य कर रही है। सरकार ने दंगा विरोधी कानून, समान नागरिक संहिता (यूसीसी), ऑपरेशन कालनेमि और नकल विरोधी कानून जैसे ऐतिहासिक कदम उठाए हैं, जिससे राज्य में सुशासन की स्थापना हो रही है।

विधायक महंत दिलीप रावत ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि देहरादून में बन रहे भव्य सैन्य धाम से राज्य का गौरव बढ़ा है। शहीदों के आंगन की पावन मिट्टी सैन्य धाम के लिए ले जाने हेतु उन्होंने मुख्यमंत्री को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा नकल विरोधी कानून, समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने एवं रोजगार सृजन के क्षेत्र में किए जा रहे उत्कृष्ट कार्य सराहनीय हैं। उन्होंने कहा कि रिखणीखाल जैसी वीर भूमि से हमें सदैव प्रेरणा मिलती है। उन्होंने शहीदों, वीर नारियों, गौरव सेनानियों एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों का हार्दिक अभिनंदन किया।
कार्यक्रम में एडम बटालियन कमांडर कर्नल मंजुल कफल्टिया ने कहा कि भारतीय सेना सदैव शहीदों के परिजनों के साथ खड़ी है। उन्होंने अपील की कि किसी भी समस्या के समाधान हेतु परिजन गढ़वाल राइफल्स केंद्र, लैंसडाउन से संपर्क कर सकते हैं।
इस अवसर पर उपाध्यक्ष गौ सेवा आयोग पं. राजेंद्र अण्थवाल, जिला पंचायत सदस्य अनूप पटवाल, ब्लॉक प्रमुख रिखणीखाल रेणु रावत, प्रमुख जयहरीखाल रणवीर सजवाण, जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह एवं अन्य लोग मौजूद रहे।
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उत्तराखंड में यहां चाय की दुकान के पास खड़े दो लोगों पर गिरा पेड़, एक की दर्दनाक मौत

Kotdwar News : कोटद्वार में तेज अंधड़ के बीच अचानक एक विशाल पेड़ भरभराकर गिरा और दोनों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दूसरा जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा है।
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कोटद्वार में चाय की दुकान के पास खड़े दो लोगों पर गिरा पेड़
भाबर के जशोधरपुर औद्योगिक क्षेत्र में शुक्रवार सुबह तेज अंधड़ के चलते बड़ा हादसा हो गया। यहां बारिश से बचने के लिए चाय की दुकान के पास खड़े दो लोग अचानक विशाल पेड़ गिरने से उसकी चपेट में आ गए। हादसे में हल्दूखाता निवासी 55 वर्षीय विक्रम उर्फ खटमल पुत्र छज्जू सिंह की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि किशनपुर निवासी 45 वर्षीय दलीप पुत्र शिवराज सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया।
हादसे में एक की दर्दनाक मौत
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोनों लोग बारिश से बचने के लिए चाय की दुकान के पास खड़े थे। इसी दौरान अचानक तेज अंधड़ आया और विशाल पेड़ उनके ऊपर गिर गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

एक युवक की हालत गंभीर
हादसे की सूचना मिलते ही एसआई राजा राम डोभाल और एसएसआई शशि भूषण जोशी के नेतृत्व में कलालघाटी पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। राहत एवं बचाव अभियान चलाकर घायल दलीप को पेड़ के नीचे से बाहर निकाला गया। इसके बाद उसे उपचार के लिए बेस अस्पताल कोटद्वार ले जाया गया। उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
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कोटद्वार-पौड़ी हाईवे पर भदालीखाल के पास खाई में गिरी बस, मौके पर मची चीख-पुकार

Pauri News : कोटद्वार-पौड़ी हाईवे पर भदालीखाल के पास बस अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी। जिस से बस में सवार यात्रियों में चीख-पुकार मच गई।
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कोटद्वार-पौड़ी हाईवे पर भदालीखाल के पास खाई में गिरी बस
कोटद्वार से पौड़ी-श्रीनगर जा रही गढ़वाल मोटर ओनर्स यूनियन (जीएमओयू) की एक बस बुधवार को भदालीखाल के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई। करीब 30 यात्रियों को लेकर जा रही बस अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे खाई में जा गिरी। हालांकि, बस एक पेड़ से टकराकर रुक गई, जिससे बड़ा हादसा होने से बच गया। सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हादसे में एक-दो यात्रियों को हल्की चोटें आने की सूचना है।
अचानक बस का प्रेशर पाइप फटने से हुआ हादसा
मिली जानकारी के मुताबिक जीएमओयू की हिमगिरी बस बुधवार दोपहर करीब एक बजे कोटद्वार से पौड़ी-श्रीनगर के लिए रवाना हुई थी। बस का संचालन कोटद्वार निवासी अशोक ममगाईं कर रहे थे। चालक के मुताबिक, बस में करीब 30 यात्री सवार थे।

दुगड्डा से आगे गुमखाल के बीच भदालीखाल के पास अचानक बस का प्रेशर पाइप फट गया। इसके चलते बस आगे नहीं बढ़ पाई। सड़क पर पीछे की ओर ढलान होने के कारण बस पर नियंत्रण नहीं रह सका और वह बाईं तरफ खाई में जा गिरी। इस दौरान बस एक पेड़ से टकराकर रुक गई।
हादसे के बाद यात्रियों में कुछ देर के लिए मची अफरा-तफरी
दुर्घटना की सूचना मिलते ही दुगड्डा और गुमखाल चौकियों के साथ लैंसडौन कोतवाली से पुलिसकर्मी घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने राहत एवं बचाव अभियान चलाकर बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला।
हादसे के बाद यात्रियों में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, बस के पेड़ से टकराकर रुक जाने और सभी यात्रियों के सुरक्षित बाहर निकलने से राहत मिली। शुरुआती जानकारी के अनुसार, किसी यात्री के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है।
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श्रीनगर गढ़वाल में गुलदार का हमला, जंगल में घास काट रही महिला की मौत

Pauri News : पौड़ी जिले में गुलदार के हमले की एक और घटना सामने आई है। श्रीनगर से करीब नौ किलोमीटर दूर खंडाह के पास जंगल में घास काटने गई 48 वर्षीय बीना देवी पर गुलदार ने हमला कर दिया। गुलदार उन्हें घसीटकर ले जाने लगा, तभी साथ मौजूद महिलाओं ने शोर मचाया। शोर सुनकर गुलदार महिला को छोड़कर जंगल की ओर भाग गया, लेकिन तब तक बीना देवी की जान जा चुकी थी।
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श्रीनगर गढ़वाल में गुलदार ने महिला पर किया हमला
घटना शुक्रवार शाम करीब चार बजे बछेली ग्रामसभा के तरुली क्षेत्र की है। बीना देवी गांव की अन्य महिलाओं के साथ जंगल में पशुओं के लिए घास लेने गई थीं। इसी दौरान घात लगाए बैठे गुलदार ने उन पर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले के कारण साथ गई महिलाओं को शुरुआत में इसकी भनक तक नहीं लगी। जब गुलदार बीना देवी को घसीटकर ले जाने लगा, तब महिलाओं ने उसे देखा और शोर मचाना शुरू कर दिया। इसके बाद गुलदार उन्हें छोड़कर भाग गया।
जंगल में घास काट रही महिला की मौत
घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। ग्राम प्रधान कुलदीप गुसाईं के मुताबिक, क्षेत्र में लंबे समय से गुलदार की सक्रियता बनी हुई है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में वन विभाग को पहले भी कई बार सूचना दी गई थी। ग्राम प्रधान ने गुलदार को नरभक्षी घोषित कर उसे मारने के आदेश जारी करने की मांग की है।
वहीं, पौड़ी के डीएफओ महातिम यादव ने बताया कि वन विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंच गई है। क्षेत्र में पिंजरा लगाने और गश्त बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। मामले की जानकारी विभाग के उच्चाधिकारियों को भी दे दी गई है।
गुलदार के हमले के बाद से लोगों में डर का माहौल
खंडाह के आसपास के बछेली, कोटी, भेलगढ़, चमराड़ा, धमाखोली और नयालगढ़ समेत कई इलाकों में गुलदार की सक्रियता से ग्रामीणों में भय बना हुआ है। इससे पहले 20 नवंबर 2025 को कोटी गांव में भी गुलदार के हमले में 65 वर्षीय महिला की मौत हो गई थी। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने क्षेत्र में लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।








































