Dehradun
सीएम धामी ने देहरादून की सड़कों पर झाड़ू लगाकर स्वच्छता के प्रति जन जागरूकता बढ़ाई, देखें तस्वीरें….

देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य स्थापना दिवस के पूर्व दिवस पर राजधानी देहरादून स्थित रेसकोर्स में स्वच्छता अभियान में भाग लिया और झाड़ू लगाकर स्वच्छता का संदेश दिया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने देहरादून नगर निगम के अंतर्गत स्ट्रीट लाइट की शिकायत के लिए एक क्यूआर स्कैनर की शुरुआत भी की। यह क्यूआर स्कैनर देहरादून नगर निगम द्वारा लगाए गए स्ट्रीट लाइट के खंभों पर लगाया जाएगा। जब भी कोई स्ट्रीट लाइट खराब होगी, लोग इस क्यूआर को स्कैन करके शिकायत दर्ज कर सकेंगे, जिससे समस्या का त्वरित समाधान हो सके।

स्वच्छता कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशभर में स्वच्छता और सेवा के कार्यक्रम आज विशेष रूप से आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि राज्य की जनता को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जा सके। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम अल्मोड़ा के मरचूला में हुए बस हादसे में दिवंगत हुए लोगों की स्मृति में आयोजित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने हादसे में मृतकों की आत्मा की शांति की प्रार्थना की और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।

प्रधानमंत्री मोदी के स्वच्छ भारत अभियान का असर
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए स्वच्छ भारत अभियान की सराहना की, जो आज पूरे देश में स्वच्छता के प्रति लोगों में जागरूकता पैदा करने में सफल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की ‘स्वच्छ और स्वस्थ भारत’ की परिकल्पना आज साकार हो रही है और इस अभियान के परिणामस्वरूप राज्य भी स्वच्छता की दिशा में बड़े कदम उठा रहा है।

उत्तराखंड को बनाए स्वच्छ और समृद्ध राज्य
मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड की विशेषताओं को उजागर करते हुए कहा कि देवभूमि उत्तराखंड पर्यटन और तीर्थाटन की दृष्टि से देश के महत्वपूर्ण राज्यों में से एक है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे स्वच्छता को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं और देवभूमि उत्तराखंड को स्वच्छ रखने में सरकार का सहयोग करें।

उत्तराखंड की प्रगति और राज्य की उपलब्धियां
मुख्यमंत्री ने राज्य के विकास की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की बात की और कहा कि उत्तराखंड राज्य आज रजत जयंती वर्ष में प्रवेश कर रहा है। इस दौरान उन्होंने कहा कि पिछले 24 सालों में देवतुल्य जनता के सहयोग से राज्य ने हर क्षेत्र में तेजी से विकास किया है। इस दशक को उत्तराखंड का दशक बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा अल्पकालिक, लघुकालिक और दीर्घकालिक योजनाओं पर काम किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखंड कई क्षेत्रों में देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में शामिल हो चुका है। नीति आयोग द्वारा जारी सतत विकास लक्ष्यों की रैंकिंग में राज्य ने देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इसके अलावा, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में उत्तराखंड को ‘अचीवर्स’ और स्टार्टअप में ‘लीडर’ की श्रेणी मिली है। जीएसडीपी में 33 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और राज्य में बेरोजगारी दर में 4.4 प्रतिशत की कमी आई है, जिससे यह साबित होता है कि उत्तराखंड आज रोजगार के मामले में भी एक अग्रणी राज्य बन चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं के जरिए उत्तराखंड को समृद्ध और स्वच्छ बनाना उनका प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने सभी से अपील की कि वे राज्य सरकार के साथ मिलकर विकास के इस अभियान में भाग लें और उत्तराखंड को हर क्षेत्र में और अधिक सफल और समृद्ध बनाने के लिए योगदान दें।
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दिल्ली से ऋषिकेश घूमने आया युवक नहाते वक्त बहा, तलाश में जुटी एसडीआरएफ

Rishikesh News : ऋषिकेश के मुनिकीरेती थाना क्षेत्र में दर्दनाक हादसा हो गया। यहां नहाने के दौरान नीम बीच पर एक पर्यटक गंगा के तेज बहाव में बह गया। सूचना पर मौके पर पहुंची रेस्क्यू टीम ने युवक की तलाश शुरू कर दी है।
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दिल्ली से ऋषिकेश घूमने आया युवक नहाते वक्त बहा
ऋषिकेश के मुनिकीरेती थाना क्षेत्र में नीम बीच के पास नदी में नहाने के दौरान दिल्ली का एक युवक तेज बहाव की चपेट में आकर बह गया। घटना की जानकारी मिलते ही एसडीआरएफ, आपदा राहत दल, जल पुलिस और स्थानीय पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और युवक की तलाश शुरू कर दी।
तलाश में जुटी एसडीआरएफ टीम
जानकारी के मुताबिक दिल्ली निवासी 20 वर्षीय सौरभ शर्मा अपने एक दोस्त के साथ नीम बीच से आगे घूमने गया था। इसी दौरान दोनों नदी में नहाने लगे। नहाते समय सौरभ अचानक गहरे पानी में चला गया और तेज बहाव के साथ बह गया। इसके बाद से उसका कोई पता नहीं चल सका है।

अब तक नहीं लग सका कोई सुराग
सूचना मिलने पर एसडीआरएफ की टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। नदी में संभावित स्थानों पर डीप डाइविंग उपकरणों के जरिए युवक की तलाश की गई, लेकिन नदी का बहाव तेज होने के कारण अभी तक सौरभ का पता नहीं चल पाया है। फिलहाल एसडीआरएफ और अन्य टीमों का सर्च और रेस्क्यू अभियान जारी है।
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4 साल बाद भी अंकिता को न्याय का इंतजार! सड़कों पर उतरे लोग, VIP की पहचान की मांग

Dehradun News : अंकिता भंडारी हत्याकांड को चार साल पूरे होने पर सामाजिक, राजनीतिक और जन सरोकारों से जुड़े संगठनों ने सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई। अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच के बैनर तले विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने गांधी पार्क में अंकिता भंडारी को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद गांधी पार्क से घंटाघर तक मानव श्रृंखला बनाकर मामले में कथित VIP की पहचान सार्वजनिक करने और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की गई।
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4 साल बाद भी अंकिता को न्याय का इंतजार !
प्रदर्शन में शामिल उत्तराखंड पूर्व सैनिक अर्धसैनिक संयुक्त संगठन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रकाश थपलियाल ने कहा कि चार साल बीतने के बाद भी उत्तराखंड की जनता अंकिता को भूली नहीं है। उन्होंने कहा कि अंकिता के परिवार को अब भी न्याय का इंतजार है।
आज देहरादून में सड़कों पर उतरे लोग
प्रकाश थपलियाल ने आरोप लगाया कि अंकिता ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी और कथित तौर पर VIP को विशेष सेवाएं देने के लिए दबाव बनाए जाने की बात सामने आई थी। उन्होंने मांग की कि इन आरोपों और अंकिता से जुड़े कथित अंतिम बयानों की भी निष्पक्ष तरीके से जांच होनी चाहिए।

VIP की पहचान की मांग
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मामले में जिस VIP का जिक्र लगातार होता रहा है, उससे जुड़े सभी पहलुओं की जांच पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए। यदि जांच में किसी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो कानून के तहत कार्रवाई की मांग भी वक्ताओं ने की।
इस दौरान अंकिता के अंतिम संस्कार को लेकर भी सवाल उठाए गए। प्रदर्शनकारियों ने अंतिम संस्कार के समय और प्रक्रिया पर आपत्ति जताते हुए इसे धार्मिक परंपराओं के अनुरूप नहीं होने का आरोप लगाया।
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ऋषिकेश में गंगा किनारे दो नवजात बच्चियों के शव मिलने से हड़कंप, पुलिस जांच में जुटी

Rishikesh News : गंगा किनारे अलग-अलग स्थानों पर दो बच्चियों के शव मिलने से हड़कंप मच गया। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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गंगा किनारे दो नवजात बच्चियों के शव मिलने से हड़कंप
ऋषिकेश में गंगा किनारे दो नवजातों के शव मिलने से सनसनी मच गई। पहली घटना नाव घाट के पास सामने आई है। जबकि दूसरी बच्ची का शव साई घाट के नजदीक बरामद किया गया। दोनों मामलों की जानकारी स्थानीय लोगों ने पुलिस को दी।
पुलिस ने दोनों घटनाओं को लेकर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, बच्चियों की मौत किन परिस्थितियों में हुई और उनके शव गंगा किनारे तक कैसे पहुंचे, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। जांच के दौरान सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखा जा रहा है।
नाव घाट के पास मिला बच्ची का शव
पहला मामला नाव घाट के आसपास का है। यहां पुलिस को करीब 10 महीने की बच्ची का शव मिला। शुरुआती जांच में यह संभावना सामने आई है कि बच्ची की किसी वजह से मौत हुई होगी और इसके बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार के बजाय शव को गंगा में प्रवाहित कर दिया होगा।

पुलिस इस संभावना से भी इनकार नहीं कर रही है कि गंगा के तेज बहाव के साथ बच्ची का शव किसी दूसरे स्थान से बहकर ऋषिकेश तक पहुंचा हो। हालांकि, बच्ची की मौत कब और किन परिस्थितियों में हुई, इसका पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आगे की जांच के बाद ही चल सकेगा।
साई घाट पर एक दिन की नवजात का शव बरामद
दूसरी घटना साई घाट के पास हुई। यहां गंगा किनारे पुलिस को करीब एक दिन की नवजात बच्ची का शव मिला। पुलिस के मुताबिक, नवजात की नाल भी कटी हुई नहीं थी। इस वजह से मामले को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
पुलिस मामले की जांच में जुटी
पुलिस ये पता लगाने में जुटी है कि बच्ची का जन्म होने के बाद उसकी मौत हुई और फिर उसे गंगा किनारे छोड़ दिया गया, या नवजात को किसी अन्य परिस्थिति में वहां लाकर छोड़ा गया। बच्ची की पहचान और उसके परिवार तक पहुंचने के लिए भी पुलिस संभावित सुराग जुटा रही है। दोनों घटनाओं की जांच अलग-अलग स्तर पर की जा रही है।











































