Dehradun
हल्द्वानी में CM धामी ने चलाया ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान, मनसा देवी हादसे पर जताई संवेदना

हल्द्वानी: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को हल्द्वानी स्थित एफटीआई परिसर में आयोजित ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत वृक्षारोपण कार्यक्रम में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण और जनसहभागिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चलाए जा रहे इस अभियान को पर्यावरण संरक्षण में सहभागी बनने का प्रेरणादायक संदेश दिया।

प्रकृति संरक्षण हमारा संकल्प, हरेला पर्व पर रोपे गये 8 लाख से अधिक पौधे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान की शुरुआत गत वर्ष की गई थी, और इस वर्ष भी यह अभियान पूरे देश में उत्साहपूर्वक चलाया जा रहा है। उत्तराखंड में इस अभियान का विधिवत शुभारंभ हरेला पर्व के अवसर पर किया गया, जिसमें पहले ही दिन रिकॉर्ड 8,13,000 लोगों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी सहभागिता दर्ज की। मुख्यमंत्री ने कहा कि “प्रकृति संरक्षण हमारा संकल्प है” और देवभूमि उत्तराखंड में यह अभियान पूरे एक माह तक जारी रहेगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि इस पवित्र सावन मास में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अवश्य लगाएं और प्रकृति संरक्षण में अपना योगदान दें।
मनसा देवी हादसे पर की संवेदना व्यक्त।
मुख्यमंत्री ने हरिद्वार स्थित मनसा देवी मंदिर में हाल ही में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना को अत्यंत दुखद बताते हुए गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए राज्य सरकार द्वारा तत्परता से आवश्यक निर्णय लिए गए हैं। प्रदेश के सभी प्रमुख धार्मिक स्थलोंकृजहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु और तीर्थयात्री दर्शन हेतु आते हैंकृवहां व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है। इनमें श्रद्धालुओं की केयरिंग कैपेसिटी के अनुसार प्रवेश, स्थान का संभावित विस्तार, पार्किंग एवं ट्रैफिक प्रबंधन, और सुरक्षा मानकों के पालन को प्राथमिकता दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मनसा देवी मंदिर सहित प्रदेश के सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों पर यह व्यवस्थाएं सख्ती से लागू की जाएंगी।
शहरी क्षेत्रों में अवैध अतिक्रमण पर कार्रवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में अवैध अतिक्रमण को लेकर प्रशासन द्वारा सख्ती बरती जा रही है। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गये हैं कि वे अवैध कब्जों की पहचान कर उन्हें तत्काल हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कदम न केवल सार्वजनिक परिसंपत्तियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक है, बल्कि विकास परियोजनाओं की गति बनाए रखने और नागरिकों को सुचारु सुविधाएं उपलब्ध कराने की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

इस अवसर पर विधायक बंशीधर भगत, दायित्व धारी दिनेश आर्य, दीपक मेहरा, जिला अध्यक्ष भाजपा प्रताप बिष्ट, डॉ. जोगेन्दर पाल सिंह रौतेला, मजहर नईम नवाब, हुकुम सिंह कुंवर, आयुक्त/सचिव मा. मुख्यमंत्री दीपक रावत, आईजी रिद्धिम अग्रवाल, जिलाधिकारी वंदना सिंह, निदेशक एफटीआई तेजस्विनी अरविंद पाटिल के साथ ही अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
Uttarakhand
राज्यपाल बनने के बाद सीएम धामी से मिले डॉ. ढाल सिंह बिसेन, मुख्यमंत्री ने किया स्वागत

देहरादून। उत्तराखंड के नवनियुक्त राज्यपाल डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने सोमवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की। राज्यपाल पद की शपथ लेने के बाद हुई इस मुलाकात में मुख्यमंत्री ने उनका स्वागत किया और नई जिम्मेदारी संभालने पर शुभकामनाएं दीं।

डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने उत्तराखंड के नौवें राज्यपाल के रूप में ली शपथ
डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने सोमवार को देहरादून के लोक भवन में उत्तराखंड के नौवें राज्यपाल के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। उत्तराखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने उन्हें शपथ दिलाई। इसके साथ ही उन्होंने पूर्व राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह का स्थान लेते हुए नई जिम्मेदारी संभाल ली।

सीएम धामी ने दी बधाई और शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने डॉ. ढाल सिंह बिसेन को राज्यपाल बनने पर बधाई देते हुए उनके सफल कार्यकाल की कामना की। मुख्यमंत्री ने उनके राजनीतिक अनुभव और जनसेवा के प्रति योगदान का उल्लेख करते हुए उम्मीद जताई कि उनके मार्गदर्शन से प्रदेश के विकास कार्यों को गति मिलेगी।शपथ ग्रहण के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और राज्यपाल डॉ. ढाल सिंह बिसेन के बीच हुई मुलाकात को प्रदेश के संवैधानिक नेतृत्व के बीच एक महत्वपूर्ण औपचारिक मुलाकात के तौर पर देखा जा रहा है।
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डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने ली उत्तराखंड के राज्यपाल पद की शपथ, मुख्य न्यायाधीश ने दिलाई शपथ

देहरादून। उत्तराखंड को आज नया राज्यपाल मिल गया है। डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने सोमवार को प्रदेश के नौवें राज्यपाल के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। नैनीताल हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने उन्हें शपथ दिलाई। उनके शपथ ग्रहण के साथ ही उत्तराखंड में राज्यपाल के रूप में उनकी नई पारी की शुरुआत हो गई है। अब प्रदेश की संवैधानिक व्यवस्था में उनकी भूमिका और आगामी कार्यों पर सभी की नजरें रहेंगी।
Table of contents
1.डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने ली राज्यपाल पद की शपथ
2.नैनीताल हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने दिलाई शपथ
डॉ. ढाल सिंह बिसेन बने उत्तराखंड के नए राज्यपाल
डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने आज उत्तराखंड के नए राज्यपाल के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। उनकी नियुक्ति प्रदेश की संवैधानिक व्यवस्था से जुड़ा एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। राज्यपाल प्रदेश के संवैधानिक प्रमुख होते हैं और संविधान के प्रावधानों के अनुसार अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं। उनकी भूमिका राज्य सरकार और संवैधानिक संस्थाओं के बीच समन्वय बनाए रखने में भी अहम होती है।

मुख्य न्यायाधीश ने दिलाई शपथ
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान नैनीताल हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने डॉ. ढाल सिंह बिसेन को राज्यपाल पद की शपथ दिलाई। इस समारोह के साथ उन्होंने संवैधानिक रूप से राज्यपाल की जिम्मेदारियां संभालीं।राज्यपाल पद की शपथ संविधान के प्रति निष्ठा और राज्य के संवैधानिक दायित्वों के निर्वहन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। राज्यपाल को अपने कार्यकाल के दौरान संवैधानिक मर्यादाओं और नियमों के अनुरूप काम करना होता है।
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मंत्री रेखा आर्या ने पति के खिलाफ दर्ज कराई FIR, जान से मारने का षडयंत्र रचने का लगाया आरोप

Uttarakhand Politics : उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने अपने पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए कैंट थाने में शिकायत दर्ज कराई है। मंत्री की शिकायत के आधार पर पुलिस ने जालसाजी, जातिगत प्रताड़ना, मारपीट और जान से मारने की साजिश समेत अन्य आरोपों में प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
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मंत्री रेखा आर्या ने पति के खिलाफ दर्ज कराई FIR
रेखा आर्या ने आरोप लगाया है कि गिरधारी लाल साहू ने अपनी पहली शादी की जानकारी उनसे छिपाई थी। मंत्री के अनुसार, वर्ष 2004 में बरेली निवासी साहू से उनका विवाह हुआ था। बाद में उन्हें पता चला कि साहू पहले से विवाहित थे और उनकी पहली शादी से बच्चे भी हैं। उस समय तक उनके भी बच्चे हो चुके थे, इसलिए सामाजिक परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने इस मामले में चुप रहना उचित समझा।
जान से मारने का षडयंत्र रचने का लगाया आरोप
मंत्री ने अपनी शिकायत में कहा है कि पिछले कुछ समय से उनके पति के व्यवहार में बदलाव आने लगा था। उन्हें साहू के अन्य महिलाओं से संबंध होने की जानकारी मिली। इस पर आपत्ति जताने पर साहू ने कथित तौर पर मौखिक और लिखित रूप से माफी भी मांगी, लेकिन उनके व्यवहार में सुधार नहीं हुआ।
रेखा आर्या का आरोप है कि विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की गई, गाली-गलौज की गई और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि साहू कई बार उनके सरकारी आवास पर पहुंचे और वहां भी आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया। मंत्री अनुसूचित जाति से आती हैं, जबकि उनके पति दूसरी जाति से हैं।

कथित जालसाजी का मामला भी उठाया गया
शिकायत में दस्तावेजों में कथित जालसाजी का मामला भी उठाया गया है। मंत्री के अनुसार, उनके फर्जी हस्ताक्षर करके उन्हें एक कंपनी के निदेशक पद से हटा दिया गया, जबकि उन्होंने न तो कोई त्यागपत्र दिया था और न ही इस संबंध में कोई पत्र तैयार किया था।
मंत्री ने पुलिस को यह भी बताया कि उन्हें हाल ही में एक ऑडियो मिला है। उनका आरोप है कि इसमें गिरधारी लाल साहू एक महिला से बातचीत के दौरान उन्हें जान से मारने की साजिश रचते सुनाई दे रहे हैं। इस ऑडियो के आधार पर भी मामले की जांच की मांग की गई है।
पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी
एसपी सिटी शेखर चंद सुयाल के अनुसार, मंत्री की शिकायत पर जालसाजी, जातिगत प्रताड़ना, मारपीट, जान से मारने की साजिश और एससी-एसटी एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है। फिलहाल, शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
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