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सीएम धामी ने प्रत्याशी राज्यलक्ष्मी शाह के समर्थन में पुरोला की जनसभा में किया प्रतिभाग, ऐतिहासिक जीत दिलाने की अपील।

उत्तरकाशी – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सांई मंदिर मैदान, पुरोला (उत्तरकाशी) में टिहरी लोकसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी माला राज्यलक्ष्मी शाह के पक्ष में आयोजित जनसभा में प्रतिभाग किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनसभा में उपस्थित महिलाओं, बुजुर्गों युवाओं का स्वागत एवं देवी-देवताओं को प्रणाम करते हुए कहा कि टिहरी लोकसभा क्षेत्र को मां गंगा और यमुना के साथ विभिन्न धामों, देवस्थानों का आशीर्वाद प्राप्त है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के लोगों ने पिछली बार विधानसभा चुनाव में सारे मिथक तोड़े हैं। विधानसभा चुनाव में उत्तराखंड की जनता ने पुनः भाजपा की सरकार बनाकर मिथक तोड़ने का काम किया है। उन्होंने सभी से आग्रह करते हुए कहा कि विकसित और अग्रणी उत्तराखंड के सपने को साकार करने हेतु टिहरी लोकसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी माला राज्यलक्ष्मी शाह को बढ़ चढ़कर वोट देकर ऐतिहासिक जीत दिलाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 10 वर्षों में देश तेज़ी से आगे बढ़ा है। भारत का दुनियां के अंदर मान सम्मान स्वाभिमान बढ़ा है। विकास की गंगा तेजी से बही है। देश के अंदर विकास और इनोवेशन पर कार्य निरंतर जारी है। मोदी के कुशल नेतृत्व और सफल कूटनीति की वजह से दुनियां में भारत नई शक्ती के तौर पर सामने आया है। उन्होंने कहा कि 2024 में नरेंद्र मोदी तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री बनेंगे तब देश और तेज़ गति से आगे बढ़ेगा। उत्तराखंड सहित संपूर्ण भारत में विकास के नए कीर्तिमान स्थापित हो रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने छोटे बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक सभी को अपने परिवार का सदस्य मानकर काम किया है। देशवासियों के जीवन को सुखद और समृद्ध बनाने का हरसंभव प्रयास किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जन-धन योजना, उज्जवला योजना, किसान समृ्द्धि योजना, पीएम आवास योजना, आयुष्मान भारत योजना, गरीब कल्याण अन्न योजना चलाई जा रही है। प्रधानमंत्री की दूरदर्शी सोच के कारण मेक इन इंडिया और स्टार्टअप इंडिया जैसी योजनाओं को लॉच किया गया है। प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में आय़ोजित हुए ऐतिहासिक जी-20 सम्मेलन भारत में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। विकास के साथ ही केंद्र सरकार ने देशहित में कई कड़े फैसले उठाए। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाया गया। तीन तलाक को खत्म किया गया, देश में नागरिकता संशोधन अधिनियम लागू किया गया है। प्रधानमंत्री की मजबूत इच्छाशक्ति से अयोध्या में भव्य और दिव्य राम मंदिर बन चुका है। सैकड़ों वर्षों के इंतजार के बाद भगवान राम अपने भवन में विराजमान हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पूर्व में किए वादे अनुसार राज्य में समान नागरिक संहिता विधेयक पारित किया है। नकल माफियाओं को जेल भेजकर पारदर्शिता के साथ परीक्षाएं करवाई जा रही हैं। प्रदेश में सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। सख्ती से सरकारी ज़मीन से अतिक्रमण हटाया जा रहा है। इसके साथ ही राज्य में दंगारोधी कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून लागू किया गया है। साथ ही महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में 3.5 लाख करोड़ के एमओयू साइन हुए , जिसमें से 81 हज़ार करोड़ के एमओयू पर काम शुरु हो गया है। इससे रोजगार के कई अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि राज्य में 207 प्रकार की पैथोलॉजी जांचें मुफ्त करवाई जा रही हैं। साथ ही महालक्ष्मी किट योजना, लखपति दीदी योजना, वृद्धा पेंशन, गैस रिफिल योजना शुरू की गई हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आदरणीय मोदी के मार्गदर्शन में केंद्र एवं राज्य सरकार मिलकर उत्तराखंड में विकास की गंगा बहाने का कार्य कर रही है। राज्य सरकार हर वर्ग के उत्थान को ध्यान में रखते हुए अनेकों योजनाएं संचालित कर रही है। राज्य सरकार विकल्प रहित संकल्प के मूल मंत्र पर चलते हुए गांव से लेकर शहर तक विकास की नई गाथा को आगे बढ़ा रही है । सड़क, पुल, स्कूल, अस्पताल और जल एवं विद्युत परियोजनाओं का वृहद स्तर पर निर्माण कार्य हो रहा है। कई सालों से लंबित लखवाड़ योजना को स्वीकृति मिल गई है। सोंग बांध, जमरानी बांध परियोजना को भी स्वीकृति प्रदान हो गई है। दशकों से लटके काम पूरे हो रहे हैं। उत्तराखंड के धार्मिक स्थलों का पुनर्विकास कर धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार विभिन्न क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता और स्वरोजगार को बढ़ाने पर कार्य कर रही है। स्वयं सहायता समूहों से बहनों को रोज़गार मिल रहा है। उत्तराखंड के उत्पादों को विश्व में नई पहचान मिल रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुरोला क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास हुआ है। हाल ही में उत्तरकाशी जिले में ₹ 291 करोड़ से अधिक की योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया था। जून 2023 में जिले की तीनों विधानसभाओं हेतु ₹ 350 करोड़ के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया था। विकास कार्यों से पूरे जिले में सड़क, स्कूल और पेयजल सहित विभिन्न क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव आ रहे हैं। घोषणा के अनुरुप पुरोला को नगरपालिका का दर्जा मिल गया है। डबल इंजन की सरकार उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लक्ष्य के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री के हृदय में उत्तराखंड बसता है। बीते 10 वर्षों में उत्तराखंड के लिए 1 लाख 50 हजार करोड़ रूपये से अधिक की परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं। उन्होंने कहा निश्चित ही पुरोला सहित टिहरी लोकसभा क्षेत्र की जनता आगामी 19 अप्रैल को भाजपा प्रत्याशी माला राज्यलक्ष्मी शाह जी को भारी मतों से विजयी बनाकर आदरणीय मोदी जी को तीसरी बार प्रधानमंत्री बनाने में अपना योगदान देगी।
इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष सतेंद्र राणा, विधायक दुर्गेश्वर लाल, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष नीरू देवी, पूर्व विधायक राजकुमार, पूर्व विधायक केदार सिंह रावत, रमेश चौहान एवं अन्य लोग मौजूद रहे।
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राष्ट्रीय अध्यक्ष की टीम में उत्तराखंड से 4 चेहरे शामिल, पूर्व सीएम तीरथ सिंह रावत को मिली बड़ी जिम्मेदारी

Uttarakhand Politics : बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतिन नवीन की नई टीम का ऐलान हो गया है। नई टीम में नई टीम में राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का नाम भी शामिल है। जबकि उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को भी बड़ी जिम्मेदारी मिली है।
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राष्ट्रीय अध्यक्ष की टीम में तीरथ सिंह रावत को मिली बड़ी जिम्मेदारी
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतिन नवीन की नई टीम में उत्तराखंड के पूर्व सीएम तीरथ सिंह रावत को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली है। बता दें कि नितिन नवीन की नई टीम में 13 उपाध्यक्ष, 8 महामंत्री बनाये गये हैं। जिसमें से एक पूर्व सीएम तीरथ सिंह रावत भी हैं।

राष्ट्रीय अध्यक्ष की टीम में उत्तराखंड से 4 चेहरे शामिल
राष्ट्रीय अध्यक्ष की टीम में उत्तराखंड से 4 चेहरे शामिल हैं। लिस्ट में से एक पूर्व सीएम तीरथ सिंह रावत का नाम शामिल है। इसके साथ ही गढ़वाल सासंद अनिल बलूनी को मीडिया संयोजक बनाया गया है। बलूनी को लगातार तीसरी बार ये जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इसके साथ ही उत्तराखंड के आलोक भट्ट को सोशल मीडिया सहसंयोजक बनाया गया है। जबकि महेंद्र पांडे को राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

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गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने के लिए आंदोलनकारी करेंगे सामूहिक मुंडन, 15 से शुरू होगी पदयात्रा

Uttarakhand Politics : दिल्ली, कर्णप्रयाग, चौखुटिया, रुद्रप्रयाग में गरजे और देहरादून धरना स्थल पर 100 दिनों से अधिक के क्रमिक अनशन के बाद अब आर-पार की जंग शुरू हो गई है। उत्तराखंड की आत्मा और स्वाभिमान की लड़ाई अब अपने सबसे उग्र और ऐतिहासिक मोड़ पर पहुंच चुकी है।
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गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने के लिए करेंगे सामूहिक मुंडन
स्थायी राजधानी गैरसैंण समिति ने स्पष्ट कर दिया है कि राज्य की जनता के साथ वर्षों से किया जा रहा छल अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। समिति इससे पहले दिल्ली, देहरादून, कर्णप्रयाग, चौखुटिया और रुद्रप्रयाग में उग्र प्रदर्शन कर अपनी मंशा साफ कर चुकी है और देहरादून धरना स्थल पर लगातार 100 से अधिक दिनों का ऐतिहासिक क्रमिक अनशन इस बात का जीवंत प्रमाण है कि ये आंदोलन अब किसी के रोके रुकने वाला नहीं है।
समिति 15 से शुरू करेगी पदयात्रा
समिति के मुख्य संयोजक पूर्व IAS विनोद प्रसाद रतूड़ी, पार्थ रतूड़ी(पत्रकारिता छात्रा), गोपाल दत्त कुमेड़ी, सुधीर गैरोला और शैलेंद्र शेखर करगेती ने एक स्वर में हुंकार भरते हुए कहा कि सत्ता के नशे में सोई सरकारें कान खोलकर सुन लें कि जब तक गैरसैंण को उत्तराखंड की स्थायी राजधानी घोषित नहीं किया जाता, तब तक न हम बैठेंगे और न ही सरकार को चैन से बैठने देंगे।

अब जंग सीधी और आर-पार की होगी – समिति
समिति का कहना है कि हमारी रगों में उत्तराखंड का खून दौड़ रहा है और ये लड़ाई हमारी अस्मिता व भावी पीढ़ियों के हक की है। हमने ‘प्रण से प्राण तक’ का अटूट संकल्प लिया है और अगर सरकार सोचती है कि वह समय टालकर हमें थका देगी, तो ये उसकी सबसे बड़ी ऐतिहासिक भूल होगी क्योंकि अब जंग सीधी और आर-पार की होगी।
गैरसैंण तक निकाली जाएगी पदयात्रा
सरकार की हठधर्मिता और वादाखिलाफी के जवाब में समिति ने ऐतिहासिक आंदोलनों का शंखनाद कर दिया है। इसी क्रम में 13 अगस्त 2026 को प्रातः 9:00 बजे से देहरादून विधानसभा के बाहर गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने के संकल्प और सरकार के खिलाफ रोष के प्रतीक स्वरूप सामूहिक मुंडन किया जाएगा।
इसके तुरंत बाद स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त 2026 को प्रातः 9:30 बजे से विधानसभा के बाहर से देहरादून से गैरसैंण तक ऐतिहासिक महा-पदयात्रा का आगाज होगा।
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विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस को लगा बड़ा झटका, दिनेश कुंजवाल ने छोड़ा हाथ का साथ

Uttarakhand Politics : उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। सभी दल अपने संगठन को मजबूत करने और स्थानीय स्तर पर पकड़ बढ़ाने में जुटे हुए हैं। इसी बीच अल्मोड़ा जिले की जागेश्वर विधानसभा सीट से कांग्रेस के लिए झटका देने वाली खबर सामने आई है।
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विधानसभा चुनाव 2027 से ठीक पहले कांग्रेस को लगा बड़ा झटका
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल के भतीजे दिनेश कुंजवाल ने कांग्रेस से दूरी बनाते हुए उत्तराखंड क्रांति दल (UKD) का दामन थाम लिया है। दिनेश कुंजवाल के साथ बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के भी यूकेडी में शामिल होने की बात सामने आई है। ऐसे में उनका ये राजनीतिक फैसला जागेश्वर क्षेत्र की सियासत में अहम घटनाक्रम माना जा रहा है।
गोविंद सिंह कुंजवाल ने भतीजे ने छोड़ी पार्टी
जागेश्वर विधानसभा क्षेत्र को लंबे समय से कांग्रेस के प्रभाव वाले इलाकों में गिना जाता है। यहां कुंजवाल परिवार की भी मजबूत राजनीतिक पकड़ रही है। गोविंद सिंह कुंजवाल कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में शामिल रहे हैं और उन्होंने प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। वह उत्तराखंड विधानसभा के अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
कांग्रेस के लिए क्यों अहम है ये घटनाक्रम?
ऐसे राजनीतिक परिवार से जुड़े दिनेश कुंजवाल का कांग्रेस से अलग होकर यूकेडी में शामिल होना स्थानीय राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। खासतौर पर ऐसे समय में जब विधानसभा चुनाव में अभी कुछ समय बाकी है और राजनीतिक दल अपने-अपने संगठन को मजबूत करने में जुटे हैं।

यूकेडी ने कांग्रेस के गढ़ में लगाई सेंध
उत्तराखंड क्रांति दल लंबे समय से राज्य की क्षेत्रीय राजनीति में अपनी भूमिका मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। जागेश्वर में दिनेश कुंजवाल के साथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं का यूकेडी में जाना पार्टी के लिए स्थानीय स्तर पर संगठन विस्तार के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इस घटनाक्रम के बाद जागेश्वर में कांग्रेस के पारंपरिक वोट बैंक और संगठनात्मक पकड़ को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। हालांकि इसका वास्तविक राजनीतिक असर आने वाले समय में ही स्पष्ट होगा।
2027 चुनाव से पहले बढ़ी सियासी हलचल
उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक दलों की तैयारियां लगातार तेज हो रही हैं। कांग्रेस, भाजपा और क्षेत्रीय दल अपने प्रभाव वाले क्षेत्रों में संगठन को मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।
इसी कड़ी में जागेश्वर में यूकेडी की ओर से कांग्रेस के खेमे में सेंध लगाने की कोशिश को अहम माना जा रहा है। दिनेश कुंजवाल के साथ कार्यकर्ताओं का पार्टी बदलना कांग्रेस के लिए स्थानीय स्तर पर चुनौती खड़ी कर सकता है।
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