Dehradun
सीएम धामी ने चालक एवं परिचालक पद के 106 अभ्यर्थियों को प्रदान किए नियुक्ति पत्र, जागरूकता रैली का किया फ्लैग ऑफ।



मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए सरकार द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। लोक सेवा आयोग और अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से अनेक भर्ती प्रक्रियाएं गतिमान हैं। पिछले दो सालों में तेजी से भर्ती प्रक्रियाएं पूर्ण की गई हैं। सभी भर्तियां पूर्ण पारदर्शिता के साथ हों, इसके लिए राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। इस कानून के लागू होने के बाद तेजी और पूर्ण पारदर्शिता से सभी परीक्षाएं सम्पन्न हुई हैं। मुख्यमंत्री ने महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए निःशुल्क ड्राईविंग प्रशिक्षण दिलाने के लिए परिवहन विभाग के प्रयासों की सराहना भी की।
big news
राहुल गांधी ने उठाया देहरादून में हुई ब्रिगेडियर की हत्या का मामला, उत्तराखंड की काूनन व्यवस्था पर साधा निशाना

Dehradun News : सोमवार को जोहड़ी में हुए गोलीकांड में सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर की हत्या मामले को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने चिंता जताई है। इस मामले को लेकर उन्होंने उत्तराखंड की कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं।
Table of Contents
देहरादून में हुई ब्रिगेडियर की हत्या पर राहुल गांधी ने जताई चिंता
सोमवार को देहरादून के जोहड़ी इलाके में हुए फायरिंग मामले में एक सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर की मौत को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने चिंता व्यक्त की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इस घटना पर सवाल उठाए और कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर भी निशाना साधा।

उत्तराखंड की काूनन व्यवस्था पूरी तरह धवस्त
राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा है कि ‘ देहरादून में मॉर्निंग वॉक पर निकले एक सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर वी के जोशी जी की दिनदहाड़े निर्मम हत्या साफ बताती है कि उत्तराखंड की कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। सरहद पर देश की रक्षा में जीवन समर्पित करने वाले ही आज अपने शहर में ही असुरक्षित हैं।

आम नागरिक और कई समुदाय डर कर जीने को मजबूर हैं। BJP राज में सिर्फ़ अपराधी बेखौफ और महफूज़ है। कभी शांति और सुरक्षा की पहचान रहा है हमारा उत्तराखंड, आज BJP के ग़ैर-जिम्मेदार नेतृत्व में हिंसा, हत्या और भय के साये में सिमट कर रह गया है।”
Dehradun
चारधाम यात्रा रूट पर 24 घंटे तैनात रहेगी डॉक्टरों की टीम, प्रवेश बिंदुओं पर होगी स्क्रीनिंग

Char Dham Yatra 2026 : 19 अप्रैल से प्रारंभ हो रही चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियों में जुटा हुआ है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए यात्रा मार्गों तथा ट्रांजिट कैंपों में चिकित्सा व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
Table of Contents
चारधाम यात्रा रूट पर 24 घंटे तैनात रहेगी डॉक्टरों की टीम
स्वास्थ्य विभाग द्वारा चारधाम यात्रा रूट पर लगभग 1350 डॉक्टरों Qj पैरामेडिकल कर्मियों की तैनाती हेतु विस्तृत रोस्टर तैयार किया गया है। ये टीमें विभिन्न पड़ावों, कैंपों और प्रमुख स्थलों पर 24 घंटे सेवाएं प्रदान करेंगी, जिससे किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को त्वरित उपचार उपलब्ध कराया जा सके। सभी चिकित्सा कर्मियों को संबंधित जनपदों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों के अधीन रखा गया है।
यात्रा के प्रवेश बिंदुओं पर होगी स्क्रीनिंग
यात्रा के प्रमुख प्रवेश बिंदुओं पर स्क्रीनिंग एवं मेडिकल चेकअप की सख्त व्यवस्था की जा रही है। इसके साथ ही यात्रा मार्गों पर आवश्यक स्वास्थ्य संबंधी एडवाइजरी भी प्रदर्शित की जाएगी। ताकि श्रद्धालु यात्रा के दौरान सतर्क एवं सुरक्षित रह सकें।
विशेषज्ञ चिकित्सकों की भी की जाएगी तैनाती
महानिदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, उत्तराखंड, डॉ. सुनीता टम्टा ने बताया कि चारधाम यात्रा के दौरान उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

उन्होंने बताया कि विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं के लिए सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों से विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती भी की जाएगी। इसके अतिरिक्त, यात्रा मार्गों पर 25 मेडिकल रिलीफ पोस्ट (एमआरपी) स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं का त्वरित लाभ सुनिश्चित किया जा सके।
मेडिकल कॉलेजों में दिया जा रहा विशेष प्रशिक्षण
यात्रा प्रारंभ होने से पूर्व स्वास्थ्य विभाग द्वारा चिकित्सकों को जनपद स्तर व राजधानी स्थित मेडिकल कॉलेजों में विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य चिकित्सकों को उच्च हिमालयी क्षेत्रों में उत्पन्न होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सक्षम बनाना है।
प्रशिक्षण के दौरान सांस लेने में कठिनाई, अत्यधिक थकान, रक्तचाप असंतुलन और हृदय संबंधी समस्याओं के त्वरित उपचार की विशेष जानकारी दी जा रही है। साथ ही, आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया देने का अभ्यास भी कराया जा रहा है।
Rishikesh
अच्छी खबर : ऋषिकेश में अब जाम के झाम से मिलेगी मुक्ति, ऋषिकेश बाईपास 4-लेन को मिली मंजूरी

Rishikesh News : ऋषिकेश में जल्द ही जाम के झाम से राहत मिलने वाली है। ऋषिकेश बाईपास के 4-लेन निर्माण कार्य को भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से स्वीकृति मिल गई है।
Table of Contents
ऋषिकेश में अब जाम के झाम से मिलेगी मुक्ति
ऋषिकेश में अब जाम के झाम से लोगों को छुटकारा मिलने जा रहा है। केंद्र से ऋषिकेश बाईपास 4-लेन को मंजूरी मिल गई है। मंत्रालय द्वारा इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए ₹1105.79 करोड़ की तकनीकी, प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति जारी की गई है।
भट्टोवाला और ढालवाला गांवों से गुजरेगा बाईपास
बता दें कि ये बहुप्रतीक्षित परियोजना राष्ट्रीय राजमार्ग-7 पर टीनपानी फ्लाईओवर (किमी 529.750) से लेकर खरासोटे पुल (किमी 542.420) तक विकसित की जाएगी। लगभग 12.670 किलोमीटर लंबा ये बाईपास भट्टोवाला और ढालवाला गांवों से होकर गुजरेगा और इसे EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एवं कंस्ट्रक्शन) मोड पर क्रियान्वित किया जाएगा।
सरकार सड़क कनेक्टिविटी को सुदृढ़ बनाने के लिए प्रयासरत
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस स्वीकृति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश बाईपास परियोजना के पूर्ण होने से क्षेत्र में यातायात का दबाव कम होगा, जाम की समस्या से राहत मिलेगी और स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ चारधाम यात्रा एवं पर्यटन गतिविधियों को भी बड़ी सुविधा प्राप्त होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा, “ ये परियोजना उत्तराखंड के समग्र विकास और बेहतर कनेक्टिविटी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हमारी सरकार राज्य के दूरस्थ और शहरी क्षेत्रों को मजबूत सड़क नेटवर्क से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।”
केंद्र ने 1105.79 करोड़ रुपए की दी स्वीकृति
मंत्रालय के अनुसार, इस परियोजना के लिए प्रारंभिक अनुमान ₹1151.18 करोड़ था, जिसे संशोधित कर ₹1139.40 करोड़ किया गया और अंततः ₹1105.79 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गई है। परियोजना को तीन वर्षों की समयावधि में पूरा किया जाएगा और कार्य में किसी प्रकार की लागत या समय वृद्धि स्वीकार नहीं की जाएगी।
निविदाएं ई-टेंडरिंग प्रक्रिया के माध्यम से आमंत्रित की जाएंगी तथा सभी कार्य निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप किए जाएंगे। इस परियोजना के लिए व्यय वित्त वर्ष 2025-26 में भारत सरकार के बजट प्रावधान (GBS) के अंतर्गत किया जाएगा। देहरादून स्थित क्षेत्रीय अधिकारी को इस कार्य के लिए ड्रॉइंग एवं डिस्बर्सिंग ऑफिसर (DDO) नामित किया गया है।
Cricket9 hours agoPBKS vs GT Dream11 Prediction Match 4 IPL 2026
big news8 hours agoदेहरादून में रोड रेज में ब्रिगेडियर की हत्या मामले का पुलिस ने किया खुलासा, चार आरोपियों को किया गिरफ्तार
big news8 hours agoयहां नाबालिग भतीजे ने गोली मारकर की ताऊ की हत्या, घटना से इलाके में मची सनसनी
uttarakhand weather9 hours agoउत्तराखंड में आज तेज तूफान की चेतावनी, मौसम विभाग ने पांच जिलों के लिए जारी किया येलो अलर्ट
big news6 hours agoबड़ी खबर : कल से बदल जाएंगे ये नियम, LPG, UPI से लेकर ATM तक जानें क्या-क्या बदलेगा ?
Cricket9 hours agoISL vs PES Dream11 Prediction Match 7 PSL 11
Udham Singh Nagar7 hours agoउत्तराखंड में यहां खाना बनाते समय फटा सिलेंडर, धमाके में मां-बेटे समेत तीन घायल
Udham Singh Nagar7 hours agoखटीमा भ्रमण के दौरान सीएम धामी ने सुनी जनता की समस्याएं, अधिकारियों को दिए समाधान के निर्देश





































