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सीएम धामी का स्वतंत्रता दिवस पर बड़ा ऐलान: स्कूलों से लेकर सैनिकों तक….जानिए 6 बड़ी घोषणाएं !

सीएम धामी का स्वतंत्रता दिवस पर बड़ा ऐलान
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर परेड ग्राउंड देहरादून में राज्य के मुख्य कार्यक्रम में ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को सम्मानित किया एवं फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान अपर पुलिस महानिदेशक अजय प्रकाश अंशुमान को राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया। सेवा के आधार पर मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक से श्वेता चौबे, सेनानायक आईआरबी द्धितीय देहरादून, योगेश चन्द्र पुलिस उपाधीक्षक, विपिन चन्द्र पाठक, निरीक्षक नागरिक पुलिस, नरेन्द्र सिंह बिष्ट, निरीक्षक नागरिक पुलिस, राकेश चन्द्र भट्ट, उप निरीक्षक नागरिक पुलिस, अजय प्रकाश सेमवाल, लीडिंग फायरमैन और सुनीत कुमार, मुख्य आरक्षी को सम्मानित किया गया।

विशिष्ट कार्य के लिए मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक से शेखर चन्द्र सुयाल , अपर पुलिस अधीक्षक, राजेन्द्र सिंह खोलिया, निरीक्षक नागरिक पुलिस, कैलाश चन्द्र भटट्, निरीक्षक नागरिक पुलिस, मनोहर सिंह रावत, उप निरीक्षक नागरिक पुलिस, ओमकान्त भूषण,उप निरीक्षक नागरिक पुलिस, दीपक कुमार, अपर उप निरीक्षक नागरिक पुलिस, गोपाल राम मुख्य आरक्षी, अमरजीत, आरक्षी और राहुल, आरक्षी को सम्मानित किया गया गया। विभिन्न खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों प्रिया राणा, मनीषा चौहान, राहुल सरनालिया, अमीषा चौहान विशम कश्यप, अमित बेलवाल और महक चौहान को भी मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी प्रदेशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए राज्यहित में 06 घोषणाएं की।
1. राज्य के उन विद्यालयों में, जहाँ मिड-डे मील योजना के तहत भोजन बनाने के लिए गैस सिलेंडर और चूल्हा उपलब्ध नहीं हैं, वहाँ राज्य सरकार द्वारा दो गैस सिलेंडर और एक चूल्हा उपलब्ध कराया जाएगा।

2. राज्य के अंतर्गत उन विधानसभा क्षेत्रों में, जहाँ पेयजल आपूर्ति में कठिनाई है, वहाँ प्रत्येक क्षेत्र में 10-10 हैंडपंप स्थापित किए जाएंगे।
3. ग्राम चौकीदार एवं ग्राम प्रहरी के मानदेय में एक हजार रुपए की वृद्धि की जाएगी।

4. सैनिक कल्याण विभाग के अंतर्गत कार्यरत ब्लॉक प्रतिनिधियों के मानदेय में दो हजार रुपए की वृद्धि की जाएगी।
5. राज्य में दूरस्थ व रोजगार मूलक उच्च शिक्षा के समग्र विकास और प्रचार-प्रसार के लिए जनपद स्तर पर राज्य सरकार द्वारा विशेष शैक्षणिक केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जिनका संचालन व समन्वय उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय द्वारा किया जाएगा।
6. ’गंगोत्री ग्लेशियर सहित प्रदेश के अन्य हिमालयी ग्लेशियर एवं उनके समीपवर्ती क्षेत्रों का नियमित अध्ययन कराया जाएगा,साथ ही प्रीडेक्टिव और प्रोएक्टिव आपदा प्रबंधन हेतु आपदा प्रबंधन विभाग को और अधिक मजबूत किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर वीर बलिदानियों और स्वतंत्रता सेनानियों का स्मरण किया और उत्तराखंड राज्य स्थापना के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले सभी आंदोलनकारियों को नमन किया। उन्होंने उत्तरकाशी के धराली सहित राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में आई प्राकृतिक आपदाओं में प्रभावित हुए सभी परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा की कठिन परिस्थितियों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और राज्य सरकार के विभिन्न विभागों ने तत्परता, समर्पण और साहस के साथ राहत एवं बचाव का कार्य किया, इसके लिए उन्होंने सभी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास कार्यों को पूरी संवेदना के साथ और तेज गति से किया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी की 78 वर्षों की गौरवपूर्ण यात्रा में देशवासियों के अदम्य साहस, अटूट समर्पण और निरन्तर परिश्रम के बल पर हमारा राष्ट्र अनेक चुनौतियों का सामना करने के बावजूद सशक्त और आत्मनिर्भर राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में, वर्ष 2047 तक भारत पूर्ण विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित होने के संकल्प के साथ, तीव्र गति से प्रगति के पथ पर अग्रसर है। आज भारत की अर्थव्यवस्था विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गई है। रक्षा, विज्ञान, तकनीकी कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर हर क्षेत्र में देश तेजी से कार्य हो रहे हैं। वैश्विक स्तर पर भारत एक सशक्त राष्ट्र के रूप में उभर रहा है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सेना का मनोबल बढ़ाने के साथ ही देश को रक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत भारत की शक्ति और सामर्थ्य को पूरी दुनिया ने देखा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड देवभूमि के साथ वीरभूमि भी है। राज्य सरकार विकसित उत्तराखंड के मंत्र के साथ राज्य को समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरन्तर कार्य कर रही है। राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पेयजल और हवाई कनेक्टिविटी जैसी मूलभूत आवश्यकताओं को बेहतर बनाने का कार्य किया गया है। 30 से अधिक क्षेत्रों में विशिष्ट नीतियो के द्वारा उत्तराखंड के सर्वांगीण विकास का एक विस्तृत रोडमैप तैयार कर राज्य में कई नई योजनाओं को लागू किया है। प्रदेश धार्मिक पर्यटन, वेलनेस टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म ,फिल्म शूटिंग डेस्टिनेशन और वेडिंग डेस्टिनेशन के क्षेत्र में देश के एक विशिष्ट हब के रूप में तेजी से उभर रहा है। राज्य में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में उद्यमियों के साथ 3.56 लाख करोड़ रुपये के एमओयू किए गये। डेढ़ वर्ष में 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं को धरातल पर उतारने में सफल रहे हैं। किच्छा खुरपिया फार्म में हजार एकड़ से अधिक भूमि पर एक स्मार्ट इंडस्ट्रियल टाउनशिप विकसित करने की दिशा में भी कार्य किये जा रहे हैं। प्रदेश में स्टार्टअप के अनुकूल इकोसिस्टम को विकसित करने के लिए इन्क्यूबेशन सेंटर बनाने के साथ ही 200 करोड़ के वेंचर फण्ड की भी व्यवस्था की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार देवभूमि को खेलभूमि के रूप में स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। राज्य में ग्रीन गेम्स की थीम पर आयोजित राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखण्ड ने 103 पदक जीतकर 7वां स्थान प्राप्त कर एक नया इतिहास रचा। खेलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार राज्य में स्पोर्ट्स लीगेसी प्लान भी लागू करने जा रही है, जिसके अंतर्गत प्रदेश के 8 शहरों में 23 खेल अकादमियां स्थापित की जाएंगी। प्रदेश को योग एवं अध्यात्म की वैश्विक राजधानी बनाने के उद्देश्य से प्रदेश में नई योग नीति लागू की है। प्रदेश में आयुर्वेदिक एवं प्राकृतिक चिकित्सा, योग और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए गढ़वाल और कुमाऊं मंडलों में एक-एक ’’स्पिरिचुअल इकोनॉमिक ज़ोन’’ की स्थापना की जा रही है। “हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड राज्य के सभी आर्गेनिक उत्पादों को एक छत के नीचे लाने में कारगर सिद्ध हुआ है। होम स्टे योजना के अंतर्गत प्रदेश के युवाओं ने स्वरोजगार के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित किए हैं। किसानों को तीन लाख रूपए तक का ऋण बिना ब्याज के उपलब्ध कराने के साथ ही कृषि उपकरण खरीदेने के लिए “फार्म मशीनरी बैंक“ योजना से 80 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जा रही है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए पॉलीहाउस के निर्माण के लिए 200 करोड़ रूपए की राशि का प्रावधान भी किया गया है। 1200 करोड़ रुपये की लागत से नई सेब नीति, कीवी नीति, ’स्टेट मिलेट मिशन’ और ’ड्रैगन फ्रूट नीति’ जैसी कई महत्वपूर्ण योजनाओं को राज्य में लागू किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तीर्थाटन एवं पर्यटन हमारी अर्थव्यवस्था का एक प्रमुख स्तम्भ है, इसके लिए “नई पर्यटन नीति’’ बनाई गई है। केदारखंड और मानसखंड मंदिरमाला मिशन पर तेजी से कार्य हो रहे हैं। हरिपुर कालसी में यमुना तीर्थ स्थल तथा हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर के साथ-साथ शारदा कॉरिडोर परियोजना पर भी कार्य किया जा रहा है। अपुणि सरकार पोर्टल, ई-केबिनेट, ई-ऑफिस, सीएम हेल्पलाईन,1905, एंटी करप्शन हेल्पलाइन 1064, डिजिटल उत्तराखंड ऐप जैसी विभिन्न पारदर्शी व्यवस्थाओं के चलते कार्यसंस्कृति में गुणात्मक सुधार हुआ है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में दिल्ली-देहरादून एलिवेटेड रोड, वंदे भारत एक्सप्रेस, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, भारतमाला और पर्वतमाला परियोजना, अमृत योजना, ऑल वेदर रोड और उड़ान योजना जैसी महत्त्वाकांक्षी परियोजनाओं के माध्यम से प्रदेश के बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में देश का सबसे प्रभावी नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद पिछले चार वर्षो में लगभग 24 हजार से अधिक युवाओं ने सरकारी नौकरियां प्राप्त की हैं। प्रदेश की बेरोजगारी दर में रिकॉर्ड 4.4 प्रतिशत की कमी आई है। सरकार के सतत प्रयासों से राज्य की जी.एस.डी.पी. में 1.3 गुना और प्रति व्यक्ति आय में 11.33 प्रतिशत बढोत्तरी हुई है। देश में सबसे पहले “समान नागरिक संहिता” कानून लागू करने का ऐतिहासिक कदम बढ़ाया है। उत्तराखंड के सांस्कृतिक मूल्यों और डेमोग्राफी को संरक्षित रखने के प्रति भी सरकार पूर्ण रूप से संकल्पबद्ध होकर काम कर रही है। धर्मांतरण रोधी कानून को और अधिक सख्त बनाने का निर्णय लिया है। सात हजार एकड़ से अधिक की सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया है। ’ऑपरेशन कालनेमि’ के माध्यम से सनातन धर्म को बदनाम करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
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देहरादून में नदी में फंसे UPES के 6 छात्र, 6 KM पैदल चलकर SDRF ने किया रेस्क्यू

Dehradun News : देहरादून के थान गांव स्थित मिसरास पट्टी क्षेत्र में ट्रैकिंग के लिए पहुंचे UPES के छह छात्र अचानक स्वारना नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद जंगल में फंस गए। पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बारिश के चलते नदी का पानी तेजी से बढ़ा, जिससे छात्रों के लिए वापस लौटना मुश्किल हो गया। SDRF ने सभी को सुरक्षित रेस्क्यू किया।
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बारिश के बाद तेजी से बढ़ा नदी का जलस्तर
17 अगस्त को UPES के छह छात्र देहरादून के थान गांव की मिसरास पट्टी स्थित स्वारना नदी क्षेत्र में ट्रैकिंग के लिए पहुंचे थे। ट्रैकिंग पूरी करने के बाद जब छात्र वापस लौट रहे थे, उसी दौरान इलाके में तेज बारिश शुरू हो गई।
लगातार बारिश के कारण स्वारना नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने लगा। नदी के बढ़ते बहाव को देखते हुए छात्रों के लिए वापस लौटना जोखिम भरा हो गया। इसके बाद सभी छात्र जंगल के बीच फंस गए।
सूचना मिलते ही SDRF ने शुरू किया रेस्क्यू
छात्रों के फंसे होने की जानकारी मिलने के बाद SDRF डाकपत्थर की रेस्क्यू टीम तत्काल मौके के लिए रवाना हुई। क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति चुनौतीपूर्ण होने के साथ ही लगातार बारिश और नदी का बढ़ा हुआ जलस्तर रेस्क्यू अभियान के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था। SDRF जवानों ने परिस्थितियों को देखते हुए सुरक्षित रास्ते से आगे बढ़ते हुए छात्रों तक पहुंचने का अभियान शुरू किया।

6 किलोमीटर पैदल चलकर छात्रों तक पहुंची टीम
छात्रों तक पहुंचने के लिए SDRF के जवानों को करीब 6 किलोमीटर तक पैदल दुर्गम रास्ते पर ट्रैकिंग करनी पड़ी। जंगल का कठिन रास्ता, खराब मौसम और नदी का तेज बहाव होने के बावजूद जवानों ने सावधानीपूर्वक अभियान को आगे बढ़ाया।
रेस्क्यू टीम ने सभी छह छात्रों को सुरक्षित अपने साथ लिया और उन्हें सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया। इसके बाद सभी छात्रों को जिला पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। समय रहते SDRF की टीम के पहुंचने से छह छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
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सहस्त्रधारा में सेल्फी के चक्कर में नदी में बही हरियाणा की महिला, पुलिस ने बरामद किया शव

Dehradun News : देहरादून के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल सहस्त्रधारा में घूमने पहुंची हरियाणा की 28 वर्षीय महिला की नदी में डूबने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि महिला नदी के किनारे फोटो खींच रही थी। इसी दौरान अचानक उसका पैर फिसला और वो तेज बहाव की चपेट में आकर नदी में बह गई।
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सहस्त्रधारा में सेल्फी के चक्कर में नदी में बही महिला
देहरादून के सहस्त्रधारा में दर्दनाक हादसा हो गया। हरियाणा से देहरादून घूमने आई महिला सहस्त्रधारा में सेल्फी लेने के दौरान नदी के तेज बहाव में बह गई। घटना शनिवार की बताई जा रही है। सीजन ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी ने महिला के नदी में गिरने की सूचना आईटी पार्क चौकी को दी। सूचना मिलते ही राजपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और एसडीआरएफ की टीम को भी रेस्क्यू के लिए बुलाया गया।
पानी में डूबने के कारण महिला की मौत
पुलिस, एसडीआरएफ जवानों और स्थानीय लोगों ने नदी में महिला की तलाश शुरू की। काफी मशक्कत के बाद महिला को सहस्त्रधारा के पास नदी से बाहर निकाला गया। इसके बाद उसे तत्काल 108 एंबुलेंस की मदद से कोरोनेशन अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

हरियाणा से देहरादून घूमने आई थी महिला
मृतका की पहचान नेहा आर्य के रूप में हुई है। वो पानीपत, हरियाणा की रहने वाली थी और उसकी उम्र करीब 28 वर्ष बताई गई है। पुलिस ने घटना की जानकारी महिला के परिजनों को दे दी है। पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को मोर्चरी में रखवा दिया है।
लोगों से सावधानी बरतने की अपील
हादसे के बाद एक बार फिर पर्यटक स्थलों पर नदी और जलस्रोतों के आसपास लापरवाही से फोटो या सेल्फी लेने को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत सामने आई है। तेज बहाव वाले नदी क्षेत्रों में एक छोटी सी चूक भी जानलेवा साबित हो सकती है।
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नियुक्ति की मांग पर सड़कों पर उतरे बीपीएड बेरोजगार, पुलिस ने हिरासत में लिया

Dehradun News : बीपीएड प्रशिक्षित बेरोजगारों ने अपनी नियुक्ति की मांग को लेकर रविवार को देहरादून में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के यमुना कॉलोनी स्थित सरकारी आवास का घेराव करने के लिए निकले थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें परेड ग्राउंड के पास कनक चौक पर रोक दिया।
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नियुक्ति की मांग पर सड़कों पर उतरे बीपीएड बेरोजगार
रविवार सुबह बीपीएड प्रशिक्षित बेरोजगार परेड ग्राउंड के नजदीक एकत्र हुए। यहां से वे अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करते हुए कनक चौक की ओर बढ़े। कनक चौक पर पुलिस ने पहले से बैरिकेडिंग की हुई थी, जिसके चलते प्रदर्शनकारियों को आगे जाने से रोक दिया गया।
पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को लिया हिरासत में
प्रदर्शन के दौरान बेरोजगार अभ्यर्थियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की। प्रदर्शन के बीच हंगामा बढ़ने पर पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। इसके बाद उन्हें ननूरखेड़ा स्थित शिक्षा निदेशालय ले जाया गया, जहां बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।

नियुक्ति की मांग पर अड़े प्रशिक्षित बेरोजगार
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश पांडे ने कहा कि सरकार लगातार बीपीएड प्रशिक्षित बेरोजगारों की मांगों की अनदेखी कर रही है। उनका कहना है कि कई अभ्यर्थियों ने बीपीएड का प्रशिक्षण पूरा कर लिया है, लेकिन अभी तक उन्हें नियुक्ति का अवसर नहीं मिल पाया है।
उन्होंने कहा कि नियुक्ति का इंतजार करते-करते कई प्रशिक्षित बेरोजगार अभ्यर्थियों की आयु सीमा भी पार हो चुकी है। इसके बावजूद सरकार की ओर से उनकी नियुक्ति को लेकर अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। संगठन ने सरकार से जल्द नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है।
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