Champawat
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने की समीक्षा बैठक, कहा बिजली, पानी से जनता परेशान हुई तो अधिकारी होंगे जिम्मेदार…होगी सख्त कार्रवाई।

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा लापरवाही पर संबंधित अधिकारियों पर होगी सख्त कार्रवाई।
सरकार की योजनाओं को धरातल पर उतारे अधिकारी।
बिजली, पानी से जनता परेशान हुई तो अधिकारी होंगे जिम्मेदार।
सीएम ने बनबसा में विद्युत, पेयजल, वन विभाग, लोक निर्माण विभाग तथा सिंचाई विभाग की समीक्षा की।
चम्पावत – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जनपद चंपावत में एक दिवसीय भ्रमण कार्यक्रम पर बनबसा पहुंचे। बनबसा के एनएचपीसी सभागार में उन्होंने विद्युत, पेयजल, वन विभाग, लोक निर्माण विभाग तथा सिंचाई विभाग आदि की समीक्षा की।मुख्यमंत्री ने विभागीय अधिकारियों की लापरवाही एवं उदासीनता पर सख्त होते हुए अधिकारियों को फटकार लगाई कहा कि सभी अपनी कार्यशैली में सुधार लाएं साथ ही उन्होंने ऊर्जा और पेयजल के क्षेत्र में लापरवाही करने वाले अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि बिजली पानी से जनता परेशान हुई तो अधिकारी स्वयं जिम्मेदार होंगे। उन्होंने पूर्णागिरि में सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश दिए साथ ही उन्होंने कहा कि मां पूर्णागिरी में आने वाले श्रद्धालुओ को भी बिजली पानी की दिक्कत ना होने पाए।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि भविष्य को देखते हुए आवश्यक विद्युत की मांग के अनुरूप आपूर्ति की योजनाएं अभी से तैयार कर लें। उन्होंने यूपीसीएल, पिटकुल व उरेडा से मिलकर प्रस्ताव तैयार करते हुए नए विद्युत घरों के कार्य का निर्माण शीघ्र करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलाधिकारी नवनीत पाण्डे को निर्देश दिए कि जनपद में होने वाले प्रत्येक निर्माण कार्यों में पूर्ण गुणवत्ता, समयबद्धता तथा पारदर्शिता रहे। इस हेतु वह स्वयं स्थलीय निरीक्षण कर समीक्षा करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वन भूमि हस्तांतरण के कारण जो भी परियोजनाएं लंबित हो रही हैं। उनका त्वरित निस्तारण करते हुए अधिकारी व्यक्तिगत जिम्मेदारी से कार्य करें और शासन स्तर की समस्या हेतु अधिकारी देहरादून आकर संबंधित विभाग और स्वयं उनसे मिलकर समस्या का निवारण करें, ताकि समस्या का समाधान शीघ्र हो सके। बैठक में उन्होंने कहा कि टनकपुर बनबसा क्षेत्र में पुरानी विद्युत लाइनें एवं ट्रांसफार्मर को एक माह के भीतर बदलने के साथ ही एलटी लाइन को भूमिगत करने हेतु प्रस्ताव तैयार करें साथ ही नए टर्मिनल भी बनाएं।

उन्होंने कहा कि अधिकारी जनता की समस्याएं प्राथमिकता से सुनते हुए उनका निस्तारण करें और किसी भी प्रकार से जनता को उनकी समस्याओं से उलझाए नहीं। ग्रीष्मकाल में बढ़ती विद्युत की मांग को देखते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को अपने कार्यालय एवं आवासों में ग्रिड कनेक्टेड सोलर पावर प्लांट ( सीएम सूर्य घर योजना) को लगाने के निर्देश दिए। साथ ही मुख्यमंत्री श्री धामी ने जनता से भी इस योजना का लाभ लेने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग में प्रमुख अभियंता को प्रदेश के छोटे शहर व कस्बों जहां जाम की स्थिति होती है वहां बाईपास का निर्माण कराने हेतु प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। किसी भी समस्या का स्थाई समाधान हो इस हेतु अधिकारी इसे गंभीरता से लें। जो कार्य जिस स्तर पर संभव हो अधिकारी व्यक्तिगत लेते हुए कार्यों को अपने स्तर से ही स्वीकृत कराए, बेवजह उन्हें लंबित न रखें। उन्होंने कहा कि हमारा संकल्प भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखंड है।

मुख्यमंत्री ने कुमाऊं आयुक्त को समय-समय पर विकास योजनाओं की अपने स्तर से समीक्षा बैठक करने के निर्देश दिए। उन्होंने पूर्णागिरि मेला क्षेत्र व शारदा घाट हेतु बनने वाले शारदा कॉरिडोर के निर्माण हेतु बेहतर कार्य योजना तैयार करने के निर्देश जिलाधिकारी को दिए। उन्होंने कहा कि भविष्य के लिए जो भी योजनाएं बनाई जाती हैं उसके लिए भूमि का चयन करते समय उसकी पूरी उपयोगिता जनता को मिले इसका विशेष ध्यान भूमि चयन करते समय रखा जाए।
आयुक्त कुमाऊं दीपक रावत ने वर्तमान में विद्युत, पेयजल आदि की व्यवस्था एवं मानसून की पूर्व तैयारी के संबंध में जानकारी दी। बैठक में उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन, पिटकुल, उत्तराखंड जलनिगम, विद्युत निगम, लोक निर्माण विभाग एवं जल संस्थान के विभागाध्यक्ष द्वारा वर्तमान में विद्युत पेयजल की समस्या के समाधान हेतु की जा रही कार्यवाही को पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से अवगत कराया। बैठक में विद्युत विभाग के विभागाध्यक्ष ने अवगत कराया की टनकपुर- बनबसा क्षेत्र के अंतर्गत वर्तमान में विद्युत लाइन की फीडर है व पुरानी होने के साथ ही एक ही फीडर से ही चार सब स्टेशन के कारण समस्या हो रही है। वर्तमान में इस समस्या के समाधान हेतु अलग सर्किट का निर्माण तथा 6 नए बिजली घर प्रदेश में बनाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री धामी ने पर्यटन हेतु स्वदेश दर्शन योजना, शारदा कॉरिडोर, मा. मुख्यमंत्री घोषणा, सड़क मार्गों, सिंचाई परियोजना आदि की भी समीक्षा की। उन्होंने नदियों में बाढ़ सुरक्षा हेतु चैनेलाइजेशन, रिवर ट्रेनिंग आदि सुरक्षा के कार्यों के साथ ही बरसात से पूर्व सभी सड़क मार्ग में नाली सफाई, ड्रेनेज व्यवस्था आदि करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि विभागाध्यक्ष जिला स्तर पर वर्चुअल माध्यम से कार्य योजनाओ की समीक्षा करें।
बैठक में दर्जा प्राप्त मंत्री अनिल डब्बू, अध्यक्ष जिला पंचायत ज्योति राय, कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत, जिलाधिकारी नवनीत पाण्डे, पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, भाजपा जिला अध्यक्ष निर्मल महरा, प्रमुख अभियंता सिंचाई जयपाल सिंह, मुख्य अभियंता लोनिवि अल्मोड़ा अशोक कुमार, निदेशक परिचालन यूजेवीएनएल अजय कुमार सिंह, प्रबंधक निदेशक पीटीसीयूएल पीसी ध्यानी, प्रमुख अभियंता लोनिवि दीपक कुमार यादव, निदेशक पीटीसीयूएल जीएस बुदीमाल, डीएफओ चंपावत आरसी कांडपाल, सीडीओ संजय कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।
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स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पर डीएम का बड़ा एक्शन, बैठक में अधिकारियों की लगाई क्लास

Champawat News : चंपावत में स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार मिल रही शिकायतों और व्यवस्थाओं में लापरवाही पर जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कड़ा रुख अपनाते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई।
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स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही पर डीएम का बड़ा एक्शन
बुधवार को जिला सभागार में आयोजित बैठक में डीएम ने साफ शब्दों में कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, टीकाकरण, आयुष्मान भारत योजना, टीबी मुक्त भारत अभियान, जन औषधि केंद्र, एम्बुलेंस सेवाएं और ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य सुविधाओं की गहन समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि मरीजों को समय पर उपचार, जांच और दवाइयां उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें लापरवाही पाए जाने पर सीधे जवाबदेही तय होगी।
डीएम ने बैठक में अधिकारियों की लगाई क्लास
डीएम ने विशेष रूप से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सख्त निर्देश देते हुए कहा कि जननी सुरक्षा योजना का लाभ हर पात्र महिला तक पहुंचना चाहिए। गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच और प्रसवपूर्व देखभाल सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

उन्होंने संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि प्रत्येक संस्थागत प्रसव में आशा कार्यकर्ती की उपस्थिति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। साथ ही आशा कार्यकर्तियों के मानदेय और प्रोत्साहन राशि का भुगतान बिना देरी जारी करने के निर्देश दिए।
आशा कार्यकत्रियों की फील्ड में नियमित उपस्थिति अनिवार्य
जिलाधिकारी ने ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजरों और जिला समन्वयक आशा को चेतावनी देते हुए कहा कि आशा कार्यकत्रियों की फील्ड में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकत्रियां सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था की “हाथ और पैर” हैं और उनकी सक्रियता से ही ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होंगी।
बैठक में डीएम ने NHM के अंतर्गत आयोजित सभी प्रशिक्षण कार्यक्रमों की विस्तृत रिपोर्ट तलब करते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी को प्रत्येक 15 दिन में NHM और टीबी मुक्त भारत अभियान की समीक्षा करने के निर्देश दिए।
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पति की बेवफाई के शक में महिला ने उठाया खौफनाक कदम, प्रेमिका के घर फांसी पर झूलता मिला शव

Champawat News : चंपावत जिले के पाटी विकासखंड अंतर्गत मल्ला कमलेख (पोखरी) गांव में सोमवार रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया।
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पति की बेवफाई के शक में महिला ने उठाया खौफनाक कदम
मिली जानकारी के मुताबिक 40 वर्षीय भावना देवी पत्नी दिगराज सिंह बोहरा का शव मंगलवार सुबह पड़ोसी महिला के मकान की रेलिंग से फांसी पर लटका मिला। घटना के बाद गांव में सनसनी फैल गई और मौके पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई।
सूचना मिलते ही लोहाघाट थाना प्रभारी अशोक कुमार सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए लोहाघाट मोर्चरी भेज दिया।
प्रेमिका के घर फांसी पर झूलता मिला शव
प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का माना जा रहा है, हालांकि पुलिस पूरे घटनाक्रम की गहन पड़ताल में जुटी हुई है। ग्रामीणों और परिजनों से पूछताछ में सामने आया है कि मृतका अपने पति पर दूसरी महिला से संबंध होने का शक करती थी। इसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। गांव में कई बार पंचायत भी कराई गई, लेकिन विवाद खत्म नहीं हुआ।
पति से महिला से संपर्क तोड़ने के लिए कहती थी महिला
बताया जा रहा है कि भावना देवी अपने पति को कथित महिला से बातचीत और फोन संपर्क बंद करने के लिए कहती थी, लेकिन दोनों के बीच तनाव लगातार बढ़ता गया। पुलिस जांच में यह बात भी सामने आई है कि महिला ने अपने पति की कथित प्रेमिका के घर पहुंचकर उसी मकान की रेलिंग से फांसी लगा ली।

घटना के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं और माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। जिस मकान में यह घटना हुई, उसके स्वामी ने प्रशासन से सुरक्षा की मांग की है। उनका कहना है कि घटना के बाद उनका परिवार दहशत में है और भविष्य में किसी भी अप्रिय स्थिति की जिम्मेदारी मृतका के पति की होगी।
ग्रामीणों ने की मामले की निष्पक्ष जांच की मांग
जानकारी के अनुसार मृतका के तीन बच्चे हैं। उसका पति दिगराज सिंह बोहरा काशीपुर में तेल का टैंकर चलाता है और घटना से एक दिन पहले ही गांव लौटा था। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। फिलहाल पुलिस ग्रामीणों और परिजनों से पूछताछ कर रही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। अब जांच के बाद ही यह साफ होगा कि मामला सिर्फ आत्महत्या का है या इसके पीछे कोई और रहस्य छिपा है।
Uttarakhand
चम्पावत : नाबालिग दुष्कर्म मामले में सनसनीखेज मोड़, पीड़िता ने कबूला- “दोस्त के कहने पर रचा था षड्यंत्र”..

चम्पावत : नाबालिग दुष्कर्म मामले में सनसनीखेज मोड़
उत्तराखंड के चम्पावत जनपद में पिछले कुछ दिनों से चर्चाओं और आक्रोश का केंद्र बने कथित नाबालिग दुष्कर्म प्रकरण में एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जिस मामले ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी थी, वह अब पूरी तरह से झूठा और एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा निकला है।
नाबालिग ने खुद खोला राज
मामले में नया मोड़ तब आया जब नाबालिग लड़की ने पुलिस के समक्ष अपने पहले के बयानों को पूरी तरह से नकार दिया। पीड़िता ने स्वीकार किया कि उसके साथ कोई दुष्कर्म नहीं हुआ था। उसने स्पष्ट किया कि यह पूरा घटनाक्रम उसके एक दोस्त के उकसावे पर रचा गया एक सुनियोजित षड्यंत्र था।
बिना किसी दबाव के दिए बयान
पुलिस को दिए बयान में नाबालिग ने कहा कि वह यह स्वीकारोक्ति किसी भी बाहरी दबाव, डर या प्रलोभन में आकर नहीं दे रही है, बल्कि पूरे होशो-हवास में सच्चाई सामने ला रही है। उसने स्वीकार किया कि पूर्व में लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार थे।
पुलिस जांच और वैज्ञानिक साक्ष्य
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की सूक्ष्मता से जांच की गई थी। सच्चाई सामने लाने में निम्नलिखित बिंदुओं ने अहम भूमिका निभाई:
- मेडिकल रिपोर्ट: डॉक्टरी परीक्षण में आरोपों की पुष्टि नहीं हुई।
- गहन पूछताछ: पुलिस की निरंतर पूछताछ में बयानों में विरोधाभास पाया गया।
- तकनीकी साक्ष्य: अन्य डिजिटल और भौतिक तथ्यों के आधार पर मामले की परतें खुलीं।
अफवाहों पर लगाम लगाने की अपील
इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर काफी तीखी प्रतिक्रियाएं और राजनीतिक बयानबाजी देखने को मिल रही थी। पुलिस प्रशासन ने अब लोगों से अपील की है कि:
“किसी भी संवेदनशील मामले में बिना तथ्यों की पुष्टि किए अफवाहों पर विश्वास न करें और न ही उन्हें प्रसारित करें। इस प्रकार के जल्दबाजी में दिए गए बयान और अफवाहें सामाजिक सौहार्द बिगाड़ सकती हैं।”
संपादन नोट: पुलिस अब उन कारणों की भी जांच कर रही है जिनके तहत इस साजिश को अंजाम दिया गया और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी समीक्षा की जा रही है।
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