Dehradun
13 दिन में करोड़ों कांवड़िये! राज्यपाल बोले– कई देशों की आबादी से ज़्यादा भीड़ संभाल रहा उत्तराखंड

हरिद्वार: राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने डामकोठी में जिला प्रशासन की बैठक लेकर कांवड़ यात्रा के सफल संचालन हेतु जिला प्रशासन द्वारा की गई तैयारियों, व्यवस्थाओं तथा चुनौतियों के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कांवड़ यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन द्वारा की गई तैयारियों की भूरी-भूरी प्रशंसा की। उन्होंने जिला प्रशासन का हौसला अफजाई करते हुए कहा कि प्रभु ने श्रद्धालुओं की सेवा का बहुत ही सुन्दर अवसर दिया है। उन्होंने कहा कि विश्व के कई देशों की इतनी जनसंख्या नहीं है, जितने कांवड़ यात्रियों को प्रशासन द्वारा इन 13 दिनों में डील किया जायेगा। उन्होंने मार्गदर्शित करते हुए कहा कि कांवड़ यात्रा पर आधारित कॉफी टेबल बुक 2025 बनाई जाये जिसमें तैयारियों, चुनौतियों, आस्था सहित सभी पहलुओं का समावेशन हो।

उन्होंने मार्गदर्शित करते हुए कहा कि किसी भी यात्रा के साथ तीन चीजें- यादें, भावनाएं तथा प्रेरणा जुड़ी होती है। उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड में कांवड़ यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की समस्या न हो और यात्रा पर आने वाले श्रद्धालु देवभूमि से सुःखद यादें व सुःखद अनुभव लेकर जायें। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति समस्या के समाधान की ओर जाता है, समाधान खुद उस व्यक्ति की ओर चलकर आता है। उन्होंने कहा कि ज्यादातर जटिल समस्याओं का समाधान बहुत ही सरल होता है।
राज्यपाल ने कहा कि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न होने पर समस्या का उसी स्थान पर त्वरित गति से समाधान की दिशा में कार्य किया जाये। उन्होंने मैनेजमेंट में ट्रैफिक रेगुलेशन, स्वास्थ्य और जितनी भी सुविधाएं हैं, उनमें किस प्रकार और अधिक इंप्रूवमेंट किया जाये, इस विषय पर विस्तार से चर्चा हुई।
इस दौरान जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल एसपी जितेन्द्र मेहरा सहित सभी अधिकारियों द्वारा कांवड़ यात्रा से जुड़े अनुभव, चुनौतियों आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। एएसपी जितेन्द्र चौधरी द्वारा पॉवर पॉइन्ट प्रजे़न्टेशन के माध्यम से कांवड़ यात्रा मार्ग, रूट प्लान सहित श्रद्धालुओं हेतु की गई विभिन्न व्यवस्थाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने डामकोठी में तन्मयता से कार्य कर रहे बावर्ची सुरेश रावत प्रोत्साहित एवं सम्मानित किया।
उन्होंने प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि हर उत्तराखंडी के लिए ये सौभाग्य की बात है कि इस पवित्र सावन के महीने में कावंड यात्रा के लिए आए श्रद्धालुओं को देख कर बहुत खुशी हो रही है, क्योंकि उनकी जो भक्ति, सेवा और समर्पण है, अपने आप में अलग ही स्टैंडर्ड का है। खुशी है कि शासन, प्रशासन ने जो प्लानिंग व मेहनत की थी उसका आज फल मिल रहा है, पूरे कांवड़ यात्रा का संचालन बहुत सुंदर तरीके से चल रहा है। हमारे लिए सबसे बड़ा ये चैलेंज होता है कि इतने कम दिनों के अंदर बहुत ज्यादा संख्या में श्रद्धालु आते हैं। लास्ट ईयर में एक्सपीरियंस था कि 4 करोड़ से भी ज्यादा श्रद्धालु 15 दिन के भीतर आए थे। उन्होंने कहा कि चैलेंज के अलावा हमारे लिए बहुत सौभाग्य की बात है कि शिव भक्तों की सेवा करने का मौका मिल रहा है। उन्होंने कहा कि शिव भक्तों को कांवड़िये के रूप में देखकर ऐसा लगता है कि ये हम सब को उदाहरण देते है कि किस प्रकार से जीवन में संकल्प करना चाहिए। जिन कांवड़ यात्रियों से मिला, उनके चेहरे पर बिल्कुल थकावट नहीं हैं, उनके चेहरे पर संकल्प का भाव दृश्य है। उन्होंने कहा कि कांवड़िये 11 तारीख से घर से निकले हुए, इतना सफर पैदल चले हैं कांवड़ को उठाया है अब तक तो बहुत थके हुए होने चाहिए, लेकिन जिस प्रकार उन्हें देखा, मिला और उनसे वार्तालाप करके ऐसा लगा कि उनके अंदर और भी शक्ति आई है। आप हरिद्वार में होते हैं, उत्तराखंड में होते हैं तो अलग ही दिव्यता, भव्यता, पवित्रता, शुद्धता का अलग ही अहसास होता है। शासन, प्रशासन, पुलिस वाले और समाजसेवी बहुत सुंदर तरीके से कार्य कर रहे है तथा उनमें समन्वय, समरसता है। सबके दिल में यही खयाल है कि किस प्रकार हर एक श्रद्धालु की यात्रा सफल होनी चाहिए। एक और सौभाग्य है कि 2027 में कुंभ होगा उसका भी एक ट्रेलर एक एक्सपीरियंस की तरह बनता है। चारधाम यात्रा पर 40 लाख से अधिक यात्री आ चुके हैं।
Dehradun
उत्तराखण्ड पुलिस को मिला ‘Institutional Performance Award’, बढ़ाया प्रदेश का मान

Dehradun News : उत्तराखण्ड पुलिस को वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान पासपोर्ट आवेदनों के सत्यापन में उत्कृष्ट और प्रभावी कार्य निष्पादन के लिए भारत सरकार द्वारा “Institutional Performance Award for State Police” से सम्मानित किया गया है। ये प्रतिष्ठित सम्मान देशभर में पासपोर्ट आवेदनों के पुलिस सत्यापन संबंधी प्रदर्शन के आधार पर प्रदान किया गया।
Table of Contents
उत्तराखण्ड पुलिस को मिला ‘Institutional Performance Award’
नई दिल्ली स्थित विदेश मंत्रालय के जवाहरलाल नेहरू भवन में शुक्रवार को आयोजित समारोह में माननीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर द्वारा उत्तराखण्ड पुलिस की ओर से ए. पी. अंशुमान, अपर पुलिस महानिदेशक, प्रशासन को ये सम्मान प्रदान किया गया।
पासपोर्ट सत्यापन प्रक्रिया को सरल बानने के प्रयासों का परिणाम
पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने बताया कि ये सम्मान उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा पासपोर्ट सत्यापन प्रक्रिया को समयबद्ध, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए किए गए सतत प्रयासों का परिणाम है।

पुलिस मुख्यालय द्वारा सभी जनपदों में पासपोर्ट सत्यापन कार्यों की नियमित समीक्षा, तकनीकी संसाधनों के प्रभावी उपयोग व निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण सत्यापन सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया। जिसके फलस्वरूप उत्तराखण्ड पुलिस ने राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
उत्तराखण्ड पुलिस को सीएम धामी ने दी बधाई
माननीय मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड, पुष्कर सिंह धामी ने इस उपलब्धि के लिए उत्तराखण्ड पुलिस को बधाई देते हुए कहा कि नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी एवं समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यह उपलब्धि उसी दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सफलता का प्रतीक है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी उत्तराखण्ड पुलिस नागरिक सेवाओं के क्षेत्र में इसी प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राज्य का गौरव बढ़ाती रहेगी।
Dehradun
देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 4,400 श्रमिकों को वितरित किए 11 करोड़ रुपये

Dehradun News : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के 4400 से अधिक श्रमिक लाभार्थियों के खाते में डीबीटी के माध्यम से लगभग 11 करोड़ रुपये की धनराशि का अंतरण किया।
Table of Contents
CM धामी ने 4,400 श्रमिकों को वितरित किए 11 करोड़ रुपये
मुख्यमंत्री आवास में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बोर्ड की विवाह उपरांत सहायता, मृत्यु उपरांत अनुदान, प्रसूति सुविधा तथा शिक्षा सहायता योजनाओं के लाभाथियों के खाते में वन क्लिक के माध्यम से यह राशि वितरित की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने श्रम विभाग को निर्देश दिए कि श्रमिक कल्याण योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए तथा विभिन्न क्षेत्रों में शिविर आयोजित कर अधिक से अधिक पात्र श्रमिकों को योजनाओं का लाभ पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के कार्यस्थलों के निकट ही आवश्यक सामग्री वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे उन्हें सुविधाजनक तरीके से लाभ मिल सके।

श्रमिकों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए लगाएं जाएं शिविर
मुख्यमंत्री ने श्रमिकों के स्वास्थ्य परीक्षण, उनके आश्रित बच्चों की शिक्षा को प्रोत्साहन और जीवनोपयोगी सामग्री के वितरण हेतु विशेष शिविरों के आयोजन पर भी जोर दिया। उन्होंने सभी योजनाओं के संचालन में पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखने और सूचना प्रौद्योगिकी के अधिकाधिक उपयोग के निर्देश दिए। साथ कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि केवल पात्र श्रमिकों को ही योजना का लाभ मिले।
इस अवसर पर जानकारी दी गई कि बोर्ड द्वारा पिछले एक वर्ष में 24,323 श्रमिकों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से कुल 93 करोड़ 6 लाख रुपये की अनुदान राशि वितरित की जा चुकी है।
Dehradun
2 जुलाई को प्रदेश में एक साथ 70 जगहों पर होगी मॉक ड्रिल, मानसून से पहले परखी जाएंगी तैयारियां

Uttarakhand News : मानसून के दौरान संभावित आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए उत्तराखंड सरकार 2 जुलाई को राज्यभर में व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित करेगी। ये अभ्यास सभी 13 जिलों में लगभग 70 चिन्हित स्थानों पर किया जाएगा, ताकि राहत और बचाव कार्यों की तैयारियों का आकलन किया जा सके और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सके।
Table of Contents
प्रदेश में एक साथ 70 जगहों पर होगी मॉक ड्रिल
मॉक ड्रिल की तैयारियों की समीक्षा के लिए शुक्रवार को सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन की अध्यक्षता में एक ओरिएंटेशन एवं समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला स्तर के अधिकारियों को अभ्यास के सफल संचालन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
क्षमता और आपसी तालमेल को जाएगा परखा
सचिव आपदा प्रबंधन ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर मानसून सीजन से पहले सभी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसी क्रम में यह मॉक ड्रिल आयोजित की जा रही है, जिससे आपदा की स्थिति में विभिन्न एजेंसियों की प्रतिक्रिया क्षमता और आपसी तालमेल को परखा जा सके।

2 जुलाई को होने वाली ये मॉक ड्रिल बेहद अहम
बैठक के दौरान अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (प्रशासन) प्रकाश चंद्र ने निर्देश दिए कि एटीआई नैनीताल से आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके सरकारी कर्मचारियों का एक विस्तृत डाटाबेस तैयार किया जाए। साथ ही ऐसे कर्मचारियों को आपदा के समय ‘प्रथम प्रतिक्रियादाता’ (फर्स्ट रिस्पॉन्डर) के रूप में तैयार करने की दिशा में भी कार्य किया जाए।
राज्य सरकार का मानना है कि समय रहते की गई तैयारी और नियमित अभ्यास आपदा के दौरान जनहानि व नुकसान को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। 2 जुलाई को होने वाली ये मॉक ड्रिल इसी दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
uttarakhand weather13 hours agoMonsoon Update: उत्तराखंड में मानसून की दस्तक में हो सकती है देरी, IMD ने बताया कब पहुंचेगा उत्तराखंड ?
Champawat15 hours agoयोग दिवस पर मुख्यमंत्री धामी करेंगे बनबसा में योगाभ्यास, 21 जून को मिनी स्टेडियम बनेगा योग का केंद्र
Dehradun16 hours ago2 जुलाई को प्रदेश में एक साथ 70 जगहों पर होगी मॉक ड्रिल, मानसून से पहले परखी जाएंगी तैयारियां
Dehradun13 hours agoदेहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 4,400 श्रमिकों को वितरित किए 11 करोड़ रुपये
Politics10 hours agoकांग्रेस ने उत्तराखंड सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, 28 जून से शुरू करेगी जागरूकता अभियान
Dehradun9 hours agoउत्तराखण्ड पुलिस को मिला ‘Institutional Performance Award’, बढ़ाया प्रदेश का मान







































