Haridwar
हरिद्वार में जानलेवा हमला, हमलावर ही बना अपनी गोली का शिकार…

हरिद्वार: हरिद्वार के सबसे व्यस्त और भीड़भाड़ वाले चौराहे चंद्राचार्य चौक पर शनिवार को उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक युवक को मारने आए हमलावरों में से एक युवक खुद ही गोली लगने से घायल हो गया। चश्मदीदों के मुताबिक, एक स्कॉर्पियो में सवार दो युवक और एक महिला एक युवक से रंजिश के चलते उसे मारने पहुंचे थे।
घटना के दौरान हमलावरों ने पहले युवक के साथ कार के अंदर मारपीट की, फिर उसे बाहर निकालकर बेरहमी से पीटा। इसी बीच, एक हमलावर ने तमंचे की बट से हमला करने की कोशिश की, लेकिन तमंचा चल गया और गोली उसी हमलावर के पैर में लग गई। गोली लगते ही वह सड़क पर बैठ गया।
घायल हमलावर को स्थानीय व्यापारियों की मदद से पकड़ा गया और तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।
ज्वालापुर कोतवाली प्रभारी प्रदीप बिष्ट ने बताया कि मामले की प्राथमिक जांच में यह आपसी रंजिश का परिणाम प्रतीत हो रहा है। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि अन्य फरार आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी की जा सके।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे आम जनता में भय और प्रशासन पर नाराजगी का माहौल है।
हरिद्वार जैसे धार्मिक और पर्यटन नगरी में दिनदहाड़े हुई इस घटना ने पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस हर एंगल से मामले की छानबीन कर रही है।
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हरिद्वार कुंभ से पहले भ्रष्टाचार के आरोपों से गरमाया माहौल, भाजपा के वरिष्ठ नेता ने सरकार को घेरा

Haridwar News : महाकुंभ के आयोजन से पहले ही हरिद्वार में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों ने सूबे की राजनीति में हलचल मचा दी है। भाजपा के वयोवृद्ध नेता और जिले के प्रथम जिला पंचायत अध्यक्ष अशोक त्रिपाठी ने धामी सरकार के ‘जीरो टॉलरेंस’ के दावों पर सवालिया निशान खड़े करते हुए बड़े घोटाले का अंदेशा जताया है।
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5 करोड़ का काम 61 करोड़ में देने का आरोप।
हरिद्वार प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अशोक त्रिपाठी ने दावा किया कि कनखल स्थित पौराणिक सतीकुंड के जीर्णोद्धार के लिए करीब 5 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट तैयार किया गया था, लेकिन उसे नियमों को ताक पर रखकर 61 करोड़ रुपये की लागत पर गुजरात की एक कंपनी को सौंप दिया गया। त्रिपाठी ने इस पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
मेला अधिकारी पर लगाए गंभीर आरोप।
मेला प्राधिकरण के पूर्व उपाध्यक्ष रहे अशोक त्रिपाठी ने वर्तमान मेला अधिकारी सोनिका पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मेला अधिकारी द्वारा उन्हें गुमराह किया जा रहा है और अर्ध कुंभ को कुंभ बताकर पेश किया जा रहा है। त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि उन्हें अधिकारियों द्वारा धमकी भी दी जा रही है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा, “मैं राम मंदिर आंदोलन समेत भाजपा और जनसंघ के लिए 20 बार जेल जा चुका हूं। मुझे डराने या गुमराह करने की कोशिश न की जाए।”
मुख्यमंत्री से मुलाकात के प्रयास नाकाम
भाजपा के वरिष्ठ नेता ने बताया कि वे इस मामले को लेकर पिछले 10 दिनों से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मिलने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन उन्हें समय नहीं दिया जा रहा है। अपनी ही पार्टी की सरकार में उपेक्षा और फाइलों में गड़बड़ी को लेकर उन्होंने कहा कि मजबूरी में उन्हें मीडिया का दरवाजा खटखटाना पड़ा है।
सीएम से की स्थिति स्पष्ट करने की मांग
त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री धामी से अपील की है कि वे इस पूरे प्रकरण पर स्थिति स्पष्ट करें। उन्होंने कहा कि कुंभ जैसे धार्मिक आयोजन की पवित्रता बनी रहनी चाहिए और जनता के पैसे की खुली लूट किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस घटनाक्रम के बाद हरिद्वार के राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा तेज हो गई है कि क्या भाजपा के भीतर ही सरकार की कार्यप्रणाली को लेकर असंतोष बढ़ रहा है? फिलहाल, प्रशासन और शासन की ओर से इस मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
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बाइक से जाते वक्त पति-पत्नी में हुआ विवाद, महिला ने एक साल की बच्ची के साथ गंगनहर में छलांग

Haridwar News : हरिद्वार जिले में गंगनहर में महिला और उसकी मासूम बेटी के कूदने की घटना की शुरुआती जांच में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, घटना से पहले पति-पत्नी के बीच रास्ते में किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। महिला गुस्से में एक साल की बच्ची को लेकर गंगनहर में कूद गई।
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बाइक से जाते वक्त पति-पत्नी में हुआ विवाद
हरिद्वार में पति-पत्नी के विवाद में पत्नी ने गुस्से में आकर गंगनहर में छलांग लगा दी। मिली जानकारी के मुताबिक, 35 वर्षीय अर्जुन, जो कलियर थाना क्षेत्र के कोटा मुरादनगर का रहने वाला है, अपनी पत्नी सविता, एक साल की बेटी नोनी और चार साल के बेटे नक्श के साथ मोटरसाइकिल से रायपुर दरेड़ा स्थित अपनी ससुराल जा रहा था।
रास्ते में पति और पत्नी के बीच किसी बात को लेकर बहस शुरू हो गई। बताया जा रहा है कि अर्जुन अपनी बीमार मां से मिलने देहरादून जाना चाहता था, जबकि सविता पहले मायके जाने की जिद कर रही थी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी बढ़ गई।
महिला ने एक साल की बच्ची के साथ गंगनहर में छलांग
जब परिवार दौलतपुर के पास पहुंचा तो सविता ने अर्जुन से बाइक रोकने को कहा। जैसे ही बाइक रुकी, उसने अपनी एक वर्षीय बेटी को गोद में उठाया और कुछ समझ पाता, उससे पहले ही गंगनहर में छलांग लगा दी।अचानक हुई इस घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
अब तक महिला और बच्ची का नहीं लग सका पता
अर्जुन और उसका चार वर्षीय बेटा मदद के लिए चिल्लाने लगे। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची।
एसडीआरएफ ने गंगनहर में महिला और बच्ची की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। तेज बहाव के कारण रेस्क्यू अभियान चुनौतीपूर्ण बना हुआ है, लेकिन टीम लगातार खोजबीन में जुटी हुई है।
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1.10 लाख के जाली नोटों के साथ दो गिरफ्तार, पुलिस ने पंजाब से दबोचा

Haridwar News : हरिद्वार पुलिस ने नकली नोटों के बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए पंजाब से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों को 1.10 लाख के जाली नोटों के साथ पकड़ा।
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1.10 लाख के जाली नोटों के साथ दो गिरफ्तार
6 जुलाई को हरिद्वार में नकली भारतीय मुद्रा के मामले में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान मिले अहम सुरागों के आधार पर पुलिस टीम ने पंजाब में दबिश दी। जहां से इस गिरोह से जुड़े दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
6 जुलाई को हरिद्वार से 4 लोगों को किया था गिरफ्तार
बता दें कि इससे पहले कोतवाली नगर पुलिस ने चार आरोपियों को 84 हजार 500 रुपये की जाली भारतीय मुद्रा के साथ गिरफ्तार कर जेल भेजा था।

न्यायालय से पुलिस कस्टडी रिमांड मिलने के बाद पूछताछ में मिले सुराग के आधार पर पुलिस टीम पंजाब पहुंची और गिरोह के दो अन्य सदस्यों को दबोच लिया। आरोपियों के कब्जे से कुल एक लाख दस हजार रुपये के नकली नोट, नकली नोट छापने में प्रयुक्त प्रिंटर और एक कार बरामद की गई है।
ढाबा और कपड़ों के कारोबार की आड़ में चलता था नेटवर्क
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ढाबा और कपड़ों के कारोबार की आड़ में फर्जी करेंसी का नेटवर्क संचालित कर रहे थे। असली रकम के बदले दोगुनी नकली मुद्रा देकर मोटा मुनाफा कमाते थे। पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी पहले भी बैंक फ्रॉड और जाली नोटों के मामलों में जेल जा चुका है, जबकि दूसरा आरोपी एनडीपीएस एक्ट के मामले में जेल में बंद रहा था।
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