Dehradun
CM Helpline पर मिली शिकायत पर एक्शन, शिकायतकर्ता के पास पहुंचे सीएम, लापरवाही पर अपनाया कड़ा रूख

Dehradun News : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का सीएम हेल्पलाइन पर मिली शिकायत पर सीधा एक्शन देखने को मिला है। सीएम मीटिंग छोड़ सीधे ग्राउंड जीरो पर पहुंच गए। उन्होंने शिकायतकर्ता से मुलाकात कर स्थलीय निरीक्षण किया।
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CM Helpline पर मिली शिकायत पर एक्शन
सीएम हेल्पलाइन 1905 की समीक्षा बैठक के लिए अधिकारी बैठक कक्ष में फाइलों के साथ तैयार बैठे थे। सभी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आने का इंतजार कर रहे थे। लेकिन सीएम बैठक में नहीं पहुंचे। अगले ही पल खबर आई मुख्यमंत्री ने अपना काफिला तैयार करा लिया है और वो सीधे निकल पड़े हैं, लेकिन सचिवालय की किसी बैठक के लिए नहीं, बल्कि जमीन पर सच्चाई देखने के लिए। ग्राउंड जीरो पर पहुंच सीएम ने खुद शिकायकर्ता से मुलाकात की।
खुद शिकायतकर्ता के पास पहुंचे सीएम
सीएम के निरीक्षण में सामने आया कि विद्युत लाइन को अंडरग्राउंड करने के बाद फुटपाथ का समुचित भरान नहीं किया गया है, जिससे टाइल्स धंस चुकी हैं। कुछ स्थानों पर विद्युत लाइनें पूरी तरह भूमिगत भी नहीं हैं, जो सीधे तौर पर जनसुरक्षा के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर रही हैं।
मुख्यमंत्री धामी का रुख इस दौरान सख्त नजर आया। उन्होंने अधिकारियों से सीधे और स्पष्ट सवाल किए कि यह स्थिति आखिर कैसे बनी और कार्य की गुणवत्ता की जांच किस स्तर पर की गई थी। उन्होंने यह भी पूछा कि यदि जांच हुई थी, तो फिर ऐसी खामियां क्यों सामने आ रही हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि विकास कार्य केवल कागजों तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि उनका असर जमीन पर भी दिखना चाहिए।

किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं
मौके पर ही उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। फुटपाथ का गुणवत्तापूर्ण पुनर्निर्माण तुरंत कराने, सभी विद्युत लाइनों को मानकों के अनुसार पूरी तरह भूमिगत करने और कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों व संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी तय कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने दोहराया कि सरकारी कार्यों में ढिलाई स्वीकार्य नहीं है, क्योंकि यह सीधे तौर पर जनता की सुरक्षा से जुड़ा मामला है।
1905 पर मिली शिकायत का किया जाए समयबद्ध निस्तारण
निरीक्षण के बाद जब मुख्यमंत्री सचिवालय पहुंचे तो बैठक की शुरुआत ही एक कड़े संदेश के साथ हुई आज मैं फाइलों से पहले जमीन की सच्चाई देखकर आया हूं और यह स्थिति किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन 1905 पर प्राप्त प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए और लंबित मामलों पर व्यक्तिगत जवाबदेही तय की जाए।

हर शिकायत का फील्ड वेरिफिकेशन अनिवार्य
उन्होंने कहा कि अब केवल कागजी रिपोर्ट नहीं चलेगी, हर शिकायत का फील्ड वेरिफिकेशन अनिवार्य होगा। जो समस्याएं बार-बार सामने आ रही हैं, उनका स्थायी समाधान किया जाए, न कि केवल औपचारिक निस्तारण दिखाया जाए।
मुख्यमंत्री ने विभागों के बीच समन्वय की कमी पर भी कड़ी नाराजगी जताई और कहा कि एक ही स्थान पर बार-बार खुदाई की प्रवृत्ति तत्काल बंद होनी चाहिए, यह जनता को अनावश्यक कष्ट देने के बराबर है। उन्होंने जनसुरक्षा से जुड़े मामलों जैसे विद्युत, सड़क और जलापूर्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखने के निर्देश दिए।
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डोईवाला के झबरावाला गांव में हाथी का हमला, ग्रामीण की मौत से पसरा मातम

Dehradun News : डोईवाला के कांसरो वन रेंज क्षेत्र के झबरावाला गांव में हाथी के हमले में 55 वर्षीय ग्रामीण की मौत हो गई। घटना शुक्रवार रात करीब 9:30 बजे की बताई जा रही है।
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डोईवाला के झबरावाला गांव में हाथी का हमला
डोईवाला में हाथियों का आतंक दिन पर दिन बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार रात झबरावाला गांव में हाथी के हमले में एक शख्स की मौत हो गई। मृतक की पहचान जमील पुत्र असगर अली के रूप में हुई है। हादसे के बाद इलाके में भय का माहौल है, जबकि ग्रामीणों में वन विभाग के खिलाफ नाराजगी भी देखने को मिल रही है।
ग्रामीण की मौत से पसरा मातम
जानकारी के मुताबिक, जमील अपने साथी नफीस के साथ स्कूटी से घर लौट रहे थे। इसी दौरान गांव के खेतों के पास हाथीकुंड इलाके में अचानक एक हाथी उनके सामने आ गया। हाथी को देखकर दोनों घबरा गए और वहां से भागने लगे। इसी दौरान हाथी ने जमील को पकड़ लिया और जमीन पर पटक दिया। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
इलाज के दौरान जमीन ने तोड़ा दम
जमील को घायल अवस्था में ग्रामीणों की मदद से हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट ले जाया गया। बताया गया कि स्कूटी चला रहे नफीस ने शोर मचाकर आसपास के लोगों को बुलाया था। अस्पताल में इलाज के दौरान जमील ने दम तोड़ दिया।
घटना की जानकारी मिलते ही कांसरो वन रेंज के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे। वन विभाग की टीम ने घटनास्थल का जायजा लेने के साथ ही पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई।
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धामी कैबिनेट की बैठक समाप्त, मेडिकल इंटर्न और खिलाड़ियों कौ सौगात, पढ़ें सभी फैसले

Dhami Cabinet Decisions : देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़े कुल 10 प्रस्तावों पर चर्चा हुई और कई अहम फैसलों को मंजूरी दी गई।
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धामी कैबिनेट की बैठक समाप्त, लिए गए 10 फैसले
धामी कैबिनेट की बैठक समाप्त हो गई है। बैठक में कुल 10 प्रस्तावों पर मुहर लगी है। राज्य के पांच राजकीय मेडिकल कॉलेजों में मेडिकल इंटर्न के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी को कैबिनेट ने मंजूरी दी है। अब मेडिकल इंटर्न को हर महीने 25 हजार रुपये स्टाइपेंड मिलेगा। इससे पहले ये राशि 17 हजार रुपये निर्धारित थी।
अधिवक्ताओं का मानदेय बढ़ेगा
सरकारी अधिवक्ताओं के शुल्क और मानदेय की दरों के पुनर्निर्धारण को भी कैबिनेट की मंजूरी मिली है। सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट और अधीनस्थ न्यायालयों में सरकार की ओर से पैरवी करने वाले अधिवक्ताओं के मानदेय में बढ़ोतरी का फैसला लिया गया है।

खिलाड़ियों के लिए 33 पद सृजित
कैबिनेट ने अपर सहायक व्यायाम के 33 पद सृजित करने को मंजूरी दी है। ये पद मेडल विजेता खिलाड़ियों के लिए आरक्षित रहेंगे। इसके अलावा खेल नीति-2021 के तहत अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी सेवा में नियुक्ति देने से संबंधित प्रस्ताव भी बैठक में आया।
कुल 245 पदों पर खिलाड़ियों की नियुक्ति का प्रावधान किया गया है। इन पदों पर युवा कल्याण, परिवहन, शिक्षा समेत विभिन्न विभागों में नियुक्तियां की जाएंगी।
पढ़ें कैबिनेट के सभी फैसले
- विद्युत नियामक आयोग: वार्षिक रिपोर्ट को विधानसभा के पटल पर रखने की मंजूरी।
- कारागार विभाग: अपर महानिरीक्षक कारागार के एक पद को संवर्गीय ढांचे में शामिल करने को मंजूरी।
- विधिक माप विज्ञान: सेवा नियमावली में संशोधन के प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी।
- मसूरी: जीएमवीएन की पार्किंग की 972 वर्ग गज जमीन गढ़वाल सभा को देने पर मुहर।
- हरिद्वार: सलेमपुर में ईएसआई अस्पताल के लिए 15 एकड़ जमीन देने को मंजूरी।
- सेवा संकल्प अभियान: 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक प्रदेशभर में चलेगा अभियान, मंत्री और प्रभारी होंगे शामिल।
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स्वाइन फ्लू ने बढ़ाई टेंशन, आंकड़ा पहुंचा 400 पार, महिलाओं से ज्यादा पुरुष ज्यादा चपेट में

Uttarakhand News : उत्तराखंड में मौसम बदलने के साथ सीजनल बीमारियों का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। इसी बीच सीजनल इन्फ्लुएंजा यानी स्वाइन फ्लू के मामलों में भी लगातार इजाफा देखने को मिल रहा है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, बीते 24 घंटे में प्रदेश में स्वाइन फ्लू के 25 नए मामले सामने आए हैं। इनमें 11 मामले अकेले देहरादून जिले से हैं, जबकि 14 मरीज अन्य जिलों में मिले हैं।
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उत्तराखंड में स्वाइन फ्लू ने बढ़ाई टेंशन
प्रदेश में अब तक स्वाइन फ्लू से संक्रमित मरीजों की कुल संख्या 408 पहुंच गई है। हालांकि राहत की बात यह है कि इनमें से 324 मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं, जबकि 82 मरीजों का उपचार चल रहा है। इस बीमारी के कारण प्रदेश में अब तक 2 लोगों की मौत भी हो चुकी है।
बच्चों और बुजुर्गों में संक्रमण का खतरा ज्यादा
स्वाइन फ्लू के आंकड़ों पर नजर डालें तो अलग-अलग आयु वर्ग के लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, 1 से 10 वर्ष की उम्र के 66 बच्चों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। वहीं 11 से 20 वर्ष की उम्र के 31 मरीज, 21 से 30 वर्ष के 41 मरीज और 31 से 40 वर्ष की उम्र के 34 मरीज संक्रमित पाए गए हैं।
इसके अलावा 41 से 50 वर्ष की उम्र के 44, 51 से 60 वर्ष के 67, 61 से 70 वर्ष के 70, 71 से 80 वर्ष के 42 और 81 से 90 वर्ष की उम्र के 13 मरीजों में भी स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। इन आंकड़ों से साफ है कि बच्चों के साथ बुजुर्ग भी संक्रमण की दृष्टि से संवेदनशील बने हुए हैं। खासतौर पर 61 से 70 वर्ष की उम्र के मरीजों की संख्या अन्य कई आयु वर्गों की तुलना में अधिक है।

पुरुषों में संक्रमण का आंकड़ा ज्यादा
स्वाइन फ्लू के मरीजों के आंकड़ों में महिला और पुरुषों के बीच भी अंतर सामने आया है। प्रदेश में अब तक मिले 408 संक्रमित मरीजों में 224 पुरुष और 184 महिलाएं शामिल हैं। यानी उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार महिलाओं की तुलना में पुरुषों में स्वाइन फ्लू के मामले अधिक सामने आए हैं।
डेंगू और कोरोना पर भी स्वास्थ्य विभाग की नजर
स्वाइन फ्लू के साथ उत्तराखंड में अन्य मौसमी और वायरल बीमारियों को लेकर भी स्वास्थ्य विभाग सतर्क है। प्रदेश में डेंगू और कोरोना संक्रमण के मामले भी सामने आ रहे हैं। ऐसे में बदलते मौसम के बीच स्वास्थ्य विभाग के सामने एक साथ कई संक्रामक बीमारियों की निगरानी और रोकथाम की चुनौती बनी हुई है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की ओर से लोगों को मौसम में बदलाव के दौरान विशेष सावधानी बरतने, भीड़भाड़ वाली जगहों पर सतर्क रहने और फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय सलाह लेने की आवश्यकता बताई जा रही है।
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