Uttarakhand
Dehradun : कांग्रेस ने एसएसपी को सौंपा शिकायत पत्र, 5 दिनों में कार्रवाई न होने पर आंदोलन की दी चेतावनी !

मुख्य बिंदु
DEHRADUN NEWS : सोशल मीडिया दुष्प्रचार के खिलाफ कांग्रेस का कड़ा रुख, कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी
DEHRADUN NEWS : उत्तराखण्ड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष Ganesh Godiyal अन्य कांग्रेस नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के कार्यालय पहुंचे। एसपी प्रमोद कुमार को एसएसपी के नाम संबोधित शिकायती पत्र सौंपा। सोशल मीडिया पर गोदियाल और कांग्रेस पार्टी के खिलाफ किए जा रहे कथित दुष्प्रचार को गंभीर बताते हुए तत्काल एफआईआर दर्ज करने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
एआई का दुरुपयोग कर छवि ख़राब करने का आरोप
शिकायती पत्र में गणेश गोदियाल ने बताया कि 27 दिसम्बर 2025 को “वसूली अभियान मोर्चा” नामक फेसबुक अकाउंट के जरिए एआई तकनीक का दुरुपयोग कर एक फर्जी वीडियो और धर्म विशेष की पहचान वाली आपत्तिजनक पोस्ट प्रसारित की गई। उनका कहना है कि इसका उद्देश्य उनकी राजनीतिक और सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना और समाज में भ्रम और तनाव का माहौल बनाना है।
Ganesh Godiyal के खिलाफ पहले भी हो चुकी है ऐसी साजिश
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि वो थलीसैण और श्रीनगर विधानसभा क्षेत्रों से निर्वाचित विधायक रह चुके हैं और वर्तमान में एक राष्ट्रीय राजनीतिक दल के प्रदेश अध्यक्ष हैं। उन्होंने याद दिलाया कि 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले भी असामाजिक तत्वों द्वारा उनके फर्जी हस्ताक्षर वाला पत्र सोशल मीडिया पर वायरल किया गया था, जिससे धार्मिक आधार पर मतों के ध्रुवीकरण का प्रयास हुआ और कांग्रेस को नुकसान पहुंचा।
कार्रवाई न होने से बढ़े असामाजिक तत्वों के हौसले
गोदियाल ने आरोप लगाया कि पूर्व में शिकायत दर्ज कराने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, जिससे असामाजिक तत्वों के हौसले और बढ़ गए। अब आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को देखते हुए एक बार फिर एआई से तैयार फर्जी वीडियो और आपत्तिजनक पोस्ट के जरिए उनकी और पार्टी की छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ये न केवल राजनीतिक साजिश है, बल्कि सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास भी है।
एफआईआर की मांग, नहीं तो आंदोलन की चेतावनी
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने मांग की कि “वसूली अभियान मोर्चा” फेसबुक अकाउंट के संचालक के खिलाफ संबंधित धाराओं में तत्काल एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि पांच दिन के भीतर इस मामले में ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेश कांग्रेस कमेटी पुलिस मुख्यालय के घेराव के लिए बाध्य होगी। इस दौरान महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
Pauri
श्रीनगर गढ़वाल में गुलदार का हमला, जंगल में घास काट रही महिला की मौत

Pauri News : पौड़ी जिले में गुलदार के हमले की एक और घटना सामने आई है। श्रीनगर से करीब नौ किलोमीटर दूर खंडाह के पास जंगल में घास काटने गई 48 वर्षीय बीना देवी पर गुलदार ने हमला कर दिया। गुलदार उन्हें घसीटकर ले जाने लगा, तभी साथ मौजूद महिलाओं ने शोर मचाया। शोर सुनकर गुलदार महिला को छोड़कर जंगल की ओर भाग गया, लेकिन तब तक बीना देवी की जान जा चुकी थी।
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श्रीनगर गढ़वाल में गुलदार ने महिला पर किया हमला
घटना शुक्रवार शाम करीब चार बजे बछेली ग्रामसभा के तरुली क्षेत्र की है। बीना देवी गांव की अन्य महिलाओं के साथ जंगल में पशुओं के लिए घास लेने गई थीं। इसी दौरान घात लगाए बैठे गुलदार ने उन पर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले के कारण साथ गई महिलाओं को शुरुआत में इसकी भनक तक नहीं लगी। जब गुलदार बीना देवी को घसीटकर ले जाने लगा, तब महिलाओं ने उसे देखा और शोर मचाना शुरू कर दिया। इसके बाद गुलदार उन्हें छोड़कर भाग गया।
जंगल में घास काट रही महिला की मौत
घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। ग्राम प्रधान कुलदीप गुसाईं के मुताबिक, क्षेत्र में लंबे समय से गुलदार की सक्रियता बनी हुई है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में वन विभाग को पहले भी कई बार सूचना दी गई थी। ग्राम प्रधान ने गुलदार को नरभक्षी घोषित कर उसे मारने के आदेश जारी करने की मांग की है।
वहीं, पौड़ी के डीएफओ महातिम यादव ने बताया कि वन विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंच गई है। क्षेत्र में पिंजरा लगाने और गश्त बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। मामले की जानकारी विभाग के उच्चाधिकारियों को भी दे दी गई है।
गुलदार के हमले के बाद से लोगों में डर का माहौल
खंडाह के आसपास के बछेली, कोटी, भेलगढ़, चमराड़ा, धमाखोली और नयालगढ़ समेत कई इलाकों में गुलदार की सक्रियता से ग्रामीणों में भय बना हुआ है। इससे पहले 20 नवंबर 2025 को कोटी गांव में भी गुलदार के हमले में 65 वर्षीय महिला की मौत हो गई थी। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने क्षेत्र में लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
Uttarakhand
11 या 12 कब से शुरू होंगे शारदीय नवरात्रि ? जानें घट स्थापना का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Navratri 2026 Date : शारदीय नवरात्रि हिंदू धर्म के प्रमुख पर्वों में से एक है। यह पर्व मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना के लिए समर्पित होता है। नवरात्रि के दौरान भक्त नौ दिनों तक व्रत रखते हैं और विधि-विधान से माता रानी की पूजा करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन दिनों देवी दुर्गा की उपासना करने से सुख, समृद्धि और खुशहाली का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
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कब से शुरू होंगे शारदीय नवरात्रि 2026?
हिंदू पंचांग के अनुसार, आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 10 अक्टूबर 2026 की रात 9 बजकर 18 मिनट पर शुरू होगी। यह तिथि 11 अक्टूबर 2026 की रात 9 बजकर 31 मिनट तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर शारदीय नवरात्रि का पहला दिन रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को मनाया जाएगा।
नवररात्रि के पहले दिन होती है घट स्थापना
नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है। इसी दिन घरों और मंदिरों में घट स्थापना के साथ नौ दिवसीय पूजा-अर्चना का शुभारंभ होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि की शुरुआत रविवार या सोमवार को होने पर मां दुर्गा का वाहन हाथी माना जाता है। हालांकि, देवी के आगमन से जुड़ी मान्यताएं परंपराओं और पंचांग की व्याख्याओं के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं।

शारदीय नवरात्रि 2026 में घट स्थापना का शुभ मुहूर्त
नवरात्रि के पहले दिन घट स्थापना का विशेष महत्व होता है। इसे कलश स्थापना भी कहा जाता है। इसी के साथ घरों में मां दुर्गा की पूजा और नवरात्रि के व्रत का संकल्प लिया जाता है।
11 अक्टूबर 2026 को घट स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 6 बजकर 19 मिनट से 10 बजकर 12 मिनट तक बताया गया है। इसके अतिरिक्त अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 44 मिनट से दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक रहेगा।

नवरात्रि की पूजा के लिए जरूरी सामग्री
मां दुर्गा की पूजा और घट स्थापना के लिए पहले से ही आवश्यक सामग्री एकत्र कर लेनी चाहिए। इससे पूजा के दौरान किसी वस्तु की कमी नहीं होती। नवरात्रि की पूजा के लिए इन सामग्रियों की आवश्यकता होती है –
- कलश स्थापना के लिए: लोटा या कलश, स्वच्छ जल, गंगाजल, मौली, सुपारी, दूर्वा और नारियल।
- माता के श्रृंगार के लिए: लाल चुनरी, वस्त्र, बिंदी, सिंदूर, चूड़ियां, गजरा, कंघी, शीशा, पायल, इत्र और मेहंदी।
- पूजा-अर्चना के लिए: फूल, फूलों की माला, पान, साबुत चावल, धूप-बत्ती, कपूर और पीतल का दीपक।
- दीपक जलाने के लिए: घी या तिल का तेल और रुई की बत्तियां।
- जौ बोने के लिए: मिट्टी, मिट्टी का पात्र, जौ और आवश्यकतानुसार जल।
- भोग के लिए: फल, मिठाई, बताशे और अन्य प्रसाद सामग्री।
- अन्य सामग्री: कलावा, सूखा नारियल और श्रद्धा के अनुसार दान की वस्तुएं।

शारदीय नवरात्रि का धार्मिक महत्व
शारदीय नवरात्रि को शक्ति की उपासना का विशेष पर्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन नौ दिनों में मां दुर्गा की आराधना करने से भक्तों को साहस, सकारात्मकता और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है। नवरात्रि के दौरान मंदिरों में विशेष पूजा होती है और कई स्थानों पर भजन-कीर्तन, दुर्गा पूजा पंडाल तथा धार्मिक आयोजन किए जाते हैं।
इस वर्ष शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर से होगी। ऐसे में भक्त घट स्थापना के शुभ मुहूर्त और पूजा सामग्री की तैयारी पहले से कर सकते हैं, ताकि नौ दिनों तक मां दुर्गा की उपासना श्रद्धा और विधि-विधान से की जा सके।
Haridwar
हरिद्वार के लालढांग में हाथी का जानलेवा हमला, घास काटने गए किसान की मौत

Haridwar News : हरिद्वार के लालढांग में जंगली हाथी के हमले में घास काटने गए 52 वर्षीय किसान की मौत हो गई। घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है और उन्होंने वन विभाग पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
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हरिद्वार के लालढांग में हाथी का जानलेवा हमला
हरिद्वार के लालढांग क्षेत्र में जंगली हाथी के हमले में एक किसान की जान चली गई। सजनपुर गांव निवासी 52 वर्षीय सतपाल खेत में घास काटने गए थे, तभी जंगल से निकले हाथी ने उन पर हमला कर दिया। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर हायर सेंटर रेफर किया गया, लेकिन उनकी मौत हो गई।
घास काटते समय हाथी ने किया हमला
जानकारी के मुताबिक, सतपाल कुंडी कोटेश्वर मंदिर के सामने खेत में घास काट रहे थे। इसी दौरान वहां पहुंचे जंगली हाथी ने उन पर हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हाथी ने किसान को सूंड से उठाकर जमीन पर पटकने की कोशिश की और उनके सिर को पैर से कुचल दिया। हाईवे से गुजर रहे लोगों ने शोर मचाया, जिसके बाद हाथी जंगल की ओर चला गया।

किसान की मौत से ग्रामीणों में आक्रोश
घटना की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और हाथी को जंगल की ओर खदेड़ने की कार्रवाई की। गंभीर रूप से घायल सतपाल को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी। किसान की मौत की खबर फैलते ही ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने वन विभाग पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए हंगामा किया।
वहीं, श्यामपुर कोतवाली पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। घटना के बाद क्षेत्र में जंगली हाथियों की आवाजाही और ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
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