Dehradun
उत्तराखंड के 6422 गांवों का जल्द होगा डिजिटलाइजेशन, भारत नेट परियोजना के तहत ऑप्टिकल फाइबर आधारित कनेक्टिविटी से जुड़ेंगे गाँव।

देहरादून – उत्तराखंड के 6422 गांवों का डिजिटलाइजेशन करने के लिए जल्द ही इन्हें भारत नेट परियोजना के तहत ऑप्टिकल फाइबर आधारित कनेक्टिविटी से जोड़ा जाएगा। इसके लिए भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) भारत नेट उद्यमी (बीएनयू) के साथ मिलकर ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट उपलब्ध कराएगा।

योजना के तहत देशभर के ग्रामीण इलाकों में स्थानीय उद्यमियों की मदद से ऑप्टिकल फाइबर को घर-घर तक पहुंचाया जाएगा। इस संबंध में उत्तराखंड में बीएसएनएल के नवनियुक्त मुख्य महाप्रबंधक पीडी चिरानिया ने सोमवार को अधिकारियों के साथ बैठक की। दर्शनलाल चौक स्थित बीएसनएल के कार्यालय में आयोजित बैठक में उन्होंने बताया, योजना के लिए बीएसएनएल सिंगल प्रोजेक्ट मैनेजमेंट एजेंसी के तौर पर काम करेगा।
इसके लिए यूनिवर्सल सर्विस ऑब्लिगेशन फंड (यूएसओ) की ओर से आर्थिक मदद की जाएगी। कहा, योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में सस्ती कीमतों पर गुणवत्तापूर्ण मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट उपलब्ध कराना है। इसके अलावा इस योजना से ग्रामीण इलाकों के लोगों को उद्यमी बनने का भी मौका मिलेगा। इससे प्राप्त होने वाले राजस्व का 50 फीसदी हिस्सा उद्यमी को दिया जाएगा। कहा, योजना भारत सरकार का बड़ा कार्यक्रम हैं, यह उत्तराखंड के गांवों का डिजिटलाइजेशन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
बीएसएनएल राज्य सरकार के साथ मिलकर उत्तराखंड के उन 626 इलाकों में 4-जी के टावर लगाएगा जहां किसी भी कंपनी का कोई नेटवर्क नहीं है। मुख्य महाप्रबंधक पीडी चिरानिया ने कहा, इसका सीधा लाभ हमारे सुरक्षा जवानों को मिलेगा। कहा, उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थिति के चलते इन इलाकों में किसी भी कंपनी का नेटवर्क काम नहीं करता। जिसके चलते देश की रक्षा कर रहे जवानों के अलावा वहां के स्थानीय लोगों से भी संपर्क करना किसी बड़ी चुनौती से भी कम नहीं है। इससे निपटने के लिए के लिए सरकार के साथ मिलकर 4-जी टावर लगाए जाएंगे।
Breakingnews
देहरादून पुलिस में बड़ा उलटफेर, 53 इंस्पेक्टर-दरोगा बदले, देखें पूरी लिस्ट

Dehradun Police Transfer : देहरादून कानून-व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है। निरीक्षक, उप निरीक्षक और अपर उप निरीक्षक स्तर के कुल 53 पुलिसकर्मियों का तबादला किया गया है।
Table of Contents
देहरादून पुलिस में बड़ा उलटफेर, 53 इंस्पेक्टर-दरोगा बदले
देहरादून पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल देखने को मिला है। निरीक्षक, उप निरीक्षक और अपर उप निरीक्षक स्तर के कुल 53 पुलिसकर्मियों के ट्रांसफर किए गए हैं। जारी आदेश के तहत जिले के कई अहम थानों की कमान भी बदली गई है। लंबे समय से महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल रहे कई पुलिस अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

इन अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी
आदेश के मुताबिक निरीक्षक विनोद गुसाईं को पटेल नगर थाना प्रभारी के पद से हटाकर डालनवाला थाना प्रभारी बनाया गया है। वहीं निरीक्षक नरेश राठौर को प्रेमनगर थाना प्रभारी से पटेल नगर थाना प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है।
कई पुलिसकर्मियों को किया गया इधर से उधर
निरीक्षक संतोष कुंवर को प्रभारी शिकायत प्रकोष्ठ, पुलिस कार्यालय से हटाकर कैंट थाना प्रभारी बनाया गया है। निरीक्षक नरेंद्र गहलावत को डालनवाला से स्थानांतरित कर मसूरी थाना प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

वहीं निरीक्षक देवेंद्र चौहान को मसूरी थाना प्रभारी के पद से हटाकर नेहरू कॉलोनी थाना प्रभारी बनाया गया है। इसके अलावा निरीक्षक प्रदीप रावत को सहसपुर थाना प्रभारी के पद से हटाकर प्रभारी शिकायत प्रकोष्ठ, पुलिस कार्यालय की जिम्मेदारी दी गई है।
Dehradun
देहरादून की हवा अब हुई बेहतर, स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में 12वां स्थान

Dehradun News : उत्तराखंड की राजधानी देहरादून ने वायु गुणवत्ता सुधार के क्षेत्र में एक अहम उपलब्धि हासिल की है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) की ओर से जारी स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में देहरादून ने 3 से 10 लाख की आबादी वाले शहरों की श्रेणी में देशभर में 12वीं रैंक हासिल की है। खास बात यह है कि बीते कुछ वर्षों में शहर की रैंकिंग में लगातार सुधार हुआ है।
Table of Contents
देहरादून की हवा हुई बेहतर, स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में 12वां स्थान
देहरादून ने तीन साल के दौरान अपनी स्थिति में बड़ा सुधार किया है। वर्ष 2024 में शहर इस श्रेणी में 41वें पायदान पर था। इसके बाद 2025 में देहरादून ने 19वीं रैंक हासिल की और अब 2026 में 12वें स्थान पर पहुंच गया है। यानी कुछ ही वर्षों में शहर ने रैंकिंग में उल्लेखनीय बढ़त दर्ज की है।
प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों का असर
देहरादून की बेहतर रैंकिंग को शहर में वायु प्रदूषण कम करने के लिए किए जा रहे विभिन्न प्रयासों से जोड़कर देखा जा रहा है। धूल नियंत्रण, सड़क सफाई, वाहनों से निकलने वाले प्रदूषण की निगरानी, स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने और लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने जैसे कई स्तरों पर काम किया गया है।
राज्य सरकार की ओर से स्वच्छ हवा को पर्यावरण के साथ-साथ लोगों के स्वास्थ्य से भी जोड़ा गया है। सरकार का जोर ऐसे उपायों पर है, जिनसे प्रदूषण पर तत्काल नियंत्रण के साथ-साथ लंबे समय तक शहर की हवा को बेहतर बनाए रखा जा सके।

ड्रोन से पानी का छिड़काव और मैकेनिकल स्वीपिंग
वायु गुणवत्ता सुधार के लिए देहरादून नगर निगम और संबंधित विभागों ने तकनीक का भी इस्तेमाल किया। शहर के अधिक भीड़भाड़ वाले और संवेदनशील क्षेत्रों में धूल के कणों को नियंत्रित करने के लिए ड्रोन के जरिए पानी का छिड़काव किया गया।
इसके अलावा प्रमुख सड़कों और सड़क किनारे जमा होने वाली धूल को हटाने के लिए मैकेनिकल स्वीपिंग व्यवस्था को मजबूत किया गया। सफाई मशीनों के नियमित संचालन पर भी फोकस किया गया, ताकि सड़क की धूल से हवा में घुलने वाले प्रदूषक कणों को कम किया जा सके।
खुले में कूड़ा जलाने पर जागरूकता अभियान
शहर में वायु प्रदूषण बढ़ाने वाले कारणों में खुले में कूड़ा जलाना भी शामिल है। इस पर रोक लगाने के साथ लोगों को इसके नुकसान के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान चलाए गए। नागरिकों से कूड़ा खुले में न जलाने और स्वच्छता को अपनी रोजमर्रा की आदतों में शामिल करने की अपील की गई।
प्रशासनिक प्रयासों के साथ आम लोगों की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। स्वच्छ हवा के लिए जनसहयोग को अहम माना गया और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया।
Dehradun
मसूरी में अवैध निर्माण पर चला प्रशासन का बुलडोजर, चार दुकानें ध्वस्त

Mussoorie News : मसूरी में अवैध अतिक्रमण पर बड़ी कार्रवाई देखने को मिली है। अवैध निर्माण के खिलाफ प्रशासन ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए झूलाघर क्षेत्र में चार दुकानों को जेसीबी से ध्वस्त कर दिया।
Table of Contents
मसूरी में अवैध निर्माण पर चला प्रशासन का बुलडोजर
मसूरी में अवैध निर्माण पर प्रशासन का बुलडोजर चला है। चार दुकानों को धवस्त कर दिया गया है। मसूरी पब्लिक स्कूल के सामने हुई इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध निर्माण करने वालों में हड़कंप मच गया। कार्रवाई के दौरान एमडीडीए, पुलिस और नगर पालिका की संयुक्त टीम के साथ पर्याप्त पुलिस बल भी मौके पर तैनात रहा।
प्रशासन ने चार दुकानों को किया धवस्त
एसडीएम मसूरी राहुल आनंद के निर्देश पर तहसीलदार उपेंद्र राणा के नेतृत्व में टीम झूलाघर पहुंची। यहां रॉक स्टोन, अपर झूलाघर क्षेत्र में संजय मेहरोत्रा और राजीव मेहरोत्रा से जुड़े अनधिकृत निर्माण के मामले में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।

17 अगस्त 2026 को ध्वस्तीकरण आदेश हुए थे जारी
प्रशासन के मुताबिक, मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद 17 अगस्त 2026 को ध्वस्तीकरण आदेश जारी किया गया था। आदेश की प्रति संबंधित पक्ष को 19 अगस्त को उपलब्ध कराई गई थी। उन्हें 15 दिनों के भीतर अपने स्तर से निर्माण हटाने का निर्देश दिया गया था। निर्धारित समयसीमा 2 सितंबर को समाप्त होने के बावजूद निर्माण नहीं हटाया गया।
प्रशासन ने बताया कि ध्वस्तीकरण आदेश पर कोई स्थगनादेश भी प्रभावी नहीं था। इसके बाद एमडीडीए ने पुलिस की मौजूदगी में कार्रवाई करते हुए चार दुकानों को ध्वस्त कर दिया।
कमिश्नर के समक्ष की गई अपील हो गई थी खारिज
नायब तहसीलदार उपेंद्र राणा के अनुसार, संबंधित निर्माणकर्ता की ओर से ध्वस्तीकरण आदेश के खिलाफ कमिश्नर के समक्ष अपील भी की गई थी, लेकिन उसे खारिज कर दिया गया। इसके बाद नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि पूरी कार्रवाई निर्धारित नियमों और कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है।
uttarakhand weather17 hours agoउत्तराखंड में अगले चार दिन होगी भारी बारिश, आज 5 जिलों के लिए अलर्ट जारी
Uttarkashi15 hours agoउत्तरकाशी में भतीजे ने चाचा पर कुल्हाड़ी से किया वार, इलाज के दौरान मौत
Haridwar15 hours agoहरिद्वार में पुलिया पर खेल रही थीं दो बच्चियां, अचानक नाले में गिरीं, एक बची, दूसरी लापता
Dehradun16 hours agoदेहरादून की हवा अब हुई बेहतर, स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में 12वां स्थान
Breakingnews10 hours agoदेहरादून पुलिस में बड़ा उलटफेर, 53 इंस्पेक्टर-दरोगा बदले, देखें पूरी लिस्ट
Rudraprayag11 hours agoरूद्रप्रयाग के मथ्यागांव में दर्दनाक हादसा, गहरी खाई में गिरी कार, 2 की मौत





































